- ISRO आज रचेगा इतिहास, सैटेलाइट में ईंधन भरने वाला बनेगा दुनिया का दूसरा देश
एबीएन नॉलेज डेस्क। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) आज साल 2026 के अपने पहले और सबसे महत्वपूर्ण मिशन PSLV-C62 के साथ इतिहास रचने के लिए तैयार है।
आज सुबह 10:17 बजे सतीश धवन स्पेस सेंटर से दिव्य दृष्टि कहे जाने वाले इस रॉकेट को लॉन्च किया जाएगा। इस मिशन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि भारत अंतरिक्ष में सैटेलाइट रिफ्यूलिंग (उपग्रह में दोबारा ईंधन भरना) की तकनीक का सफल परीक्षण करने जा रहा है।
मिशन की सबसे बड़ी उपलब्धि: अंतरिक्ष में रिफ्यूलिंग
अभी तक उपग्रहों का जीवनकाल उनके ईंधन खत्म होने के साथ ही समाप्त हो जाता था लेकिन भारत अब इसे बदलने वाला है। चीन के बाद भारत दुनिया का मात्र दूसरा ऐसा देश बनने वाला है जिसने अंतरिक्ष में सैटेलाइट रिफ्यूलिंग की तकनीक हासिल की है।
अमेरिका और यूरोप भी अभी इस रेस में पीछे हैं। इस मिशन में बेंगलुरु के स्टार्टअप ऑर्बिटएड का आयुलसैट (Ayulsat) सैटेलाइट मुख्य भूमिका निभाएगा। लॉन्च के 4 घंटे के भीतर यह अंतरिक्ष में फ्यूल ट्रांसफर का परीक्षण करेगा।
अन्वेषा सैटेलाइट: आसमान से दुश्मन पर पैनी नजर
इस मिशन का एक और महत्वपूर्ण हिस्सा अन्वेषा (EOS-N1) सैटेलाइट है। इसे भारत की नई स्पाई आई (जासूसी आंख) कहा जा रहा है। यह सैटेलाइट बेहद एडवांस रिमोट सेंसिंग तकनीक से लैस है।
यह रोशनी के सूक्ष्म स्पेक्ट्रम और बारीक रंगों को भी पहचान सकता है। धरती से 600 किमी ऊपर होने के बावजूद यह दुश्मन के ठिकानों, छिपे हुए बंकरों और उनकी हलचल की हाई-डेफिनेशन तस्वीरें लेने में सक्षम है।