अमर शहीद ठाकुर विश्वनाथP शाहदेव की जयंती पर राजकीय अवकाश घोषित करने की मांग

 

  • अमर शहीद ठाकुर विश्वनाथP शाहदेव की जयंती पर राजकीय अवकाश घोषित करने की मांग
  • राज्यपाल से मिला ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव स्मृति मंच का प्रतिनिधिमंडल
  • आठ सूत्री मांगों को लेकर सौंपी मांग पत्र
  • अमर शहीद ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव जी की जयंती पर राजकीय अवकाश घोषित की जाये
  • शहीदों को सम्मान देने में उनकी जाति धर्म नहीं बल्कि उनकी देशभक्ति देखी जाये : प्रेम प्रकाश शाहदेव

टीम एबीएन, रांची। अमर शहीद ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव स्मृति मंच के एक प्रतिनिधिमंडल लाल प्रेम प्रकाश नाथ शाहदेव के नेतृत्व में लोक भवन जाकर महामहिम राज्यपाल महोदय से मिलकर अपनी 8 मांगों की एक पत्र सौंपी। श्री शाहदेव ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि उन्होंने राज्यपाल से निवेदनपूर्वक मांग की है कि 

  1. अमर शहीद ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव जी की जयंती और शहादत दिवस को मान सम्मान के साथ सरकार की तरफ से धूमधाम से मनायी जाये।
  2. अमर शहीद ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव जी की जयंती पर राजकीय अवकाश घोषित की जाये।
  3. अमर शहीद ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव जी की जीवनी को झारखंड़ के स्कूलों के पाठ्य पुस्तकों में शामिल किया जाये।
  4. शहीद मैदान धुर्वा से नयासराय रिंग रोड तक की सड़क का नामकरण अमर शहीद ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव जी के नाम पर की जाये।
  5. झारखंड़ क्रिकेट स्टेडियम का नामकरण अमर शहीद ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव जी के नाम पर किया जाये।
  6. धुर्वा स्थित जे. एन. कॉलेज का नामकरण अमर शहीद ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव जी के नाम पर की जाये।
  7. एच ई सी सेक्टर तीन स्थित शाहदेव विश्वनाथ शाहदेव की प्रतिमा एवं चौक की देखभाल तथा रख रखाव सरकार की तरफ से किया जाये।
  8. एच ई सी स्थित खाली पड़े भूमि में से तीन एकड़ भूमि उनके नाम पर दिया जाए जिसपर उनकी स्मृति में छोटानागपुर क्षेत्र के लोगों के कल्याण हेतु अतिथिशाला/ विश्रामगृह, कन्या छात्रावास, बालक छात्रावास, वृधाश्रम आदि जनकल्याणकारी परिसर का निर्माण किया जा सके।

श्री शाहदेव ने आगे बताया कि देश की आजादी में कई अमर शहीदों ने अपनी बलिदान दिया है। उस बलिदान में झारखंड़ के भी योद्धा पीछे नहीं रहे। उन्होंने भी अपनी सर्वश्व  त्याग कर बलिदान दिया था। उन्ही में से एक थे बड़कागढ़ स्टेट के तत्कालीन राजा अमर शहीद ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव।

जिन्होंने अपनी झारखंड़ के पावन भूमि  को अंग्रेजी दासता से मुक्ति दिलाने हेतु अंग्रेजो से लड़े। छोटानागपुर झारखंड़ की पवित्र भूमि से आततायियों को छह माह के लिए बाहर कर दिया था। जिनको बाद में अंग्रेजों ने पकड़ कर 16 अप्रैल 1858 को फांसी पर लटका दिया था।@श्री शाहदेव ने बताया कि आज बड़े दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि उन वीर हुतात्माओं को उनकी जाति, धर्म और वोट बैंक देखकर सरकारी सम्मान दी जाती है।

झारखंड में किसी भी पार्टी की सरकार रही हो किसी भी सरकार ने अमर शहीद ठाकुर विश्वनाथ को वह सम्मान नहीं दी है जिसका वे हकदार थे। आज राज्यपाल से मिलकर ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव स्मृति मंच और परिवार के सदस्यों ने अपनी पीड़ा से महामहिम महोदय को अवगत कराया। राज्यपाल ने गंभीरता के साथ हमें सुना और आश्वासन दिया है कि वे इस सम्बंध में सरकार से बात करेंगे और इसपर उचित कदम उठाया जायेगा।

राज्यपाल से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में लाल प्रेम प्रकाश नाथ शाहदेव, ठाकुर युगल किशोर नाथ शाहदेव, लाल सूरज नाथ शाहदेव, लाल आशीष नाथ शाहदेव, लाल सुबोध नाथ शाहदेव, सुनील सिंह हेसल शामिल रहे।

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