फ्रांंस : गर्मी के कारण कार में दम तोड़ दिये दो मासूम

 

यहां गर्मी का टूटा रिकार्ड: कार में छूटे 2 मासूमों की निकल गयी जान, दुर्लभ रेड अलर्ट जारी 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। यूरोप इस समय रिकॉर्डतोड़ गर्मी की चपेट में है। फ्रांस के दक्षिणी शहर कारपेंट्रास में सोमवार को दो और चार साल के दो बच्चों के शव एक कार से बरामद किये गये। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि अत्यधिक गर्मी उनकी मौत की सबसे संभावित वजह है। जांचकर्ताओं के अनुसार, बच्चों के शव एक आवासीय पार्किंग क्षेत्र में खड़ी पारिवारिक कार के अंदर मिले। 

बताया जाता है कि मां को मालूम नहीं था कि उनके बच्चे कार में चुपके से चढ़ गये हैं। मां कार से उतरकर घर के अंदर चली गयी और उसे लॉक कर दिया। बाद में जब खोजबीन शुरू हुई तो दोनों बच्चे कार के अंदर मृत मिले। घटना ने पूरे फ्रांस को झकझोर दिया है और हीटवेव के खतरों को लेकर नयी चिंता पैदा कर दी है।  

फ्रांस में टूटा तापमान रिकॉर्ड 

मौसम एजेंसी मीटियो फ्रांस के अनुसार, फ्रांस का औसत तापमान जून महीने के लिए अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है। देश में दिन और रात का औसत तापमान 29.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले रिकॉर्ड से अधिक है। कई इलाकों में तापमान 40 से 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए फ्रांस में 1,350 से अधिक स्कूल बंद कर दिए गए हैं, जबकि लगभग 3.9 करोड़ लोग रेड अलर्ट वाले क्षेत्रों में रह रहे हैं। 

ब्रिटेन में दुर्लभ रेड अलर्ट 

फ्रांसीसी सरकार ने लोगों को नदियों और झीलों जैसे असुरक्षित जल स्रोतों में तैरने से बचने की चेतावनी दी है। सप्ताहांत में देशभर में डूबने से 13 लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक 13 वर्षीय लड़की भी शामिल थी। उधर, जर्मनी में भी सप्ताहांत के दौरान तैराकी दुर्घटनाओं में पांच लोगों की मौत की खबर है। ब्रिटेन की मौसम एजेंसी मेट आफिस ने अत्यधिक गर्मी को लेकर दुर्लभ रेड वार्निंग जारी की है। 

यह एजेंसी का सबसे उच्च स्तर का चेतावनी अलर्ट है, जो जीवन और बुनियादी ढांचे के लिए गंभीर खतरे का संकेत देता है। ब्रिटेन में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जतायी गयी है। कई स्कूलों ने समय से पहले छुट्टी देने का फैसला किया है, जबकि रेल सेवाओं पर भी असर पड़ा है। 

स्कूलों में बच्चे हुए बीमार 

फ्रांस की राजधानी पेरिस में कई अभिभावकों ने शिकायत की है कि स्कूलों के कक्षाओं में तापमान असहनीय हो गया है। एक अभिभावक ने बताया कि अत्यधिक गर्मी के कारण कई बच्चों को उल्टी और चक्कर आने जैसी समस्याएं हुईं, जिसके बाद आपातकालीन सेवाओं को बुलाना पड़ा। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ रही हीटवेव क्लाईमेट चेंज का स्पष्ट संकेत है। 

वैज्ञानिकों के अनुसार भविष्य में ऐसी गर्मी की लहरें और अधिक बार, अधिक लंबी अवधि तक तथा अधिक तीव्रता के साथ देखने को मिल सकती हैं। यूरोप के कई देशों में प्रशासन लोगों से घरों में रहने, पर्याप्त पानी पीने और बुजुर्गों व बच्चों का विशेष ध्यान रखने की अपील कर रहा है।

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

Tranding

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।

© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse