एबीएन डेस्क। झारखंड में कोरोना संक्रमण की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है। राज्य में शुक्रवार 14 जनवरी को 66943 सैंपल की जांच में 3749 नए केस मिले हैं। 2807 संक्रमितों के कोरोना मुक्त होने के बावजूद झारखंड में एक्टिव केस की संख्या बढ़कर 33189 हो गई है। बता दें कि झारखंड के सभी 24 जिलों में कोरोना के मामलों का आकलन करें तो 14 जनवरी 2022 को जहां-जहां नए केस मिले हैं, उसमें सबसे ज्यादा संख्या रांची जिले के संक्रमितों की है। यहां 1355 केस मिले हैं। झारखंड में रांची सहित 10 जिले ऐसे हैं जहां 100 से ज्यादा नए संक्रमित मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार को रांची में जहां सबसे ज्यादा 1355 नए संक्रमित मिले हैं। वहीं बोकारो में 123, चतरा में 80, देवघर में 125, धनबाद में 130, जमशेदपुर में 472, गिरिडीह में 10, गोड्डा में 97, गुमला में 41, हजारीबाग में 306, जामताड़ा में 11, खूंटी में 8, कोडरमा में 164, लातेहार में 25, लोहरदगा में 52, पलामू में 142, पाकुड़ में 27, रामगढ़ में 54, सिमडेगा में 141, पश्चिमी सिंहभूम 74, दुमका में 193, गढ़वा में 43, साहिबगंज में 66 और सरायकेला में 10 कोरोना संक्रमित मिले हैं।झारखंड में कोरोना एक्टिव केस की संख्या 33189 है। 14 जनवरी 2022 को बोकारो में 01, जमशेदपुर में 02 लोगों की मौत हुई। इससे अब तक झारखंड में कोरोना से मरने वालों की संख्या बढ़कर 5192 हो गई है।
एबीएन डेस्क। तीन सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे व्यवसायी सह सामाजिक कार्यकर्ता कुंजलाल साव कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं। धरने के 9वें दिन शुक्रवार की रात्रि में जिला प्रशासन की ओर से कुंजलाल का हेल्थ चेकअप किया गया तो डॉक्टर को कुछ संदेह हुआ। इसके बाद कोरोना जांच कराई गई तो जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। रिपोर्ट आने के बाद उन्हें तत्काल बगोदर सीएचसी में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। गिरिडीह में सर्दी काफी बढ़ गई है। लोग से ठंड से बचने के लिए घरों से कम निकल रहे हैं। इसके साथ ही अलाव का सहारा ले रहे हैं। इसके बावजूद कुंजलाल अपनी मांगों को लेकर खुले आसमान के नीचे पिछले 9 दिनों से दिन-रात धरने पर बैठे थे। लेकिन प्रशासन की ओर से धरना खत्म कराने को लेकर ठोस पहल नहीं कराई गई। कुंजलाल साव ने कहा कि उप विकास आयुक्त के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए बगोदर थाने में ऑनलाइन आवेदन दिया था। लेकिन एफआईआर नंबर अब तक नहीं मिला है। उन्होंने यह भी कहा है कि मामला दर्ज नहीं हुआ है तो प्रशासन एफआईआर दर्ज करने वाले सक्षम अधिकारी के नाम बताए। एफआईआर के बाद अनुसंधान में आरोप गलत साहिब हुआ तो मेरे विरुद्ध भी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि यह मामला बगोदर बस स्टैंड स्थित मॉर्केट कॉम्प्लेक्स की एक दुकान से जुड़ा है। दुकान के आवंटन करने के बाद तत्काल आवंटन रद्द कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि जब तक हमारी मांग पूरी नहीं होती है, तब तक आंदोलन करते रहेंगे।
टीम एबीएन, रांची। राजधानी में ह्यूमन ट्रैफिकिंग का एक बड़ा मामला सामने आया है। जहां रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर 3 दिन की नवजात बच्ची के साथ एक महिला को गिरफ्तार किया गया है। घटना गुरुवार शाम की है जब एयरपोर्ट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने शाम 4 बजे निखत परवीन नामक एक महिला को संदिग्ध हालत में बच्ची के साथ गिरफ्तार कर लिया। महिला बच्ची को मुबंई ले जाने की फिराक में थी। बच्चे का प्रमाण पत्र मांगे जाने पर पूरे मामले का खुलासा हुआ, जिसके बाद सीआईएसएफ के जवानों ने महिला को हिरासत में लेकर जिला पुलिस को सूचना दी। जिला पुलिस ने भी तत्परता दिखाते हुए एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के साथ मिलकर गिरफ्तार कर लिया। बच्ची के साथ पकड़ी गई महिला को आज (14 जनवरी) जेल भेज दिया गया है। कोतवाली थाना इंचार्ज शैलेश कुमार के अनुसार आरोपी महिला सोनाहातू की एक दंपति से बच्ची को 22 हजार में खरीद कर झारखंड से बाहर जाने के फिराक में थी।
टीम एबीएन, रांची। स्टेशन रोड स्थित चाणक्य बीएनआर होटल पर जिला प्रशासन ने बड़ी कारवाई की है। होटल प्रबंधन के ऊपर आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 और भारतीय दंड विधान की धारा 188 के तहत चुटिया थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। गौरतलब है कि नौ जनवरी को शहर के एक स्कूल के छात्रों ने गेट टूगेदर कार्यक्रम का आयोजन किया था। इस कार्यक्रम में 80 छात्र शामिल हुए थे और जमकर मौज-मस्ती की थी। इस दौरान अधिकांश छात्रों ने मास्क नहीं लगाया था। जिला प्रशासन को मामले की जानाकरी मिली, जिसके बाद चाणक्य बीएनआर प्रबंधन से स्पष्टीकरण मांगा गया था। स्पष्टीकरण में प्रबंधन ने स्वीकार किया कि कार्यक्रम के दौरान छात्र मास्क नहीं लगाए हुए थे। जांच के उपरांत इंसिडेंट कमांडर अमित भगत ने बीएनआर प्रबंधन पर चुटिया थाना में प्राथमिकी दर्ज करवायी है।
टीम एबीएन, पलामू। भारतीय जनता पार्टी के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ से कथित रूप से जुड़े लेखक दया प्रकाश सिन्हा के सम्राट अशोक की तुलना औरंगजेब से किए जाने पर बिहार की राजधानी पटना में गरम हुए सियासी तापमान की लपटें अब पड़ोसी राज्य झारखंड तक पहुंच गई हैं। झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री तथा इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मगध फाउंडेशन के अध्यक्ष के एन त्रिपाठी ने आज भारत सरकार से अविलंब कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि दया प्रकाश सिन्हा को प्रदत्त साहित्य अकादमी पुरस्कार तथा पद्मश्री सम्मान वापस लिया जाए। ज्ञातव्य हो कि पूर्व आईएएस अधिकारी दया प्रकाश सिन्हा ने एक अखबार को दिए इंटरव्यू में सम्राट अशोक की तुलना औरंगजेब से की थी। उनके इस बयान की जदयू एवं राजद के नेताओं ने निंदा करते हुए भाजपा से उनपर अविलंब कार्रवाई करने की मांग किया है। इसी कड़ी में शामिल होते हुए के एन त्रिपाठी कहा कि सम्राट अशोक की तुलना औरंगजेब से करना मगध के स्वर्णिम इतिहास को विकृत करने का प्रयास है जो असहनीय है। उन्होंने कहा कि मगध का एक गौरवमयी अतीत रहा है। चाणक्य और चंद्रगुप्त द्वारा स्थापित मौर्य वंश के महान शासक सम्राट अशोक के शासनकाल को इतिहासकार भारतीय इतिहास का सबसे स्वर्णिम काल मानते हैं।
एबीएन डेस्क। भारतीय जनता पार्टी के विधायक एवं राज्य के पूर्व कृषि मंत्री रणधीर सिंह ने कहा कि कृषि, पशुपालन विषय पर राज्य सरकार विफल साबित हुई है। रणधीर सिंह ने पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि किसानों के कल्याण एवं उनके विकास के नाम पर राज्य सरकार पूर्ण रूप से विफल साबित हुई है। उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री बादल पत्रलेख की अपने विभाग और अधिकारियों पर पकड़ ही नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछली रघुवर सरकार के समय मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के तहत मिलनेवाले लाभ को हेमंत सोरेन सरकार ने अपनी पहली ही कैबिनेट में बंद कर दिया। पूर्व कृषि मंत्री ने कहा कि हेमंत सरकार ने सत्ता में आने के बाद घोषणा की थी कि हम किसानों के ऋण माफ करेंगे। परंतु इस मामले में भी यह सरकार विफल नजर आ रही है। केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार की ओर से इस विभाग के लिए योजनाएं बन रही हैं, राशि दी जा रही है, परंतु वे योजनाएं धरातल पर नहीं उतर रही हैं। उन्होंने कहा कि 2 लाख तक कृषि ऋण माफ करने की बात करने वाली सरकार 50 हजार की सीमा पर ही अटक गई। उन्होंने कहा कि 11 लाख में से 4 लाख किसानों को ही अब तक सरकार ढूंढ़ सकी है। केंद्र की ओर से किसान सम्मान निधि के तहत 6000 रुपए सालाना दिया जा रहा। रणधीर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीधे किसानों के खाते में 6000 रुपए सालाना और हर 4 महीने में दो-दो हजार रुपए डालने के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना चलाई है। उन्होंने कहा कि इस योजना की शुरुआत से अबतक झारखंड के किसानों के खाते में 10 किस्त आ चुकी है। उन्होंने बताया कि पूरे झारखंड में 31 लाख 51 हजार किसानों का डेटा अपलोड करने का काम हुआ था और उनके खाते में हर 4 महीने पर दो-दो हजार रुपए डाले जा रहे थे।
टीम एबीएन, रांची। झारखंंड में कोरोना की तीसरी लहर चल रही है। विभिन्न जिलों में संक्रमण उफान पर है, लेकिन राज्य में कोविड मरीजों के उपचार की क्या स्थिति है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि राज्य के मेडिकल कॉलेजों में ही कोविड के उपचार में अत्यावश्यक दवाओं की ही किल्लत बनी हुई है। राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स में कोविड के मरीजों के उपचार को चलाई जाने वाली अत्यावश्यक दवा इवरमेक्टिन, डॉक्सिसाइक्लिन, फेविपिराविर के साथ-साथ विटामिन, जिंक, कैल्शियम व सेट्रीजिन आदि दवाएं खत्म हैं। यही स्थिति एमजीएम, जमशेदपुर व पीएमसीएच धनबाद की भी है। स्थिति यह है कि राज्य सरकार द्वारा एसेंशियल ड्रग्स के रूप में सूचित की गई 35 दवाओं में से एमजीएम में 27 दवाएं जबकि, रिम्स व धनबाद के पीएमसीएच में 25-25 दवाएं खत्म है। हद तो यह है कि रिम्स, एमजीएम, पीएमसीएच समेत कई जिलों में पारासिटामोल, प्रोविडिन आयोडिन गार्गल व रेनीटिडीन सरीखी मामूली और अति उपयोगी दवाएं भी नहीं है। इसका खुलासा चार दिन पहले कुछ जिलों में तो कोविड के ओमीक्रोन वेरिएंट को लेकर राज्य में की गयी तैयारियो की समीक्षा के दौरान हुई। समीक्षा में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक रमेश घोलप ने राज्य व जिला के पदाधिकारियों को जल्द से जल्द कमियों को दूर करने की हिदायत दी।
हंसडीहा। जिले के सरैयाहाट प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में करोड़ों रुपये की लागत से बनने वाले पांच सड़क योजनाओं का शुक्रवार को पोड़ैयाहाट विधायक प्रदीप यादव ने शिलान्यास किया। जिनमें आरईओ मुख्य सड़क से नवाडीह गांव तक 1.43 करोड़ की लागत से सड़क निर्माण। आरईओ मुख्य सड़क से हरदिया गांव तक 1.43 करोड़ की लागत से सड़क निर्माण। पहड़ीडीह गांव में 18 लाख की लागत से पीसीसी पथ निर्माण, भलवा गांव में 18 लाख की लागत से पीसीसी पथ निर्माण और पीडब्ल्यूडी सड़क से तमड़ा पथ निर्माण शामिल हैं। इस दौरान विधायक ने बताया कि सभी योजनाओं को उनके अथक प्रयासों से आज धरातल पर उतारा जा रहा है। आने वाले दिनों में कई अन्य योजनाओं का शिलान्यास किया जाना है। शिलान्यास के दौरान विधायक के ने संबंधित विभाग के अभियंताओं को स्पष्ट शब्दों में कहा की कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही न बरतें। सभी सड़कों का निर्माण कार्य प्राक्कलन के अनुसार हो इसकी जवाबदेही तय कर कार्य को करवायें। विधायक श्री यादव ने शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान विभिन्न गांवों में ग्रामीणों की समस्याओं को भी सुनते हुए समाधान करने की बात कही। इसलिए इस दौरान आरईओ के सहायक अभियंता शमसेर बहादुर सिंह, कनीय अभियंता गोपाल कृष्ण सुमन, सुबोध हजारे, दीपक कुमार, रामकिंकर यादव, बंगटु कापरी, मुख्य रूप से मौजूद थे।
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