पलामू। राजीव गांधी पंचायती राज संगठन दो दिवसीय कार्यशाला सर्वोदय संकल्प शिविर बेतला में शुक्रवार को संपन्न हुआ। कार्यशाला में आजादी की लड़ाई के मूल्यों, संविधान निर्माण की प्रक्रिया पंचायती राज, स्वराज और सर्वोदय की अवधारणा पर चर्चा हुई। यह जानकारी राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के प्रदेश प्रवक्ता एफ एन निलेश ने दी। मौके पर राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्षा सुश्री मीनाक्षी नटराजन ने बताया कि आजादी की लड़ाई केवल अंग्रेजों से सत्ता छिनना नहीं था बल्कि शोषणमुक्त समाज का निर्माण करना था। शोषण मुक्त समाज की चर्चा करते हुए उन्होंने सर्वोदय की अवधारणा की चर्चा की और सर्वोदय की व्याख्या करते हुए बताया कि सर्वोदय का अर्थ सभी का उदय है। समाज के सभी वर्गों के विकास के लिए कार्य करना है। विकास की गति में समाज का कोई वर्क छूट न जाए इसके लिए प्रयास करना है। उन्होंने संविधान पर चर्चा करते हुए बताया कि हमारा संविधान सर्वोदय के मूल्यों को समाहित करते हुए निर्माण किया गया था। सुश्री नटराजन ने बताया हमारे संविधान निर्माताओं ने दलगत भावना से ऊपर उठकर के कई महत्वपूर्ण लोगों को संविधान में सभा में लाये थे। उन्होंने आगे बताया कि समाज के सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व हो सके इसी भावना के तहत संविधान सभा में उन विशिष्ट लोगो को शामिल किया गया था। यही भावना सर्वोदय की भावना हैं। सर्वोदय की भावना को कमजोर करने करने वाली शक्तियों की चर्चा करते हुए बताया कि उसे किसी भी रूप में सफल नहीं होने देना है और राष्ट्र का निर्माण में सर्वोदय की भावना से ही करना है। मौके पर राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के प्रदेश संयोजक जय शंकर पाठक ने बताया कि हमारा संविधान सर्वोदय की भावना से निर्मित हुआ और राष्ट्र के विकास भी सर्वोदय के अनुरूप करने का निश्चय किया गया था। मौके पर लातेहार एवं गुमला जिला के जोनल संयोजक अजित पाल कुजूर, लोहरदगा के संयोजक संदीप कुमार, पलामू प्रमंडल के तीनोें जिलों के मुखिया, प्रमुख, जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य वर्तमान एवं पूर्व शामिल थे। कार्यशाला में भाग लेनेवाले सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र दिया गया। शुरुआत में वैसे ही विकास किया भी गया। वन अधिकार कानून, पंचायती राज, पेशा कानून शिक्षा का अधिकार, सूचना का अधिकार कानून इसी भावना के तहत बनाये गए। लेकिन अभी विकास की अवधारणा के नए मापदंड बनाये जा रहे है, जो सर्वोदय के अनुरूप नहीं है। इसे कमजोर वर्गों को काफी नुकसान हो रहा है और उन्हें विकास से वंचित रखा जा रहा है। मौके पर झारखंड प्रदेश के प्रभारी रोशन रायकवाढ़ ने पंचायती राज राज्य के विभिन्न पहलुओ अच्छी तरह से समझाया और पांचवी और छठी अनुसूची पर भी चर्चा की। छोटा नागपुर एवं पलामू प्रमंडल के संयोजक मो कैसर इकबाल खान ने बताया राजीव गांधी पंचायती राज संगठन को विस्तार कर पंचायतों को मजबूत करना है और प्रशिक्षण देकर के पंचायत प्रतिनिधियों को सशक्त बनाना। कार्यक्रम में पलामू कांग्रेस जिलाध्यक्ष बिट्टू पाठक, गढ़वा जिलाध्यक्ष अरबिंद तूफानी, मनिका विधायक रामचंद्र सिंह, पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी और पूर्व विधायक बिट्टू सिंह ने भी बोधित किया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान नाम से हुई उसके बाद सभी लोगों ने महात्मा गांधी के चित्रों पर माल्यार्पण किया। इस दो दिवसीय सर्वोदय संकल्प शिविर का आयोजन राजीव गांधी पंचायतीराज संघठन के पलामू प्रमंडल पलामू जिला के संयोजक अमुक प्रियदर्शी, गरवा जिला संयोजक सतनारायण यादव एवं लातेहार जिला की संयोजिका रेनू तिग्गा ने की थी।
हजारीबाग। प्रकृति की मनोरम वादियों से आच्छादित हजारीबाग के मुफस्सिल थाना अतंर्गत बहोरनपूर क्षेत्र में पर्यटन के विकास की असीम संभावनाएं हैं। जल, जंगल एवं पहाड़ से आच्छादित यहां की वादियां लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं। यहां मौजूद कई पुरातात्विक अवशेष लोगों के जानकारी और निरंतर खोज का विषय बन सकते हैं। इसे देखते हुए अगर इसे पर्यटक स्थल के रूप में घोषित कर दिया जाए तो यहां के विकास को पंख लग सकते हैं। पर्यटक स्थल घोषित करने से एक ओर जहां राज्य सरकार को राजस्व मिलेगा तो वहीं स्थानीय लोगों को भी रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकेंगे। जब से यहां के पहाड़ियों की शृंखला में भगवान बुद्ध की मूर्तियां व मठ मिले है लोगों की जिज्ञासा काफी बढ गयी है। दो मूर्तियों के चोरी होने और फिर 72 घंटे में रिकवरी की खबर अखबार और न्यूज चैनलों के हेडलाइन बने रहे। जिसके कारण इस क्षेत्र को लोग जानने लगे हैं। हजारीबाग सांसद सह अध्यक्ष वित्त संबंधी संसदीय स्थायी समिति जयंत सिन्हा ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग को मिले 1000 साल पुराने बौद्ध मठ से 2 मूर्तियों के चोरी हो जाने की घटना पर पुरातत्व विभाग की महानिदेशक वी. विद्यावती से बात की। वी. विद्यावती ने इस क्षेत्र की सुरक्षा व विकास के लिये हर सहायता उप्लब्ध करवाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि वे यहां सुरक्षा व अन्य आवश्यकताओं के प्रबंध समेत विशेषज्ञों की नियुक्ति करेंगी। साथ ही इसके संरक्षण हेतु यहां पर एक संग्रहालय की स्थापना पर भी विचार किया जाएगा। इधर, हजारीबाग की खोज को देश- विदेश के बुद्धिस्ट सर्किट तक पहुंचाने के आग्रह के साथ सदर विधायक बौद्ध भिक्षुओं से मिले। विधायक श्री जायसवाल ने बौद्ध भिक्षुओं से हजारीबाग की खोज का व्यापक स्तर पर बौद्ध सर्किट में देश-विदेश स्तर पर प्रचार प्रसार करने का आग्रह किया ताकि भविष्य में इस स्थल की महत्ता बढ़ सके और यह क्षेत्र धार्मिक एवं पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित हो। भिक्षुओं ने विधायक श्री जायसवाल के आग्रह को सहर्ष स्वीकार कर कहा आप क्षेत्र के जिम्मेवार और सजग जनप्रतिनिधि हैं आपकी भावना का हम कद्र करते हैं और वचन देते हैं की जल्द ही यह बौद्ध बिहार के रूप में विकसित होगा और देश विदेश के बौद्ध भिक्षु यहां आएंगे। हम यहां दीपक लगाकर पूजन- वंदन शुरू करेंगे।
गुमला। राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू के 31 मार्च को गुमला जिले के संभावित दौरा के मद्देनजर उपायुक्त गुमला शिशिर कुमार सिन्हा, उप विकास आयुक्त संजय बिहारी अंबष्ठ ने आज रायडीह प्रखंडांतर्गत माझाटोली में प्रस्तावित कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा की। 31 मार्च को राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू द्वारा गुमला जिला के रायडीह प्रखंडांतर्गत माझाटोली में सेवानिवृत सैनिकों के लिए बने ओल्ड एज होम के उद्घाटन का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इस संबंध में बाणप्रस्थ आश्रम के महासचिव अनिरूद्ध सिंह ने बताया कि पर्यटन विभाग द्वारा बनाए गए पर्यटन भवन को पूर्व सैनिकों के लिए वृद्धाश्रम संचालन हेतु झारखंड सरकार द्वारा हस्तांतरित किया गया है। जिसका उदघाटन 31 मार्च को राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू द्वारा संभावित है। इस अवसर पर राज्यपाल द्वारा जीवन में सफलता प्राप्त करने वाली चार महिलाओं को सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही राज्यपाल कौशल विकास केंद्र का निरीक्षण कर केंद्र की सफल छात्राओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित करेंगी। उपायुक्त ने निरीक्षण के दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी रायडीह मिथिलेश कुमार को भूतपूर्व सैनिक कल्याण संगठन के प्रतिनिधियों एवं प्रशिक्षण केंद्र के प्रतिनिधियों के साथ आपसी समन्वय बनाकर 31 मार्च के प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारियों की निर्देश दिया। इस अवसर पर उपायुक्त, उप विकास आयुक्त के साथ भूतपूर्व सैनिक कल्याण संगठन के महासचिव अनिरूद्ध सिंह भी उपस्थित थे।
रांची। केंद्र सरकार के तीन नये कृषि कानून के खिलाफ किसानों के आज भारत बंद के मद्देनजर झारखंड में जहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये हैं वहीं वाह हन ब्बनों का परिचालन प्रभावित रहा। भारत बंद के आह्वान के कारण आज राज्य भर में सड़कों पर वाहनों का परिचालन प्रभावित हुआ है, लेकिन राजधानी रांची में बंद का कोई खास असर नहीं देखा जा रहा है। वहीं, माओवादियों द्वारा भारत बंद को समर्थन दिये जाने के कारण नक्सल प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में इसका मिलाजुला असर देखा जा रहा है। माओवादियों के बंद में शामिल होने से झारखंड पुलिस द्वारा विशेष सतर्कता बरती जा रही है। भारत बंद के आह्वान के कारण बिहार जाने वाली लंबी दूरी के वाहनों का परिचालन बंद है। हालांकि राष्ट्रीय राजमार्ग और अन्य प्रमुख सड़कों पर मालवाहक और निजी वाहनों का परिचालन सामान्य है। किसानों के आंदोलन के चार महीना पूरा हो जाने पर विभिन्न किसान संगठनों द्वारा आहूत भारत बंद से आवश्यक सेवाओं को मुक्त रखने की घोषणा की गयी है। वहीं, बंद को संगठित और असंगठित क्षेत्र से जुड़ी ट्रेड यूनियनों ने समर्थन दिया है, इस कारण खनन क्षेत्रों में उत्खनन, ढुलाई और परिवहन का काम प्रभावित होने की खबर है लेकिन व्यावसायिक संगठनों द्वारा बंद से खुद को अलग रखने के कारण दुकनें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान खुले रहे। इधर, संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा आहूत बंद तथा कोरोना संक्रमण के फैलाव की आशंका को लेकर रांची में सुबह पांच बजे से रात्रि 10 बजे तक निषेधाज्ञा जारी की गयी है। दूसरी तरफ झारखंड पुलिस मुख्यालय की ओर से नक्सल प्रभावित इलाकों और खासकर सीमावर्ती इलाकों में विशेष नजर रखी जा रही है। सभी संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त लगातार जारी है। कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। दूसरी तरफ पलामू जिला मुख्यालय डालटनगंज के रेडमा चौक में बंद के समर्थन में उतरे लोगों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। गिरिडीह जिले के राजधनवार चौक के निकट भाकपा-माले कार्यकर्त्ताओं ने एनएच को घंटों जाम रखा और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस बंद को वाम संगठनों से संबंद्ध विभिन्न श्रमिकों की ओर से समर्थन दिया गया था।
रांची। अरगोड़ा थाना क्षेत्र स्थित बिजली ऑफिस के सामने बाइक सवार अपराधी ने ज्वेलरी कारोबारी अनीश कुमार वर्मा से 500 ग्राम सोना लूट कर फरार हो गए। तीन अपराधियों ने सुबह करीब 6.15 बजे घटना को अंजाम दिया है। पीड़ित कारोबारी अनीश के साथ उनका स्टाफ ईश्वर भगत भी साथ थे। लेकिन, हथियार के बल पर अपराधियों ने घटना को अंजाम देते हुए अरगोड़ा की ओर भाग गए। सूचना मिलने के बाद अरगोड़ा इंस्पेक्टर विनोद कुमार मौके पर पहुंचे। आसपास के लोगों से पूछताछ की। सीसीटीवी जांच में कुछ सुराग पुलिस को हाथ लगा है। जिस पर टीम छापेमारी कर रही है। पीड़ित अनीश कुमार वर्मा के अनुसार सुबह कोलकाता से सोना लेकर रांची आया था। स्टेशन से अपने घर की ओर जा रहा था कि बिजली ऑफिस के सामने गली के पास घात लगाए अपराधियों ने हथियार के बल पर बैग में भरा 18 कैरेट का सोना लूट कर फरार हो गया।
जमशेदपुर। अब संशय खत्म हो गया है। गुरुवार को संसद में केंद्रीय राजमार्ग एवं सड़क परिवहन मंत्री नीतीन गड़करी ने घोषणा की कि जमशेदपुर में 6 लेन वाला ऐलिवेटेड कोरिडोर भारत सरकार बनवायेगी। गड़करी ने यह घोषणा जमशेदपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद विद्युतवरण महतो के तारांकित प्रश्न का जवाब देते हुए दी। सांसद विद्युत वरण महतो ने आज लोकसभा में तारांकित प्रश्न के माध्यम से सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री से आरटीओ कार्यालय के आधुनिकीकरण एवं टोल बूथों की संख्या कम करने के संबंध में प्रश्न किया। प्रश्न के उत्तर के क्रम में श्री गडकरी ने सदन में इस बात की भी घोषणा की की जमशेदपुर में सिक्स लेन का एलिवेटेड करिडोर का निर्माण किया जाएगा। इसके पूर्व अपने प्रश्न को आगे बढ़ाते हुए सांसद श्री महतो ने कहा शायद ही सदन में ऐसा कोई सदस्य हुआ जो मंत्री के कार्य कौशल से कायल नहीं है। मैं अपने क्षेत्र के एनएच -33 जो यूपीए गवर्नमेंट के समय लगभग 6 साल से कभी हाईकोर्ट, कभी सीबीआई ,कभी कांट्रेक्टर के बीच झूल रहा था 2010 से। लेकिन जब से माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और गडकरी जी का आगमन हुआ जिन्होंने न सिर्फ दी33 को बनाया बल्कि जमशेदपुर जो ऐसा उद्योग नगरी है जहां पर लगभग 10 से 12 बड़े बड़े उद्योग हैं जैसे कि टाटा स्टील लगभग 20,000 गाड़ी हर दिन आना-जाना करता है ऐसी परिस्थिति में पिछले हफ्ते मंत्री जी से हम लोग मिले और उन से अनुरोध किए कि अगर जमशेदपुर में एलिवेटड कोरिडोर नहीं बना तो कभी यह जामनगर बन जाएगा । मैं इनका कार्य कुशलता के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं क्योंकि इन्होंने तुरंत ना सिर्फ फोरलेन बल्कि सिक्स लेन एलिवेटर करिडोर का परमिशन दिया जिसके लिए मैं हृदय से पूरे जमशेदपुर वासियों की तरफ से धन्यवाद करना चाहता हूं।
मेदिनीनगर। महापौर अरूणा शंकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कुछ लोग अपने प्रवृत्ति के अनुसार विकास नहीं चाहते। मैं खुद के पैसे से भी ओवरब्रिज सजाती हूं तो उन्हें रास नहीं आती, खुद के पैसे से कचहरी रोड के पेड़ों को रंग रोगन से सजाती हूं तो उन्हें बुरा लगता है। मैं निगम के तरफ से शहर की खूबसूरती के लिए कोई योजना बनाती हूं तो उनका दरखास्त निगम में सबसे पहले पहुंचता है। सरकार द्वारा दिए गए जमीन पर गरीब फुटकर व्यवसायियों जो वर्षों से वेंडर जोन की मांग कर रहे हैं उनके लिए वेंडर जोन बनाने के लिए भूमि चयनित करती हूं तो पहला आपत्ति नेताजी का आ जाता है। मेयर ने नेताजी को कहा कि आप दो 4 लोगों को छोड़कर सारे कांग्रेस एवं जेएमएम के हमारे भाईयों ने ओवरब्रिज को भी सराहा और विकास कार्य में मदद कर रहे हैं । वह चाहते हैं कि उनकी सरकार में भी निगम क्षेत्र का विकास हो ,यह शहर मेरा नहीं हम सबों का है। इसी उद्देश्य से सरकार द्वारा भी पर्याप्त राशि विकास के लिए निगम को दी जा रही है। मेयर ने कहा कि मात्र दो चार लोग जिनके स्वार्थ सिद्धि पूरी नहीं हो रही है वह हर कार्य में विरोध कर रहे हैं। जहां तक कुछ लोगों द्वारा कहा जा रहा है की मेरे परिवार द्वारा तालाब की भूमि पर निर्माण किया जा रहा है तो उन्हें बताना चाहती हूं कि उपायुक्त पलामू द्वारा कुछ दिन पूर्व प्रशिक्षु आईएएस के देखरेख में नापी कराई गई थी जिसमें 1 फीट भी एंक्रोचमेंट नहीं पाया गया जिसकी जानकारी खासमहाल से ली जा सकती है। मेयर ने कहा कि जहां तक मछुआरों द्वारा बेलवा टीकर नाला के संबंध में विवाद उठाया जा रहा है तो मैं उन्हें स्पष्ट करना चाहती हूं कि मैं जरूर प्रयास कर रही थी की बिना किसी कंस्ट्रक्शन के नाले के ऊपर मात्र पीवर ब्लॉक लगाकर मछली बेचने के लिए उन लोगों को स्थान प्रदान करें। उन लोगों द्वारा पूरे तालाब के बाउंड्री वॉल को तोड़कर जगह जगह पर मछली बेचने की दुकान बनाई जा रही है जिसके लिए कई लोगों ने लिखित शिकायत निगम को दी है की खुले में मांस और मछली ना बेचने दी जाए ।यह सुप्रीम कोर्ट का भी निर्देश है लेकिन अगर वह नहीं चाहते तो वहां उन्हें नहीं भेजा जाएगा मात्र वहां 100 वर्ष पुरानी ध्वस्त नाला जो तालाब के पानी एवं स्टेशन रोड के नाले के पानी को निकालने के लिए बनाई जाएगी क्योंकि मत्स्य विभाग ने ही तालाब के पानी को एक तरफ से आने और दूसरी तरफ से ओवरफ्लो करने का निर्देश दिया है। तालाब के बाउंड्री वॉल को तोड़कर रोड पर मछली बेचने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्हें निगम द्वारा निर्मित शेल्टर हाउस जाना पड़ेगा। आज कई मछुआरे मुझसे मिलकर बताया कि आपके द्वारा हम सबों को बसाने के लिए एक अच्छा कार्य किया जा रहा है पर हम सब एक ही परिवार के कुछ मछुआरे जो पूरे संस्था पर कब्जा किए हुए हैं के शिकार हैं।
हजारीबाग। सदर थाना क्षेत्र के बहोरनपुर में पुरातात्विक उत्खनन स्थल से चोरी हुई भगवान बुद्ध की दो बेशकीमती मूर्तियों को पुलिस ने रांची से बरामद कर लिया है। इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उक्त जानकारी हजारीबाग एसपी कार्तिक एस ने प्रेसवार्ता में दी। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार लोगों में प्रेम शंकर सिंह (40), नरेश राय (50), कुमार सुजीत सिंह उर्फ अंकु (46), यतीश कुमार (47) और संजय अग्रवाल (49) शामिल हैं। प्रेम शंकर और नरेश बिहार के बांका के रहने वाले हैं। वहीं अन्य तीन आरोपी रांची के निवासी हैं। पुलिस ने घटना के 72 घंटे के भीतर मूर्ति खोज निकालने में सफलता पा ली। अनुसंधान के क्रम में पुलिस ने इस मामले में रांची से कुमार सुजीत सिंह उर्फ अंकू को सबसे पहले गिरफ्तार किया जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हो गया। सुजीत ने पुलिस को बताया कि इस पूरे मामले में रांची के कोकर चूना भट्ठा के पास रहने वाले संजय अग्रवाल मास्टरमाइंड है। उन्होंने ही मूर्ति चोरी की प्लानिंग की थी। उसी ने बताया था कि मूर्ति को लाकर इसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में भेजना था। वहां से जो पैसे मिलते, उसे आपस में बांट लेना था। सुजीत की निशानदेही पर पुलिस संजय अग्रवाल के घर पहुंची जिसके निशानदेही पर दोनों मूर्तियां यतीश के घर से पुलिस ने बरामद कर ली। एसपी ने बताया कि एक अन्य अभियुक्त संजय कुमार सिंह उर्फ फुचन फरार है जिसकी गिरफ्तारी जल्द कर ली जायेगी। एसपी ने बताया कि इन लोगों के पास से तीन मोबाइल भी जप्त किया गया है। एसपी ने बताया कि खुदाई में प्राचीन मूर्तियां मिलने की जानकारी के बाद आरोपियों ने उसे चुराकर बेचने की योजना बनायी थी। तीन मार्च को ही संजय अग्रवाल, कुमार सुजीत सिंह, प्रेम शंकर सिंह, नरेश राय और संजय सिंह ने चोरी की योजना बनायी थी। एसपी के मुताबिक, 20-21 मार्च की रात सुजीत, प्रेम शंकर, नरेश रॉय व संजय सिंह प्लानिंग के तहत बाइक से हजारीबाग आये जहां देर रात घटना को अंजाम दिया। मूर्तियों को चोरी कर अपने साथ बाइक से ही रांची चले गये। घटना के बाद बांका के सभी अपराधी अपने अपने गांव वापस चले गये। अपराधियों को पकड़ने के लिए एसआइटी का गठन किया गया था। उसका नेतृत्व सदर एसडीपीओ कर रहे थे। पुलिस ने अपराधियों को उनके गांव से गिरफ्तार किया। एसपी के प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपायुक्त आदित्य कुमार आनंद, सदर एसडीओ विद्याभूषण, सदर एसडीपीओ महेश प्रजापति, विष्णुगढ़ एसडीपीओ ओम प्रकाश, मुफस्सिल इंस्पेक्टर मनोज कुमार सिंह, दारू अंचल के इंस्पेक्टर नीरज सिंह, मुफस्सिल थाना प्रभारी बजरंग महतो समेत एसआईटी में शामिल सभी पुलिस अधिकारी एवं कर्मी मौजूद थे।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse