टीम एबीएन, रांची। रांची पहाड़ी मंदिर जनसंपर्क समिति ने जानकारी दी है कि झारखंड हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड द्वारा जारी विवादित एवं कथित अवैध अधिसूचना के विरुद्ध में डब्ल्यू पी सी नं. 5123/2026 दायर की गयी है। उक्त याचिका वर्तमान में माननीय न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है।
समिति की ओर से बताया गया कि न्यास बोर्ड द्वारा जारी अधिसूचना में रांची पहाड़ी मंदिर विकास समिति को भंग करने तथा नयी समिति गठन से संबंधित कार्रवाई की गयी है, जिसे समिति ने पूर्णत: एकतरफा, तथ्यहीन एवं विधि विरुद्ध बताया है। समिति का कहना है कि यह कार्रवाई प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों एवं पूर्व में माननीय द्वारा पारित आदेशों के प्रतिकूल की गयी है।
समिति ने कहा कि डब्ल्यू पी सी नं. 5233/2023 में उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 24.09.2024 को स्पष्ट निर्देश दिया गया था कि किसी भी प्रतिकूल कार्रवाई से पूर्व समिति को समुचित अवसर प्रदान करते हुए विधिसम्मत प्रक्रिया अपनायी जाये।
इसके बावजूद बिना निष्पक्ष सुनवाई एवं बिना समिति के प्रत्युत्तरों पर समुचित विचार किए विवादित अधिसूचना जारी कर दी गयी। समिति का यह भी कहना है कि उक्त अधिसूचना कोर्ट द्वारा पारित आदेशों की अवहेलना की श्रेणी में भी आती है, क्योंकि न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों की उपेक्षा करते हुए एकतरफा कार्रवाई की गयी है।
समिति ने यह भी स्पष्ट किया कि अधिसूचना में लगाये गये आरोप तथ्यात्मक रूप से गलत हैं। बोर्ड द्वारा यह कहा गया कि समिति ने नोटिसों एवं पत्रों का उत्तर नहीं दिया, जबकि वास्तविकता यह है कि समिति द्वारा समय-समय पर सभी नोटिसों का विधिवत उत्तर एवं आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किये गये थे। समिति का आरोप है कि बोर्ड ने समिति के जवाबों एवं अभिलेखों पर उचित विचार नहीं किया तथा पूर्व निर्धारित मानसिकता के साथ कार्रवाई की गयी।
उन्होंने कहा कि रांची पहाड़ी मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है तथा मंदिर के प्रशासन एवं प्रबंधन से संबंधित किसी भी निर्णय में पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं विधिक प्रक्रिया का पालन आवश्यक है। समिति ने यह भी कहा कि मंदिर समिति सदैव कानून एवं न्यायपालिका का सम्मान करती रही है और आगे भी न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप कार्य करेगी।
समिति ने कहा कि न्यायालय में मामला विचाराधीन रहने के बावजूद यदि किसी प्रकार से जबरन प्रभार लेने अथवा प्रशासनिक हस्तक्षेप का प्रयास किया गया, तो समिति अपने अधिकारों एवं श्रद्धालुओं की भावनाओं की रक्षा हेतु सभी वैधानिक एवं लोकतांत्रिक उपाय अपनाने के लिए बाध्य होगी।
इसी विषय पर विस्तृत जानकारी देने हेतु द्वारा कल एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी आयोजित की गयी है, जिसमें समिति के पदाधिकारी एवं अधिकृत प्रतिनिधि मीडिया के समक्ष पूरे मामले, न्यायालय में दायर याचिका, न्यास बोर्ड की कार्रवाई तथा समिति के पक्ष को विस्तारपूर्वक प्रस्तुत करेंगे।
समिति ने राज्य सरकार, जिला प्रशासन एवं आम श्रद्धालुओं से अपील की है कि मामले को न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से निष्पक्ष रूप से तय होने दिया जाए तथा शांति एवं सौहार्द बनाए रखा जाये। समिति ने विश्वास व्यक्त किया कि माननीय में न्याय अवश्य मिलेगा। उक्त जानकारी रांची पहाड़ी मंदिर विकास समिति के जनसंपर्क विभाग के सौरभ चौधरी, राजेश गड़ोदिया और संदीप जैन ने दी।
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