टीम एबीएन, रांची। राजधानी रांची के मध्य स्थित हरमू हाउसिंग कॉलोनी का सरदार पटेल पार्क इन दिनों उपेक्षा का शिकार होता नजर आ रहा है। कभी शहरवासियों और आसपास के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा यह पार्क आज रखरखाव के अभाव में अपनी पहचान खोता जा रहा है। करोड़ों रुपये की लागत से विकसित किए गए इस पार्क की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
हरमू हाउसिंग कॉलोनी को राजधानी के प्रतिष्ठित इलाकों में गिना जाता है। यह क्षेत्र हटिया विधानसभा के अंतर्गत आता है और यहां कई वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद, अधिवक्ता एवं समाज के प्रतिष्ठित लोग निवास करते हैं। इसके बावजूद पार्क की दुर्दशा पर किसी का ध्यान नहीं जाना स्थानीय नागरिकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
स्थानीय लोगों के अनुसार पार्क के रखरखाव की जिम्मेदारी संभाल रही एजेंसी का कार्यकाल लगभग आठ से दस महीने पूर्व समाप्त हो चुका है। इसके बाद से पार्क की नियमित देखरेख लगभग बंद हो गई है। वर्तमान में रांची नगर निगम द्वारा केवल टिकट व्यवस्था और रात्रि सुरक्षा के लिए कुछ होमगार्ड तैनात किए गए हैं, लेकिन पार्क की साफ-सफाई, हरियाली, मरम्मत और अन्य सुविधाओं पर कोई विशेष ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
पार्क में लगे बच्चों के झूले टूट-फूट का शिकार हो रहे हैं। कई स्थानों पर पेड़-पौधे सूख रहे हैं। शौचालयों की स्थिति दयनीय बनी हुई है, जहां पानी की समुचित व्यवस्था नहीं है। नलों की टोटियां क्षतिग्रस्त हैं और कई अन्य बुनियादी सुविधाएं भी खराब हो चुकी हैं। पार्क के मध्य स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा के आसपास भी नियमित सफाई और रखरखाव का अभाव दिखाई देता है।
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि पार्क में स्थापित फव्वारे लंबे समय से बंद पड़े हैं। शाम के समय टहलने और व्यायाम करने आने वाले लोगों को पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं मिलने से भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। गर्मी की छुट्टियों के दौरान पार्क में बच्चों और परिवारों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन सुविधाओं की कमी लोगों की निराशा का कारण बन रही है।
नागरिकों का कहना है कि पार्क में प्रवेश शुल्क नियमित रूप से लिया जा रहा है, लेकिन इसके बदले मिलने वाली सुविधाएं लगातार घटती जा रही हैं। ऐसे में यह भी आवश्यक है कि नगर निगम पार्क से प्राप्त होने वाले राजस्व और उसके उपयोग की समीक्षा करे तथा पारदर्शिता सुनिश्चित करे।
स्थानीय लोगों ने रांची नगर निगम, नगर आयुक्त, जनप्रतिनिधियों तथा संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि पार्क की वर्तमान स्थिति का तत्काल निरीक्षण कराया जाए और किसी सक्षम एजेंसी को पुनः रखरखाव की जिम्मेदारी सौंपी जाए। उनका कहना है कि शहर के बीचों-बीच स्थित यह पार्क न केवल बच्चों और परिवारों के मनोरंजन का केंद्र है, बल्कि लोगों को व्यस्त जीवनशैली के बीच कुछ समय प्रकृति के करीब बिताने का अवसर भी प्रदान करता है।
क्षेत्रवासियों का मानना है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो करोड़ों रुपये की लागत से विकसित यह सार्वजनिक संपत्ति धीरे-धीरे अपनी उपयोगिता और सुंदरता खो देगी। इसलिए जनहित को ध्यान में रखते हुए पार्क की व्यवस्था को शीघ्र दुरुस्त करना आवश्यक है, ताकि यहां घूमने आने वाले लोगों को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधायुक्त वातावरण उपलब्ध हो सके।
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