टीम एबीएन, रांची। गुरु मां के आगमन के साथ पूरे सभागार में लोगों ने खड़े होकर अभिनंदन किया एवं तालियों से स्वागत किया। आपका सभी का शुकराना, रांची में आज स्वर्णभूमि हॉल का वातावरण केवल एक सभागार नहीं रहा, बल्कि एक जीवंत अनुभव बन गया जहां शब्दों से अधिक मौन बोला और विचारों से अधिक भीतर की अनुभूति जागी। आधुनिक जीवन की तेज रफ्तार, निरंतर प्रतिस्पर्धा और उपलब्धियों की दौड़ के बीच आयोजित यह आध्यात्मिक कार्यक्रम रूबरू लोगों के लिए स्वयं से मिलने की एक गहरी और शांत यात्रा सिद्ध हुआ।
कार्यक्रम का आयोजन हरि ओम स्माइल्स की संस्थापिका डॉ. मोनिका सिंघल (जिन्हें प्यार से सभी गुरु मां कहते हैं) के सान्निध्य में हुआ। इस कार्यक्रम में रांची, मारवाड़ी युवा मंच का भी भरपूर सहयोग बना रहा। गुरु मां ने सहज, सरल और अत्यंत हृदयस्पर्शी शैली में यह संदेश दिया कि जीवन की वास्तविक शांति किसी बाहरी उपलब्धि, भूमिका या पहचान में नहीं, बल्कि भीतर की सजगता, स्वीकार और मौन में निहित है।
तीन घंटे से अधिक चले इस आत्मिक संवाद में रूबरू केवल एक कार्यक्रम नहीं रहा बल्कि एक ऐसा स्थान बन गया, जहां लोग अपने भीतर उतरते चले गये, जहां भय धीरे-धीरे समझ में बदला, तनाव हल्केपन में बदला और अकेलापन अपनी ही उपस्थिति में विलीन होने लगा। इस संवाद में जीवन की मानसिक उलझनों को विज्ञान और आध्यात्मिकता के संतुलित दृष्टिकोण से समझने का प्रयास किया गया, जिससे उपस्थित जनमानस को एक नया आंतरिक दृष्टिकोण प्राप्त हुआ।
गुरु मां ने कहा कि आज का मनुष्य बाहर सब कुछ पाने के बाद भी भीतर खाली महसूस करता है, क्योंकि उसने स्वयं को सुनना और समझना धीरे-धीरे छोड़ दिया है। उन्होंने बताया कि युवा पीढ़ी लगातार प्रदर्शन, तुलना और भविष्य की अनिश्चितता के दबाव में जी रही है, वहीं कॉपोर्रेट जीवन में व्यक्ति लक्ष्य और समय की दौड़ में स्वयं से दूर होता जा रहा है। गृहिणियां भी निरंतर जिम्मेदारियों के बीच अपनी आंतरिक शांति को पीछे छोड़ देती हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि तनाव कोई बाहरी घटना नहीं, बल्कि भीतर के असंतुलन की अभिव्यक्ति है और इसका समाधान भी भीतर ही है। उन्होंने सभागार में हवन भी किया एवम हवन से लाभ की उपलब्धि भी बतायी। बच्चों से शांति पाठ रोज कराना चाहिए। हाथों से ताली बजाने से शरीर को निरोग बनाया जा सकता है घरों से लेकर सभी कार्यक्रमों में तालियां अवश्य बजायें।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि आधुनिक विज्ञान भी अब इस तथ्य को स्वीकार कर रहा है कि मन की अवस्था शरीर, तंत्रिका तंत्र और हार्मोनल संतुलन को सीधे प्रभावित करती है। ध्यान, श्वास जागरूकता, मौन और सजगता जैसी सरल साधनाएं मस्तिष्क की तरंगों को शांत कर व्यक्ति को पुन: अपने केंद्र से जोड़ सकती हैं। इसी को आध्यात्मिक दृष्टि से आत्म जागरण कहा गया, एक ऐसा लौटना जहां व्यक्ति बाहर से भीतर की ओर यात्रा करता है।
इस अवसर पर गुरु मां ने जीवन परिवर्तन के लिए कुछ अत्यंत सरल किंतु गहन प्रभावशाली साधनाएं साझा कीं, सब्र, स्क्रिप्ट (अपने विचारों और जीवन दृष्टि को सचेत रूप से दिशा देना), शुक्राना, माफी मांगना और माफ करना। उन्होंने कहा कि ये साधारण दिखने वाली प्रक्रियाएं वास्तव में भीतर जमी हुई भावनात्मक गांठों को खोलने और मन को हल्का करने की अद्भुत क्षमता रखती हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि जब मनुष्य जीवन को बदलने की दौड़ से हटकर स्वयं को देखने लगता है, तब परिवर्तन स्वाभाविक रूप से घटित होने लगता है। जागरूकता ही वह स्थान है जहां संघर्ष समाप्त होता है और शांति आरंभ होती है। कार्यक्रम के अंत में वातावरण अत्यंत शांत, हल्का और भावनात्मक रूप से गहरा हो गया। उपस्थित लोगों ने गहन शांति, भावनात्मक हल्केपन, आंतरिक स्पष्टता और एक प्रकार की सूक्ष्म आंतरिक हीलिंग का अनुभव साझा किया।
कई प्रतिभागियों ने अपने व्यक्तिगत अनुभव भी साझा किए, जिनमें उन्होंने बताया कि कैसे इस संवाद ने उनके भीतर लंबे समय से चले आ रहे तनाव, उलझन और मानसिक बोझ को धीरे-धीरे हल्का कर दिया तथा जीवन को देखने का एक नया, अधिक शांत और स्वीकारपूर्ण दृष्टिकोण प्रदान किया। अनेक लोगों ने इसे सिर्फ कार्यक्रम नहीं, बल्कि आत्मिक पुनर्जन्म और भीतर से जागने जैसा अनुभव बताया।
बाहर की दुनिया बदलने से पहले भीतर की दृष्टि बदलना आवश्यक है, क्योंकि वही वास्तविक परिवर्तन का आरंभ है। कार्यक्रम का समापन इस सार्वभौमिक मंगल भावना के साथ हुआ, सर्वे भवन्तु सुखिन:, सर्वे सन्तु निरामया:, जहां सभी के सुख, स्वास्थ्य और आंतरिक शांति की मंगलकामना के साथ एक सामूहिक सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण निर्मित हुआ।
कार्यक्रम के प्रारंभ में डॉ मोनिका सिंघल की उपस्तिथी में दीप प्रज्वलित किया। मारवाड़ी युवा मंच, रांची के अध्यक्ष विकास अग्रवाल सहित सभी पदाधिकारियों व सदस्यों ने गो माता का स्मृति चिह्न देकर अभिनंदन किया। गुरु मां कल रांची से मानसरोबर की यात्रा पर निकल रही हैं।
आयोजन में मारवाड़ी युवा मंच, रांची के सदस्यों का भरपूर सहयोग रहा। समाज की विभिन्न संस्थाओं सहित कई गणमान्य प्रबुद्ध लोगों की उपस्तिथी आयोजन में रही। सफल आयोजन के लिए हरि ओम स्माइल्स के सदस्यों ने सभी लोगो का आभार व्यक्त किया।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse