इलेक्शन कमिशन की घोषणा से पहले ही एसआईआर पर राजनीति शुरू

 

झारखंड में मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण: चुनाव आयोग की घोषणा से पहले सियासी बयानबाजी का दौर शुरू 

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में मतदाताओं का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण जल्द शुरू होने जा रहा है। भारत निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देश पर राज्य में तैयारियां पूरी कर ली गयी है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो इस महीने इसकी घोषणा होने की संभावना है। इसमें सबसे खास बात यह है कि एसआईआर के दौरान घर घर गणना फार्म पहुंचेगा। 

जिसे प्रत्येक मतदाता को भरना अनिवार्य होगा चाहे उनका नाम 2003 के मतदाता सूची में हों या ना हो। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार के अनुसार भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर पैरेंटल मैंपिंग का काम लगभग पूरा हो गया है। उन्होंने कहा कि एसआईआर को लेकर प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गयी है। 

मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण के दौरान एक आम मतदाता को खास ध्यान रखना होगा। सर्वप्रथम 1 जुलाई 1987 से पहले जन्मे मतदाता को अपनी जन्म तिथि और/या स्थान की सत्यता स्थापित करने के लिए केवल अपना एक वैध दस्तावेज देना होगा। यदि 2003 के मतदाता सूची में उनका नाम है तो बीएलओ द्वारा इसका विवरण इन्यूम्यूरेशन फॉर्म के साथ उपलब्ध करा दिया जायेगा। 

इसके अलावा 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे मतदाता को अपने दस्तावेज के साथ-साथ अपने माता-पिता में से किसी एक का वैध दस्तावेज भी प्रस्तुत करना होगा। यदि 2003 के मतदाता सूची में उनका अथवा उनके माता-पिता का नाम है तो बीएलओ द्वारा इसका विवरण इन्यूम्यूरेशन फॉर्म के साथ उपलब्ध करा दिया जायेगा। 

2 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे युवा मतदाता को अपना और अपने दोनों माता-पिता का वैध दस्तावेज फॉर्म के साथ देना होगा। यदि 2003 के मतदाता सूची में उनके माता-पिता का नाम है तो बीएलओ द्वारा इसका विवरण इन्यूम्यूरेशन फॉर्म के साथ उपलब्ध करा दिया जायेगा। मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण शुरू होने से पहले सियासी दलों के बीच जुबानी जंग तेज होने लगी है। 

बीजेपी जहां SIR को सही बताते हुए हर हाल में इसे संपादित करने का दावा किया है। वहीं शुरू से इसका विरोध कर रही कांग्रेस ने एतराज जताया है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने एसआईआर को सही बताते हुए कहा है भले ही कांग्रेस विरोध कर रही हो मगर हर हाल में यह संपन्न होगा और अवैध रुप से रह रहे घुसपैठिए को भाजपा का एक एक कार्यकर्ता बाहर भेजने का काम करेगा। 

प्रदेश कांग्रेस महासचिव राकेश सिन्हा ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि एसआईआर के जरिए लोकतंत्र की हत्या करने का प्रयास कर रही है। चुनाव आयोग के जरिए हो रही लोकतंत्र की हत्या को लेकर हम पूरी तरह से मुस्तैद है। बिहार के बाद बंगाल और अब झारखंड की तैयारी है किसी भी हाल में हम यहां लोकतंत्र की हत्या नहीं होने देंगे। 

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने विधानसभा से एसआईआर के खिलाफ मजबूती के साथ विरोध कर केन्द्र को भेजा गया है इसके बावजूद यदि यहां होता है और आदिवासी, दलित और अल्पसंख्यकों का नाम जबरन काटा जाता है तो हम इसका विरोध करेंगे।

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