एबीएन सेंट्रल डेस्क। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अब तक का सबसे आक्रामक रुख अख्तियार किया है। उन्होंने ईरान को सैन्य तबाही की चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान ने मौजूदा समझौते की शर्तों को स्वीकार नहीं किया, तो अमेरिका उसके तमाम पावर प्लांट और पुलों को जमींदोज कर देगा।
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने होर्मुज में गोलीबारी कर मौजूदा सीजफायर समझौते की धज्जियां उड़ा दी हैं। उन्होंने बताया कि ईरानी हमलों का निशाना फ्रांस और ब्रिटेन के जहाज बने हैं। ट्रंप के मुताबिक, ईरान का यह कदम उसकी हताशा को दर्शाता है।
इस तनाव के बीच ट्रंप ने कूटनीतिक रास्ते का आखिरी विकल्प भी खुला रखा है। अमेरिकी प्रतिनिधियों का एक दल कल शाम पाकिस्तान की राजधानी इस्लाबाद पहुंच रहा है। वहां ईरान के साथ निर्णायक बातचीत होनी है। ट्रंप ने कहा कि यह ईरान के पास आखिरी मौका है।
ईरान की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा पर तंज कसते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी नाकेबंदी ने उसे पहले ही बंद कर रखा है। इससे ईरान को रोजाना 50 करोड़ डॉलर का भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर के जहाज अब तेल और माल लोडिंग के लिए अमेरिका के टेक्सास, लुइसियाना और अलास्का के बंदरगाहों का रुख कर रहे हैं, जिससे अमेरिका को कोई नुकसान नहीं है।
ट्रंप ने अपने चिर-परिचित अंदाज में कहा कि पिछले 47 वर्षों से जो काम किसी राष्ट्रपति ने नहीं किया, उसे अब वो अंजाम देंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर डील नहीं हुई, तो ईरान के बुनियादी ढांचे को पूरी तरह तबाह कर दिया जाएगा।
इस बीच समाचार एजेंसी तसनीम की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, तेहरान ने पाकिस्तान में होने वाली आगामी राजनयिक वार्ता में अपना प्रतिनिधिमंडल भेजने से साफ इनकार कर दिया है। ईरानी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की ओर से ईरान के बंदरगाहों पर लगाई गई नौसैनिक नाकेबंदी प्रभावी रहेगी, तब तक बातचीत की कोई मेज नहीं सजेगी।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse