झारखंड

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Published / 2022-01-04 13:37:30
न्यायालय में कोरोना विस्फोट : एक दर्जन से अधिक न्यायिक पदाधिकारी व कर्मी संक्रमित

टीम एबीएन, हजारीबाग। हजारीबाग व्यवहार न्यायालय में कोरोना विस्फोट हुआ है। एक साथ एक दर्जन से अधिक न्यायिक पदाधिकारी व कर्मी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। मंगलवार को न्यायालय परिसर में विशेष व्यवस्था के तहत आरटीपीसीआर टेस्ट किया गया। जिसमें 110 न्यायिक पदाधिकारी व कर्मचारियों का सैंपल लिया गया जिसमें तेरा लोग संक्रमित पाए गए कोरोना विस्फोट के कारण अधिवक्ताओं एवं न्यायालय पदाधिकारियों में हड़कंप मच गया है।

Published / 2022-01-04 13:29:51
ड्रग्स कारोबार : भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवा जब्ती मामले में एक गिरफ्तार, मुख्य कारोबारी दंपति अब भी फरार

दुमका। प्रतिबंधित दवा कफ सिरप और एक बोरा नशीली दवा अफ्राजोल टेबलेट बरामद करते हुए मुफस्सिल थाना पुलिस एक को गिरफ्तार कर जेल भेज दी है। गिरफ्तार आरापी मुफस्सिल थाना क्षेत्र के हरणाकुंडी तेतरपाडा निवासी राजेश राय है। राजेश राय खेल संघ से जुड़ा है। इस बावत मंगलवार को प्रेसवार्ता कर मुफस्सिल थाना परिसर में एसडीपीओ, सदर मो नूर मुस्तफा अंसारी ने बताया कि एसपी अंबर लकड़ा को गुप्त सूचना मिली थी कि मुफस्सिल थाना अंतर्गत हरणाकुंडी के तेतरपाडा में राजेश राय के घर में भारी मात्रा में कोरेक्स एवं अन्य प्रतिबंधित दवाएं छिपाकर रखा गया है। सूचना का सत्यापन एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए एसडीपीओ, सदर के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। तलाशी के क्रम में राजेश कुमार राय के घर के बरामदे के कोने से प्लास्टिक से छिपाकर बोरा एवं कार्टून में बंद भारी मात्रा में कोरेक्स, आॅनरेक्स डनारेक्स, कॉडेक्स आदि बरामद किया गया। इस संबंध में जब राजेश राय से पूछताछ की गई तो राजेश संतोषजनक जबाव नहीं दिया और नहीं कोई कागजात ही उपलब्ध करा सका। पुलिस को अनुसंधान के क्रम में पता चला कि इन दवाओं को पड़ोस में रहने वाले सूरज गुप्ता और उसकी पत्नी जुली कुमारी ने अगस्त माह में घर पर रखने को दिया था। पुलिस करीब 4500 कफ सिरप का शीशी और नशे का दवा बरामद की है। आरोपी सुरज गुप्ता नगर थाना अंतर्गत पटना से रांची होते हुए ट्रांसपोर्ट के माध्यम से प्रतिबंधित दवा की बड़ी खेप बरामद की थी। मामले में चार नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए सूरज गुप्ता समेत दो को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पांच दिन पूर्व ही सुरज जमानत पर जेल से बाहर आया था। जेल से बाहर आने के बाद सुरज ने एक बोरा कफ सिरप राजेश के घर से वापस भी लाया था। हरणाकुंडी निवासी सुरज कुमार का नगर थाना रोड में मेडिकल की दुकान है। इसी दुकान की आड़ में वह बाहर से प्रतिबंधित कफ सिरप मंगाकर जिला के विभिन्न प्रखंडों में भेजता है। इस काम में सुरज की पत्नी जुली कूमारी उसका साथ देती है। पुलिस सुरज गुप्ता और उसकी पत्नी जुली कुमारी की तलाश में जुटी है। इस संबंध में राजेश राय की पत्नी पल्लवी शर्मा ने पुलिस को बताया कि अगस्त माह में सुरज की पत्नी जुली कुमारी ने दवा रखने को दी और कहा कि इसके बदले वह हर माह छह सौ रुपया देगी। जबकि पुलिस का कहना है कि इस काम में पुरा परिवार लगा हुआ है। सुरज दवा राजेश के मकान पर रखता और मौका मिलने पर उसे बाहर भेजता था। प्रेसवार्ता में ड्रग इंस्पेक्टर विकास कुमार ने कहा कि राजेश के घर से काफी मात्रा में प्रतिबंधित दवा मिला है। जिसकी जांच की जा रही है। मामले में पुलिस भादवी की धारा 420/120 बी/34 एवं एनडीपीएस एक्ट-18 समेत अन्य सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दी है। वहीं अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी को पुलिस छापेमारी कर रही है।

Published / 2022-01-04 13:12:37
स्कूलों को किशोरों के लिए टीकाकरण केंद्र बनाये जिला प्रशासन : अविनाश देव

टीम एबीएन, पलामू। प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष अविनाश देव ने कहा है कि कोरोना के तीसरे लहर के व्यापक प्रभाव को देख सरकार ने सभी स्कूलों /शैक्षणिक संस्थानों को 15 जनवरी तक बंद करने का आदेश दिया है। लॉकडाउन की अवधि आगे न बढ़े, इसके लिए जिला प्रशासन को आगे बढ़ कर शत-प्रतिशत टीकाकरण पर जोर देना होगा। लंबे समय तक शैक्षणिक संस्थानों को बंद करना स्कूल संचालकों और विद्यार्थियों के हित में कतई नहीं हैं। ऐसी स्थिति में जिला प्रशासन से विनम्र आग्रह है कि 15-18 वर्ष के बच्चों में टीकाकरण तेज करने के लिए स्थानीय जिला प्रशासन सभी स्कूलों को टीकाकरण का केंद्र बनाये। जिसमें उन्हें सभी स्कूलों का अपेक्षित सहयोग भी प्राप्त होगा। सभी विद्यालय यथासंभव टीकाकरण में सहयोग प्रदान करेंगे।

Published / 2022-01-04 13:09:00
सड़क हादसे में मृत मजदूरों के परिजनों से मिले लाल सूरज, पांच-पांच लाख मुआवजा देने की मांग

टीम एबीएन, पांकी (पलामू)। पांकी विस क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी सह पांकी अनुमंडल संघर्ष समिति के संयोजक लाल सूरज ने कहा कि सरकार स्थानीय स्तर पर मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने में विफल साबित हुई, जिसका परिणाम हरिहरगंज सड़क हादसा है। जिसमें पांकी के रतनपुर पंचायत के जीरो गांव के तीन, भंवरदह के एक सहित कई मजदूरों की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी और कई मजदूर घायल हुए थे। वे हरिहरगंज सड़क हादसे में मृत मजदूरों के परिजनों से मुलाकात के बाद मीडिया से मुखातिब थे। उन्होंने कहा कि अगर आसानी से मजदूरों को गांव में रोजगार मिलता तो क्यों बाहर जाते? इसपर जवाबदेही तय होनी चाहिए। इस घटना के लिए उन्होंने सरकार और प्रशासन को जिम्मेवार ठहराया। श्री सुरज ने कहा कि सरकार मृतक के स्वजनों को पांच-पांच लाख मुआवजा, आवास, पेंशन दे और इनके रोजी रोजगार की व्यवस्था करे। उन्होंने मृतक मजदूर के परिजनों को सांत्वनी दी तथा गहरी शोक संवेदना व्यक्त की। कहा कि मृतक के परिजन बेहद गरीब तथा असहाय हैं। मजदूरी कर अपना पेट भरते थे। सभी आदिवासी एवं दलित थे। सरकार कुछ राशि देने की घोषणा कर घड़ियाली आंसू बहा रही है। प्रशासन के लोग चंद राशि देकर अपनी जवाबदेही से बचना चाहते हैं। मजदूरों के परिवार को आगे के जीवन को जीने की गारंटी कौन देगा? अगर सरकार का यही हाल रहा तो घटना लगातार घटती रहेगी और मजदूर पलायन करते रहेंगे। मांगें पूरी नहीं होने पर मजदूरों के हक अधिकार को लेकर पांकी विधानसभा में आंदोलन किया जाएगा। मधु सेवा संस्था की ओर से मृतक के परिजनों को खाद्य सामग्री उपलब्ध करायी तथा मृतक के परिजनों को अन्य तरह की मदद देने तथा दिलाने का भरोसा दिया। मौके पर मधु सेवा संस्था के अध्यक्ष दिलीप कुमार चौधरी, कोषाध्यक्ष अजगुत सिंह, मुखिया सुरत उंराव, सुरेंद्र सिंह, कामख्या सिंह, अनिल पासवान,देवचंद यादव, बच्चु सिंह, कैलाश भुइयां, कामता यादव, प्रमोद भुइयां, निर्मल यादव, लक्षु यादव, अमर यादव, दिनेश यादव, मदन सिंह, गुड्डू सिंह, लिपट मंडल, जगरनाथ यादव समेत सैकड़ों लोग उपस्थित थे।

Published / 2022-01-04 13:05:19
सहारा ने किया बेसहारा : स्कीम पूरा होने के बावजूद पैसे नहीं दे रहा सहारा

टीम एबीएन, बेरमो/ललपनिया। गोमिया प्रखंड क्षेत्र के सैकड़ों लोगों का लाखों रुपये का भुगतान सहारा इंडिया नहीं करपा रहा है। जरूरत के बावजूद सहारा समय पर लोगों का पैसा लौटाने में असमर्थता जता रहा है। गोमिया के बैंक मोड़ स्थित सहारा इंडिया कार्यालय में रोजाना दर्जनों लोग अपने रुपये की आस में आते हैं, लेकिन भुगतान नहीं होने पर कार्यालय में हो हल्ला कर पुन: घर वापस लौट जा रहे हैं। यहां जमा किए गए रुपयों के भुगतान के लिए लोग परेशान घूम रहे हैं। लोगों का पैसा करने वाले एजेंटो ने भी पैसा वापस दिलाने में असमर्थ जता रहे हैं। मैच्यूरिटी समय पूरा होने के बाद सहारा इंडिया पैसों का भुगतान नहीं कर रहा है। लोगों को पैसा नहीं होने की बात कह कह कर टाला जा रहा है। निवेशकों का कहना है कि स्कीम का समय पूरा होने के बाद भी सहारा उनका पैसा नहीं दे रहा है। इस कोविड काल में खर्चा चलाना मुश्किल होरहा है। ऐसे में जरूरत केलिए जमा किए गए पैसे का भी भुगतान नहीं हो पा रहा है। बता दें कि सहारा इंडिया कार्यालय गोमिया में इन्वेस्ट किये रकम की मैच्यूरिटी पूरी होने के बाद भी डेढ़ से 2 वर्ष से निवेशक लोग कार्यालय का चक्कर लगा रहे है, लेकिन उन्हें रटा रटाया जवाब मिल रहा है। किसीको अपनी बेटी की शादी है, किसी को बीमारी में परिजनों को इलाज करवाना है, लेकिन सभी निवेशक ने सहारा इंडिया कार्यालय का चक्कर काटकर चप्पल तक घिस गये है।मगर मैच्युरिटी पैसा नहीं मिल पारहा है।गोमिया प्रखण्ड क्षेत्र के लोग अब करे भी तो क्या करें। सहारा इंडिया ने जनता को बेसहारा कर दिया है। यहां लाखो रुपये क्षेत्र की गरीब जनताका पैसा जमा है। किस तरह आम आदमी ने अपना पेट काटकरके अपने बच्चों की इच्छाओं को मारकर एक-एक रुपए बचा कर के जमा किया था कि जब मुसीबत होगी तो पैसा काम आएगा किसी को अपनी बहन की शादी के लिए तो किसी को बच्चे की पढ़ाई के लिए तो किसी को इलाज के लिए पैसों की आवश्यकता पड़ती है तो यहां सहारा इंडिया के अधिकारी उसका पैसा देने से इन कार कर देते हैं। लेकिन जब कोई पैसा जमा करने जाता है, तो उसका पैसा तुरंत जमाकर लेते हैं। सहारा में अपने खून पसीने की कमाई को जमा करने वाले गरीबों को यही सवाल लंबे समय से खाए जा रहा है कि सहारा में जमा रुपये वापस कब मिलेगा। वहीं एजेंटों ने घर-घर जाकर अपने परिचितों व लोगों को सहारा इंडिया की कई स्कीम को बता कर पैसा जमा करवाया। अब लोग अपने पैसे के भुगतान के लिए तकादा कर रहे हैं। ऐसे में अब सहारा के एजेंट भी लोगों केसामने आने सेबच रहे हैं। हालांकि लोगों को सब्रका बांध टूट गया है, समय रहते लोगो का पैसा वापस नहीं होती तो लोग सहारा इंडिया कार्यालय में जोरदार आंदोलन के मूड में हैं।

Published / 2022-01-04 13:02:12
सीएसपी संचालक लूटकांड का उद्भेदन, नाबालिग समेत सात गिरफ्तार

टीम एबीएन, चतरा। सीएसपी संचालक से लूटकांड के मामले में सिमरिया पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। लूटकांड के महज चार दिनों के अंदर घटना में शामिल सभी लुटेरों को गिरफ्तार किया गया है। सभी अपराधी सिमरिया, सदर व लावालौंग समेत लातेहार के बालूमाथ थाना क्षेत्र से गिरफ्तारी की गई है। अपराधियों के पास से लूट का 96 हजार रुपये नकद, चार हजार का बिल, लूट में प्रयुक्त तीन बाइक, लूट का दो मोबाईल व लुटेरों के पास से विभिन्न कंपनियों का सात मोबाईल फोन जप्त किया गया है। एसडीपीओ अशोक प्रियदर्शी के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने की कार्रवाई। थाना प्रभारी अविनाश कुमार समेत सशस्त्र बल के अधिकारी व जवान शामिल थे। विगत 29 दिसंबर को लुटेरों ने दिया था लूट कांड का अंजाम एक लाख नकद व दो मोबाईल लूट कर फरार हो गए थे। सिमरिया थाना क्षेत्र के कुट्टी आरसेल सड़क पर सीएसपी संचालक लोकेश कुमार व संतोष यादव से हुई थी लूट। एसडीपीओ अशोक प्रियदर्शी ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा है कि सभी अभियुक्त लूट कांड कर फरार चल रहे थे। लूट कांड में शामिल अभियुक्त शंकर कुमार किसुन पुर चतरा, सत्यम कुमार उर्फ टेनी किसुनपुर चतरा, छोटू कुमार यादव किसुनपुर चतरा, संदीप कुमार धंगरटोली चतरा, लालू कुमार दाकादिरी थाना बालूमाथ, जकेन्द्र गंझू उर्फ हरेंद्र गंझू गोठाई सिमरिया थाना, तथा एक नाबालिक का नाम शामिल है।

Published / 2022-01-04 13:01:15
तमासीन हादसा : एनडीआरएफ की टीम की कोशिश बेकार, चौथे दिन भी नहीं मिला युवक का शव

कान्हाचट्टी। हजारीबाग के सुल्ताना निवासी तफज्जुल अंसारी विगत 1 जनवरी को तमासीन जलप्रपात के गहरी खाई में गिरने के कारण मौत हो गई थी, जिसको लेकर चतरा जिला प्रशासन गंभीरता से मामले को समझते हुए नेशनल एनडीआरएफ की टीम को बुलाया। लेकिन दिन भर कड़ी मशक्कत के बावजूद सफलता हाथ नहीं लगी और युवक का शव बरामद नहीं हो पाया है। तमासीन जलप्रपात में युवक के परिजनों के अलावा तमासीन जलप्रपात की कमेटी मेंबर भी मौजूद रहे एवं चतरा के वरीय पदाधिकारी भी घटनास्थल पर मौजूद रहे।

Published / 2022-01-04 13:00:17
एचइसकर्मियों की हड़ताल जारी

रांची। वेतन भुगतान की मांग को लेकर एचईसीकर्मियों ने मंगलवार को भी उत्पादन ठप रखा। कामगार प्लांट पहुंचे ओर नारेबाजी करने लगे। कमगारों का सात माह से वेतन बकाया है। एक मुश्त भुगतान की मांग को लेकर कामगार आंदोलन कर रहे हैं। कामगारों ने प्रबंधन की काम पर लौटने की अपील भी ठुकरा दिया है। प्रबंधन कामगारों को एक माह का वेतन देने का आश्वासन दे रहा है। दूसरे प्रतिष्ठानों से राशि मिलने के बाद अन्य बकाया भुगतान करने की बात कही जा रही है। उधर एचईसी कामगारों की मांगों के समर्थन में विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दल भी उतर आए हैं। एचईसी को बचाने के लिए छह जनवरी को राजभवन मार्च की घोषणा भी की गयी है।

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