टीम एबीएन, रांची। झारखंड के युवाओं के भविष्य के साथ लगातार हो रहे अन्याय, प्रतियोगी परीक्षाओं में व्याप्त अनियमितताओं, छात्रवृत्ति वितरण में भारी लापरवाही तथा राज्य की लगातार गिरती शिक्षा व्यवस्था के विरोध में युवा आजसू एवं अखिल झारखंड छात्र संघ के द्वारा दिनांक 30 जुलाई को लोकभवन, रांची तक एक दिवसीय विशाल मार्च का आयोजन किया जायेगा।
राज्य गठन के 25 वर्ष पूरे होने के बावजूद झारखंड के लाखों युवा आज भी रोजगार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के लिए संघर्ष कर रहे हैं। एक ओर युवा वर्षों तक कठिन परिश्रम कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, वहीं दूसरी ओर भर्ती परीक्षाओं में बार-बार होने वाली अनियमितताएं, प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाएं, परीक्षा रद्द होना, परिणामों में अत्यधिक विलंब, न्यायालयों में लंबित विवाद तथा नियुक्ति प्रक्रिया की सुस्ती युवाओं के मनोबल को तोड़ने का कार्य कर रही है।
जेएसएससी और जेपीएससी जैसी महत्वपूर्ण संस्थाओं से समयबद्ध एवं पारदर्शी नियुक्ति की अपेक्षा की जाती है, लेकिन लगातार सामने आ रही विसंगतियों के कारण युवाओं का विश्वास डगमगाया है। परीक्षा कैलेंडर का पालन नहीं होना, रिक्त पदों पर वर्षों तक नियुक्ति नहीं होना तथा चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर उठते प्रश्न गंभीर चिंता का विषय हैं। इससे हजारों अभ्यर्थियों का बहुमूल्य समय और भविष्य प्रभावित हो रहा है।
इसी प्रकार राज्य के विद्यार्थियों के लिए संचालित छात्रवृत्ति योजनाओं में भी गंभीर लापरवाही देखने को मिल रही है। समय पर छात्रवृत्ति नहीं मिलने के कारण आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अनेक विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कई छात्रों को उच्च शिक्षा बीच में छोड़ने की नौबत तक आ जाती है। शिक्षा के अधिकार को मजबूत करने के बजाय प्रशासनिक उदासीनता विद्यार्थियों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है।
झारखंड की शिक्षा व्यवस्था भी लगातार गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी, आधारभूत सुविधाओं का अभाव, समय पर शैक्षणिक सत्र का संचालन न होना, विश्वविद्यालयों में परीक्षा एवं परिणाम में अनावश्यक विलंब तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए आवश्यक संसाधनों की कमी राज्य के शिक्षा तंत्र की वास्तविक स्थिति को उजागर करती है। यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आने वाली पीढ़ियों का भविष्य गंभीर संकट में पड़ जायेगा।
युवा आजसू एवं छात्र आजसू का स्पष्ट मानना है कि राज्य के युवाओं और विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। सरकार को भर्ती प्रक्रियाओं में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करनी होगी, सभी लंबित नियुक्तियों को शीघ्र पूरा करना होगा, नियमित परीक्षा कैलेंडर लागू करना होगा, छात्रवृत्ति का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करना होगा तथा शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाने होंगे।
इन्हीं जनहित के मुद्दों को लेकर 30 जुलाई को युवा आजसू एवं छात्र आजसू के नेतृत्व में हजारों छात्र-युवा लोकभवन, रांची तक मार्च करेंगे तथा राज्य सरकार के समक्ष अपनी मांगों को मजबूती से रखेंगे। यह मार्च केवल एक संगठन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि झारखंड के प्रत्येक छात्र, प्रतियोगी अभ्यर्थी और युवा के अधिकारों एवं भविष्य की आवाज है।
युवा आजसू एवं छात्र आजसू राज्य के सभी छात्र-युवाओं, अभिभावकों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों एवं आम नागरिकों से अपील करता है कि वे इस लोकतांत्रिक आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर शिक्षा, रोजगार और पारदर्शी व्यवस्था की लड़ाई को मजबूत बनाएं। उक्त जानकारी आजसू छात्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा और रांची महानगर युवा आजसू के अध्यक्ष अमित यादव ने दी।
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