Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...
वर्ल्ड

ट्रंप के टैरिफ अटैक से शेयर बाजार में हाहाकार

ट्रंप के टैरिफ अटैक से शेयर बाजार में हाहाकार
विज्ञापन

ट्रंप के टैरिफ कहर से निवेशकों के डूबे 7,68,426.45 करोड़ रुपये, बाजार में मचा हाहाकार 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला गुरुवार को लगातार चौथे दिन भी जारी रहा। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसे बिल को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत अमरीका भारत पर रूसी तेल खरीदने पर 500 फीसदी का टैरिफ लगा सकता है। वैसे अभी तक इस बिल को संसद से मंजूरी नहीं मिली है लेकिन माना जा रहा है कि इस बिल को अमरीकी संसद का समर्थन मिल सकता है। 

अगर ऐसा हुआ तो आने वाले दिनों में भारत पर एक मोटा टैरिफ अमरीकी सरकार की ओर से लग सकता है। इस टैरिफ के कहर के डर की वजह से भारत के शेयर बाजार में हाहाकार मच गया और सैंसेक्स में 780 से ज्यादा अंकों की गिरावट देखने को मिली। खास बात तो यह है कि इस गिरावट की वजह से शेयर बाजार निवेशकों के 7,68,426.45 करोड़ रुपए डूब गए हैं।  

2 जनवरी को जहां सेंसेक्स 85,762 के स्तर पर था, वहीं आज 84,180 के स्तर पर बंद हुआ यानि चार कारोबारी सत्रों में इंडेक्स 1,582 अंक टूट चुका है। इस गिरावट के चलते बीएसई पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 9 लाख करोड़ रुपए घट गया है। 

निवेशकों को कितना नुकसान 

बीएसई के आंकड़ों के मुताबिक, 2 जनवरी को एक्सचेंज पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 4,81,24,779.35 करोड़ रुपए था। मौजूदा सत्र में यह घटकर करीब 4,72,25,753.38 करोड़ रुपये रह गया यानी महज चार दिनों में निवेशकों की संपत्ति में लगभग 899,025.97 करोड़ रुपए की गिरावट दर्ज की गयी है। वहीं एक दिन में निवेशकों के 768,426.45 करोड़ रुपये डूब गए हैं।  

बाजार क्यों टूट रहा है 

विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा गिरावट के पीछे ज्यादातर वजहें वैश्विक और भू-राजनीतिक हैं। सबसे बड़ी चिंता अमेरिका की टैरिफ नीति को लेकर है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐसे प्रस्ताव को समर्थन दिया है, जिसके तहत रूस से व्यापार जारी रखने वाले देशों पर 500 फीसदी तक टैरिफ लगाया जा सकता है। 

इस आशंका ने बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है। इसके अलावा, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली भी बाजार पर दबाव बना रही है। जनवरी में अब तक एफआईआई करीब 6,000 करोड़ रुपए के शेयर बेच चुके हैं। गौरतलब है कि साल 2025 में भी विदेशी निवेशकों की ओर से रिकॉर्ड आउटफ्लो देखा गया था। 

आगे बाजार का रुख क्या रहेगा 

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अब निवेशकों की नजरें कंपनियों के तिमाही नतीजों पर टिकी हैं। अगर नतीजे उम्मीद के मुताबिक रहे तो बाजार को कुछ राहत मिल सकती है। साथ ही, अमेरिका-भारत ट्रेड डील पर स्पष्टता आने से ही विदेशी निवेशकों की वापसी की उम्मीद की जा रही है।

विज्ञापन

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ 24 अपने सभी पाठकों और प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और विश्वास के लिए धन्यवाद।

विज्ञापन

© 2026 ABN News 24. All Rights Reserved.

कुल पाठक (Total Visitors): 7,449