दुमका। दुमका पुलिस को बड़ी सफलता हासिल मिली है। एक लाख का ईनामी नक्सली ने पुलिस के समक्ष आत्मसर्पण किया है। सरकार के आत्मसर्पण व पुनर्वास नीति के तहत बुधवार को भाकपा माओवादी संगठन के एक नक्सली सदस्य गंगा प्रसाद राय ने देशी राइफल समेत जिला प्रशासन के समक्ष आत्मसर्पण किया है। समर्पण करने वाला नक्सली जिले के काठीकुंड थाना क्षेत्र के मंझला सरुआपानी गांव निवासी है। सरकार के प्रत्यर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत भाकपा माओवादी संगठन सदस्य नक्सली गंगा प्रसाद राय ने आत्मसमर्पण किया है। इसकी जानकारी डीआईजी सुदर्शन मंडल, एसएसबी डीआईजी टी शेरिंग डोजे, डीसी रविशंकर शुक्ला एवं एसपी अम्बर लकड़ा ने एसपी कार्यालय में प्रेसवार्ता कर दी। डीआईजी ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली सदस्य को पुनर्वास नीति के तत्काल एक लाख का नगद चेक, शिक्षा, आवास और रोजगार समेत अन्य मद में करीब कुल 10 लाख सहायता राशि प्राप्त होगी। डीआईजी ने बताया कि गंगा प्रसाद वर्ष 2014-21 तक दस्ता का सदस्य था। वर्ष 2016 में काठीकुंड थाना क्षेत्र के बसकिया जंगल में नाजायज मजमा और विस्फोटक छुपाकर रखने एवं रामगढ थाना क्षेत्र में लेवी वसूली करने के दर्ज मामले का दोषी है। आत्मसमर्पण करने वाला सदस्य भाकपा माओवादी के जोनल कमांडर विजय दा उर्फ नंदलाल माझी, कमेटी सदर ताला दा के साथ काम कर चुका है। इस अवसर पर डीआईजी समेत आलाधिकारियों ने मुख्य धारा से भटके लोगों से राज्य सरकार के पुर्नवास नीति के तहत समाज के मुख्य धारा से जुड़ने का अपील करते हुए कहा कि सरकार और प्रशासन आत्मसर्पण करने वाले को हर संभव मदद करेगी। समय रहते मुख्य धारा से जुड़ समाज के विकास में भटके युवा सहयोग करें, अन्यथा प्रशासन कानूनी कार्रवाई करते हुए मार गिरायेगी।
रांची। धनबाद के एडीजी उत्तम आनंद की मौत के मामले में सीबीआई ने केस दर्ज कर लिया है। झारखंड सरकार ने बीते एक अगस्त को इस मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। राज्य सरकार की अनुशंसा पर केंद्र द्वारा नोटिफिकेशन जारी किये जाने के बाद सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर ली है। तीन अगस्त को झारखंड हाईकोर्ट ने भी इस मामले की सीबीआई जांच का आदेश दिया था। इसके पहले तक मामले की जांच झारखंड पुलिस द्वारा गठित एसआईटी कर रही थी। बता दें कि गत 28 जुलाई को धनबाद के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्ककक उत्तम आनंद को एक आटो ने उस वक्त अपनी चपेट में ले लिया था, जब वह मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। घटना के कुछ घंटे बाद जब घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया तो यह साफ तौर पर दिखा कि सड़क के बिल्कुल बायें किनारे में जॉगिंग कर रहे एडीजे उत्तम आनंद को आॅटो ने जान बूझकर धक्का मार दिया। वह सड़क के किनारे गिर पड़े और उन्हें धक्का मारने के बाद आॅटो बगैर रुके आगे बढ़ गया। दूसरे दिन पुलिस ने एडीजे को टक्कर मारने वाले आॅटो को गिरिडीह से जब्त किया था। पुलिस ने आॅटो चालक लखन वर्मा और उसके साथी को भी गिरफ्तार किया था, जिससे पूछताछ चल रही है। एडीजे की पत्नी ने शुरूआत में ही इस मामले को हत्या बताते हुए थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी। एडीजे के पिता ने भी मीडिया से बातचीत में कहा था कि उनके सिर पर रॉडनुमा किसी वस्तु से प्रहार किया गया था। पोस्टमार्टम में भी बताया गया है कि एडीजे की मौत की सिर पर चोट लगने की वजह से हुई है। उन शरीर पर तीन बाहरी और सात अंदरूनी चोट लगी थी। उनके जबड़े की भी कई हडिड्यां टूटने की बात पोस्टमार्टम में कही गयी थी। बता दें कि एडीजे उत्तम आनंद की मौत के इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी संज्ञान लिया है। बीते गुरुवार को झारखंड हाई कोर्ट में भी इस मसले पर सुनवाई हुई थी। हाई कोर्ट ने इस मामले में झारखंड के डीजीपी और धनबाद के एसपी से भी जवाब तलब किया था। धनबाद पुलिस ने जज की मौत मामले में आॅटो चालक लखन वर्मा एवं उसके सहयोगी राहुल वर्मा को गिरफ्तार किया है और ब्रेन मैपिंग टेस्ट कराने की अनुमति मांगी थी। आरोपियों की रजामंदी लेकर न्यायालय ने ब्रेन मैपिंग टेस्ट की मंजूरी दे दी। सीजेएम ने दोनों आरोपियों से बारी-बारी से उनका पक्ष जाना। दोनों को ब्रेन मैपिंग टेस्ट के बारे में जानकारी दी गई। आरोपी कोर्ट के समक्ष ब्रेन मैपिंग कराने के लिए तैयार हो गए।
गढ़वा। गढ़वा विधायक झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने सावन की दूसरी सोमवारी पर बाबा खोन्हरनाथ तोरणद्वार का फीता काटकर एवं पूजा अर्चना कर उद्घाटन किया। शहर के समीपवर्ती गिजना गांव स्थित बाबा खोन्हरनाथ मंदिर तक पहुंचने के लिए गढ़वा-शाहपुर मार्ग पर तिलदाग गांव में बने तोरणद्वार का उद्घाटन किया गया। जबकि पीडब्लयूडी मुख्य पथ से बाबा खोन्हरनाथ मंदिर का पथ निर्माण का मंत्री ने पूजा अर्चना कर एवं नारियल फोड़कर शिलान्यास किया। इस दौरान मंदिर परिसर में प्रसाद वितरण एवं भव्य भंडारा कार्यक्रम हुआ। ज्ञात हो कि तोरणद्वार का निर्माण मंत्री ने निजी कोष से किया है। मंदिर परिसर में मंत्री श्री ठाकुर, पलामू आयुक्त जटाशंकर चौधरीे, उपायुुक्त राजेश कुमार पाठक, उप विकास आयुक्त एसएन उपाध्याय ने पौधरोपण किया। मौके पर बाबा खोन्हरनाथ मंदिर श्राईन ट्रस्ट गिजना के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि बाबा खोन्हरनाथ महादेव की कृपा एवं गढ़वा की जनता के आशीर्वाद से गढ़वा की सेवा करने का अवसर प्राप्त हुआ है। इसे वे आजीवन नहीं भूल सकते हैं। गढ़वा के विकास की सपना को वे हर हाल में पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि गढ़वा की हर छोटी-बड़ी समस्या से वे अवगत हैं। गढ़वा को विकास के पथ पर सबसे उपर पायदान में पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है। वे एक ईमानदार संकल्प के साथ गढ़वा के विकास में तन, मन, धन से लगे हुए हैं। कोरोना के भयावह संक्रमण काल में भी जनता से विमुख नहीं हुए। हमेशा जनता के साथ जुड़कर रहे। मंत्री श्री ठाकुर ने बाबा खोन्हरनाथ से अपने राज्य, देश सहित संपूर्ण विश्व से कोरोना माहामारी को समाप्त कर अमन चैन प्रदान करने की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में झारखंड ने सबसे गरीब राज्य होने एवं काफी कम संसाधन होने के बावजूद काफी बेहतर तरीके से मुकाबला किया। झारखंड का डंका भारत ही नहीं पूरी दुुनिया मेंं बजा। कार्यक्रम में मंत्री श्री ठाकुर ने सड़क निर्माण के भूमि दानकर्ता रामप्रसाद यादव एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियोंं को सम्मानित भी किया। मौके पर सिविल सर्जन डॅ कमलेश कुमार, गढ़वा जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गौतम कृष्ण सिन्हा, परशुराम तिवारी, परेश तिवारी, गढ़वा नप अध्यक्ष पिंकी केशरी, श्राईन ट्रस्ट के अध्यक्ष मनोेज कुमार तिवारी, संजय तिवारी, दिलीप तिवारी, सच्चिदा तिवारी, झामुुमो जिलाध्यक्ष तनवीर आलम, सचिव मनोेज ठाकुर, महिला मोेर्चा जिलाध्यक्ष अंजली गुुुप्ता, प्रवक्ता धीरज दुबे, आशुतोेष पांडेय, विधायक प्रतिनिधि जितेन्द्र सिन्हा, कंचन साहू, नितेश सिंह, नवीन तिवारी, देवराज उपाध्याय, राजकिशोर यादव सहित काफी संख्या मेंं कार्यकर्ता व ग्रामीण उपस्थित थे।
महुआडांड़। महुआडांड़ थाना पुलिस ने थाना क्षेत्र अंतर्गत चेतमा ग्राम के जोड़ा जामुन के समीप तालाब के किनारे अज्ञात अर्धनग्न युवती की हत्या का खुलासा कर दिया है। महुआडांड़ थाना परिसर में सोमवार को आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में एसडीपीओ राजेश कुजूर ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस ने 7 जुलाई को चेतमा ग्राम से एक युवती का शव अर्द्धनग्न अवस्था में बरामद किया था जिसकी पहचान थाना क्षेत्र के सेम्बरबुढ़नी ग्राम निवासी अंजलि कुमारी पिता बिरेन्द्र लोहरा के तौर पर की गई थी। पुलिस ने अनुसंधान करते हुए कांड में शामिल अपराधकर्मी संतोष बृजिया(39) पिता सुखराज बृजिया ग्राम चेतमा थाना महुआडांड़ एवं अनिल बृजिया(18) पिता विलियम बृजिया ग्राम सुगाबांध थाना महुआडांड़ को गिरफ्तार कर लिया। वही घटना के संबंध में एसडीपीओ राजेश कुजूर ने बताया कि मृतका के साथ इन दोनों के अलावा अन्य 5 अभियुक्तों ने बलात्कार किया एवं बलात्कार के क्रम में उसकी मौत हो गई। जिसके उपरांत अभियुक्तों द्वारा उसे घसीटते हुए जोड़ा जामुन के पास तालाब के गड्ढे में फेंक दिया गया एवं मृतका का बैग घटनास्थल से करीब 100 गज की दुरी पर जंगल में फेंक दिया जिसे अभियुक्तों की निशानदेही पर बरामद किया गया। वही पुलिस ने अन्य अभियुक्त का खुलासा उनकी गिरफ्तारी के बाद किया जाएगा।
रामगढ़ पलामू। प्रतिबंधित नक्सली संगठन जेजेएमपी के द्वारा ग्रामीणों की पिटाई के मामले में रामगढ़ पुलिस ने सक्रियता दिखाई है। पलामू एसपी के निर्देश पर गठित टीम ने कार्रवाई करते हुए इस मामले में तीन नक्सली समर्थकों को गिरफ्तार किया है। रामगढ़ थाना प्रभारी प्रभात रंजन राय के नेतृत्व में अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की गयी। गिरफ्तार आरोपियों में जितेंद्र पासवान, उदय सिंह और संजय प्रसाद का नाम शामिल है। समाचार के अनुसार 28 जुलाई को रामगढ़ थाना क्षेत्र के नावाडीह में कृष्णा मोची और काशीनाथ सिंह के घर में घुसकर लेवी नहीं देने और पुलिस की मुखबिरी करने को लेकर जेजेएमपी ने मारपीट की थी। इस घटना में कई लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए थे। घटना के बाद रामगढ़ थाना में 18 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसमें जेजेएमपी के एरिया कमांडर सूंदर जी सहित 8 सदस्यों को नामजद आरोपी बनाया गया था। इसके अलावे चार अज्ञात और समर्थकों को भी आरोपी बनाया गया था। इधर रामगढ़ थाना प्रभारी प्रभात रंजन राय ने बताया कि इस घटना में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस छापेमारी कर रही है। छापेमारी टीम में थाना प्रभारी के अलावा पुलिस अवर निरीक्षक मनोज कुमार, एसआई संजय कुमार समेत रामगढ़ थाना के अन्य जवान भी शामिल थे।
रांची। कोरोना संक्रमण के कारण पिछले 4 माह से बंद 9वीं से लेकर 12वीं तक के कक्षा को फिर से संचालन की अनुमति दी गई है। कोरोना महामारी के लिए जारी प्रोटोकॉल का ध्यान रखते हुए कक्षा का संचालन होगा। इसे लेकर एक तरफ जहां स्कूलों की ओर से तैयारियां की जा रही हैं। वहीं दूसरी ओर अभी भी अभिभावक असमंजस की स्थिति में हैं। 9वीं से 12वीं तक की कक्षा का संचालन : सीएम हेमंत सोरेन के पर राज्य के आपदा विभाग ने 9वीं से लेकर 12वीं तक के बच्चों के लिए कक्षा के संचालन की अनुमति दी है। बता दें कि राज्य में कोरोना महामारी की रफ्तार फिलहाल कम है। इसी को लेकर स्कूल खोलने को विचार किया जा रहा है। शिक्षा और साक्षरता विभाग के सचिव राजेश शर्मा खुद इस मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। फिलहाल राज्य के हाई स्कूल और प्लस टू विद्यालयों के सभी शिक्षक सोमवार से स्कूल आएंगे और स्कूलों की गतिविधियों को व्यवस्थित करेंगे। कक्षा संचालन से पहले विद्यालयों की साफ-सफाई और सेनेटाइज करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। फिर बच्चों के लिए स्कूल खोला जाएगा। निजी स्कूल लेंगे अभिभावकों की राय : जानकारी के मुताबिक राज्य में लगभग 2 हजार 286 सरकारी विद्यालयों में पठन-पाठन दोबारा शुरू होने वाला है। वहीं निजी स्कूल के प्रबंधक इस मामले को लेकर अभिभावकों की राय का इंतजार कर रहे हैं। अभिभावकों से विचार विमर्श करने के बाद निजी स्कूल विद्यार्थियों को स्कूल बुलाने के बारे में विचार करेंगे। सोमवार (2 अगस्त 2021) से निजी स्कूलों में भी शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारियों की शत प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य की गई है। बताते चलें कि झारखंड एकेडमिक काउंसिल की ओर से रिजल्ट जारी करने के बाद अब राज्य के सरकारी प्लस टू विद्यालयों और कॉलेजों में नामांकन की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके मद्देनजर भी विद्यालयों को खोले जाने का निर्देश जारी किया गया है। 9 अगस्त से बच्चे जाएंगे स्कूल : सरकार के निर्देश के बाद 9 अगस्त से सीनियर क्लास के बच्चे स्कूल आना शुरू करेंगे। स्कूल खुलने पर बच्चों और विद्यालयों दोनों को सरकारी गाइडलाइन का पालन करना अनिवार्य होगा। सरकारी गाइडलाइन को जानिए : स्कूल परिसर को साफ सुथरा रखना और सेनेटाइेजशन की व्यवस्था अनिवार्य होगी। शिक्षक, विद्यार्थी और अन्य स्टाफ के लिए मास्क, ग्लब्स अनिवार्य होगा। कक्षाओं में छात्रों को जिग-जैग सिस्टम के तहत बैठाने की व्यवस्था करनी होगी। स्कूलों में सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रखने की अनिवार्यता होगी। सर्दी, जुकाम या फिर बुखार आने पर शिक्षक, छात्रों और दूसरे स्टाफ स्कूल नहीं आएंगे। कोविड प्रोटोकॉल के पालन को लेकर बच्चों की निगरानी की व्यवस्था करनी होगी। छात्र और छात्राएं अभिभावकों की सहमति के बाद ही स्कूल आ सकेंगे। विद्यार्थियों को स्कूल आने के लिए अभिभावकों से शपथ पत्र भरवा कर लाना होगा। स्कूलों में छात्र-छात्राओं का अटेंडेंस अनिवार्य नहीं होगा। जो छात्र-छात्रा स्कूल आकर ऑफलाइन पढ़ाई करना चाहेंगे वही स्कूल आएंगे। स्कूल आने से पहले बच्चों को यह शपथ पत्र देना होगा कि उनके परिवार में कोई कोरोना पीड़ित नहीं हैं या हाल में वे किसी कोरोना संक्रमित के संपर्क में नहीं आए हैं।
देवघर। कम समय में ज्यादा पैसे कमाने के लालच में अब साइबर अपराध के धंधे में महिलाओं ने भी इंट्री मारी है। ऐसा ही मामला सामने आया है देवघर जिला में। जहां कुंडा थाना के चांदडीह का अल्ताफ अंसारी अपनी पत्नी के साथ सीएसपी की आड़ में साइबर अपराधियों को 20 प्रतिशत की राशि लेकर पैसों का पेमेंट करते थे। वहीं इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, देवघर साइबर थाना की पुलिस ने ग्यारह साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। साइबर थाना की पुलिस ने देवघर जिला के सारठ थाना क्षेत्र के नयाखरना, पथरड्डा ओपी क्षेत्र के घाघरा, मारगोमुण्डा थाना क्षेत्र के कानो और कुंडा थाना क्षेत्र के चांदडीह गांव से ग्यारह साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। शनिवार को इस बाबत आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में पूरे मामले की जानकारी देते हुए मुख्यालय डीएसपी मंगल सिंह जामुदा ने बताया कि इन साइबर अपराधियों के पास से 25 मोबाइल, 32 सिम कार्ड, 19 एटीएम कार्ड, 8 पासबुक, 6 चेकबुक, 4 स्वाइप मशीन और 19500 रुपया नकद बरामद किया गया है। गिरफ्तार अपराधियों में 33 वर्षीय सुनील महरा, 24 वर्षीय बलराम मंडल, 21 वर्षीय सचिन मंडल, 24 वर्षीय बबलू मंडल, 27 वर्षीय मुरली दास, 30 वर्षीय सूचित दास, 19 वर्षीय रमेश दास, 23 वर्षीय पंकज दास, 35 वर्षीय अल्ताफ अंसारी, 25 वर्षीय फुरकान अंसारी और 19 वर्षीय मोहम्मद कैफ नाम शामिल है। डीएसपी द्वारा यह जानकारी दी गयी कि गिरफ्तार साइबर अपराधी अल्ताफ अंसारी अपनी पत्नी के साथ सीएसपी चलाता है। जबकि गिरफ्तार सुनील महरा पूर्व में सारठ थाना में दर्ज एक मामले का अभियुक्त है। इसके अलावे डीएसपी ने बताया कि इन साइबर अपराधियों द्वारा साइबर ठगी की घटना को अंजाम देने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जाते थे। साइबर अपराधी गूगल सर्च इंजन का कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों को लॉटरी का प्रलोभन देकर पैसों की ठगी करते थे। साथ ही ये साइबर अपराधी फर्जी बैंक अधिकारी बनकर लोगों को फोन करते हैं और उन्हें बताते हैं कि उनका एटीएम बंद होने वाला है। इसके अलावा केवाइसी अपडेट कराने के नाम पर भी ठगी की जाती है। इन अपराधियों द्वारा साइबर ठगी के लिए गूगल पे का भी सहारा लिया जाता था। साथ ही साइबर अपराधियों द्वारा वर्चुअल पेमेंट एड्रेस के माध्यम से भी ठगी की जाती थी।
रांची। झारखंड सरकार ने धनबाद के एडीजे उत्तम आनंद की मौत के मामले की सीबीआई जांच कराने की अनुशंसा कर दी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस पर अपनी सहमति जता दी है। बता दें कि गत 28 जुलाई को धनबाद के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश उत्तम आनंद को एक आॅटो ने उस वक्त अपनी चपेट में ले लिया था, जब वह मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। घटना के कुछ घंटे बाद जब घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया तो यह साफ तौर पर दिखा कि सड़क के बिल्कुल बायें किनारे में जॉगिंग कर रहे एडीजे उत्तम आनंद को आॅटो ने जान बूझकर धक्का मार दिया। वह सड़क के किनारे गिर पड़े और उन्हें धक्का मारने के बाद आॅटो बगैर रुके आगे बढ़ गया। दूसरे दिन पुलिस ने एडीजे को टक्कर मारने वाले आॅटो को गिरिडीह से जब्त किया था। पुलिस ने आॅटो चालक लखन वर्मा और उसके साथी को भी गिरफ्तार किया था, जिससे पूछताछ चल रही है। एडीजे की पत्नी ने शुरुआत में ही इस मामले को हत्या बताते हुए थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी। एडीजे के पिता ने भी मीडिया से बातचीत में कहा था कि उनके सिर पर रॉडनुमा किसी वस्तु से प्रहार किया गया था। पोस्टमार्टम में भी एडीजे की मौत की वजह किसी कठोर वस्तु से सिर में चोट लगना बताया गया है। बता दें कि एडीजे उत्तम आनंद की मौत के इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी संज्ञान लिया है। बीते गुरुवार को झारखंड हाई कोर्ट में भी इस मसले पर सुनवाई हुई थी। हाई कोर्ट ने इस मामले में झारखंड के डीजीपी और धनबाद के एसपी से भी जवाब तलब किया था। फिलहाल इस मामले की जांच झारखंड पुलिस द्वारा गठित की गई स्पेशल इन्वेस्टिगेटिव टीम एसआईटी कर रही है, जिसके मुखिया सीनियर आईपीएस संजय आनंद लाटेकर हैं।
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