टीम एबीएन, रांची। संसद भवन में आज कोयला, खान और इस्पात संबंधी संसदीय स्थायी समिति की महत्वपूर्ण बैठक हुई। समिति के अध्यक्ष सांसद अनुराग सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में हुई बैठक में कोयला ब्लॉक नीलामी, भूमिगत खनन और स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों पर विस्तार से चर्चा की गयी। लोहरदगा सांसद सुखदेव भगत भी बैठक में मुख्य रूप से शामिल हुए।
समिति ने कोयला ब्लॉक आवंटन व नीलामी प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए कोयला, विद्युत और पर्यावरण मंत्रालयों के बीच बेहतर समन्वय का निर्देश दिया। भूमिगत कोयला खनन का विस्तार करने और पर्यावरणीय प्रभाव घटाने के लिए वन एवं पर्यावरण मंजूरियों की प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने की सिफारिश की गयी।
अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने बताया कि देश में कोयले का उत्पादन रिकॉर्ड 1 अरब टन प्रति वर्ष के स्तर पर पहुंच गया है। इसे और बढ़ाने पर जोर दिया गया। खदानों में शून्य दुर्घटना सुनिश्चित करने, सुरक्षा बजट का पूर्ण उपयोग करने और आधुनिक तकनीक अपनाने पर विशेष बल दिया गया।
लोहरदगा सांसद सुखदेव भगत ने बैठक में झारखंड की बंद पड़ी सीसीएल खदानों को तुरंत चालू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि विस्थापित परिवारों को 6 महीने में वन टाइम सेटलमेंट दिया जाये और राज्य को कोयले पर 20% रॉयल्टी मिले।
भगत ने खनन क्षेत्रों में भू-धंसान और जल संकट का मुद्दा भी उठाया और उरफ फंड से 200 गांवों में समुचित विकास किया जाये। बैठक में सांसद सिने स्टार शत्रुघ्न सिन्हा, स्टील सेक्रेटरी भारत सरकार संदीप पौंड्रिव एनएमडीसी अध्यक्ष सहित अनेक सदस्य उपस्थित थे।
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