Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...
विचार

राजनीति का चरित्र...

शेयर करें: WhatsApp Facebook X
राजनीति का चरित्र...
विज्ञापन

त्रिवेणी दास

एबीएन एडिटोरियल डेस्क। राजनीति में अंततोगत्वा प्रत्येक स्तर पर नेतृत्व ही महत्वपूर्ण हो जाता है। पक्ष विपक्ष का शीर्ष नेतृत्व अपने राजनीतिक दल, सरकार एवं प्रतिपक्ष तथा संसदीय कार्यवाही का दिशा एवं दशा तय करता है। 

नेतृत्व के विश्वसनीयता अथवा अविश्वसनियता  पार्टी की प्रभाव एवं लोकप्रियता का आधार बन जाता है। लोकतंत्रीय राजनीतिक व्यवस्था में चुनाव की प्रक्रिया सबसे अधिक अर्थ रखता है। चुनाव में जीतने या हारने के परिणाम में नेतृत्व की भूमिका सर्वोपरि होती है।

वर्तमान राजनीतिक परिवेश में राष्ट्रीय चुनाव हो अथवा राज्यों का चुनाव भारतीय जनता पार्टी मोदी जी के नेतृत्व एवं नाम के गारंटी/आश्वासन  के आधार पर चुनाव लड़ती है और परिणाम भी प्रभावित होता रहा है। कांग्रेस पार्टी में राहुल गांधी का नेतृत्व विपक्ष के अन्य नेताओं के साथ तालमेल बिठाने में असफल रहा है। 

सरकार से वे संवाद करते नहीं हैं। संसद के बाहर और संसद के अंदर उनका बॉडी लैंग्वेज अत्यंत असहज, कठोर तथा अव्यवहारिक दिखाई देता है; इन सभी का प्रभाव चुनाव परिणाम में दिखाई देता रहा है।

इस तथ्य को अस्वीकार नहीं किया जा सकता है कि भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में नेतृत्व सदैव महत्वपूर्ण रहा है, और आज की तिथि में श्री नरेंद्र मोदी राजनीति के इसी चरित्र को दर्शाते हुए दिखाई दे रहे हैं।

विज्ञापन

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ 24 अपने सभी पाठकों और प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और विश्वास के लिए धन्यवाद।

विज्ञापन

© 2026 ABN News 24. All Rights Reserved.

कुल पाठक (Total Visitors): 54,773