नावा बाजार पलामू। प्रखंड क्षेत्र के कुंम्भी कला पंचायत क्षेत्र टाटी पत्थर गांव में विगत आठ माह से जल नल योजना केतहत खराब जल मीनार खराब पड़ा है। जबकि यह क्षेत्र आदिवासी बहुल क्षेत्र है और इसके बावजूद भी जर मीनार आठ माह से खराब है। जबकि इस टोला में लगभग 30 से 35 घरो के साथ डेढ़ सौ लोगों की आबादी रहने के बावजूद भी इस टोला पर शुद्ध पानी पीने के लिए तरस रहे हैं आदीवासी। गांव में दो चपाकल से सभी लोगों का पेयास बुझता है लेकिन वह चपाकल दूर है। एक चपाकल में जल नल मीनार लग जाने से मात्र एक ही चपानल चालू है। ग्रामीणों ने पानी के समस्या को लेकर भावी मुखिया प्रत्याशी सह युवा समाज सेवी सुरेंद्र कुमार सिंह उर्फ छोटू सिंह की जानकारी दी और सिंह ने सूचना मिलते ही टाटी पत्थर गांव पहुंचे और खराब जलमीनार का संज्ञान लिया। मौके पर भावी मुखिया प्रत्याशी छोटू सिंह ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि बहुत जल्द ही जल मीनार को चालू कराया जायेगा। ताकि यहां के जनता को शुद्ध पानी मिल सके। मौके पर हिरालाल पासवान, सुरेंद्र साव, कईल साव, अशोक साव, पवन साव, अनिल कुमार, उपेंद्र साव, बिरेंद्र राम पप्पु साव, सोनू साव, शंभु साव, अमेरिका राम, उमेश राम, नंदु साव, असर्फी साव, राधेश्याम साव, ब्रजेश राम, संजय साव, मंजय साव, बबलु राम उपस्थित थे।
मेदिनीनगर। पलामू आयुक्त जटाशंकर चौधरी ने कोविड-19 संक्रमण काल में उत्पन्न परिस्थितियों एवं वन महोत्सव के महत्व के मद्देनजर पलामू प्रमंडल क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर दिया है। उन्होंने प्रमंडल क्षेत्र के प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्रों में कम-से-कम 5-5 पौधा लगाने का निर्देश संबंधित जिला समाज कल्याण पदाधिकारियों को दिया है। उन्होंने कहा है कि प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र में 5-5 पौधे लगने से पर्यावरण संरक्षण पर बड़ा काम हो सकता है। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले बच्चों के जन्मदिन पर भी पौधा लगाने पर बल देते हुए कहा कि इससे बच्चों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरुकता आएगी और पौधों की देखभाल में उनकी सहभागिता बढ़ेगी। उन्होंने आमजनों से भी पौधरोपण के लिए अपील करते हुए कहा है कि अधिकाधिक पौधरोपण से पलामू प्रमंडल को हरा भरा बनाने में मदद मिलेगा और पर्यावरण संकट दूर होगी। उन्होंने कहा है कि फल-फूल, तरह-तरह की जड़ी बूटियां, औषधि ईश्वर द्वारा पर्यावरण के माध्यम से हमें उपलब्ध कराया जाता है, लेकिन विडंबना है कि हम मनुष्य ही पर्यावरण की सार्थकता को नहीं समझते और उसके प्रति जागरूक नहीं होते हैं। जिसकी खामियाजा हमें भुगतनी पड़ती है। पर्यावरण का संरक्षण सबसे ज्यादा मनुष्य ही कर सकता है, लेकिन मनुष्य ही ऐसा जीव है, जो पर्यावरण को सबसे ज्यादा नुकसान भी पहुंचाता है। पर्यावरण संरक्षण के लिए तत्परता दिखानी होगी। आयुक्त ने कहा कि अपने परिवारजनों एवं बच्चों के साथ मिलकर पौधे लगाएं। उन्होंने कहा कि लोगों को पौधे के महत्व के बारे में बताएं, ताकि वह अपने जीवन काल में पेड़-पौधे व प्रकृति के संरक्षण करने के प्रति जागरूक हो सके। उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे लगाने को स्वभाव में अंगिकृत करने से पौधे के प्रति लगाव बढ़ेगा।
गुमला। किसको सुनाउं हाल दिले बेकरार का बुझता हुआ चिराग हूं अपने मजार का... घाघरा प्रखंड के विमरला पंचायत के बियार टोली निवासी 55 वर्षीय अगापित केरकेट्टा पिछले पांच वर्षों से एक पेड़ के नीचे जीवन यापन करने को मजबूर है। बारिश से उसका घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। जिसके बाद उसका आशियाना खुले आसमान के नीचे एक पेड़ की छांव में बन गया। घर के सभी सामान लेकर वह पांच वर्षों से पेड़ के नीचे रह रहा है। आंधी आये, बारिश हो या फिर वज्रपात हो उसके जीवन का सहारा पेड़ की छांव ही है। प्रखंड प्रशासन को घर बनाने के लिए दी गयी अर्जी भी आज तक स्वीकार नहीं हुई। जिसके कारण बदनसीबी का जीवन अगापति जीने को विवश है। एक पेड़ की डाली में बैग के सहारे उसके कपड़े टंगे हुए हैं तो दूसरे स्थान पर बोरों में भरकर जीवन यापन के लिए अनाज रखा है। भोजन भी लकड़ियां चुनकर बनाता है। परिवार में कोई सहारा भी नहीं है। एक बेटा और एक बेटी है जो छह वर्ष पूर्व ही कमाने की बात कहकर निकले थे, वे आज तक वापस नहीं लौटे। अगापति को यह भी पता नहीं है कि उनकी संतानें कहां हैं? संतानों की आस में उसकी आंखें भी अब पथरा गयी हैं। जीवन के इस भंवर में वह जीवन यापन की सोचे या फिर बच्चों की तलाश करे। न घर है और न ही घाट। किसके भरोसे सामान छोडेÞ, क्योंकि यह तो घोर कलयुग है। विडंबनाओं से भरे इस जीवन में अगापति किसी इंसानियत के देवता का इंतजार कर रहा है जो उसके बेजान पड़े जीवन में खुशियां लौटा सके। पांच वर्ष गुजर गये न प्रखंड प्रशासन ने उसकी इस र्दुदशा की ओर ध्यान दिया और न ही किसी समाजसेवी की नजरें उस तक गयी। जीवन की नाव किसी तरह खींचकर इस भवसागर से पार होने की ही इच्छा शायद उसकी बच गयी है। बियार टोली के ग्रामीणों ने श्रमदान कर व सामूहिक मदद कर उसके घर की निर्माण के लिए एकजुटता भी दिखायी थी। लेकिन गांव वाले अपने निर्णय को अमलीजामा नहीं पहना सके। जिसके कारण अगापति आज भी वन्य प्राणियों की भांति जीवन यापन कर रहा है। गांव के कई ग्रामीणों ने कहा कि वे अगापति की इस कष्टकारी जीवन से दुखी हैं। सरकार लोगों को प्रधानमंत्री आवास दे रही है। अगर इस गरीब को भी आवास योजना का लाभ मिल जाता तो शायद उसका जीवन अच्छा होता। परिवार के सदस्य भी कहां हैं किसी को पता नहीं है।
जमशेदपुर। शादी का झांसा देकर महिला से यौन शोषण मामले में प्रद्युत कुमार सिंह उर्फ मुन्ना सिंह को कदमा थाना की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद उसे जेल भेज दिया। आरोपित के खिलाफ कदमा थाना में न्यायालय के आदेश पर विगत 14 जून को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोपित प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री का पूर्व चालक है। उसके खिलाफ दर्ज मामले की जांच मुख्यालय दो के डीएसपी कमल किशोर कर रहे थे। जांच के एक माह के बाद आरोपित पर कार्रवाई की गई। गिरफ्तारी से पहले आरोपित महिला को मोबाइल पर कल कर और घर आकर केस उठा लेने की धमकी दे रहा था। रुपये देने का प्रलोभन दे रहा था। जिसकी शिकायत सिटी एसपी को दी गई। आरोपित की गिरफ्तारी के लिए महिला न्याय की गुहार लेकर एसएसपी कार्यालय पहुंची थी। एसएसपी से मुलाकात नहीं होने पर कार्यालय में न्याय की गुहार लगाते हुए मांग पत्र भी सौंपा था। कहा कि उसके पास अब दो नाबालिग पुत्रियों के साथ खुदकुशी करने के सिवाय और कोई चारा नहीं बचा है। महिला का पुलिस ने अदालत में 19 जून को 164 के तहत बयान भी कलमबंद हो चुका है। पत्र की प्रतिलिपि झारखंड के राज्यपाल, पुलिस महानिदेशक, राष्टÑीय मानवाधिकार आयोग और अनुसूचित जनजाति आयोग को भेजी है। महिला का आरोप है कि आरोपित उसे मंत्री के घर भी ले जाता था। वहां की सीसीटीवी बंद करवा देता था। आरोपित के खिलाफ यौन शोषण, गर्भपात कराने, धमकी देने, ब्लैक मेलिंग किए जाने, सात लाख रुपये ऐंठ लेने संबंधित शिकायतवाद दर्ज होने और कदमा थाना में प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद उसे मंत्री के चालक पद से हटा दिया गया था। आरोपित का मानगो परमेश्वर कालोनी और कदमा भाटिया बस्ती हरिओम अपार्टमेंट में घर है। मूलरूप से बिहार के जमुई के कटौना का निवासी है। शोषण की शिकार महिला शादीशुदा है। उसकी दो बेटी है। वैवाहिक जीवन में विवाद होने के कारण वह पति से अलग रहने लगी। इसी दौरान प्रदुत सिंह से उसकी पहचान हुई। नजदीकियां बढ़ती चली गई। महिला से आरोपित ने कहा कि अगर पति से तलाक लेगी तो वह उससे शादी कर लेगा। वह उसके झांसे में आ गई। आरोपित 2012 से यौन शोषण करता रहा। गर्भवती होने पर गर्भपात करा दिया। महिला और उसके भाई से सात लाख रुपये भी ले लिया। इस बीच महिला का पति से तलाक हो गया। महिला ने आरोपित को शादी करने को कहा तो उसने इंकार कर दिया था।
चक्रधरपुर। पश्चिमी सिंहभूम जिले के बंदगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत ईटी विरदा जंगल पहाड़ी के पास से ईनामी पीएलएफआई कमांडर अजय पूर्ति (35) उर्फ मनोज उर्फ बिरसा हस्सा उर्फ बूढ़ा उर्फ रूठा को उनके अन्य सात साथियों के साथ पुलिस ने सर्च अभियान के दौरान दबोच लिया। अजय पूर्ति पीएलएफआई का कमांडर था। वह शनिचर सुरीन के बाद पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप का विश्वसनीय माना जाता था। अजय खूंटी जिला के मारंगहादा थाना क्षेत्र के गाढ़ामारा निवासी सनिका पूर्ति उर्फ केटरो का पुत्र है। उसके खिलाफ हत्या,हत्या का प्रयास, रंगदारी, आगजनी, पुलिस पार्टी पर हमला एवं अन्य नक्सली घटना से सम्बंधित पश्चिमी सिंहभूम जिला के विभिन्न थानों में 43,जबकि खूंटी जिला के विभिन्न थानों में कुल 07 मामले दर्ज है। विगत दिन 10 लाख का इनामी पीएलएफआई नक्सली शनिचर सुरीन को मुठभेड़ में मार गिराने के बाद अजय पूर्ति की गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। बताया जा रहा है, अजीत पूर्ति इनदिनों गुदड़ी थाना क्षेत्र के गुंडिदिरी को अपना वर्तमान ठिकाना बनाकर पीएलएफआई घटना को बहुत ही चतुराई के साथ अंजाम दे रहा था। मिली जानकारी के अनुसार, पश्चिमी सिंहभूम जिला के पुलिस अधीक्षक अजय लिंडा को मिली गुप्त सूचना के सत्यापन व उसपर आवश्यक कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक अजय लिंडा व सीआरपीएफ 60 बटालियन के कमांडेंट आनंद जेराई के मानिटारिंग और सहायक पुलिस अधीक्षक सह चक्रधरपुर के अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी नाथू सिंह मीणा व सीआरपीएफ 60 बीटी के टुआईसी विकास सिंह के नेतृत्व में संयुक्त अभियान दल का गठन किया गया। जिसमें जिला पुलिस के सैट टीम व सीआरपीएफ के क्यूएटी टीम को जोड़ा गया। अभियान दल ने बंदगांव थाना क्षेत्र के ईटी-बिरदा पहाड़ के जंगल मे विचरण करते प्रतिबंधित संगठन पीएलएफआई के वांछित कमांडर अजय पूर्ति के साथ बंदगांव थाना क्षेत्र के ओमन गांव के तितुस सांडी पूर्ति का पुत्र अकीला सांडी पूर्ति (22), टेबो थाना क्षेत्र के ओलमोकोद के मनसुख कंडुलना का पुत्र डुपन उर्फ तोपान कंडुलना(20), बंदगांव थाना क्षेत्र के किता गांव के एतवा सांडी पूर्ति का पुत्र हेरमन सांडी पूर्ति उर्फ सुखराम (19), बंदगांव थाना क्षेत्र के कोंसिया (सिरजम टोला)के रामसाय मुंडा का पुत्र दोसरो मुंडा (25) व स्व जोसेफ सांडी पूर्ति का पुत्र पौलुस सांडी पूर्ति (22), बंदगांव थाना क्षेत्र के कोनतरी गांव के गालू सांडी पूर्ति (19), बंदगांव थाना के सिंदुरिबेडा के जोहन सिरुम का पुत्र प्रभुसहाय सिरुम (26) को दबोच लिया। जिसके आलोक में बंदगांव थाना कांड संख्या 11/2021 दिनांक 21.07.2021 के तहत भादवि,शस्त्र अधिनियम, यूपीए, सीएलए एक्ट के सुसंगत धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज कर अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है । इस दरम्यान उनके पास से दो देसी कट्ठा, आठ जिंदा गोली, बीएओएफइएनजी कम्पनी का एक वायरलेस सेट एवं चार्जर, पांच मोबाइल फोन, 06 सिमकार्ड, 05 पिट्ठू व हैंड बैग, 02 बाइक, एक सीलिंग, पीएलएफआई संगठन के लेवी मांगने वाला पर्चा व चंदा रसीद एवं अन्य दैनिक जरूरत के सामान बरामद किए गए। उक्त अभियान में सीआरपीएफ 60 बीटी के सहायक समादेष्टा देशराज, बंदगांव थाना प्रभारी सुबोध सिंह मुंडा, पुअनि अविनाश कुमार, निर्भय कुमार, कुमार प्रभात रंजन, अमरजीत के अलावा सीआरपीएफ 60 बीटी के सचिन कुमार व अवनीश कुमार ने भी अहम भूमिका निभायी।
मेदिनीनगर। रिमांड होम से एक बार फिर तीन बाल कैदी फरार हो गये। तीनों नाबालिग हत्या, दुष्कर्म जैसे आपराधिक मामलों के आरोपी हैं। रिमांड होम के कमरे की खिड़की में लगी ग्रिल को काटकर नाली के रास्ते तीनों भाग निकले। बुधवार की सुबह गिनती के दौरान यह पता चला कि तीन बाल कैदी कैंपस में नहीं हैं। बाल कैदियों के भागने की करतूत सीसीटीवी में कैद हो गयी। घटना की जानकारी मिलने के बाद सदर एसडीओ राजेश साह और जिला समाज कल्याण पदाधिकारी नीता चैहान ने रिमांड होम पहुंचकर घटना की जानकारी ली । उनके भागने का पता लगाया जा रहा है। पहचान के बाद उनके परिजनों से संपर्क साधा गया है। जानकारी के अनुसार रिमांड होम से भाग जाने की घटना मंगलवार की रात 11:09 बजे की है। फरार होने वाले बाल कैदी चैनपुर, रेहला और धनबाद के रहने वाले हैं। चैनपुर का बाल कैदी पूर्व में भी भागा था, लेकिन बाद में उसने सरेंडर कर दिया था। रिमांड होम का संचालन समाज कल्याण विभाग द्वारा किया जाता है।
रांची। चेशायर होम स्थित तृणमूल कांग्रेस झारखंड कार्यालय में बुधवार को शहीद दिवस मनाया गया। जिसमें 1993 में कोलकता स्थित राइटर्स बिल्डिंग के समीप मारे गये 13 कार्यकर्ताओं का श्रद्धांजलि दी गयी। मौके पर वरिष्ठ टीएमसी नेता कुमुद रंजन ने बताया कि प्रत्येक वर्ष 21 जुलाई को हम सभी शहीद दिवस मनाते हैं। मारे गये कार्यकर्ताओं के सम्मान में पार्टी कार्यालय का झंडा 24 घंटे के लिए झुका दिया गया। मौके पर दयानंद सिंह, संजय पांडे, सुधांशु साहा, उदय भानु सिंह, फिल्मोन टोप्पो, अरविंद गुप्ता, अशोक शर्मा, किशोर मिंज, हिमांशु सिंह, सतेंद्र साहू, नसीम अंसारी, अर्जुन लोहार, मिथलेश ठाकुर, सुरेश महतो आदि कई लोग उपस्थित थे।
महुआडांड़। महुआडांड़ एसडीपीओ राजेश कुजूर के नेतृत्व में महुआडांड़ थाना पुलिस ने मंगलवार को अहले सुबह अक्सी जंगल से छापामारी कर प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन जेजेएमपी के एरिया कमाण्डर समेत दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। गिरफ्तार उग्रवादियों में नसीम अंसारी पिता कयूम अंसारी, ग्राम लुरगुमी, वर्तमान पता फुलवार बगीचा एवं राम प्रसाद लोहरा पिता सुरेन्द्र लोहरा, ग्राम बासकरचा, दोनों थाना महुआडांड जिला लातेहार का नाम शामिल हैं। इस संबंध में महुआडांड एसडीपीओ राजेश कुजूर ने बताया कि हमें गुप्त सूचना मिली थी कि प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन जेजेएमपी के दो उग्रवादी महुआडांड थाना क्षेत्र स्थित अक्सी जंगल में घूम रहे हैं। सूचना के आधार पर छापेमारी दल का गठन कर अभियान चलाकर उक्त दोनों उग्रवादियों को गिरफ्तार कर लिया गया। साथ ही इस दरम्यान नेतरहाट थाना क्षेत्र स्थित ग्राम छगराही से नसीम अंसारी के द्वारा एक माह पूर्व अपहृत की गई एक लड़की को भी महुआडांड़ थाना पुलिस ने बरामद करने में सफलता हासिल की। वही दोनों की तलाशी के दरम्यान उनके पास से एक पिस्टल, प्रतिबंधित बोर 7.65 एम.एम. का 7 गोली, पीठु जिसमें वर्दी एवं अन्य समान रखा हुआ, टीभीएस मोटरसाइकल एवं देशी पिस्तौल बनाने का सामग्री एवं अर्धनिर्मित देशी पिस्तौल, मोबाइल सेट बरामद हुए। साथ ही गिरफ्तार उग्रवादी संगठन जेजेएमपी के दोनों उग्रवादियों पर कई थानों में दर्जनों मामले दर्ज हैं। प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन जेजेएमपी के महुआडांड क्षेत्र के एरिया कमाण्डर नसीम अंसारी लातेहार जिले के चार थाना क्षेत्र महुआडांड, गारू, नेतरहाट एवं बारेंसाढ़ में आतंक मचा रखा था। इसकी गिरफ्तारी होने से जंहा एक और आम नागरिकों को राहत मिली है तो वहीं प्रशासन का सिरदर्द भी कम हुआ। एसडीपीओ राजेश कुजूर ने बताया कि गिरफ्तार उग्रवादियों के द्वारा कई अपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया गया है। जिसमें वर्तमान में मुख्य रूप जंगसी चैनपूर में बन रहे 132/33 के.वी. का पावर ग्रिड में गाड़ी जलाने एवं फायरिंग करने, ग्राम तम्बोली के नाबालिक के साथ बलात्कार करने के अलावे विकास योजनाओं का कार्य कर रहे ठीकेदारों एवं ईंट भट्टा मालिकों से जबरन लेवी वसुली करने का कार्य शामिल है। एसडीपीओ राजेश कुजूर ने बताया कि नेतरहाट थाना क्षेत्र स्थित ग्राम छगराही की रहने वाली एक युवती का एरिया कमाण्डर नसीम अंसारी के द्वारा एक माह पूर्व अपहृरण कर लिया गया था तथा जबरन साथ रख कर उसके साथ दु:कर्म कर रहा था। लड़की के परिजनों के द्वारा डर से इसकी सूचना थाने तक को नही दिया गया। गिरफ्तार उग्रवादी राम प्रसाद लोहरा के निशान देही पर महुआडांड थाना पुलिस ने मिनी गन फैक्टरी का भी उद्भेदन किया है। इसकी जानकारी देते हुए महुआडांड एसडीपीओ राजेश कुजूर ने बताया कि गिरफ्तार उग्रवादी राम प्रसाद लोहरा अपने घर पर ही मिनी गन फैक्टरी लगा रखा था। जंहा कई हथियार भी मिले। एसडीपीओ राजेश कुजूर ने बताया कि महुआडांड़ थाना में कांड संख्या 52/21 एवं 53/21 धारा 25 (1बी)/26/35 आर्म्स एक्ट, धारा 366/ 376 भादवि एवं 17 सी. एल.ए. एक्ट के तहत मामला दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। छापेमारी दल में एसडीपीओ राजेश कुजूर, महुआडांड थाना प्रभारी असीम रजक, पुअनि करण कुमार यादव समेत जिला पुलिस बल के जवान एवं सैफ के जवान शामिल थे।
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