कोडरमा। सरकार के द्वारा आंगबाड़ी केंद्रों को संचालित करने का आदेश निर्गत किया गया है जबकि स्थानीय प्रशासन के द्वारा निजी स्कूलों में प्रारंभिक र्आर प्राथमिक कक्षा के संचालन पर शिकंजा कसा जा रहा है। इसके तहत गुरुवार को जिले के तीन निजी स्कूलों पर कार्रवाई करते हुए उसे सील क रने का निर्देश कोडरमाएसडीओ द्वारा दिया गया है। जबकि जिले जिले में दर्जनों आंगन बाड़ी केंद्र संचालित हो रहे हैं जहां छोटे-छोटे बच्चे पढ़ते दिख रहे हैं। इस मामले में प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन ने झारखंड सरकार द्वारा निर्गत पत्रांक संख्या1717 के विभागीय आदेशानुसार 5/म.स./आं.से. कोविड-19808/2020-2181, दिनांक 23 नवंबर 2021गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग झारखंड के आदेश ज्ञापांक 434/सीएस आरइएस-30 अक्टूबर 2021 तथा उपायुक्त कार्यालय कोडरमा समाज कल्याण शाखा ज्ञापांक 837/स.क., दिनांक 25 नवंबर 2021 हवाला दिया है और कहा है कि जिस प्रकार से 27 नवंबर से ही आंगनबाड़ी केंद्रों को खोलने हेतु आदेश दिया गया है और साथ ही राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए एसओपी के आधार पर कोविड-19 को पूरा करते हुए जिला के सभी प्रखंडों में निर्धारित किए गए समयानुसार पूर्वाहन 9:30 बजे से अपराहन 1 बजे तक सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों का नामांकन एवं पठन-पाठन सुचारू रूप से कराया जा रहा है, उसी प्रकार प्राइवेट स्कूलों में पूर्व प्राथमिक ओर प्राथमिक कक्षाओं को संचालित करने का आदेश देने की मांग की है। एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शमायल अहमद के निदेर्शानुसार एवं प्रदेश अध्यक्ष आलोक कुमार दुबे के निदेर्शानुसार सूबे के सभी जिलों में जिला अध्यक्ष के साथ उड़नदस्ता टीम बनाकर गाइडलाइन का पालन कराया जा रहा है। पासावा कोडरमा की टीम भी जिले के सभी स्कूलों सैनेटाइज, मास्क,सैनिटाइजर इत्यादि उपलब्ध करने के साथ-साथ विद्यालय प्रांगण की सफाई पेयजल की उचित व्यवस्था पर निगरानी रखने की बात कही है।वहीं पूर्व प्राथमिक निजी विद्यालय चलाने वाले संचालकों ने कहा है कि इस आयु के बच्चे का नामांकन एवं पढ़ाई लिखाई आंगनबाड़ी केंद्र प्री नर्सरी मॉडल स्कूल में हो सकती है तो पूर्व प्राथमिक या प्ले स्कूलों में क्यों नहीं। एसोसिएशन ने राज्य सरकार एवं जिला उपायुक्त से आग्रह करते हुए कहा है कि निजी एवं सरकारी स्कूल देश के नौनिहाल बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर देश निमार्ता बनाने का काम करती है। ऐसे में निजी विद्यालयों के साथ सौतेला व्यवहार न अपनाया जाए। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ बीएनपी वर्णवाल और सचिव तौफिक हुसैन ने अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा कुछ निजी विद्यालयों पर किए गए कार्रवाई की निंदा करते हुए विभाग की दोहरी नीति को विचारणीय बताया। उन्होंने कहा है कि जिस प्रकार आंगनबाड़ी केंद्रों में 3 वर्ष से 6 वर्ष की आयु के बच्चे पढ़ने आ रहे हैं उसी प्रकार निजी स्कूलों को भी आदेश मिले।
गुमला। नालसा और झालसा के निर्देशानुसार व्यवहार न्यायालय गुमला में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसका उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार गुमला संजय कुमार चंधरियावी ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ के बाद प्रधान जिला एवं सत्र न्याधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार गुमला के द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को संबोधित करते हुए यह बताया गया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के द्वारा हर सुलहनिय मामलों के निष्पादन का यह सुनहरा अवसर होता है। इस क्रम में बैंक लोन कर्ज माफी, बिजली भुगतान से संबंधित, दीवानी एवं फौजदारी के सुलहनिय मामलों का निष्पादन राष्ट्रीय लोक अदालत के दिन ही हो जाता है। लोक अदालत में दोनों पक्षों की जीत होती है तथा समय की भी बचत होती है। साथ ही आपसी संबंध भी मधुर बना रहता है। अन्य अतिथिगण ने भी राष्ट्रीय लोक अदालत के मौके पर उपस्थित सभी पदाधिकारीगण, अधिवक्तागण, सरकारी कार्यालय एवं बैंक से उपस्थित प्रतिनिधि को संबोधित करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अधिक से अधिक वादों का निपटारा करें एवं आम नागरिकों को जिसके ऊपर वाद चल रहा है उन्हें सुलह के आधार पर निष्पादित करें तथा आम नागरिकों को लोक अदालत के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दिए।आगे यह भी बताया गया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के द्वारा हर सुलहनिय मामलों का निष्पादन का यह सुनहरा अवसर होता है इस कार्यक्रम में बैंक लोन, कर्ज माफी, बिजली भुगतान, बन से संबंधित मामलों एवं दीवानी एवं फौजदारी के सुलहनिय मामलों का निष्पादन राष्ट्रीय लोक अदालत के दिन ही हो जाता है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नंदलाल एवं अन्य अतिथिगण संबोधित करते हुए यह कहा कि इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अधिक से अधिक वादों का निपटारा करें एवं आम नागरिकों को जिसके ऊपर बाद चल रहा है उन्हें सुलह के आधार पर निष्पादित करें तथा आम नागरिकों को राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में विस्तार पूर्वक बताया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव श्री आनंद सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में मामलों का निष्पादन हेतु कुल कुल 7 बेंचो का गठन किया गया है जिसमें बैंक से संबंधित मामलों एवं बिजली के संबंधित मामलों के लिए अलग-अलग पीठों का गठन किया गया है तथा वही न्यायालय में संबंधित मामलों के लिए अलग-अलग पीठों का गठन किया गया था। आज इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 503 मामलों का निष्पादन किया गया। बिजली बिल के 22 मामले, बैंक लोन संबंधित 227 मामलों, मोटर ऐक्सिडेंट के 9, क्रिमिनल कंपाउंडबेल के 100, एन आई एक्ट के 06, सिविल के 2, पारिवारिक मामले के 6 तथा अन्य 144 मामलों का निष्पादन किया गया। जिसमें कुल 1 करोड़ 71 लाख के राजस्व की प्राप्ति हुई। मौके पर संजय कुमार चंधरियावी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार गुमला, सभी न्यायिक पदाधिकारीगण, स्थाई लोक अदालत अध्यक्ष बाल मुकुंद राय, गुमला, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नंदलाल, अन्य अधिवक्तगण, अन्य सभी पदाधिकारीगण गुमला डीसीएलआर सुषमा नीलम सोरेंग गुमला, रवि आनंद एसडीओ गुमला, शंभू सिंह एवं श्रीमती इंदु कुमारी स्थाई लोक अदालत के सदस्य, सहायक जिला विधिक सेवा प्राधिकार गुमला के जिया उल हक एव प्रकाश कुमार, हसीब इकबाल आदि उपस्थित थे।
गुमला। जिलांतर्गत डायन कुप्रथा पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से आज उपायुक्त गुमला शिशिर कुमार सिन्हा ने आईटीडीए भवन परिसर से डायन बिसाही उन्मूलन जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जागरूकता रथ की रवानगी पर उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा ने कहा कि डायन प्रथा मात्र एक अंधविश्वास है। जिसकी आड़ में गरीब, असहाय तथा वंचित महिलाओं इस कुप्रथा से सबसे ज्यादा प्रभावित व प्रताड़ित होती हैं। उन्होंने कहा कि डायन का कोई अस्तित्व नहीं है। अत: डायन प्रथा अधिनियम 2001 के तहत किसी महिला को डायन के रूप में पहचान करने वाले तथा पहचान के प्रति अपने किसी भी कार्य, शब्द या रीति से कार्यवाही करने वाले को अधिकतम तीन महीने तक कारावास की सजा अथवा 01 हजार रुपए जुमार्ना अथवा दोनों सजा से दंडित करने का प्रावधान है। वहीं किसी महिला को डायन के रूप में पहचान कर उसे शारीरिक या मानसिक यातना देने, जान-बूझकर या अन्यथा प्रताड़ित पर 06 माह की अवधि के लिए कारावास की सजा अथवा 02 हजार रुपए के जुमार्ने अथवा दोनों सजा से दंडित करने का प्रावधान है। उन्होंने आगे कहा कि इस कुप्रथा पर अंकुश लगाने तथा जिले के लोगों को इस कुप्रथा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से इस जागरूकता रथ को आज रवाना किया गया है। जो जिले के सभी प्रखंडों, पंचायतों तथा सुदूरवर्ती गांवों में घूमकर डायन बिसाही जागरूकता हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार कर शहरी एवं ग्रामीण जनता को जागरूक करेगी। उन्होंने आमजनता से डायन कुप्रथा के कारण प्रताड़ना का शिकार अथवा ऐसी सूचना प्राप्त होने पर जिला प्रशासन सहित अपने निकटतम थाना से सपर्क कर इसकी त्वरित जानकारी उपल्बध कराने की अपील की। साथ ही उन्होंने लोगों से डायन कुप्रथा जैसे अंधविश्वास पर भरोसा न करने की भी अपील की। मौके पर जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सीता पुष्पा ने कहा कि डायन प्रथा जैसी कुरीतियां ना केवल महिलाओं, बल्कि समाज को भी नकारात्मक विचारधारा से ग्रसित करती है। अंधविश्वास के कारण उत्पन्न इन कुरीतियों से महिलाओं को प्रताड़ित करना अपराध है। डायन बिसाही जैसी कुप्रथा के कारण आज समाज के गरीब तथा असहाय महिलाएं सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही हैं। अत: ऐसी सामाजिक कुरीति पर अंकुश लगाने के लिए बड़े पैमाने पर सामाजिक जागरूकता बेहद जरूरी है। रथ की रवानगी के दौरान जागरूकता रथ पर अधिष्ठापित हस्ताक्षर पट्ट पर प्रशासनिक अधिकारियों/ पदाधिकारियों द्वारा हस्ताक्षर कर डायन बिसाही उन्मूलन का संदेश दिया गया। रथ रवानगी के मौके पर उपायुक्त गुमला शिशिर कुमार सिन्हा, उप विकास आयुक्त कर्ण सत्यार्थी, अपर समाहर्त्ता सुधीर कुमार गुप्ता, सिविल सर्जन डॉ.राजू कच्छप, जिला शिक्षा पदाधिकारी सह जिला शिक्षा अधीक्षक सुरेंद्र पाण्डेय, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सीता पुष्पा, जिला आपूर्ति पदाधिकारी गुलाम समदानी व अन्य उपस्थित थे।
गुमला। उपायुक्त गुमला शिशिर कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में जिला अनुकंपा समिति की बैठक आईटीडीए भवन स्थित उपायुक्त के कार्यालय कक्ष में की गई। बैठक में मुख्य रूप से सामान्य अनुकंपा, उग्रवादी हिंसा से संबंधित तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग पर नियुक्ति एवं चौकीदार के पद हेतु प्राप्त आवेदनों पर चर्चा की गई। जिसमें सामान्य अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति हेतु कुल 28, उग्रवादी हिंसा के आधार पर नियुक्ति हेतु कुल 07 तथा चौकीदार के पदों के लिए 08 मामलों पर विचार-विमर्श किया गया। उपायुक्त ने समिति के साथ क्रमवार सभी आवेदकों के शैक्षणिक अंक प्रमाण पत्र, शपथ पत्र, अनापत्ति प्रमाण पत्र व अन्य आवश्यक दस्तावेजों का बारीकी से जांच कर स्थापना शाखा को आवश्यक कार्यवाही हेतु दिशा-निर्देश दिए। सामान्य अनुंकपा के आधार पर कुल 28 मामलों को बैठक में रखा गया। जिसमें से 20 पर अनुशंसा की स्वीकृति प्रदान की गई। वहीं उग्रवादी हिंसा के तहत कुल 08 मामलों को बैठक में रखा गया। जिसमें उपायुक्त ने पुलिस अधीक्षक से स्पष्ट प्रतिवेदन प्राप्त करते हुए अगले बैठक में उपस्थापित करने का निर्णय लिया गया। इसी तरह चौकीदार के पद पर नियुक्ति हेतु कुल 08 मामलों को बैठक में रखा गया। जिसपर समिति द्वारा सर्वसम्मति से सभी मामले स्वीकृत किए गए। बैठक में सभी स्वीकृत मामलों में मृतकों की सेवा पुस्तिका की सत्यापित प्रति अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने का निर्देश संबंधित विभागों को दिया गया। इसके साथ ही 20 दिसंबर 2021 तक स्वीकृत मामलों में नियुक्ति संबंधी कार्रवाई पूर्ण करने का निर्णय लिया गया, ताकि 29 दिसंबर को झारखंड सरकार के द्वितीय वर्षगांठ पर स्वीकृत मामलों में नियुक्ति पत्रों का वितरण कराया जा सके। बैठक में उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा, उप विकास आयुक्त कर्ण सत्यार्थी, अपर समाहर्त्ता सुधीर कुमार गुप्ता, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) प्राण रंजन, सिविल सर्जन डॉ राजू कच्छप, भूमि सुधार उप समाहर्त्ता सुषमा नीलम सोरेंग, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सीता पुष्पा, जिला आपूर्ति पदाधिकारी सह प्रभारी पदाधिकारी जिला सामान्य साखा गुलाम समदानी, कार्यालय अधीक्षक शशि कुमार मिश्रा सहित अन्य उपस्थित थे।
गुमला। उपायुक्त गुमला शिशिर कुमार सिन्हा ने आज 06 वर्ष की उम्र में मात्र 01 मिनट 58 सेकेंडों में हनुमान चालिसा का पाठ करने वाली गुमला जिले के डीएसपी रोड निवासी आरोही खंडेलवाल के इस अद्भुत एवं अनोखे प्रतिभा की सराहना करते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। ज्ञात हो कि आरोही खंडेलवाल ने मात्र 06 साल की उम्र में मात्र 01 मिनट 58 सेकेंडों सबसे तेज हनुमान चालिसा का पाठ करने वाली बच्ची है। उसे उसकी इस प्रतिभा के लिए वर्ल्ड बुक आॅफ रिकॉर्ड्स, इंडिया बुक आॅफ रिकॉर्ड्स तथा एशिया बुक आॅफ रिकॉर्ड्स से सम्मानित भी किया जा चुका है। आरोही ने अपनी इस प्रतिभा का परिचय आज स्वयं उपायुक्त के समक्ष हनुमान चालिसा का पाठ सुनाकर दिया। उपायुक्त ने आरोही के इस अनोखे प्रतिभा की सराहना करते हुए उसके उज्जवल भविष्य की कामना की, और आगे भी अपनी प्रतिभाओं से पूरे जिले का नाम रौशन करने हेतु शुभकामनाएं दी।
रांची। राजधानी रांची में भीषण सड़क दुर्घटना में एक शख्स की मौत हो गई। दरअसल, एक तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे खड़े ट्रक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतना जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गये। वहीं चालक की बॉडी कार में ही फंसी है। दुर्घटना पंडरा ओपी क्षेत्र के इटकी रोड के जसलोक अस्पताल के पास घटी। मृतक की पहचान हरमू के रहनेवाले सुदीप गुप्ता के रूप में हुई है। काफी मशक्कत के बाद सुदीप शव को कार के अंदर से निकाला गया। पोस्टमार्टम के लिए शव को रिम्स भेजा गया। हादसे के बाद सुदीप के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
रांची। झारखंड में भारतीय जनता पार्टी विधायक दल की नेता व पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार पर कोर्ट और निर्वाचन आयोग की अवमानना व अपमान करने का आरोप लगाया। मरांडी ने आज पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि हेमंत सरकार लोकतांत्रिक व्यवस्था को अपने तरीके से चलाना चाहती है। अपने फायदे के हिसाब से फैसले ले रही है। संवैधानिक संस्थाओं को दरकिनार कर फैसले ले रही है।संवैधानिक संस्थाओं के फैसले पर भी कार्रवाई नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि रूपा तिर्की मामले में हाईकोर्ट के आदेश की खिल्लियां उड़ाई जा रही है। कोर्ट के आदेश के बावजूद अब तक एफआईआर नहीं करना कोर्ट की अवमानना है। उन्होंने हेमंत सरकार को आदिवासी विरोधी भी बताया। कहा कि प्रदेश में आदिवासियों को अपमानित किया जा रहा है। प्रदेश के आदिवासी खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं, इसका जीता जागता उदाहरण साहिबगंज में स्थापित महिला थाना प्रभारी रूपा तिर्की मौत मामले से समझा जा सकता है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद अब तक एफआईआर नहीं हुवा, वे सभी खुले आम घूम रहे हैं। यह हेमंत सरकार द्वारा आदिवासी का अपमान व कोर्ट की अवमानना भी है। उन्होंने कहा कि रूपा तिर्की की मौत के बाद परिवार और आम लोगों को सीबीआई जांच की मांग के लिए सड़कों पर संघर्ष करना पड़ा किन्तु खुद को आदिवासी हितैसी बताने वाली हेमंत सरकार के कान में जू तक नहीं रेंगा। हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई जांच हुई। मरांडी ने कहा कि अफसरशाही प्रदेश में इस कदर हावी है कि एक मृतक रूपा तिर्की को भी हेमंत सरकार के अफसर अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करते रहे, जिसका ऑडियो भी वायरल हुआ। इस पर सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं कि, आखिरकार हाईकोर्ट ने बरहरवा के तत्कालीन डीएसपी प्रमोद कुमार मिश्रा और बरहेट विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा समेत चार पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। किन्तु अब तक एफआईआर नहीं होना हेमंत सरकार के कार्यशैली पर स्पष्ट सवाल खड़े करता है। उन्होंने मांग किया कि कोर्ट के आदेशानुसार एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी करते हुए जेल भेजा जाए। मरांडी ने देवघर डीसी के खिलाफ निर्वाचन आयोग द्वारा कार्रवाई के आदेश के बावजूद कार्रवाई नहीं किए जाने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार लगातार संवैधानिक संस्थाओं का अपमान कर रही है। देवघर डीसी मंजूनाथ भजंत्री के खिलाफ आदेश के बावजूद अब तक कार्रवाई नहीं होना सरकार के इरादे की ओर इंगित करता है। हेमंत सरकार जानबूझकर ऐसे लोगों को जिम्मेवारी दे रखा है जो भेदवाव पूर्ण कार्रवाई करते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ पदाधिकारी सरकार में शामिल दल के कार्यकर्ता की तरह काम कर रहे हैं। इससे लोकतंत्र कमजोर होगा। उन्होंने कहा कि अब तक कार्रवाई नहीं किया जाना संवैधानिक संस्थाओं का अपमान व अवमानना है। इस संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक व प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव उपस्थित थे।
रांची। 547 एकड़ में फैले बिरसा मुंडा एयरपोर्ट का जल्द ही कायाकल्प होगा। यहां आधुनिक तकनीक से लैस सिस्टम व सुविधाएं बढ़ाए जाएंगे। योजना है कि आने वाले दिनों में राज्य सरकार के सहयोग से एयरपोर्ट के लिए अतिरिक्त 301 एकड़ भूमि का अधिग्रहण कर एयरपोर्ट का विस्तार किया जाएगा। जल्द ही एयरपोर्ट में आईएलबीएस (इन लाइन बैगेज सिस्टम) की सुविधा बहाल कर दी जाएगी। वर्तमान में इस सिस्टम को स्टॉल करने की प्रक्रिया जारी है। इससे यात्रियों को सामान जांच कराने के लिए इंतजार नहीं करना होगा। विमानों की संख्या में बढ़ोतरी वर्तमान में एयरपोर्ट से 30 विमानों का परिचालन हो रहा है, उम्मीद है कि आने वाले दिनों में विमानों की संख्या में बढ़ोतरी होगी और जम्मू तक के लिए भी सीधी विमान सेवा रांची से जुड़ जाएगी। एयरपोर्ट में दो एयरो ब्रिज की सुविधा मौजूद है और आने वाले दिनों में अतिरिक्त दो एयरो ब्रिज लगाए जाएंगे, ताकि एक साथ कई विमानों के आगमन पर लोगों को विमान में बैठकर इंतजार नहीं करना होगा। बिरसा मुंडा एयरपोर्ट में पांच विमान कंपनियों की सुविधा उपलब्ध है। आधुनिक तकनीक से लैस होगा बिरसा मुंडा एयरपोर्ट वर्तमान में एयरपोर्ट में स्लेफ चेक कि-ओक्स (खुद बार्डिंग निकालने), चेक डेस्क काउंटर, बैगेज कार्ट, पेड पोर्टर सुविधा, चाईल्ड केयर रूम, स्मोकिंग रूम, रिटायरिंग रूम, खाने-पीने और शॉपिग करने की सुविधा, एटीएम, फोन चार्जिंग, दिव्यांग यात्रियों के रैंप-लिफ्ट, दिव्यांगों के लिए अलग शौचालय उपलब्ध हैं। इन सुविधाओं के कारण एयरपोर्ट सर्विस क्वालिटी सर्वे में बिरसा मुंडा एयरपोर्ट को दो बार और ग्राहक संतुष्टि सूचकांक सर्वे में ईस्टर्न इंडिया में पहला और पूरे भारत में चौथा स्थान प्राप्त हो चुका है।
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