झारखंड

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Published / 2021-11-07 17:55:12
2024 में झारखण्ड में बनेगी भाजपा की सरकार : प्रदेश प्रभारी

लएबीएन डेस्क, रांची। बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव एवं झारखंड प्रभारी दिलीप सैकिया ने कहा कि झारखंड में बीजेपी को और मजबूत करना है। संगठन में प्राण फूंकना है। इस महीने मैं झारखंड जा रहा हूं प्रदेश स्तरीय नेताओं के साथ बैठक भी करूंगा। जो भी कमी है उसको दूर करूंगा ताकि संगठन और धारदार बन सके। सैकिया का दावा है कि 2024 में होने वाले झारखंड विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में भाजपा की सरकार बनेगी। झारखंड प्रभारी दिलीप सैकिया ने कहा कि 2024 में झारखंड में विधानसभा चुनाव होना है। 2024 में चुनाव के बाद झारखंड में बीजेपी की सरकार बनेगी। झारखंड की मौजूदा सरकार हर मोर्चे पर फेल साबित हो रही है। पेट्रोल एवं डीजल पर झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने वैट कम नहीं किया, जिससे दाम कम नहीं हो रहे हैं। झारखंड की जनता परेशान है। जनता इन लोगों को कभी माफ नहीं करेगी। जब दाम बढ़े हुए थे, तो झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस समेत अन्य दल केंद्र सरकार पर निशाना साध रहे थे। अब तो केंद्र सरकार ने पेट्रोल डीजल पर एक्साइज ड्यूटी (excise duty) कम कर दिया है। भाजपा शासित राज्यों ने वैट भी कम किए : झारखंड प्रभारी बता दें पेट्रोलियम उत्पादों के बेतहाशा बढ़ते दामों से देश की बड़ी आबादी में फैले असंतोष को देखते हुए केंद्र सरकार ने बीते बुधवार को उत्पाद शुल्क में कटौती की घोषणा की थी। इसके बाद पेट्रोल पर लागू उत्पाद शुल्क में ₹5 प्रति लीटर और डीजल पर ₹10 प्रति लीटर की कटौती की गई। इसके अलावा भाजपा एवं एनडीए शासित राज्यों ने वैट में भी कमी कर दी। इससे देश के 22 प्रदेशों में पेट्रोल एवं डीजल के दामों में अलग-अलग स्तर की कटौती देखी गई है, लेकिन कांग्रेस और गैर भाजपा शासित राज्यों में पेट्रोल डीजल पर वैट नहीं घटाया गया। केंद्र की उपलब्धियों को लोगों तक ले जाएंगे : दिलीप सैकिया रविवार को दिल्ली में बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई। इस बैठक में झारखंड के भाजपा प्रभारी दिलीप सैकिया भी शामिल हुए थे। बैठक पर उन्होंने कहा कि अगले साल यूपी, पंजाब समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। पार्टी की क्या रणनीति हो उस पर मंथन हुआ। देशभर में बीजेपी के संगठन को और कैसे मजबूत किया जाए इस पर वार्ता हुई। 100 करोड़ लोगों का वैक्सीनेशन कराया जा चुका है। इसके लिए हम लोगों ने केंद्र सरकार को धन्यवाद दिया। पीएम मोदी का जो 7 साल का कामकाज रहा है उस पर वार्ता हुई। केंद्र सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक हम लोग ले जाएंगे।

Published / 2021-11-07 14:09:06
विकासशील भारत ने विकसित देशों से भी बड़ी उपलब्धि हासिल की

रांची (सुनीता सिंह)। भारत ने 21 अक्टूबर 2021 को पूरी दुनिया में इतिहास रच दिया। भारत ने इस दिन 100 करोड़ से अधिक का कोरोना - टीकाकरण का लक्ष्य हासिल कर पूरी दुनिया के सामने एक मिसाल पेश की है। यह एक ऐसी मिसाल है, जिसे पूरा विश्व महामारी काल में भारत की एक और महान उपलब्धि के रूप में देख रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को आगे बढ़ाने की जबर्दस्त मुहिम और कोशिश चलाई जा रही थी और देश निरंतर प्रगति की ओर आगे बढ़ा जा रहा था। इसी बीच इस कोशिश में एक विकराल बाधा के रूप में कोरोना महामारी दुनिया और देश के समक्ष सामने आया ।इस महामारी के समक्ष पूरी दुनिया एक तरफ बेबस दिखाई दे रही थी, तो दूसरी तरफ देश का पूरा विपक्ष इसे मोदी सरकार के खिलाफ एक राजनीतिक अवसर के रूप में देख रही थी। ऐसे कठिन समय में नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में इस विकराल आपदा और कठिन चुनौती को दृढ़ संकल्प तथा ठोस रणनीति के तहत न सिर्फ पार ही किया, बल्कि इतनी बड़ी आपदा को अवसर में बदल कर पूरी दुनिया के सामने अद्भुत उपलब्धि पेश किया। दुनिया के इस सबसे बड़े टीकाकरण अभियान की शुरुआत भारत में इसी साल 16 जनवरी को हुई थी और 9 महीनों यानी सिर्फ 279 दिनों में 135 करोड़ आबादी वाले भारत में 100 करोड़ वैक्सीन डोज का कठिन लक्ष्य हासिल कर लिया गया। इसमें 75% वयस्क आबादी को टीके की एक खुराक और 30% आबादी को दोनों खुराक मिली ।103.5 करोड़ से अधिक टीके की खुराक राज्यों को दी गई।98.15% कोरोना से स्वस्थ होने की दर रही। 85 दिनों में प्रथम 10 करोड़ डोज और अंतिम 10 करोड़ का लक्ष्य 19 दिनों में पूरा हुआ। इसमें 71 करोड लोगों को एक टीका और करीब करीब 30 करोड़ लोगों को दोनों टीके लग चुके हैं। वैसे तो आंकड़ों के नंबर के खेल में फिलहाल चीन पहले नंबर पर और भारत दूसरे नंबर पर है। लेकिन जैसे चीन की वैक्सीन की विश्वसनीयता पर लोगों को शक है। वैसे ही उसके टीकाकरण के आंकड़ों को लेकर भी हैं। वर्तमान में भारत, यूरोप, अमेरिका, ब्राजील, जापान, जर्मनी, रूस, फ्रांस, ब्रिटेन, इटली जैसे तमाम देशों से आगे हैं। शुरुआती चरणों के अप्रैल और मई (2021) के टीकाकरण में भारत सबसे आगे था। 17 सितंबर को सर्वाधिक 2.52 करोड़ टीका लगाई गई। आइए प्रमुख देशों के टीकाकरण पर एक नजर डालते हैं : भारत 100 करोड़, अमेरिका 40.9 करोड़, ब्राजील 25.9 करोड़, इंडोनेशिया 17.3 करोड़, जापान 18.2 करोड़, जर्मनी 11 करोड, फ्रांस 9.74 करोड़, रूस 9.59 करोड़, यूनाइटेड किंगडम 9.49 करोड़, पाकिस्तान 9.36 करोड़ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया में अकेले ऐसे नेता हैं, जिन्होंने इस पूरे कैंपन को फ्रंट से लीड किया। उन्होंने अपने संबोधन के माध्यम से लोगों से संपर्क बनाकर रखा। जनता को संबल दिया। कोरोना की पहली लहर के दौरान ही कोरोना को लेकर19 मार्च से 20 अक्टूबर 2020 तक देश की जनता को सात बार संबोधित कर चुके थे। प्रधानमंत्री जी ने इस दौरान नारे दिए जैसे जान भी जहान भी, 2 गज की दूरी मास्क है जरूरी, जब तक दवाई नहीं तब तक ढिलाई नहीं और दवाई भी कड़ाई भी।इन नारों का जनता पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ा। प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना की दूसरी लहर में 20 अप्रैल 21 को आठवीं बार देश की जनता को सम्बोधित किया। अप्रैल का यह महीना काफी खतरनाक था, लेकिन युद्ध स्तर पर ऐसे कदम उठाए गए कि 15 दिनों के भीतर ही स्थितियां नियंत्रण में आने लगी। इस संकट में मोदी जी देश के संकटमोचक बनकर उभरे। रातों-रात विश्व के कई देशों से ऑक्सीजन के अनेक टैंक और वेंटिलेटर हवाई मार्ग से मंगाए गए। तीव्र गति से नए गैस प्लांट लगाए गए। रुके प्लांट में तुरंत ऑक्सीजन उत्पादन शुरू कराया गया। ये सब किसी चमत्कार से कम नहीं था। ऐसे प्रयास से देश ऑक्सीजन संकट ही नहीं कोरोना संकट से भी काफी दूर हो गया। कोरोना लहर के भारत आगमन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता कर्फ्यू की घोषणा कर कोरोना के विरुद्ध बड़ा अभियान छेड़ दिया था और उनकी एक आवाज पर भारत एकजुट हो गया, जबकि विपक्ष जनता कर्फ्यू को विफल करने में पूरी ताकत झोंक दी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना महामारी के गंभीर संकट को समझते हुए मार्च 2020 में ही इसकी रोकथाम और बचाव की कमान अपने हाथ में लेकर एक के बाद एक कारगर कदम उठाए। प्रधानमंत्री को देश की जनता सहित पूरी दुनिया ने सराहा, लेकिन देश के विपक्ष को मोदी जी की लोकप्रियता बर्दाश्त नहीं थी। वह लगातार घटिया राजनीति और शर्मनाक बातें करती रही और देश की जनता को मोदी जी के खिलाफ भड़काती रही। चाहे जनता कर्फ्यू, थाली पीटना, लॉकडाउन लगाना और जल्द टीका तैयार करने का मामला हो, विरोध के सिवा इनके पास कोई काम नहीं था। लेकिन एक अरब वैक्सीन का डोज लगना इस बात का प्रमाण है कि लोगों ने विपक्ष को नकारा और पीएम की बातें सुनी। और सबसे बड़ी बात है कि भारत में कोरोना को हराने में विश्व के मुकाबले तीव्र गति से चल रहे टीकाकरण और इसकी सफलता ने अंतरराष्ट्रीय जगत में खुलकर मोदी जी की प्रशंसा की और बधाई संदेश दिए। विश्व बैंक के अध्यक्ष, संयुक्त राष्ट्र, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने प्रशंसा की और प्रशंसा हो भी क्यों न? प्रधानमंत्री जी ने असंभव को संभव कर के जो दिखाया। कोरोना की पहली लहर आयी तब देश में मास्क, सेनिटाइजर, पीपीई किट्स और वेंटिलेटर जैसी सभी वस्तुओं का जबर्दस्त अभाव था, लेकिन प्रधानमंत्री जी ने आत्मनिर्भर भारत का जो मूल मंत्र दिया, उससे देश की दिशा और दशा दोनों बदल गई। कुछ ही दिनों के बाद भारत में कोरोना के खिलाफ लड़ाई में जरूरत की सभी वस्तुओं का इतने बड़े पैमाने पर निर्माण शुरू हुआ कि विदेशों पर हमारी निर्भरता नहीं रही ।इधर देश के गरीबों को मुफ्त राशन दिया गया और दूसरी तरफ उद्योगों की सहायता के लिए 20 लाख करोड रुपया़ का पैकेज देकर देश की अर्थव्यवस्था को भी संभाले रखा। प्रधानमंत्री मोदी जी के प्रयास से पहली बार ऐसा हुआ कि भारत में कम समय में दो-दो टीका का निर्माण कर लिया गया। हमारे देश में न केवल मुफ्त टीके लग रहे हैं। बल्कि अर्थव्यवस्था भी पटरी पर लौट आई है। 100 करोड़ का वैक्सीन डोज विश्व को भी प्रेरित करता है कि भारत ने अपनी विशाल जनसंख्या और सीमित साधनों के बावजूद इतना सब करके दिखा दिया। बकौल प्रधानमंत्री 100 करोड़ वैक्सीन डोज केवल एक आंकड़ा नहीं, ये देश के सामर्थ्य का प्रतिबिंब है। हाल में संपन्न जी-20 देशों की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भरोसा दिलाया कि भारत अगले वर्ष तक 500 करोड़ वैक्सीन डोज का उत्पादन करने के लिए तैयार है, जिसका एक बड़ा हिस्सा दूसरे देशों को दिया जाएगा। हर देशवासी को अपने प्रधानमंत्री के इन महान कार्यों पर दूरदर्शिता पर गर्व होना चाहिए है। (लेखिका भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की सदस्य हैं।)

Published / 2021-11-06 16:25:50
केंद्र के तर्ज पर पेट्रोल में 5 और डीजल में 10 रुपये कम करे राज्य सरकार : दीपक प्रकाश

रांची। भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद दीपक प्रकाश ने कहा कि राज्य सरकार और उसमें शामिल दल झामुमो, कांग्रेस और राजद के पेट्रोल-डीजल की कीमत घटाने की दिशा में दोहरा चरित्र उजागर हुआ है।इस सरकार में खाने के दांत और हैं और दिखाने के और। कल तक पेट्रोल डीजल की कीमतों में वृद्धि को लेकर हाय तौबा मचाने वाली पार्टियों को आज लगता है सांप सूंघ गया है।100 करोड़ से ज्यादा टीकाकरण के बाद कोरोना संक्रमण में देशव्यापी कमी आई है।देश और प्रदेशों में अब अर्थव्यवस्था की रफ्तार तेज हुई है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी कम करके जनता को बड़ी राहत दी है फिर ऐसे में अब झारखंड सरकार की भी जिम्मेवारी बनती है कि वह वैट घटाकर आम लोगों को राहत प्रदान करें। उन्होंने कहा कि भाजपा शासित राज्यों के अलावा अन्य कई राज्यों ने वैट घटाकर जनता को दोहरी राहत प्रदान करने का काम किया है फिर झारखंड सरकार को इससे आपत्ति क्यों ? उन्होंने कहा कि आज राज्य सरकार पेट्रोल और डीजल पर 22प्रतिशत वैट एवम 1रुपये सेस के साथ पेट्रोल में 17 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 12.50 रुपये प्रति लीटर जनता के पॉकेट से वसूल रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के आग्रह पर 14 एनडीए शासित राज्यों ने अपने हिस्से के टैक्स में कटौती की है। कुछ गैर एनडीए राज्य जैसे उड़ीसा, सिक्किम राजस्थान ने भी कटौती की है परंतु झारखंड सरकार चुपचाप बैठी है। उन्होंने कहा कि इससे लगता है कि राज्य सरकार केवल बोलने में विश्वास करती है करने में नहीं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने जनहित में पेट्रोल से 5 रुपये एवम डीजल से 10 रुपये की कीमत की कटौती करते हुए जनता को बडी राहत दी है साथ ही राज्यों से भी अपने हिस्से के टैक्स में कटौती करने का आग्रह किया है। हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झारखंड सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल पर वैट घटाने से इंकार करना साफ बताता है कि यह सरकार पूरी तरह जनविरोधी और किसान विरोधी है। पेट्रोल डीजल में महंगाई को लेकर केंद्र सरकार पर बेवजह हल्ला बोलने वाली झारखंड सरकार का असली चेहरा सामने आ गया है। पहले झारखंड के वित्त मंत्री जी कहते थे केंद्र पहले एक्साइज शुल्क कम करे तब राज्य सरकार विचार करेगी। अब जब केंद्र ने उत्पाद शुल्क कम कर दिया है तो फिर एक नया तराना। उन्होंने कहा कि दूसरों पर ठीकरा फोड़ना कांग्रेस और उसकी सहयोगी पार्टियों की पुरानी आदत रही है। कांग्रेस और उसके सहयोगियों को आम जनता से कोई सरोकार नहीं है। अगर वास्तव में कांग्रेस और उनकी सहयोगी पार्टियां जनता की हितैषी हैं तो तत्काल बयानबाजी बंद कर वैट कम कर आम जनता को राहत प्रदान करें।उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल पर वैट घटाने को लेकर झारखंड सरकार में शामिल सहयोगी पार्टी कांग्रेस का तर्क बेतुका है कि केंद्र सरकार द्वारा बकाया जीएसटी नहीं देने से फैसले लेने में परेशानी आ रही है। कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा जरा यह बताएं कि बीएमडब्ल्यू और झारखंड के मंत्रियों के लिए आलीशान बंगले बनाने में कोई परेशानी नहीं आ रही क्या ? बात जब आम जनता और किसानों की हो तब ही इन्हें परेशानी नजर क्यों आती है ? जेपीएससी पीटी परीक्षा की निष्पक्ष जांच हो : जेपीएससी पीटी परीक्षा में हुई धांधली पर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि रिजल्ट से साफ झलक रहा है कि इस परीक्षा में धांधली हुई है।इतना ही नही मुख्यमंत्री के गृह जिला साहेबगंज, वित्त मंत्री का गृह जिला लोहरदगा और लातेहार के परीक्ष केंद्र धांधली में शामिल है।इससे स्पष्ट झलकती है कि राज्य सरकार जेपीएससी को भ्रस्टाचार में झोंकना चाहती है। उन्होंने कहा कि जेपीएससी की साख गिरी है पीटी परीक्षा की निष्पक्ष जांच कराकर युवाओं को न्याय देने का काम करे राज्य सरकार। रद्द परीक्षाओं के परीक्षार्थियों को न्याय मिले, नहीं तो आंदोलन करेगी भाजपा : रद्द परीक्षा पर बोलते हुए श्री प्रकाश ने कहा कि राज्य सरकार ने इस वर्ष नियुक्ति वर्ष घोषित किया है और इस वर्ष नियुक्ति देने के बजाय नियुक्ति छीनने का काम कर रही है।राज्य सरकार ने कारा वाहन चालक, उत्पाद सिपाही, विशेष शाखा आरक्षी, ANM की नियुक्ति, स्नातक स्तरीय संयुक्त परीक्षा को रद्द कर राज्य सरकार ने झारखंड के युवाओ को धोखा देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रभावित बेरोजगार युवाओं के साथ खड़ी है और न्याय दिलाने के लिए सड़क से सदन तक आंदोलन करेगी। पेट्रोल-डीजल के दाम घटाने को लेकर भाजपा ने सभी जिलों में सौंपा ज्ञापन : पेट्रोल-डीजल के दाम घटाने को लेकर प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने कहा कि भाजपा इस पर गंभीर है और आज सभी जिलों में उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौपा गया। प्रेस वार्ता में मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक और मीडिया सह प्रभारी अशोक बड़ाईक उपस्थित थे।

Published / 2021-11-06 12:04:45
चतरा : 5 देसी बम के साथ दो अपराधी गिरफ्तार

चतरा। जिले में एक बड़ी वारदात को अंजाम देकर दहशत फैलाने की फिराक में जुटे अपराधियों के विरूद्ध पुलिस की बड़ी कार्रवाई की है। सिमरिया थाना पुलिस ने टंडवा रोड स्थित धनगड्डा घाटी से दो अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से 5 देसी बम और मोबाइल फोन बरामद किया है। एसपी राकेश रंजन को मिली गुप्त सूचना के आधार पर सिमरिया एसडीपीओ अशोक प्रियदर्शी के नेतृत्व में गठित टीम ने ये कार्रवाई की है। बरामद बम को मौके पर ही सुरक्षाबलों ने डिफ्यूज कर दिया।

Published / 2021-11-05 05:33:36
पलामू : दिवाली में जुआ के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 26 गिरफ्तार, पांच लाख से अधिक की रकम बरामद

पलामू। दिवाली की रात जुआ खेलने वालों खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है। पलामू पुलिस ने विभिन्न इलाकों में छापेमारी कर जुआ खेलने के आरोप में 26 लोगों को गिरफ्तार किया है जबकि लाखों रुपए बरामद की है। गिरफ्तार जुआरियों से पुलिस की टीम पूछताछ कर रही है।पलामू पुलिस को सूचना मिली थी कि प्रमंडलीय मुख्यालय मेदिनीनगर के बैरिया और हाउसिंग कॉलोनी के इलाके में जुआ खेला जा रहा है। इसी सूचना के आलोक में पुलिस ने छापेमारी की और मौके से 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी के पास से भारी मात्रा में नकद रुपए बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपी मेदनीनगर के बेरिया ऑल सपना के इलाके के रहने वाले हैं जबकि एक आरोपी लातेहार का मनिका का रहने वाला है। पलामू पुलिस को सूचना मिली थी कि रेहला थाना क्षेत्र के जय भवानी विवाह भवन के इलाके में जुआ खेला जा रहा है। किसी सूचना के आलोक में टाउन इंस्पेक्टर अभय कुमार सिन्हा और पड़वा थाना प्रभारी रुपेश कुमार के नेतृत्व में छापेमारी की गई। इस छापेमारी में पुलिस ने जुआ खेलने के आरोप में 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने 5.93 लाख रुपये बरामद किए हैं। रेहला से गिरफ्तार आरोपियों में गढ़वा जिला के रहने वाला है। पलामू पुलिस कई इलाकों में छापेमारी कर रही है। रेहला से पुलिस ने राज कुमार मेहता, परमेंद्र कुमार सिंह, संतोष कुमार, रामलाल साव, नरेंद्र राम, बिलाल खान, ललित कुमार सिंह, जाहिद कुरैशी, रितेश पांडे, चंदन कुमार गुप्ता, दशरथ साहू, नौशाद अंसारी, अखिलेश कुमार और मुकेश सिंह को गिरफ्तार किया है।

Published / 2021-11-04 10:16:19
गिरिडीह में बैंक ऑफ इंडिया में लगी आग

एबीएन डेस्क | बगोदर थाना क्षेत्र के अटका स्थित बैंक ऑफ इंडिया में गुरुवार को अहले सुबह आग लग गई. इस अगलगी की घटना में लाखों की संपत्ति का नुकसान पहुंचा है. बैंक के गार्ड के अनुसार कैश जलने की भी आशंका है. शॉर्ट सर्किट से बैंक में आग लगने की आशंका जताई जा रही है. स्थानीय लोगों के प्रयास से आग पर जब तक काबू पाया जाता तब तक आग पूरी तरह से बैंक परिसर में फैल चुकी थी और तबाही मचा चुकी थी. बाद में दमकल की गाड़ी पहुंची तब आग को पूरी तरह से कंट्रोल किया. पुलिस मामले की जांच में जुटी है. आग से बिल्डिंग को भी नुकसान पहुंचा है. अगलगी की घटना के बाद बैंक के अंदर का हिस्सा पूरी तरह से गर्म हो गया. इससे बैंक के अंदर जाना और क्षतिपूर्ति का आंकलन करना फिलहाल संभव नहीं है. घटना के बाद लोगों की भारी भीड़ जुट गई थी. रात दो बजे के करीब आग लगने की बात कही जा रही है. तीन बजे के बाद लोगों की भीड़ जुटती गई और फिर आग को बुझाने का प्रयास किया गया. मौके पर थाना प्रभारी सरोज सिंह चौधरी दलबल के साथ पहुंचे हुए थे. राहत एवं बचाव कार्य में जुटे बगोदर थाना के एएसआई जितेंद्र राम को हल्की चोट भी पहुंची है. घटना की सूचना मिलने पर बगोदर विधायक विनोद कुमार सिंह घटनास्थल पर पहुंचे. उन्होंने घटना का जायजा लिया. साथ ही अगलगी कैसी हुई इसकी जानकारी लोगों से ली. उन्होंने घटना को दुखद बताया है |

Published / 2021-11-03 17:33:32
कोरोनकाल में समस्याओं के बावजूद सक्रिय रहे स्वयंसेवक

रांची। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह प्रांत कार्यवाह राकेश लाल ने आज संघ कार्यालय श्रीनिकेतन के सभागार में  प्रेस को संबोधित करते कहा कि कार्यकारी मंडल की वर्ष में दो बार बैठक होती है। एक प्रतिनिधि सभा से पहले और दूसरा दशहरा और दीपावली के बीच में। कोरोना के कारण पिछले साल बैठक नहीं हो सकी थी। कोरोना काल में संघ के स्वयंसेवकों ने लाखों की संख्या में सेवा कार्य किए। कोरोना के कारण संघ कार्य का विस्तार भी बाधित हुआ। शाखाएं ठीक से नहीं लग पाईं, देशभर में प्रवास भी बाधित हुआ। शाखा के रूप में प्रत्यक्ष कार्य प्रभावित हुआ, लेकिन सेवा के रूप में व्यापक कार्य हुआ। नित्य शाखा में आने वाले स्वयंसेवकों के साथ ही केवल कार्यक्रमों में आने वाले स्वयंसेवकों ने भी अत्यधिक सक्रियता से कार्य किया। किन्तु अब परिस्थितियां बदली है। कार्यकारी मंडल की बैठक में बांग्लादेश में हिन्दुओं पर हमलों को लेकर प्रस्ताव पारित किया गया है। बांग्लादेश में हिन्दू समाज पर आक्रमण अचानक घटित घटना नहीं है। फेक न्यूज के आधार पर साम्प्रदायिक उन्माद पैदा करने की कोशिश की गई है, ये हिन्दू समाज के निर्मूलन का योजनाबद्ध प्रयास था। उन्होंने बताया कि प्रस्ताव में हिन्दुओं पर हुए हिंसक आक्रमणों पर दुःख व्यक्त किया गया है और वहां के हिन्दू अल्पसंख्यकों पर लगातार हो रही क्रूर हिंसा और बांग्लादेश के व्यापक इस्लामीकरण के जिहादी संगठनों के षडयन्त्र की घोर निंदा की गई है। प्रस्ताव में कहा गया है कि हिन्दू समाज को लक्षित कर बार-बार हो रही हिंसा का वास्तविक उद्देश्य बांग्लादेश से हिन्दू समाज का संपूर्ण निर्मूलन है। फलस्वरूप भारत विभाजन के समय से ही हिन्दू समाज की जनसंख्या में निरंतर कमी आ रही है। विभाजन के समय पूर्वी बंगाल में हिन्दुओं की जनसंख्या लगभग अठ्ठाईस प्रतिशत थी, वह घटकर अब लगभग आठ प्रतिशत रह गई है। जमात-ए-इस्लामी (बांग्लादेश) जैसे कट्टरपंथी इस्लामी समूहों द्वारा अत्याचारों के कारण विभाजन काल से विशेषकर 1971 के युद्ध के समय बड़ी संख्या में हिन्दू समाज को भारत में पलायन करना पड़ा। संघ ने मानवाधिकार के तथाकथित प्रहरी संगठनों और संयुक्त राष्ट्र संघ से संबंधित संस्थाओं के गहरे मौन पर चिंता व्यक्त की और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आह्वान किया कि इस हिंसा की निंदा करने के लिए आगे आए व बांग्लादेश के हिन्दू, बौद्ध व अन्य अल्पसंख्यक समाज के बचाव व सुरक्षा हेतु अपनी आवाज़ उठाए। बांग्लादेश या विश्व के किसी भी अन्य भाग में कट्टरपंथी इस्लामिक शक्ति का उभार विश्व के शांतिप्रिय देशों की लोकतांत्रिक व्यवस्था और मानवाधिकार के लिए गम्भीर ख़तरा सिद्ध होगा। प्रस्ताव में हिंसा से पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए इस्कॉन, रामकृष्ण मिशन, भारत सेवाश्रम संघ, विश्व हिन्दू परिषद एवं अनेक हिन्दू संगठनों-संस्थाओं की सराहना की गई है। कार्यकारी मंडल ने भारत सरकार से भी अनुरोध किया कि उपलब्ध सभी राजनयिक माध्यमों का उपयोग करते हुए बांग्लादेश में हो रहे आक्रमणों व मानवाधिकार हनन के बारे में विश्व भर के हिन्दू समाज एवं संस्थाओं की चिंताओं से बांग्लादेश सरकार को अवगत कराये ताकि वहां के हिन्दू और बौद्ध समाज की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। उन्होंने प्रेस को संवोधित करते हुए कहा कि देश स्वतंत्रता का अमृत महोत्सव मना रहा है। इस निमित्त संघ के स्वयंसेवक समाज व विभिन्न संस्थाओं के साथ मिलकर काम करेंगे। स्वतंत्र रूप से भी आयोजन होंगे। स्वतंत्रता आंदोलन के अज्ञात सेनानियों का जीवन समाज के सामने लाया जाएगा। भारत का स्वतंत्रता आंदोलन विश्व में विशिष्ट रहा है, सबसे लंबे समय तक चला है। आंदोलन में देश की एकात्मता प्रकट हुई। यह आंदोलन केवल अंग्रेजों के खिलाफ नहीं था, अपितु भारत के स्व का आंदोलन था। इसलिए स्वदेशी आंदोलन उसमें जुड़ गया। स्व-भाषा, स्व-संस्कृति का आंदोलन जुड़ गया। इसलिए भारत के स्व का अर्थ अंग्रेजों को यहां से भगाना चाहिए, इतना ही नहीं था। भारत की आत्मा को जागृत करने का था, इसके लिए स्वामी विवेकानंद सहित अनेक हस्तियों ने कार्य किया। साथ ही इस अवसर पर वर्तमान पीढ़ी को संकल्प लेना चाहिए कि हम भारत को हर क्षेत्र में दुनिया में उत्कृष्ट बनाने के लिए कार्य करेंगे।सह प्रांत कार्यवाह ने कहा कि सिक्ख पंथ के नवम गुरु, गुरु श्री तेगबहादुर जी के 400वें प्रकाश वर्ष पर संघ सम्पूर्ण समाज के साथ जो उनके आदर्शों को मानता है के साथ मिलकर कार्यक्रमों के आयोजन का निर्णय किया है। गुरु श्री तेगबहादुर जी ने धर्म संस्कृति की रक्षा के लिए बलिदान दिया है। उनकी स्मृति व प्रेरणा वर्तमान पीढ़ी को होनी चाहिए। उन्होंने संघ के कार्यवृत के बारे में बताया कि देश में अभी 34 हजार स्थानों पर दैनिक शाखा, साप्ताहिक मिलन 18490  स्थानों पर, मासिक मंडली 7905 स्थानों पर, यानि कुल 55 हजार स्थानों पर संघ का प्रत्यक्ष कार्य है। अभी देशभर में 54382 दैनिक शाखाएं लग रही हैं। वहीं झारखण्ड में कुल 0423 स्थानों पर दैनिक शाखा साप्ताहिक मिलन 0272 स्थानों पर, मासिक मंडली 0049  स्थानों पर, यानि कुल 750 स्थानों पर संघ का प्रत्यक्ष कार्य है। अभी झारखण्ड में 0664 दैनिक शाखाएं लग रही हैं। वर्ष 2025 में संघ के 100 वर्ष होने वाले हैं। तथापि हम प्रति तीन वर्ष में संगठन के विस्तार की योजना बनाते हैं। इस दृष्टि से हमने विचार किया है कि मंडल स्तर तक हमारा काम होना चाहिए। अभी झारखण्ड में  0258  ब्लॉक/खंड में से 0126  में संघ कार्य है। 1264 मंडलों में 0672 मंडलो में काम है, 024 जिलों में से 024 जिलों में काम है, हमने विचार किया है कि आने वाले तीन साल में संघ कार्य सभी मंडलों तक पहुंचना चाहिए। पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं को लेकर भी योजना बनी है। 2022 से 2025 तक कम से कम दो साल का समय देने वाले कार्यकर्ता तैयार करेंगे। मार्च में इसकी संख्या आ जाएगी। कोरोना के कारण नित्य शाखा बाधित होने पर भी संपर्क के आधार पर झारखण्ड में 2037 स्थानों पर गुरु पूजन का कार्यक्रम हुआ। इस कार्यक्रम में 3252354 स्वयंसेवकों ने श्रीगुरु पूजन किया। पर्यावरण संरक्षण प्रतिदिन का कार्य है, केवल दीपावली पर पटाखों को प्रतिबंधित करने से क्या समस्या का समाधान होगा, इससे समाधान नहीं होने वाला। विश्व के अनेक देशों में पटाखों का उपयोग होता है, इसलिए किस प्रकार के पटाखों को प्रतिबंधित करना है, इसे देखना होगा। समग्रता से विषय को देखना चाहिए, एकदम से निर्णय नहीं लिया जा सकता। समग्रता से और समय रहते चर्चा होनी चाहिए। इससे मिलने वाले रोजगार के बारे में भी विचार करना होगा। मार्च माह की बैठक में पर्यावरण संरक्षण, परिवार प्रबोधन, समरसता, सामाजिक सद्भाव के कार्य के साथ जोड़ने पर विचार हुआ था। ये चारों समाज की गतिविधि बने, इस दृष्टि से काम करने का तय किया था। इसे लेकर अभी तक हुए प्रयासों व अनुभवों की समीक्षा  भी बैठक में हुई है। इस पत्रकार वार्ता में प्रान्त प्रचार प्रमुख धनन्जय कुमार सिंह भी उपस्थित थे।

Published / 2021-11-03 14:48:50
कैलाशपति मिश्र के त्याग एवं समर्पण को युवाओं के बीच लायेगा झारखंड ब्रह्मर्षि युवा मंच : अमित कुमार

रांची/रातू। बुधवार को भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं गुजरात और राजस्थान के पूर्व राज्यपाल आदरणीय कैलाशपति मिश्र की पुण्यतिथि पर झारखंड ब्रह्मर्षि युवा मंच ने रातू प्रखंड के तिलता स्थित गायत्री नगर में स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया। कार्यक्रम का शुभारंभ कैलाशपति मिश्रा की तस्वीर पर माल्यार्पण कर किया। शहर के जाने-माने चिकित्सक डॉ अभिषेक, डॉ एसएन मिश्रा एवं डॉ बृजेश ने गायत्री नगर के सैकड़ों महिलाओं एवं पुरुषों की स्वास्थ्य की जांच की। कार्यक्रम की अध्यक्षता झारखंड ब्रह्मर्षि युवा मंच के अध्यक्ष अमित कुमार ने किया। अमित ने कहा कि युवाओं के बीच कैलाशपति मिश्र का व्यक्तित्व अपने आप में एक मिसाल है उन्होंने सभी धर्मों का और सभी जाति के लोगों को आगे बढ़ाने का काम किया। उनका व्यक्तित्व बह्मर्षि समाज के लिए एक मिशाल है। अमित ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि उनके विचारों को और उनके जीवन के बारे में आप अध्यन करें एवं जन जन तक पहुंचाने का काम करें। कार्यक्रम में स्वास्थ्य जांच करने आए डॉक्टर अभिषेक ने कहा कि हम ऐसे स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन लगातार करते रहना चाहिए एवं समाज में पढ़ रहे युवाओं के लिए एजुकेशन काउंसलिंग की व्यवस्था आने वाले दिनों में झारखंड ब्रह्मर्षि युवा मंच करेगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी पूर्व आईजी लक्ष्मण सिंह ने कहा कि स्वर्गीय कैलाशपति मिश्र बिहार के भीष्म पितामह थे। उन्होंने जाति धर्म से ऊपर उठकर हर वर्ग के व्यक्ति के लिए कार्य किया। स्वर्गीय कैलाशपति मिश्र त्याग एवं तपस्या के मूरत थे। श्री सिंह ने कहा कि श्री कृष्ण सिंह जी एवं श्री कैलाशपति मिश्र के समान व्यक्तित्व विरले ही धरती पर जन्म लेते हैं। कार्यक्रम में अमित कुमार, आकाश भूषण, सुजीत सिंह, अजीत कुमार, डॉ ब्रजेश, डॉ एसएन मिश्रा, प्रवीण सिंह, मृत्युंजय शर्मा सहित सैकड़ों गणमान्य उपस्थित थे। कार्यक्रम में संतोष सिंह, पिंटू सिंह, भीष्म नारायण सिंह, मृत्युंजय पांडे, श्रीकांत सिंह, अंकित कुमार, सावित्री देवी, सोनी कुमारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। धन्यवाद ज्ञापन झारखंड उच्च न्यायालय के अधिवक्ता आकाश भूषण ने किया।

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