झारखंड की भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग : ऋतुराज शाहदेव

 

  • झारखंड की भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बहाल करने हेतु उच्चस्तरीय एवं समयबद्ध जांच की मांग : ऋतुराज शाहदेव

टीम एबीएन, रांची। अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) के प्रदेश वरीय  उपाध्यक्ष ऋतुराज शाहदेव ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि झारखंड में विभिन्न भर्ती परीक्षाओं को लेकर लगातार सामने आ रहे विवाद, अनियमितताओं तथा हाल के दिनों में जेपीएससी परीक्षा से जुड़े कथित मेधा घोटाले की सीआईडी जांच एवं गिरफ्तारियों ने राज्य के युवाओं, अभिभावकों और आम जनता के विश्वास को गहरा आघात पहुँचाया है। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि राज्य गठन के बाद जिन संस्थाओं से निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की अपेक्षा थी, वे समय-समय पर विवादों के घेरे में आती रही हैं।

झारखंड राज्य का निर्माण लंबे जनसंघर्ष और बलिदान के बाद इस आशा के साथ हुआ था कि यहाँ के प्रतिभाशाली युवाओं को अपनी ही धरती पर निष्पक्ष अवसर प्राप्त होंगे। किंतु पिछले वर्षों में भर्ती परीक्षाओं से जुड़े पेपर लीक, कथित सेटिंग, अनियमितताओं, परीक्षा एजेंसियों की भूमिका तथा भ्रष्टाचार के आरोपों ने इस विश्वास को कमजोर किया है।

इससे राज्य की छवि राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रभावित हुई है। हालिया घटनाक्रम ने यह प्रश्न भी खड़ा किया है कि जिन निजी एजेंसियों को परीक्षा संचालन का दायित्व सौंपा गया, उनका चयन किन मानकों के आधार पर किया गया? क्या उनकी पूर्व पृष्ठभूमि, कार्यशैली, वित्तीय एवं तकनीकी क्षमता तथा विश्वसनीयता का समुचित सत्यापन किया गया था? 

यदि किसी एजेंसी के विरुद्ध पहले से प्रतिकूल तथ्य उपलब्ध थे, तो उसे जिम्मेदारी कैसे सौंपी गई? इन सभी बिंदुओं की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। हम राज्य सरकार से मांग करते हैं कि जेपीएससी, जेएसएससी तथा अन्य सभी भर्ती परीक्षाओं में समय-समय पर लगे गंभीर आरोपों की उच्चस्तरीय एवं समयबद्ध जांच कराई जाए।

जिन मामलों में जांच चल रही है, उनसे जुड़े व्यक्तियों को जांच पूरी होने तक संवेदनशील एवं उच्च प्रशासनिक दायित्वों से दूर रखा जाए। परीक्षा संचालन करने वाली एजेंसियों के चयन, अनुबंध और उनकी भूमिका की भी स्वतंत्र जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

भविष्य की सभी भर्ती परीक्षाओं के लिए पूर्ण पारदर्शी, तकनीकी रूप से सुरक्षित एवं जवाबदेह व्यवस्था विकसित की जाए, जिससे युवाओं का विश्वास पुनः स्थापित हो सके।
यदि किसी प्रस्तावित परीक्षा की निष्पक्षता पर गंभीर और विश्वसनीय संदेह हो, तो सरकार पहले जांच पूरी कराए और उसके बाद ही परीक्षा आयोजित करने पर विचार करे, ताकि अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा हो सके। 

झारखंड के युवाओं का भविष्य किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार, अनियमितता या पक्षपात की भेंट नहीं चढ़ना चाहिए। राज्य सरकार का दायित्व है कि वह दोषियों को कानून के दायरे में लाए, निर्दोषों को न्याय दिलाए और ऐसी व्यवस्था स्थापित करे जिसमें योग्यता ही चयन का एकमात्र आधार बने।

झारखंड के युवाओं का विश्वास लौटाना ही सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। निष्पक्ष भर्ती व्यवस्था ही विकसित झारखंड की मजबूत नींव है। उक्त जानकारी अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) के वरीय उपाध्यक्ष ऋतुराज शाहदेव ने दी। 

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।

© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse