टीम एबीएन, रांची। झालसा के कार्यपालक अध्यक्ष जस्टिस अपरेश कुमार सिंह के निर्देश पर रांची समेत राज्य के सभी जिलों के जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) कार्यालय में कोविड मरीजों की मदद के लिए वार रूम बनाया गया है। वार रूम में एक कार्यपालक दंडाधिकारी, डॉक्टर की एक टीम, रिटेनर लॉयर, पीएलवी, रॉटरी क्लब, रेड क्रॉस सोसाइटी के सदस्यों को शामिल किया गया है। यह टीम जिला प्रशासन से समन्वय स्थापित करके कोविड-19 के समय में मरीजों एवं उनके परिवारवालों को कोरानो से संबंधित सहायता पहुंचायेगी। जिनमें अस्पतालों में बेड मुहैया कराना, आॅक्सीजन सिलेंडर दिलाना, ब्लड प्लाज्मा की व्यवस्था करना, वैक्सीनेशन एवं कोविड टेस्ट में सहायता प्रदान करना। साथ ही कोविड मरीजों की काउंसेलिंग एवं अन्य सहायता प्रदान करना शामिल है। वार रूम के लिए संपर्क नंबर भी जारी किया गया है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में कोरोना का कहर जारी है। आम लोगों के साथ साथ बड़ी संख्या में राज्य सरकार के अधिकारी और कर्मी इसके शिकार हो रहे हैं। हालत यह है कि अब तक राज्य सरकार के 24 से अधिक अधिकारी और सचिवालयकर्मी कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। प्रोजेक्ट भवन स्थित सरकार के कार्मिक विभाग में ही ड्राइवर से लेकर उपसचिव स्तर के 4 कर्मी संक्रमित हो चुके हैं इसके अलावा ग्रामीण विकास, कृषि, खाद्य आपूर्ति सहित कई विभागों में कोरोना ने दस्तक दे दिया है। झारखंड में संक्रमण की रफ्तार बढ़ने के बाद राज्य सरकार ने सचिवालय और अन्य विभागों में रोस्टर ड्यूटी लगा दिया है। इसके बाबजूद हालत नहीं सुधर रहे हैं। वर्तमान में स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन, गृह कारा जैसे विभाग में सीमित संख्या के आधार पर काम जैसे तैसे किया जा रहा है। राज्य में तेजी से फैल रहे कोरोना का खौफ सचिवालय में भी देखने को मिल रहा है। हालत यह है कि अधिकांश विभागों में कुर्सियां खाली पड़ी हुई हैं। रोस्टर ड्यूटी के बाबजूद कई कर्मी और अधिकारी घर से ही सरकार का कामकाज चला रहे हैं। जो कर्मचारी सचिवालय आते भी हैं तो वह भय के साये में किसी तरह से काम निपटाकर चले जाते हैं। नेपाल हाउस स्थित राज्य सचिवालय में ड्यूटी कर रहे इमानुउल कुजूर की मानें तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए वे सरकार का काम किसी तरह निपटा रहे हैं। विभाग में एक जगह ज्यादा लोगों को भीड़ लगाने की अनुमति नहीं दी गई है। कोरोना की दूसरी लहर में कोरोना को हरा चुकी महिला सचिवालयकर्मी सुलीना टोप्पो कहती हैं कि वह डर के बीच रोस्टर ड्यूटी करने के लिए पहुंचती हैं। सरकार ने कोरोना जांच की व्यवस्था की है जिसमें सचिवालय के कई कर्मी अभी तक संक्रमित पाए गए हैं। कर्मचारी संघ के कॉर्डिनेटर मृत्युंजय कुमार झा ने सरकार के रोस्टर ड्यूटी लगाए जाने की सराहना करते हुए 50 से अधिक उम्र के कर्मचारियों और अधिकारियों को घर से काम निपटाने का आदेश देने का आग्रह किया है। झारखंड में कोरोना की तीसरी लहर ने एक बार फिर से राज्य में विकास की रफ्तार को बाधित कर दिया है। सरकारी दफ्तर भलें ही खुले हैं मगर कामकाज जिस रफ्तार से होनी चाहिए उस पर कोरोना ने ब्रेक लगा दिया है। ऐसे मे कर्मचारी अधिकारी बिना कोई जोखिम लिए जैसे तैसे काम चलाने की नसीहत दे रहे हैं।
शिकारीपाड़ा। प्रखंड के ब्लॉक मैदान में आज शुक्रवार को सोहराय मिलन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिकारीपाड़ा विधानसभा क्षेत्र के मुख्य सचेतक सह विधायक नलिन सोरेन के द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर विधायक ने अपने संबोधन में कहा कि सोहराय पर्व संताल आदिवासी समाज का एक बहुत ही बड़ा पर्व है। इसे संथाल परगना की हर गांव के लोग इन दिनों में आदिवासी अपने पारंपरिक रीति-रिवाज एंव हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं। इस पर्व में पशुधन की पूजा की जाती है साथ ही साथ यह पर्व भाई बहन की अटूट प्रेम तथा प्रकृति के धार्मिक पूजा से जुड़ा हुआ पर्व है। प्रकृति और मानव सृष्टि के श्रृंगार, नारी सम्मान, खासकर अपनी बहनों के स्वागत सत्कार से जुड़े अगाध प्रेम के अद्वितीय प्रतीक पर्व के रूप में भी मनाया जाता है। मौके पर शिकारीपाड़ा ब्लॉक मैदान में आसपास के गांव से आए हुए आदिवासी युवक, युवतियां एवं बुजुर्गों ने विधायक के साथ मांदर के थाप में खूब थिरके। इस मौके पर क्षेत्रीय विधायक नलिन सोरेन, झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रखंड सचिव प्रभुनाथ हांसदा, मुख्य प्रवक्ता रोसोराम बास्की, चांदो बास्की, दुलाल बेसरा, राम सोरेन, प्रधान संगठन के भीम सोरेन के साथ-साथ अगल-बगल गांव से आए हुए काफी संख्या में युवक, युवतियां एवं बुजुर्ग शामिल थे।
बेरमो/ललपनिया। अक्टूबर में साड़म के कुछ ग्रामीणों के आवेदन पर राजस्व अंचल निरीक्षक गोमिया की जांच से इस बात का उद्भेदन हुआ है कि साड़म बाजार के हौसीर मौजा वाले हिस्से में बुधबजार लगा करता था, जो अतिक्रमण कारण विलुप्त हो गया है। सर्किल इंस्पेक्टर लालमोहन दास के जांच प्रतिवेदन के आधार पर सीओ गोमिया ने संबंधित अतिक्रमणकारियों को नोटिस दिया है। उपर्युक्त जानकारी देते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी राज्य कार्य समिति के सदस्य एवं झारखंड आंदोलनकारी इफ्तेखार महमूद ने कहा है कि साड़म बाजार क्षेत्र के अंतर्गत मौजा होसिर, खाता नं 458 प्लॉट नंबर 4711 में 1.65 एकड वं प्लोट नंबर 4512 में 9 डिसमील कूल एक एकड 74 डिसमील जमीन जो सैरात की जमीन है, पर बुधबाजार लगने का इतिहास रहा है। इस बात का उल्लेख खतियान में भी है। वर्ष 1970 ई पूर्व तक सरकार के द्वारा बाजार का डाक भी होते रहा है और सरकार को राजस्व भी मिलते रही है। सरकार के द्वारा बाजारों का डाक बंद होने के बाद उक्त बाजार पर से सरकार का प्रशासनिक ध्यान खत्म हो गया और तब उक्त बाजार के पूरे भू-भाग को समाज के ध्रुत लोगों के द्वारा अतिक्रमण कर लिया गया है।अंचल निरीक्षक के प्रतिवेदन में उपर्युक्त भूमि सैरात की है। महमूद ने कहा कि अतिक्रमणकारियों के द्वारा हुकुमनामा को आधार बनाकर बुध बाजार के भू-भाग पर अपना दखल को कानून सम्मत ठहराने की कोशिश हो रही है, किंतु जमी दारी प्रथा उन्मूलन बादभी बाजार का डाक होते रहा है वर्ष 1951 में साडम निवासी कालाचंद दे नामक व्यक्ति ने बाजारका डाक भी लिया था,तो ऐसी स्थिति में जमी दारी उन्मूलन पूर्व की तिथि से उल्लेखित गैर निबंधित हुकुमनामा श्वत:प्रभावहीन हो जाती है।उन्होंने कहाकि ऐसे भी अनूप मुखर्जी के प्रतिवेदन के आलोक में गैर निबंधित हुकुमनामा राजस्व विभाग में मान्य नहीं है। अतिक्रमणकारियों ने बुधबाजार के स्वरूप को बिल्कुल बदल दिया है और स्थाई संरचना का निर्माण कर पूरे भू-भाग पर अतिक्रमण कर लिया गया है। उन्होने लोक भूमि अतिक्रमण अधिनियम 1956 के सुसंगत प्रावधान का उपयोग कर अतिक्रमण को शीघ्र हटाने की मांग की है।
गुमला। कर्नाटक के हॉस्पेट जिले में रोजगार की तलाश में गए गुमला जिले के पांच फंसे हुए श्रमिकों को जिला प्रशासन गुमला द्वारा मुक्त कराया गया। पांचों श्रमिक गुमला जिले के रहने वाले हैं। मुक्त कराए गए पांचों श्रमिकों के बीच आज जिला आपूर्ति पदाधिकारी गुलाम समदानी द्वारा 50-50 किलो चावल तथा 50-50 किलो गेहूं का वितरण कराया गया। उपायुक्त गुमला शिशिर कुमार सिन्हा एवं श्रम अधीक्षक एतवारी महतो के संयुक्त पहल पर कर्नाटक के हॉस्पेट जिले में डेढ़ माह से मछली पैकिंग करने वाले जिले के पांच श्रमिकों क्रमश: सदर प्रखंड के कसीरा पंचायत अंतर्गत कोयंजारा ग्राम निवासी प्रकाश महतो, सदर प्रखंड के मुरकुंडा पंचायत स्थित पतराटोली ग्राम निवासी राहुल गोप एवं मंगरा खड़िया, सचिन गोप तथा पालकोट प्रखंड के बघिमा पंचायत स्थित जबरा बैरीटोली निवासी संजू महतो को मुक्त कराकर वापस गुमला जिला लाया गया। गुमला जिला सकुशल वापस लौटे इन सभी श्रमिकों के बीच जिला आपूर्ति पदाधिकारी गुलाम समदानी के द्वारा अनाज का वितरण कराया गया। प्रत्येक श्रमिक को 50-50 किलो चावल तथा 50-50 किलो गेहूं उपलब्ध कराया गया। मौके पर जिला आपूर्ति पदाधिकारी गुलाम समदानी ने कहा कि आज गुमला जिला वापस लौटे सभी श्रमिकों के बीच आज अनाज का वितरण किया गया है। इसके साथ ही इन श्रमिक बंधुओं को राशन कार्ड भी मुहैया कराया जाएगा तथा रोजगार के साधनों से जोड़ने के उद्देश्य से उन्हें मनरेगा के तहत जॉब कार्ड भी उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि ये बंधु अपने जिले में ही रहकर रोजगार के साधनों से जुड़ सकें और सरकार के विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का भी लाभ प्राप्त कर सकें। मौके पर श्रम अधीक्षक एतवारी महतो ने बताया कि रोजगार के सिलसिले में कर्नाटक राज्य गए गुमला के पांच श्रमिकों को उनके मालिक द्वारा घर वापस नहीं आने दिए जाने की जानकारी प्राप्त होते ही उपायुक्त गुमला शिशिर कुमार सिन्हा के निर्देशानुसार राज्यस्तरीय प्रवासी नियंत्रण कक्ष के माध्यम से फंसे हुए श्रमिकों को मुक्त कराने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई। जिला प्रशासन द्वारा सभी फंसे हुए श्रमिकों को सकुशल गुमला जिला वापस लाया गया है। इन सभी मुक्त कराए गए श्रमिकों को मनरेगा के तहत जॉब कार्ड निर्गत कराने के साथ-साथ अपने जिले में ही रोजगार के साधन उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने सभी श्रमिकों से श्रम विभाग अंतर्गत अंतर-राज्य प्रवासी मजदूर अधिनियम के तहत अपना निबंधन कराने की भी अपील की। मौके पर सदर प्रखंड के कसीरा पंचायत अंतर्गत कोयंजारा ग्राम निवासी प्रकाश महतो ने उपायुक्त गुमला शिशिर कुमार सिन्हा एवं श्रम अधीक्षक एतवारी महतो द्वारा उन्हें एवं अन्य चार लोगों को कर्नाटक से मुक्त कराने पर जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि उनके एक मित्र द्वारा झांसे से कर्नाटक में रोजगार उपलब्ध कराने की बात कहकर उन्हें और अन्य चार लोगों को कर्नाटक के हॉस्पेट जिला भेजा गया था। जहां काम के नाम पर उनसे मजदूरी कराया जाता था तथा मालिक द्वारा डेढ़ माह कार्य कराने के पश्चात उनके मजदूरी भुगतान भी लंबित रखा गया था तथा घर वापस आने की बात कहने पर मालिक द्वारा मारपीट भी की जाती थी। किंतु आज जिला प्रशासन एवं राज्यस्तरीय प्रवासी नियंत्रण कक्ष के सहयोग से वे सकुशल वापस अपने घर लौट आए हैं। श्रमिकों के बीच अनाज वितरण के दौरान जिला आपूर्ति पदाधिकारी गुलाम समदानी, श्रम अधीक्षक एतवारी महतो, पांचों श्रमिक व अन्य मौजूद थे।
टीम एबीएन, रांची। 7 जनवरी (शुक्रवार) को झारखण्ड सरकार के सौजन्य से डीएवी पब्लिक स्कूल गांधीनगर में 15 से 18 वर्ष के किशोरों के लिए टीकाकरण शिविर का आयोजन किया गया। इसमें कक्षा दसवीं से बारहवीं के छात्रों को टीका लगाया गया। टीका लेने के लिए बच्चों में विशेष उत्साह देखा गया। 400 से अधिक छात्रों को इंजेक्शन की पहली डोज दी गई। प्राचार्य एसके सिन्हा ने अपने बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता दिखाने के लिए धन्यवाद दिया।
टीम एबीएन, दुमका। झारखंड में साइबर अपराधियों का आतंक दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में दुमका जिला पुलिस ने मसलिया थाना क्षेत्र के गुमरो पहाड़ी से तीन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) विजय कुमार और पुलिस उपाधीक्षक (साइबर सेल) शिवेंद्र कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गुरूवार को यहां बताया कि जिले के मसलिया थाना क्षेत्र में दुमका, जामताड़ा और देवघर जिले की सीमा पर अवस्थित गुमरो पहाड़ी पर लैपटाप, फर्जी सिम कोर्ड लगाकर मोबाइल के साथ कल सात-आठ साइबर अपराधियों के जमा होने तथा फर्जी बैंक प्रबंधक एवं कर्मी के रूप अपना परिचय देकर बैंक खाता, एटीएम में त्रुटि बताकर बैंक के खाताधारकों से सूचना एकत्र कर उनके खाते से रुपए उड़ाने की गुप्त सूचना मिली थी। इस सूचना पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंच कर तीन साईबर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया और काफी संख्या में लैपटॉप, एटीएम कार्ड एवं एंड्रॉयड मोबाइल बरामद किया है। अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों की पहचान देवघर जिले के रिखिया थाना क्षेत्र के आमगाछी गांव निवासी राकेश मंडल, मोहनपुर थाना क्षेत्र के चकरमा गांव निवासी पंकज कुमार और दुमका जिले के जामा थाना क्षेत्र के अमलाचातर गांव निवासी मानिक चंद मंडल के रूप में की गयी है।
टीम एबीएन, रांची। संत पॉल्स कॉलेज में कोरोना महामारी से बचाव के लिए वैक्सीनेशन कैंप शनिवार को आयोजित किया जा रहा है। इसमें 15 से 18 वर्ष तक के छात्र-छात्राओं को टीका लगाया जाएगा। प्राचार्य डॉ अनुज कुमार तिग्गा ने विद्यार्थियों से आग्रह किया है कि बच्चे कैंप में पहुंचकर टीका जरूर लगवाएं। उन्होंने कहा कि वैक्सीनेशन की इस महामारी से बचाव का सबसे कारगर उपाय है, इसलिए सभी को टीका लेना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने साथ आधार कार्ड और मोबाइल लाने के लिए कहा है।
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