टीम एबीएन, रांची। राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में एक गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है। यहां एक एचआईवी संक्रमित महिला का बिना पूर्व जांच के आपरेशन कर दिया गया, जिससे डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के बीच चिंता बढ़ गयी है। जानकारी के अनुसार महिला पिछले तीन वर्षों से एचआईवी संक्रमित थी लेकिन उसने अपनी बीमारी की जानकारी चिकित्सकों से छिपा ली।
इसी आधार पर उसे सामान्य मरीज मानते हुए लेबर रूम में नियमित प्रक्रिया के तहत आॅपरेशन किया गया। मामले का खुलासा तब हुआ जब सदर अस्पताल से आई रिपोर्ट में महिला के एचआईवी पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई। इसके बाद रिम्स में हड़कंप मच गया।
आपरेशन में शामिल डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने एहतियातन पीईपी (पोस्ट एक्सपोजर प्रोफिलैक्सिस) दवाओं का सेवन शुरू कर दिया है, जो संक्रमण के खतरे को कम करने के लिए दी जाती हैं।
फिलहाल अस्पताल प्रबंधन पूरे मामले की आंतरिक जांच कर रहा है। इस घटना ने मरीजों द्वारा स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी साझा करने की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर किया है। साथ ही अस्पतालों में जांच प्रक्रिया की अनिवार्यता और सतर्कता को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
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