एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। दक्षिणी झारखंड के विकास इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। वर्षों से रेल संपर्क की प्रतीक्षा कर रहे गुमला, लोहरदगा, जशपुर और आसपास के लाखों लोगों का सपना अब साकार होने की ओर बढ़ चुका है।
लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र के सांसद सुखदेव भगत के सतत प्रयासों, संसद में मुखर आवाज और रेल मंत्रालय के समक्ष लगातार की गई मजबूत पैरवी के परिणाम स्वरूप लोहरदगा से गुमला होते हुए छत्तीसगढ़ के धर्मजयगढ़ तक नई रेलवे लाइन बिछाने की महत्वाकांक्षी परियोजना को केंद्र सरकार ने अधिसूचित कर दिया है।
रेल मंत्रालय (दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे) ने केंद्रीय सरकार रेल मंत्रालय अधिनियम 1889 की धारा 2 खंड 37 क द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए सार्वजनिक उद्देश्य में राष्ट्रीय अवसंरचना उपलब्ध कराने हेतु झारखंड एवं छत्तीसगढ़ राज्यों में लोहरदगा से गुमला होते हुए पत्थलगांव धरमजयगढ़ तक 291 °881 किलोमीटर नई रेलवे लाइन बनाने के परियोजना का अधिसूचना जारी किया है।
यह परियोजना केवल एक रेलवे लाइन नहीं, बल्कि झारखंड और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती आदिवासी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के सामाजिक, आर्थिक और औद्योगिक उत्थान की मजबूत आधारशिला साबित होगी। सांसद सुखदेव भगत ने अपने कार्यकाल के दौरान इस परियोजना को प्राथमिकता देते हुए सांसद सुखदेव भगत ने दो बार संसद में गुमला में नई रेलवे लाइन बनने के मांग को उठाया था उन्होंने कहा था कि लायंस नायक परमवीर अल्बर्ट एक्का का गुमला जिला जन्म स्थान है।
भगवान हनुमान का जन्म स्थान आंजन धाम है, आदिवासियों का धार्मिक स्थल सीरा सीता नाला है, भगवान शिव का धाम टांगीनाथ है। उन्होंने केंद्रीय रेल मंत्री से मिलकर गुमला को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने की मांग रखी थी। उनके निरंतर प्रयासों का ही परिणाम है कि अब यह बहुप्रतीक्षित परियोजना धरातल पर उतरने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
रेल मंत्रालय के अनुसार झारखंड में प्रस्तावित रेल मार्ग लोहरदगा के अलावा सेन्हा, घाघरा, टोटो, गुमला, रायडीह के पोगरा क्षेत्र में रेलवे स्टेशन बनेगा साथ ही लोदाम और जशपुर के अलावा इस मार्ग पर कई नए रेलवे स्टेशन स्थापित किए जाने का प्रस्ताव है, जिससे दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों को भी देश की मुख्यधारा से सीधा रेल संपर्क मिलेगा।
नई रेलवे लाइन बनने के बाद क्षेत्र के लोगों को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, कोलकाता, रांची सहित देश के विभिन्न हिस्सों तक यात्रा के लिए लंबी दूरी तय कर ट्रेन पकड़ने की मजबूरी नहीं रहेगी। किसान अपनी कृषि उपज को बड़े बाजारों तक आसानी से पहुंचा सकेंगे, व्यापार को नई गति मिलेगी और खनिज संपदा से समृद्ध इस क्षेत्र में औद्योगिक निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी।
साथ ही पर्यटन, होटल, परिवहन, ढाबा और सेवा क्षेत्र में हजारों नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह परियोजना केवल रेल लाइन नहीं, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक कायाकल्प का माध्यम बनेगी। गुमला और लोहरदगा के नागरिकों ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए सांसद सुखदेव भगत के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के विकास का गेम चेंजर बताया है।
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