- अनाधिकृत निर्माण और अवैध व्यवसाय पर नगर निगम सख्त, कई भवनों की जांच-नोटिस जारी
टीम एबीएन, रांची। शहर में अनाधिकृत निर्माण, अतिक्रमण और बिना वैधानिक अनुमति संचालित व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ रांची नगर निगम ने सख्ती तेज कर दी है। प्रशासक के निर्देश पर नगर निगम क्षेत्र में लगातार निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में रविवार को वार्ड संख्या–01 के कांके रोड, जवाहर नगर और मिशन गली क्षेत्र में तीन भवनों का भौतिक निरीक्षण किया गया, जहां नियमों के उल्लंघन के गंभीर मामले सामने आये।
निगम ने कहा कि बिना नक्शा पारित कराए किसी भी प्रकार का भवन निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके साथ ही रेजिडेंशियल होल्डिंग में व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन भी नियमों के विरुद्ध है। इसके बावजूद कई स्थानों पर नियमों को दरकिनार कर निर्माण और व्यवसाय संचालित किये जा रहे हैं, जिस पर अब नगर निगम ने कड़ा रुख अपनाया है।
निरीक्षण के दौरान पहले भवन में Innovative Retail Concept Pvt. Ltd. द्वारा व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन पाया गया। लेकिन जांच के दौरान स्वीकृत भवन प्लान प्रस्तुत नहीं किया जा सका। इससे यह स्पष्ट नहीं हो सका कि संबंधित भवन वैधानिक अनुमति के आधार पर संचालित है या नहीं।
दूसरे भवन में हीरामनी देवी द्वारा सड़क मार्ग पर अतिक्रमण कर निर्माण किए जाने का मामला सामने आया। जांच में यह भी पाया गया कि उक्त निर्माण के लिए कोई वैध नक्शा या अन्य आवश्यक वैधानिक दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। नगर निगम ने इसे नियमों का गंभीर उल्लंघन माना है, क्योंकि अतिक्रमण से न केवल यातायात बाधित होता है बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा भी प्रभावित होती है।
तीसरा भवन लेक कैसल बिल्डिंग में बिना किसी वैधानिक दस्तावेज के होटल का संचालन किया जा रहा था। निरीक्षण के दौरान यहां भी स्वीकृत भवन प्लान और वैध ट्रेड लाइसेंस उपलब्ध नहीं कराया गया। नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति होटल या किसी भी प्रकार का व्यावसायिक संचालन पूरी तरह गैरकानूनी है।
नगर निगम की टीम ने जांच के दौरान यह स्पष्ट किया कि संबंधित भवनों में संचालित गतिविधियां कमर्शियल होल्डिंग, स्वीकृत भवन प्लान और वैध ट्रेड लाइसेंस के आधार पर हैं या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। इसको लेकर सभी संबंधित व्यक्तियों और संस्थानों को नोटिस जारी किया गया है।
नोटिस में 24 घंटे के भीतर सभी आवश्यक वैधानिक दस्तावेजों के साथ रांची नगर निगम कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। नगर निगम ने साफ किया है कि दस्तावेजों की विस्तृत जांच के बाद यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है या आवश्यक कागजात प्रस्तुत नहीं किए जाते हैं।
झारखंड नगरपालिका अधिनियम–2011 और झारखंड भवन उपविधि–2016 के तहत विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत संबंधित भवनों को सील करने तक की कार्रवाई की जा सकती है। रांची नगर निगम ने अवैध निर्माण, अतिक्रमण और गैरकानूनी व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ शून्य सहनशीलता की नीति अपनाने की बात दोहराई है।
निगम प्रशासन का कहना है कि शहर को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और कानूनसम्मत बनाने के लिए यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। नगर निगम ने आम नागरिकों और भवन स्वामियों से नियमों का पालन करने की अपील की है, ताकि किसी भी प्रकार की कठोर कार्रवाई से बचा जा सके।