झारखंड

View All
Published / 2021-08-31 15:46:52
एचइसी की बिजली कटने से कारखाना बंद, देश की सुरक्षा से जुड़े कई प्रोजेक्ट ठप

रांची। वित्तीय संकट की मार झेल रहे एचईसी पर एक और संकट आ गया है। झारखंड बिजली विभाग ने एचईसी कारखाने का बिजली कनेक्शन काट दिया है। मिली जानकारी के अनुसार एक अरब से ज्यादा बकाया होने की वजह से बिजली काटी गई है। बिजली कटने के कारण एचईसी के सभी कारखाने बंद हो गए। वहीं, बिजली ठप होने से कार्यालय में अंधेरा छा गया। इसकी वजह से सभी कर्मचारी को कार्यालय छोड़कर बाहर निकलना पड़ा। एचईसी के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रक्षा विभाग के आकांक्षा से जुड़ा प्रोजेक्ट भी पूरी तरह से बाधित हो गया है। फिलहाल बिजली नहीं रहने के कारण एचईसी का कारखाना, कार्यालय और सभी यूनिट बंद पड़े हैं।

Published / 2021-08-31 15:05:52
गढ़वा : दम घुटने से तीन युवकों की मौत, शिकार की तलाश में गये थे गुफा के अंदर

डंडई/मेराल। गढ़वा जिले में दम घुटने से तीन लोगों की मौत हो गयी है। मृतक आदिम जनजाति कोरवा समुदाय के हैं। वे शिकार खेलने जंगल गये थे। शाहिल नामक जंगली जानवर को पकड़ने के लिए पहाड़ की गुफा में घुस गये थे। जहां दम घुटने से उनकी मौत हो गयी। तीन में से दो शिकारियों के शव अभी भी गुफा के अंदर है। उनके निकालने की सारे विकल्प खत्म हो गए तो पुलिस ने एनडीआरएफ से मदद मांगी है। घटना के बाद मृतक के घरों में कोहराम मच गया है। घटनास्थल पर हजारों लोग जमा हो गए। पुलिस स्थिति को संभालने में जुटी रही। जिले के डंडई प्रखंड के चकरी गांव के कोरवा समुदाय के नौ युवक शिकार खेलने घर से निकले थे। शिकार की तलाश में वे मेराल थाना के टेकुआ गांव के पकवा बांध पहाड़ पर चले गए। छह युवक 20 फिट नीचे पथरीली गुफा में उतर गए। उसमें से दो युवक उमेश कोरवा और श्यामबिहारी कोरवा गुफा के मोड़ में अंदर घुस गए। उनके पीछे उपेंद्र कोरवा नामक युवक भी उस मोड़ पर पहुंचा। उसने भी अंदर घुसने का प्रयास किया, लेकिन वह वहीं वेहोश होकर गिर गया। कुछ समय बाद शेष साथियों को उपेंद्र कोरवा का पैर दिखाई दिया। उन्होंने उसे खींचकर बाहर निकाला। तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। शेष दोनों युवकों को वहां से नहीं निकाला जा सका। वे गुफा में काफी अंदर चले गए थे। उसके बाद ग्रामीणों और फिर पुलिस को इसकी सूचना दी गयी। देखते ही देखते हजारों लोग वहां पहुंच गए। पुलिस ने जेसीबी और अन्य उपाय से उन्हें बाहर निकालने का पूरा प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। पुलिस ने एनडीआरएफ की टीम से सम्पर्क कर मदद मांगी है।

Published / 2021-08-31 12:48:35
रोटरी क्लब ने लगाये 50 फलदार पौधे

रांची। मंगलवार को रोटरी क्लब ऑफ रांची मिडटाउन की तरफ से पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम के तहत खेलगांव स्पोर्ट्स मेगा कॉमप्लेक्स के एकलव्य हॉस्टल में 50 छायादार एवं फलदार पौधों का रोपण किया गया। जिसमें आम, अमरूद, जामुन, गुलमोहर, नीम, आंवला, अशोक, कटहल के पौधे लगाये गये। रोटरी मिडटाउन के अध्यक्ष राजेश प्रशांत ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और पौधरोपण करके ही हम स्वस्थ समाज की स्थापना कर सकते हैं, जिससे आनेवाली पीढ़ी को इसका लाभ मिल सके। कोरोना काल के दूसरे चरण में ऑक्सिजन की कमी को देखते हुए सभी को वृक्षारोपण करना चाहिए। वृक्षारोपण एक सामाजिक जिम्मेदारी है। इस कायक्रम में रोटरी मिडटाउन के मंजू गंभीर, बृजेन्द्र झा, सुनिता वाधवा, भूपेंदर सिंह जग्गी, अनुराधा जायसवाल, अजय वाधवा, शर्मिष्ठा मजूमदार, सुनिल, अंकित, राजीव गुप्ता के साथ मेगा स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स के कर्मचारी प्रिया, अविनाश तिवारी, हेमंत दास, प्रीती सिंह के साथ अन्य लोग उपस्थित थे।

Published / 2021-08-30 15:57:25
बीएसएनएल का निदेशक बनाकर रांची के 30 लोगों को लगाया चूना

दुमका। रांची में तीन साल पहले बीएसएनएल में नौकरी दिलाने के नाम पर तीस लोगों से करीब एक करोड़ हड़पने वाले हरणाकुंडी निवासी चंदन गुप्ता की तलाश में सोमवार की शाम डोरंडा थाना की पुलिस ने उसके आवास में दबिश दी और नहीं मिलने पर इश्तेहार चस्पा किया। चंदन खुद को बीएसएनएल का निदेशक बनाकर पांच साल पहले भी दुमका के कई लोगों को चूना लगा चुका है। पकड़ में आने के बाद उसने कुछ पैसा लौटाकर मामले को शांत करा दिया था। डोरंडा थाना से आए अवर निरीक्षक एस खान ने बताया कि चंदन उर्फ सरफराज खान ने खुद को बीएसएनएल का निदेशक बताकर रांची में तीस लोगों से नौकरी दिलाने के नाम पर एक करोड़ लिया था। नौकरी नहीं मिलने पर एक पीड़िता दीप्ति कश्यप ने 09 अगस्त 18 को चंदन के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। उसके हर ठिकाने पर दबिश दी गई लेकिन हाथ नहीं आया। न्यायालय के आदेश पर मुफस्सिल थाना के अवर निरीक्षक लखबीर सिंह चहल के साथ घर पर दबिश दी गई। नहीं मिलने पर उसके घर पर इश्तेहार चस्पा कर दिया गया है। इधर स्थानीय पुलिस का कहना है कि पांच साल पहले भी चंदन ने इसी तरह से खुद को निदेशक बताकर एक दर्जन से अधिक लोगों से नौकरी दिलाने के नाम पर पैसा लिया था। लोगों ने उसे पकड़कर नगर थाना की पुलिस के हवाले किया था। कई घंटों तक चले समझौते के बाद पीड़ितों ने पैसा मिलने का आश्वासन पाकर केस नहीं कराया था। मामला थाना से ही रफा दफा हो गया था।

Published / 2021-08-30 14:42:04
पलामू : महज 12 घंटे में ही अपहृत हुआ सकुशल मुक्त, एक अपहरणकर्ता भी गिरफ्तार

मेदिनीनगर। रविवार की शाम जिले के रेहला थाना क्षेत्र के डंडिला के रहने वाले शिक्षक हिदायतुल्ला अंसारी के पुत्र दिलकश रोशन का अपहरण कर लिया गया था। पलामू पुलिस ने इस अपहरण कांड का उद्भेदन एक बार फिर ततपरता के साथ किया है। महज 12 घंटे के भीतर पुलिस ने ना सिर्फ अपहृत को सकुशल बरामद किया, बल्कि एक अपहरणकर्ता को भी गिरफ्तार किया है। मौके से पुलिस ने दो मोटरसाइकिल और एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है। सोमवार को पलामू के एसपी चंदन सिन्हा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि 3 लोगों ने मिलकर इस अपहरण कांड को अंजाम दिया थ अ उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपी एक पुलिसकर्मी का बेटा है। इस कांड में शामिल दो आरोपी फरार हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए छापामारी अभियान चला रही है। एसपी ने बताया कि हिदायतुल्ला अंसारी का परिवार इन दिनों सदर थाना क्षेत्र के पोखराहा में रहता है। दिलकश रोशन से दोस्ती बढ़ाकर दुबियाखाड़ से आगे केचकी इलाके से अपराधियों ने बुलाया और फिर उसे अगवा किया था। अपहर्ता द्वारा दिलकश के परिजनों से उसके ही मोबाइल फोन से 20 लाख रूपए फिरौती की मांग की गयी थी। नहीं देने पर जान मार देने की धमकी दी गयी थी। पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए अपराधियों के फोन लोकेशन के अनुसार योजना बनाई। योजना अनुसार अपराधी जीएलए कॉलेज के निकट जंगल-झाड़ी में फिरौती का पैसा लेने आए। पुलिस की घेराबंदी एवं रणनीति से अपहृत दिलकश रोशन सकुशल बरामद हुआ। एक अपराधी आशुतोष पाण्डेय पाटन के रबदी निवासी (वर्तमान में जीएलए कॉलेज के निकट निवासी) को मोटरसाइकिल के साथ मौके पर ही गिरफ्तार किया गया। अन्य दो अपराधी खुला क्षेत्र एवं झांड़ी होने का लाभ उठा कर भाग गए। उन्हें चिह्नित कर लिया गया है। पुलिस की त्वरित एवं सूझबूझ से की गयी कार्रवाई के परिणाम स्वरूप घटना का पदार्फाश अल्प समय में हुआ। इस छापामारी में आरक्षी-1822 अनिल पासवान जख्मी भी हुआ है। अभियान में शहर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अरूण कुमार महथा, पु.अ.नि. पप्पुकुमार मेहता, वरूण कुमार, सौरभ कुमार, स.अ.नि रामजीत सिंह, शहर थाना के आरक्षी अनिल पासवान, अनिल कुमार यादव और जावेद अंसारी शामिल थे।

Published / 2021-08-30 14:41:29
श्री बंशीधर नगर में खुद विराजमान हैं श्री बंशीधर भगवान, करते हैं सबका कल्याण

गढ़वा/श्री बंशीधर नगर। झारखंड के पश्चिमी छोर पर यूपी की सीमा से सटे गढ़वा जिले के श्री बंशीधर नगर (नगर ऊंटारी) में श्री बंशीधर भगवान स्वयं आकर विराजमान हुए हैं। श्री बंशीधर जी के आगमन के बाद उनकी प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा कर मंदिर का निर्माण हुआ है। भगवान के स्वयं आकर विराजमान होने के कारण श्री बंशीधर नगर को योगेश्वर कृष्ण की भूमि और इस धरती को द्वितीय मथुरा और वृंदावन माना जाता है। श्री बंशीधर मंदिर की स्थापना संवत् 1885 में हुई है। श्री बंशीधर मंदिर में स्थित योगेश्वर श्रीकृष्ण की वंशीवादन करती प्रतिमा की ख्याति देश में ही नहीं विदेशों में भी है। इसलिए यह स्थान श्री बंशीधर धाम के नाम से भी प्रसिद्ध है। यहां कण कण में राधा व कृष्ण विद्यमान हैं। श्री बंशीधर जी के आगमन के बारे में इतिहासकारों के अनुसार उस दौरान राजा स्व. भवानी सिंह देव की विधवा शिवमानी कुंवर राजकाज का संचालन कर रही थीं। रानी शिवमानी कुंवर धर्मपरायण एवं भगवत भक्ति में पूर्ण निष्ठावान थी। एक बार जन्माष्टमी व्रत धारण किये रानी साहिबा को 14 अगस्त 1827 की मध्य रात्रि में स्वप्न में भगवान श्रीकृष्ण का दर्शन हुआ। स्वप्न में श्री कृष्ण ने रानी से वर मांगने को कहा। रानी ने भगवान श्रीकृष्ण से कहा कि प्रभु आपकी सदैव कृपा हम पर रहे। तब भगवान कृष्ण ने रानी से कनहर नदी के किनारे महुअरिया के निकट शिव पहाड़ी पर अपनी प्रतिमा के गड़े होने की जानकारी दी, और उन्हें अपने राज्य में लाने को कहा। भगवत कृपा जान रानी ने शिवपहाड़ी जाकर विधिवत पूजा अर्चना के बाद खुदाई करायी, तो श्री बंशीधर जी की अद्वितीय असाधारण प्रतिमा मिली। जिसे हाथियों पर बैठाकर श्री बंशीधर नगर लाया गया। गढ़ के मुख्य द्वार पर अंतिम हाथी बैठ गया। लाख प्रयत्न के बावजूद हाथी नहीं उठने पर रानी ने राजपुरोहितों से राय मशविरा कर वहीं पर मंदिर का निर्माण कराया। तत्पष्चात वाराणसी से राधा रानी की अष्टधातु की प्रतिमा मंगाकर 21 जनवरी 1828 स्थापित करायी। श्री बंशीधर जी प्रतिमा कला के दृष्टिकोण से अति सुंदर एवं अद्वितीय है। बिना किसी रसायन के प्रयोग या अन्य पॉलिस के प्रतिमा की चमक पूर्वत है। भगवान श्री कृष्ण शेषनाग के उपर कमल पीड़िका पर बंशीवादन नृत्य करते विराजमान हैं। भूगर्भ में गड़े होने के कारण शेषनाग दृष्टिगोचर नहीं होते हैं। श्री बंशीधर मंदिर के बारे में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यहां भगवान श्रीकृष्ण त्रिदेव अर्थात ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों स्वरूप में हैं। मंदिर में स्थित प्रतिमा को गौर से देखने पर यहां भगवान के त्रिदेव के स्वरूप में विद्यमान रहने का अहसास होता है। यहां स्थित श्री बंशीधर जी जटाधारी के रूप में दिखाई देते हैं। जबकि शास्त्रों में श्रीकृष्ण के खुले लट और घुंघराले बाल का वर्णन है। इस लिहाज से मान्यता है कि श्रीकृष्ण जटाधारी अर्थात देवाधिदेव महादेव के रूप में विराजमान हैं। श्रीकृष्ण के शेषशैय्या पर होने का वर्णन शास्त्रों में मिलता है, लेकिन यहां श्री बंशीधर जी शेषनाग के उपर कमलपुष्प पर विराजमान हैं। जबकि कमलपुष्प ब्रह्मा का आसन है। इस लिहाज से मान्यता है कि कमल पुष्पासीन श्री कृष्ण कमलासन ब्रह्मा के रूप में विराजमान हैं। भगवान श्रीकृष्ण स्वयं लक्ष्मीनाथ विष्णु के अवतार हैं। इसलिये विष्णु के स्वरूप में विराजमान हैं। त्रिदेव के रूप में विराजमान भगवान सबकी मनोकामना पूरी करते हैं। चुनार-चोपन- गढ़वा रोड रेलखंड और एनएच 75 किनारे पर बसे श्री बंशीधर नगर (नगर ऊंटारी) शहर के बीच में स्थित श्री बंशीधर मंदिर में दर्शन के लिए यहां सालों भर देश ही नहीं विदेशी श्रद्धालुओं का भी तांता लगा रहता है। जो भी श्रद्धालु एक बार श्री बंशीधर जी की मोहिनी मूरत का दर्शन करता है, वह उनके प्रति मोहित हो जाता है। महाशिवरात्रि एवं श्रीकृष्ण जन्मोत्सव बड़े ही धूम धाम से मनाया जाता है। महाशिवरात्रि के मौके पर प्रसिद्व मेला लगता है जो एक माह तक चलता है। श्री बंशीधर नगर में प्रतिवर्ष श्रीकृष्ण की जयंती जन्माष्टमी मथुरा एवं वृंदावन की तरह मनाई जाती है। इस मौके पर एक सप्ताह तक श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जाता है। जिससे श्री बंशीधर नगर सहित आस पास के गांवों का माहौल भक्तिमय हो जाता है।

Published / 2021-08-30 14:40:48
गढ़वा-पलामू के युवाओं के साथ हेमंत सरकार ने किया विश्वासघात : सत्येंद्रनाथ

गढ़वा। राज्य में आयोजित होने वाली प्रतियोगी परीक्षाआें में हिंदी, भोजपुरी एवं मगही भाषा को शामिल नहीं करने के विरोध में भाजयुमो ने सोमवार को झारखंड सरकार का पुतला दहन किया। शहर के रंका मोड़ पर आयोजित इस कार्यक्रम में भाजपा कार्यकतार्आंे ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेष कुमार ठाकुर का पुतला दहन किया। इस दौरान नुक्कड़ सभा का भी आयोजन किया गया। मौके पर पूर्व विधायक सत्येन्द्रनाथ तिवारी ने कहा कि झामुमो सरकार ने गढ़वा-पलामू के युवाओं के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने कहा कि गढ़वा विधायक सह मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने कैबिनेट की बैठक में शामिल होते हुए भी विरोध नहीं किया। बल्कि हिन्दी, मगही व भोजपुरी भाषा को अलग करने में मदद किया। गढ़वा की जनता इनको अच्छी तरह से समझ चुकी है। मंत्री को गढ़वा-पलामू व हिंदीभाषी लोगों से कोई प्रेम नहीं है। उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार ने नई नियमावली बनाकर पलामू, गढ़वा सहित राज्य के अन्य हिन्दी, मगही व भोजपुरी भाषा समझने वाले लोगों के साथ भारी अन्याय किया है। भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश केशरी ने कहा कि हेमंत सरकार की इस नीति ने गढ़वा, पलामू के युवाओं का भविष्य खराब कर दिया है। अब सरकार के इस नियमावली से युवाओं को रोजगार नहीं मिलेगा। मौके पर संतोष दुबे, प्रवीण जायसवाल, वीणा पाठक, सुरेन्द्र विश्वकर्मा, वृन्दा उपाध्याय, संजय तिवारी, मुरली श्याम तिवारी, अरविंद धर दुबे, कैलाश कश्यप, राजकुमार मधेशिया, राकेश केशरी, संजय कांस्यकार, रीतेष चैबे, अरुण तिवारी, विकास तिवारी, संजय जायसवाल, लक्ष्मीकांत पाण्डेय, नवीन जायसवाल, अभय श्रीवास्तव आदि लोग उपस्थित थे।

Published / 2021-08-29 09:46:32
झारखंड की रोजगार नीति उद्योगों के लिए अवरोधक नहीं, निवेशकों के समक्ष जबर्दस्त अवसर : सोरेन

एबीएन डेस्क। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि आज उनका राज्य निवेशकों को जबर्दस्त अवसर उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने कहा कि आप वह समय भूल जाएं जबकि राज्य का नेतृत्व खान और खनिज से आगे नहीं सोचता था। झारखंड के मुख्यमंत्री ने एक साक्षात्कार में कहा कि अब राज्य भविष्य की सोच के साथ आगे बढ़ रहा है। हमने 15 साल की रूपरेखा बनाई है जिसके तहत निवेशकों के पास अवसरों के दोहन के जबर्दस्त अवसर हैं। सोरेन ने कहा कि राज्य की रोजगार आरक्षण नीति के तहत अनुसूचित जाति (एससी) तथा अनुसूचित जनजाति (एसटी) को अधिक नौकरियों उपलब्ध कराने की योजना उद्योगों के लिए कभी अवरोधक नहीं बनेगी। मुख्यमंत्री ने कहा, मेरी सरकार भविष्य की सोच के साथ आगे बढ़ रही है। मैंने हमेशा कहा है कि मेरी सरकार ने क्या काम किया है, यह अगले 10 से 15 साल में नजर आएगा। मैं दीर्घावधि के प्रभाव पर विश्वास करता हूं, जिससे हमारे लोगों को सिर्फ मेरे कार्यकाल के दौरान ही नहीं, आगे भी फायदा मिलता रहे। पुराना नेतृत्व कभी खान और खनिज आधारित उद्योगों से आगे नहीं सोच पाया। राज्य कभी कंक्रीट नीति नहीं पेश कर पाया। सोरेन ने कहा कि पड़ोसी राज्यों में कई उद्योग झारखंड के संसाधनों पर आगे बढ़ रहे हैं। चाहे ये खान और खनिज आधारित उद्योग हों या कृषि-खाद्य अथवा मांस प्रसंस्करण उद्योग हों या वाहन असेंबलिंग इकाइयां या कपड़ा उद्योग हों। उन्होंने कहा, आपको शायद इस बात की जानकारी नहीं हो कि झारखंड तसर सिल्क (एक प्रकार का रेशम) का सबसे बड़ा उत्पादक है। हम भारत में बागवानी फसलों के दूसरे सबसे बड़े उत्पादक हैं। करीब 40 प्रतिशत खनिज संपदा हमारे राज्य में है लकिन देश का रेशम शहर बिहार में है। हम कृषि-खाद्य और मीट प्रसंस्करण क्षेत्र में कहीं नहीं हैं। इसकी वजह हमारे नेतृत्व की सूक्ष्म सोच रही है। भविष्य के निवेशकों को सोरेने ने भरोसा दिलाया कि राज्य में उल्लेखनीय संख्या में ऐसे अवसर मौजूद हैं, जिनका अभी दोहन नहीं हुआ है। उनके पास इन अवसरों का लाभ लेने का मौका है। मुख्यमंत्री ने कहा, हम देश में कारोबार सुगमता रैंकिंग में पांचवें स्थान पर हैं। हम निवेशकों को एक बेहतर एकल खिड़की सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं। यदि वे यहां आते हैं, और झारखंड में निवेश करते हैं, तो मैं उनके साथ खड़ा रहूंगा और उद्योग को स्थापित करने में मदद करूंगा। मैं इस उद्देश्य के साथ आगे बढ़ रहा हूं, आइये, हम साथ आगे चलें और आगे बढ़ें। यह पूछे जाने पर कि क्या निजी उद्योगों में आरक्षण नीति अवरोधक साबित नहीं होगी, सोरेन ने कहा कि इस अवधारणा के उलट इससे उद्योगों को फायदा होगा क्योंकि झारखंड के पास ईमानदार और समर्पित श्रमबल है।

Page 1616 of 1659

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।

© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse