महुआडांड़। महुआडांड़ थाना पुलिस ने थाना क्षेत्र अंतर्गत चेतमा ग्राम के जोड़ा जामुन के समीप तालाब के किनारे अज्ञात अर्धनग्न युवती की हत्या का खुलासा कर दिया है। महुआडांड़ थाना परिसर में सोमवार को आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में एसडीपीओ राजेश कुजूर ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस ने 7 जुलाई को चेतमा ग्राम से एक युवती का शव अर्द्धनग्न अवस्था में बरामद किया था जिसकी पहचान थाना क्षेत्र के सेम्बरबुढ़नी ग्राम निवासी अंजलि कुमारी पिता बिरेन्द्र लोहरा के तौर पर की गई थी। पुलिस ने अनुसंधान करते हुए कांड में शामिल अपराधकर्मी संतोष बृजिया(39) पिता सुखराज बृजिया ग्राम चेतमा थाना महुआडांड़ एवं अनिल बृजिया(18) पिता विलियम बृजिया ग्राम सुगाबांध थाना महुआडांड़ को गिरफ्तार कर लिया। वही घटना के संबंध में एसडीपीओ राजेश कुजूर ने बताया कि मृतका के साथ इन दोनों के अलावा अन्य 5 अभियुक्तों ने बलात्कार किया एवं बलात्कार के क्रम में उसकी मौत हो गई। जिसके उपरांत अभियुक्तों द्वारा उसे घसीटते हुए जोड़ा जामुन के पास तालाब के गड्ढे में फेंक दिया गया एवं मृतका का बैग घटनास्थल से करीब 100 गज की दुरी पर जंगल में फेंक दिया जिसे अभियुक्तों की निशानदेही पर बरामद किया गया। वही पुलिस ने अन्य अभियुक्त का खुलासा उनकी गिरफ्तारी के बाद किया जाएगा।
रामगढ़ पलामू। प्रतिबंधित नक्सली संगठन जेजेएमपी के द्वारा ग्रामीणों की पिटाई के मामले में रामगढ़ पुलिस ने सक्रियता दिखाई है। पलामू एसपी के निर्देश पर गठित टीम ने कार्रवाई करते हुए इस मामले में तीन नक्सली समर्थकों को गिरफ्तार किया है। रामगढ़ थाना प्रभारी प्रभात रंजन राय के नेतृत्व में अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की गयी। गिरफ्तार आरोपियों में जितेंद्र पासवान, उदय सिंह और संजय प्रसाद का नाम शामिल है। समाचार के अनुसार 28 जुलाई को रामगढ़ थाना क्षेत्र के नावाडीह में कृष्णा मोची और काशीनाथ सिंह के घर में घुसकर लेवी नहीं देने और पुलिस की मुखबिरी करने को लेकर जेजेएमपी ने मारपीट की थी। इस घटना में कई लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए थे। घटना के बाद रामगढ़ थाना में 18 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसमें जेजेएमपी के एरिया कमांडर सूंदर जी सहित 8 सदस्यों को नामजद आरोपी बनाया गया था। इसके अलावे चार अज्ञात और समर्थकों को भी आरोपी बनाया गया था। इधर रामगढ़ थाना प्रभारी प्रभात रंजन राय ने बताया कि इस घटना में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस छापेमारी कर रही है। छापेमारी टीम में थाना प्रभारी के अलावा पुलिस अवर निरीक्षक मनोज कुमार, एसआई संजय कुमार समेत रामगढ़ थाना के अन्य जवान भी शामिल थे।
रांची। कोरोना संक्रमण के कारण पिछले 4 माह से बंद 9वीं से लेकर 12वीं तक के कक्षा को फिर से संचालन की अनुमति दी गई है। कोरोना महामारी के लिए जारी प्रोटोकॉल का ध्यान रखते हुए कक्षा का संचालन होगा। इसे लेकर एक तरफ जहां स्कूलों की ओर से तैयारियां की जा रही हैं। वहीं दूसरी ओर अभी भी अभिभावक असमंजस की स्थिति में हैं। 9वीं से 12वीं तक की कक्षा का संचालन : सीएम हेमंत सोरेन के पर राज्य के आपदा विभाग ने 9वीं से लेकर 12वीं तक के बच्चों के लिए कक्षा के संचालन की अनुमति दी है। बता दें कि राज्य में कोरोना महामारी की रफ्तार फिलहाल कम है। इसी को लेकर स्कूल खोलने को विचार किया जा रहा है। शिक्षा और साक्षरता विभाग के सचिव राजेश शर्मा खुद इस मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। फिलहाल राज्य के हाई स्कूल और प्लस टू विद्यालयों के सभी शिक्षक सोमवार से स्कूल आएंगे और स्कूलों की गतिविधियों को व्यवस्थित करेंगे। कक्षा संचालन से पहले विद्यालयों की साफ-सफाई और सेनेटाइज करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। फिर बच्चों के लिए स्कूल खोला जाएगा। निजी स्कूल लेंगे अभिभावकों की राय : जानकारी के मुताबिक राज्य में लगभग 2 हजार 286 सरकारी विद्यालयों में पठन-पाठन दोबारा शुरू होने वाला है। वहीं निजी स्कूल के प्रबंधक इस मामले को लेकर अभिभावकों की राय का इंतजार कर रहे हैं। अभिभावकों से विचार विमर्श करने के बाद निजी स्कूल विद्यार्थियों को स्कूल बुलाने के बारे में विचार करेंगे। सोमवार (2 अगस्त 2021) से निजी स्कूलों में भी शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारियों की शत प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य की गई है। बताते चलें कि झारखंड एकेडमिक काउंसिल की ओर से रिजल्ट जारी करने के बाद अब राज्य के सरकारी प्लस टू विद्यालयों और कॉलेजों में नामांकन की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके मद्देनजर भी विद्यालयों को खोले जाने का निर्देश जारी किया गया है। 9 अगस्त से बच्चे जाएंगे स्कूल : सरकार के निर्देश के बाद 9 अगस्त से सीनियर क्लास के बच्चे स्कूल आना शुरू करेंगे। स्कूल खुलने पर बच्चों और विद्यालयों दोनों को सरकारी गाइडलाइन का पालन करना अनिवार्य होगा। सरकारी गाइडलाइन को जानिए : स्कूल परिसर को साफ सुथरा रखना और सेनेटाइेजशन की व्यवस्था अनिवार्य होगी। शिक्षक, विद्यार्थी और अन्य स्टाफ के लिए मास्क, ग्लब्स अनिवार्य होगा। कक्षाओं में छात्रों को जिग-जैग सिस्टम के तहत बैठाने की व्यवस्था करनी होगी। स्कूलों में सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रखने की अनिवार्यता होगी। सर्दी, जुकाम या फिर बुखार आने पर शिक्षक, छात्रों और दूसरे स्टाफ स्कूल नहीं आएंगे। कोविड प्रोटोकॉल के पालन को लेकर बच्चों की निगरानी की व्यवस्था करनी होगी। छात्र और छात्राएं अभिभावकों की सहमति के बाद ही स्कूल आ सकेंगे। विद्यार्थियों को स्कूल आने के लिए अभिभावकों से शपथ पत्र भरवा कर लाना होगा। स्कूलों में छात्र-छात्राओं का अटेंडेंस अनिवार्य नहीं होगा। जो छात्र-छात्रा स्कूल आकर ऑफलाइन पढ़ाई करना चाहेंगे वही स्कूल आएंगे। स्कूल आने से पहले बच्चों को यह शपथ पत्र देना होगा कि उनके परिवार में कोई कोरोना पीड़ित नहीं हैं या हाल में वे किसी कोरोना संक्रमित के संपर्क में नहीं आए हैं।
देवघर। कम समय में ज्यादा पैसे कमाने के लालच में अब साइबर अपराध के धंधे में महिलाओं ने भी इंट्री मारी है। ऐसा ही मामला सामने आया है देवघर जिला में। जहां कुंडा थाना के चांदडीह का अल्ताफ अंसारी अपनी पत्नी के साथ सीएसपी की आड़ में साइबर अपराधियों को 20 प्रतिशत की राशि लेकर पैसों का पेमेंट करते थे। वहीं इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, देवघर साइबर थाना की पुलिस ने ग्यारह साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। साइबर थाना की पुलिस ने देवघर जिला के सारठ थाना क्षेत्र के नयाखरना, पथरड्डा ओपी क्षेत्र के घाघरा, मारगोमुण्डा थाना क्षेत्र के कानो और कुंडा थाना क्षेत्र के चांदडीह गांव से ग्यारह साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। शनिवार को इस बाबत आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में पूरे मामले की जानकारी देते हुए मुख्यालय डीएसपी मंगल सिंह जामुदा ने बताया कि इन साइबर अपराधियों के पास से 25 मोबाइल, 32 सिम कार्ड, 19 एटीएम कार्ड, 8 पासबुक, 6 चेकबुक, 4 स्वाइप मशीन और 19500 रुपया नकद बरामद किया गया है। गिरफ्तार अपराधियों में 33 वर्षीय सुनील महरा, 24 वर्षीय बलराम मंडल, 21 वर्षीय सचिन मंडल, 24 वर्षीय बबलू मंडल, 27 वर्षीय मुरली दास, 30 वर्षीय सूचित दास, 19 वर्षीय रमेश दास, 23 वर्षीय पंकज दास, 35 वर्षीय अल्ताफ अंसारी, 25 वर्षीय फुरकान अंसारी और 19 वर्षीय मोहम्मद कैफ नाम शामिल है। डीएसपी द्वारा यह जानकारी दी गयी कि गिरफ्तार साइबर अपराधी अल्ताफ अंसारी अपनी पत्नी के साथ सीएसपी चलाता है। जबकि गिरफ्तार सुनील महरा पूर्व में सारठ थाना में दर्ज एक मामले का अभियुक्त है। इसके अलावे डीएसपी ने बताया कि इन साइबर अपराधियों द्वारा साइबर ठगी की घटना को अंजाम देने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जाते थे। साइबर अपराधी गूगल सर्च इंजन का कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों को लॉटरी का प्रलोभन देकर पैसों की ठगी करते थे। साथ ही ये साइबर अपराधी फर्जी बैंक अधिकारी बनकर लोगों को फोन करते हैं और उन्हें बताते हैं कि उनका एटीएम बंद होने वाला है। इसके अलावा केवाइसी अपडेट कराने के नाम पर भी ठगी की जाती है। इन अपराधियों द्वारा साइबर ठगी के लिए गूगल पे का भी सहारा लिया जाता था। साथ ही साइबर अपराधियों द्वारा वर्चुअल पेमेंट एड्रेस के माध्यम से भी ठगी की जाती थी।
रांची। झारखंड सरकार ने धनबाद के एडीजे उत्तम आनंद की मौत के मामले की सीबीआई जांच कराने की अनुशंसा कर दी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस पर अपनी सहमति जता दी है। बता दें कि गत 28 जुलाई को धनबाद के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश उत्तम आनंद को एक आॅटो ने उस वक्त अपनी चपेट में ले लिया था, जब वह मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। घटना के कुछ घंटे बाद जब घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया तो यह साफ तौर पर दिखा कि सड़क के बिल्कुल बायें किनारे में जॉगिंग कर रहे एडीजे उत्तम आनंद को आॅटो ने जान बूझकर धक्का मार दिया। वह सड़क के किनारे गिर पड़े और उन्हें धक्का मारने के बाद आॅटो बगैर रुके आगे बढ़ गया। दूसरे दिन पुलिस ने एडीजे को टक्कर मारने वाले आॅटो को गिरिडीह से जब्त किया था। पुलिस ने आॅटो चालक लखन वर्मा और उसके साथी को भी गिरफ्तार किया था, जिससे पूछताछ चल रही है। एडीजे की पत्नी ने शुरुआत में ही इस मामले को हत्या बताते हुए थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी। एडीजे के पिता ने भी मीडिया से बातचीत में कहा था कि उनके सिर पर रॉडनुमा किसी वस्तु से प्रहार किया गया था। पोस्टमार्टम में भी एडीजे की मौत की वजह किसी कठोर वस्तु से सिर में चोट लगना बताया गया है। बता दें कि एडीजे उत्तम आनंद की मौत के इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी संज्ञान लिया है। बीते गुरुवार को झारखंड हाई कोर्ट में भी इस मसले पर सुनवाई हुई थी। हाई कोर्ट ने इस मामले में झारखंड के डीजीपी और धनबाद के एसपी से भी जवाब तलब किया था। फिलहाल इस मामले की जांच झारखंड पुलिस द्वारा गठित की गई स्पेशल इन्वेस्टिगेटिव टीम एसआईटी कर रही है, जिसके मुखिया सीनियर आईपीएस संजय आनंद लाटेकर हैं।
सतबरवा पलामू। सतबरवा में भ्रष्ट पदाधिकारी और कर्मचारियों पर नकेल कसने के लिए एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में बुधवार को सतबरवा अंचल के राजस्व कर्मचारी कुमार गौरव को मेदिनीनगर में घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। एसीबी की टीम ने एक सप्ताह पूर्व 20 जुलाई को सतबरवा प्रखंड कार्यालय में कार्यरत रोजगार सेवक जगदीप कुजूर को भी रिश्वत लेते पकड़ा था। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो मेदिनीनगर के थानाप्रभारी सह डीएसपी केएन राम ने बताया कि सतबरवा प्रखंड के बकोरिया पंचायत के राजस्व कर्मचारी कुमार गौरव जमीन के खाता प्लॉट आनलाइन करने के एवज में चार हजार रूपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किए गए हैं। उन्होंने बताया कि बकोरिया निवासी और वादी महेन्द्र उरांव की खानदानी जमीन खाता संख्या 112, प्लाट नंबर 1056, 1058, 40, 162, 164, 354, 360 एवं 361 आनलाइन करने के नाम पर 4000 घुस मांगी गई थी। आॅनलाइन नहीं होने के कारण जमीन का रसीद नही कट रहा था। भुक्तभोगी महेन्द्र उरांव ने इस संबंध में सतबरवा अंचल अधिकारी के नाम से आवेदन भी दिया था। महेन्द्र उरांव ने राजस्व कर्मचारी से कई बार जमीन का खाता प्लॉट आॅनलाइन करने का आग्रह कर चुके थे । इसके बाद महेन्द्र उरांव ने इसकी शिकायत एसीबी की मेदिनीनगर कार्यालय में की। शिकायत का सत्यापन कर 27 जुलाई को कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई के लिए टीम बनायी गई। वादी को कैमिकल लगे रूपए देकर राजस्व कर्मचारी के पास भेजा गया जैसे ही राजस्व कर्मचारी ने घूस के रूपए पकड़े उसी समय रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। कुमार गौरव वर्तमान में मेदिनीनगर के बारालोटा में रहते हैं, जबकि वे बिहार के नालांदा जिले के दीपनगर थाना क्षेत्र के मेघी-ओकनावा के रहने वाले हैं । वहीं गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम ने कार्यालय ले जाकर कागजी प्रक्रिया पूरी कर मेडिकल जांच के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
रांची। झारखंड प्रदेश भारतीय किसान संघ प्रदेश कार्यसमिति की बैठक संपन्न हुई। जिसमें विशेष रूप से राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष जुगल किशोर मिश्र एवं क्षेत्र संगठन मंत्री प्रकाश नारायण तिवारी उपस्थित रहे। यह बैठक कोरोनकाल के कारण विगत 2 वर्षों बाद संपन्न हुआ। इस दौरान प्रांत के सभी वरीय पदाधिकारी एवं जिलों के अध्यक्ष , सदस्यता प्रभारी की मौजूदगी में यह निर्णय हुआ कि प्रांत का प्रदेश सम्मेलन 25-26 दिसंबर को किया जाएगा और इस बीच संगठन सभी जिलों का गठन दिसंबर महीने तक कर लिया जाएगा l बैठक को माननीय केंद्रीय कोषाध्यक्ष जुगल किशोर ने नई कृषि बिल पर विस्तार पूर्वक बताते हुए कहा कि यह भी किसानों के हित में है और इससे भविष्य में किसानों को लाभ मिलेगा। इस बिल में कुछ संशोधन की मांगें भारतीय किसान संघ ने पूर्व में ही कृषि मंत्री से मिलकर रखा है। कथित आंदोलन जो दिल्ली बॉर्डर पर विगत 6 महीनों से चल रहा है। यह किसानों का आंदोलन प्रतीत नहीं होता, इसका उद्देश्य कुछ और है और विभिन्न संगठनों के सहयोग से चलाया जा रहा है। क्षेत्रीय संगठन मंत्री प्रकाश नारायण तिवारी ने संगठन के विस्तार एवं सदस्यता सदस्यता जल्द से जल्द पूरा करने की प्रांत की इकाई से आग्रह किया। इस बैठक का संचालन प्रकाश कुमार सिंह ने किया। बैठक को कार्यकारी अध्यक्ष जय कुमार सिंह एवं वरीय उपाध्यक्ष वकील महतो ने अपने प्रदेश पदाधिकारियों को कोरोना के दुष्प्रभाव से बचने के लिए किसानों को टीका लगवाने और उनके परिवार को सुरक्षित करने के लिए सभी पदाधिकारियों को जागरूकता अभियान चलाने का आग्रह किया। ताकि प्रकोप से बचते हुए किसानों के बीच काम करने का आग्रह किया। साथ ही साथ प्रदेश भारतीय किसान संघ ने राज्य सरकार से धान खरीदी और भुगतान का भी आग्रह आग्रह किया।
रांची। झारखंड में सरकार गिराने की साजिश रचने के आरोप में तीन लोगों की गिरफ्तारी के मामले में बड़ा ट्विस्ट सामने आया है। पुलिस ने जिन तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, उनमें एक सब्जी विक्रेता और दूसरा मजदूर है। ये दोनों बोकारो के रहनेवाले हैं। इनके परिजनों का कहना है कि पुलिस ने इन्हें दो दिन पहले बोकारो में उनके घरों से उठाया था। इधर, पुलिस ने इन तीनों को राजधानी रांची के ली-लैक होटल से गिरफ्तार करने का दावा किया है। परिजनों के मुताबिक, निवारण प्रसाद महतो बोकारो में सब्जी और फल की रेहड़ी लगाते हैं जबकि अमित सिंह दिहाड़ी मजदूर के तौर पर काम करते हैं। निवारण प्रसाद महतो के जीजा सोनू कुमार ने कोतवाली थाना परिसर में न्यूजविंग से बातचीत में दावा किया कि गिरफ्तार किये गये दोनों लोग निर्दोष हैं। पुलिस ने दोनों को दो दिन पहले बोकारो में यह कहकर उठाया था कि एक मामले में पूछताछ करनी है। एक-डेढ़ घंटे में छोड़ दिया जायेगा। लेकिन इसके बाद उन्हें एक स्कॉर्पियो में बिठाकर कहीं और ले जाया गया। परिजन स्थानीय थाने में पहुंचकर उनके बारे में पूछताछ करते रहे, लेकिन पुलिस ने कोई जानकारी नहीं दी। आज दोपहर पुलिस ने उन्हें बताया कि दोनों को रांची कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आपलोग रांची जाकर पता कर सकते हैं। परिजन जब रांची आये तो उन्हें मीडिया की खबरों से पता चला कि दोनों को सरकार गिराने की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। परिजनों का कहना है कि रोज कमाने-खाने वाले दोनों लोगों का राजनीति से दूर-दूर तक लेना-देना नहीं है, फिर ये सरकार गिराने की साजिश कैसे रच सकते हैं? परिजनों ने रांची की कोतवाली पुलिस से मिलकर अपनी बात रखनी चाही, लेकिन पुलिस ने उनकी एक नहीं सुनी।
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