टीम एबीएन, हजारीबाग। जिले में पुलिस बल को भारी क्षति पहुंचाने की नक्सलियों की योजना को पुलिस ने नाकाम कर दिया है। पुलिस को सर्च अभियान के दौरान 15-15 किलो की दो आईईडी बम (IED) बरामद किया है, जिसे डिफ्यूज कर दिया गया है। हजारीबाग में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान पुलिस ने 15-15 किलो की दो आईईडी (IED) बम बरामद किए हैं, जिसे सुरक्षा बलों के द्वारा डिफ्यूज कर दिया गया है। दरअसल, हजारीबाग एसपी को गुप्त सूचना मिली थी कि नक्सली पुलिस बल को क्षति पहुंचाने की साजिश कर रहे हैं और इसके लिए दो केन बमों को जंगल में लगाया गया है। पुलिस अधीक्षक मनोज रतन चोथे ने सूचना के आधार पर हजारीबाग पुलिस, सीआरपीएफ 22 बटालियन, सीआरपीएफ 26 बटालियन, आईआरबी 3 एवं जिला के सैट बलों के एक संयुक्त टीम बनाई गई, जिसने बिष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम खरकी के बलकमक्का के जंगल में एक नाला के पास 15-15 किलोग्राम के 2 आईईडी बमों को बरामद कर लिया। बम मिलने के बाद झारखंड जगुआर के बम निरोधक दस्ते ने बम को डिफ्यूज कर दिया है। हजारीबाग एसपी का कहना है कि अगर नक्सली अपने मंसूबे में सफल हो जाते तो बड़ी क्षति पहुंच सकती थी। ऐसे में ये पुलिस के लिए बड़ी कामयाबी है।
गुमला। शहर के शांति नगर निवासी रायजीत साहू के 22 वर्षीय पुत्र सत्यम साहु की ईटकी के समीप शनिवार की रात हुए सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। जिसके विरोध में शव के साथ सुडी समाज के लोगों व परिजनों ने गुमला के टावर चौक में शाम करीब 4 बजे सड़क जाम कर दिया। मिली जानकारी के अनुसार सत्यम साहू अपने चार पहिया वाहन से रांची से गुमला आ रहा था। इसी दौरान किसी वाहन से धक्का उसके वाहन को लगा। जिसे वह गंभीर रूप से घायल हो गई और बाद में उसकी मौत हो गई। इधर, घटना को लेकर परिजनों ने उपायुक्त के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। जिसमें कहा गया है कि सत्यम साहू की हत्या कर ईटकी के पास फेंका गया और घटना को दुर्घटना साबित करने के लिए सत्यम के वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। ईटकी थाना में घटना को लेकर प्राथमिकी दर्ज कराने गये। जिसमें घटना को अंजाम देने वाले का नाम भी लिखा हुआ था लेकिन ईटकी थाना में जबरन नाबालिग को डरा धमका कर केश दर्ज किया गया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि घटना कराने में उत्पाद विभाग में सब इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत सोनू साहु का हाथ है। परिजनों ने कहा कि सोनू साहू बार-बार सत्यम साहू को रंगदारी के पैसे को लेकर प्रताड़ित कर रहा था और रंगदारी नहीं देने पर यह धमकी दिया गया था कि सत्यम तुम जिंदा रहोगे या मैं। वहीं मृतक की मां का कहना है कि उत्पाद दारोगा ने उसके घर पर छापामारी की थी। जिसमें दारोगा ने कहा था कि दारू बेचती हो पूरे परिवार को बर्बाद कर देंगे और मेरे पति व बेटे को भी पूरी तरह बर्बाद करने की धमकी देकर गया था। इधर, परिजनों ने घटना को लेकर हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर सोनू साहू को अविलंब गिरफ्तार करने ताकि कांड का अनुसंधान प्रभावित न हो, घटना की उच्चस्तरीय जांच और प्रशासनिक अधिकारी की संलिप्ता पाये जाने पर विधि सम्मत कार्रवाई करने, मृतक के परिवार को पचास लाख रूपया मुआवजा व सरकारी नौकरी देने, मृतक के पिता को झूठे केस में जेल भेजने की भी जांच कर पिता को जांच कर छोड़ने, सरकारी नौकरी में रहकर घटना को अंजाम देने व सोनू साहु के सहयोगियों पर भी कार्रवाई की मांग की है। सुडी समाज ने की घटना की निष्पक्ष जांच की मांग : सुडी समाज के लोगों ने कहा कि घटना हादसा नहीं एक हत्या है। जिस स्थान पर दुर्घटना हुई है। उसे देखने से ऐसा प्रतीत होता है कि यह हादसा नहीं एक साजिश है और जान बूझकर घटना को अंजाम दिया गया है। सुड़ी समाज के लोगों ने पुलिस अधीक्षक के नाम एक ज्ञापन बनाया है। जिसमें दुर्घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
टीम एबीएन, गुमला। महात्मा गांधी की 74 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर इंडोर स्टेडियम स्थित गांधी स्मारक में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर सदर अनुमंडल पदाधिकारी रवि आनंद ने माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किया। इस अवसर पर सदर अनुमंडल पदाधिकारी ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर प्रत्येक वर्ष शहीद दिवस मनाया जाता है। गांधी जी सत्य और अहिंसा के शाश्वत मूल्यों का साकार रूप थे, उनका सम्पूर्ण जीवन ही मानवतावाद की अभिव्यक्ति रहा। वे सम्पूर्ण मानवता के लिए एक आदर्श पुरुष हैं। आज भी उनके विचार और आदर्श, विश्व में नई चुनौतियों से जूझती मानवता के लिए प्रासंगिक और अनुकरणीय हैं। गांधी जी एक ऐसी महान शख्सियत थे, जिन्होंने सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए देश को अंग्रेजों की गुलामी से आजादी दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। उनके अनमोल विचार आज भी सत्य और अहिंसा का संदेश देते हैं। अतः आज हमें उनके आदर्शों को अपने व्यवहार एवं आचरण में उतारने की जरूरत है। उन्होंने शहीद दिवस पर देश की आजादी में कुर्बानी देने वाले शहीदों को स्मरण करते हुए उन्हें शत्-शत् नमन किया। इससे पूर्व सदर एसडीओ ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
टीम एबीएन, कोडरमा। कोडरमा में भी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्य तिथि रविवार को मनाई गई। इस दौरान झुमरी तिलैया के खादी ग्रामोद्योग बोर्ड स्थित गांधी निधि मैदान के साथ कोडरमा बाजार स्थित गांधीजी की प्रतिमा पर फूल माला पहनाकर श्रद्धांजलि दी गई। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 73वीं पुण्यतिथि पर खादी ग्रामोद्योग बोर्ड में हरिहर सिंह, राजेंद्र सिंह, अनिता विश्वकर्मा, अनिता कुमारी सहित कई लोगों ने रधुपति राघव राजा राम भजन प्रस्तुत किया। वहीं कई राजनीतिक और सामाजिक दलों के कार्यकर्ताओं ने भी गांधी जी को श्रद्वांजलि दी। कोडरमा बाजार स्थित गांधीजी की प्रतिमा पर जिप प्रधान शालिनी गुप्ता, सामाजिक कार्यकर्ता साजिद हुसैन लल्लू, आजसू के जिलाध्यक्ष राजकुमार मेहता, डीवाईएफआई के राज्य सचिव संजय पासवान, रिटायर्ड बैक अधिकारी कालीचरण दास सहित कई लोगों ने माल्यार्पण कर गांधी जी को नमन किया। मौके पर जिप प्रधान शालिनी गुप्ता ने कहा कि राष्ट्रपिता के विचार आज भी हमें आगे बढ़ने और अच्छा करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने सत्य की ताकत से शस्त्र की ताकत को झूका दिया। मौके पर झुमरी तिलैया में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मनोज सहाय पिंकू, कोडरमा में जयप्रकाश राम, बालेश्वर राम, संतोष चद्रवंशी, सहदेव दास, राजा सिंह, अंबुज मोहन, विनोद सिंह, अजीत वर्णवाल, विकास कुमार, राजेंद्र सिंह, पवन राम, शंकर सोनी, रघुवीर सिंह, आरके बसंत, प्रदीप सिंह, सुंदर सोनी मौजूद थे।
कोडरमा। गांधी जी की पुण्यतिथि पर स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान-2022 की शुरुआत अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, कोडरमा डॉ पी मिश्रा की अध्यक्षता में कई गयी। जिसमें उपायुक्त का घोषणा पत्र पढ़ा गया। इस कार्यक्रम की शरुआत अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी डॉ रमण कुमार, उपाधीक्षक डॉ अमरेन्द्र, जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ मनोज कुमार, डॉ कुलदीप द्वारा गांधी जी के तस्वीर पर माल्यार्पण किया गया एवं सभी विभाग के कर्मचारियों ने पुष्प अर्पण कर श्रधांजलि दी। अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ पी मिश्रा ने कहा कि गांधी जी ने कुष्ठ बीमारी के कारण समाज मे फैले छुआछूत हटाने में व्यापक कार्य किया था। इसी कारण से गांधी जी के पुण्य तिथि पर पूरे विश्व मे आज कुष्ठ जागरूकता अभियान चलाया जाता है। डॉ मिश्रा ने कहा कि कोडरमा को कुष्ठ मुक्त बनाने के लिए इस कार्यक्रम को सफलता पूर्वक करना है।30 जनवरी को हर साल कुष्ठ निवारण दिवस के रूप में मनाया जाता है। डॉ रमण कुमार ने इस अभियान के बारे में बताया कि ये आजादी के अमृत महोत्सव एवं गांधी जी के पुण्यतिथि पर इस अभियान के कुष्ठ के बारे में लक्षण, इलाज एवम इससे सबन्धित भ्रान्तियों के बारे में पूरे जिले में covid protocol का ध्यान रखते हुए पूरे कोडरमा जिले में व्यापक प्रचार प्रसार की जायेगी। कुष्ठ की पहचान एवं इलाज आसान है। त्वचा में दाग और दाग में सूनापन कुष्ठ हो सकता है। लक्षण मिलने पर तत्काल नजदीकी अस्पताल में जांच कराएं। इसकी दवा mdt सभी स्वास्थ्य केंद्रों में मुफ्त उपलब्ध है। अगर आपके आसपास इस तरह के लक्षण के व्यक्ति हैं तो उन्हें कुष्ठ सम्बन्धित जांच कराने के लिए प्रेरित करें।ये छुआछूत की बीमारी नही है और नहीं ये पाप का फल है। कार्यक्रम का संचालन फिजियोथेरेपिस्ट राजीव रंजन ने किया। इसमे कुष्ठ विभाग के कार्यालय सहायक अजित कुमार, अरुण सिंह एवं अन्य विभाग से प्रकाश कुमार, दीपेश कुमार, गणेश कुमार, सिद्धान्त ओहदार एवं अन्य कर्मी मौजूद थे।
टीम एबीएन, कोडरमा। भारत की जनवादी नौजवान सभा (डीवाईएफआई) ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी शहादत दिवस पर याद करते हुए सांप्रदायिकता विरोधी दिवस के रूप में मनाया। महावीर मुहल्ला में आयोजित कार्यक्रम में सर्वप्रथम बापू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। जहां महात्मा गांधी अमर रहे, गांधी हम शर्मिंदा हैं तेरे कातिल जिन्दा है आदि नारे लगाये गये। डीवाईएफआई के जिलाध्यक्ष परमेश्वर यादव की अध्यक्षता में हुई श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए डीवाईएफआई के राज्य सचिव संजय पासवान ने कहा कि महात्मा गांधी की हत्या की जब जब कोशिश हुई तब उन्होंने कभी प्रतिरोध नहीं किया। बल्कि सदैव अपने विरोधी के सामने सीना तानकर खड़े रहे। अपनी हत्या का प्रयास करने वाले किसी भी हमलावर पर उन्होंने मुकदमा भी नहीं चलवाया। आखिर में जब उन्हें गोली मारी गई तब भी उन्होंने कोई प्रतिरोध नहीं किया। बल्कि हे राम कहकर अपने प्राण त्याग दिए। सवाल उठता है कि कौन हैं वे लोग जो गांधी को मारने के चौहत्तर साल बाद फिर मारने के लिए ढूंढ रहे हैं, वे अंग्रेज तो नहीं हैं, जबकि अंग्रेजी हुकुमत के विशाल साम्राज्य को उखाड़ फेंकने में गांधी ने सबसे बड़ा योगदान दिया था। जो लोग गांधी की हत्या पर गौरवान्वित होते हैं, वे फिर उनकी हत्या यानी उनके विचारों की हत्या का आह्वान करते हैं, लेकिन उन्हें मालूम होना चाहिए कि विचार कभी मरते नहीं हैं। देश का दुर्भाग्य है कि गांधी की हत्या करने वाली विचारधारा आज भी जिन्दा है और देश की सत्ता पर काबिज है। कर्मचारी नेता दिनेश रविदास ने कहा कि यह देश विभिन्न धर्मों, भाषाओं और संस्कृति का देश है और साझा संस्कृति को आरएसएस तोड़ने की कोशिश कर रहा है, डीवाईएफआई के जिला सचिव सुरेंद्र राम ने कहा कि देश की सार्वजनिक सम्पत्तियों को बेचकर देश को गुलामी के रास्ते पर ले जाया जा रहा है। एसएफआई के छात्र नेता मुकेश यादव ने कहा कि रेलवे भर्ती बोर्ड देश के लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है, लेकिन बिहार और यूपी के छात्रों का आंदोलन ही भाजपा सरकार को देश की सत्ता से उतार फेंकेगा। कार्यक्रम में सचिन यादव भोला यादव विजय सिंह, तुलसी दास, जगदीश दास आदि मौजूद थे।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। राजधानी सहित अधिकतर जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे है। इसकी वजह है कि जम्मू कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी हो रही है। इसका प्रभाव झारखंड के ऊपर भी पड़ रहा है। रांची मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबित राज्य में उत्तर-पश्चिम से हवा चल रही है, जो कश्मीर और हिमाचल से ठंडक लिए आ रही है। यही वजह है कि दिन में धूप निकलने के बावजूद लोगों को राहत नहीं मिल रही है। उन्होंने बताया कि फिर झारखंड में मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है। इससे दो-तीन फरवरी से बारिश के आसार हैं। रांची मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया है झारखंड में 15 फरवरी के बाद से लोगों को ठंड से पूरी तरह से निजात मिलने की संभावना है। उन्होंने कहा कि राज्य के दक्षिणी हिस्से में अगले एक-दो दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। अगले एक-दो दिनों तक सुबह में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में कोरोना संक्रमण की तेज रफ्तार कम हुई है। दूसरी ओर बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमित ठीक हो रहे हैं। इस वजह से एक्टिव केस की संख्या लंबे दिनों के बाद 19 हजार के नीचे गई है। 29 जनवरी को झारखंड में कोरोना से 03 लोगों की मौत हुई है। राज्य में 29 जनवरी को 63942 सैंपल की जांच में 1038 नए कोरोना संक्रमित मिले हैं, तो 3675 कोरोना संक्रमित ठीक भी हुए हैं। इस बीच कोरोना से राज्य में 03 लोगों की मौत हुई है। राज्य में अब तक कोरोना से 5300 लोगों की जान गयी है। शनिवार को 3675 संक्रमित के कोरोना मुक्त होने से राज्य में एक्टिव केस की संख्या 7743 बची है। राज्य के सभी जिलों में मिले नए संक्रमित : झारखंड में शनिवार 29 जनवरी को सभी 24 जिलों में कोरोना के नए केस मिले हैं। 29 जनवरी 2022 को जहां-जहां नए केस मिले हैं, उसमें सबसे ज्यादा सिमडेगा में 234 नए केस मिले हैं। रांची में 192, जमशेदपुर में 211 नए कोरोना संक्रमित की पहचान हुई है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार को बोकारो में 51, चतरा 25, देवघर में 19, धनबाद में 20, दुमका में 65, जमशेदपुर में 211, गढ़वा में 4, गिरिडीह में 18, गोड्डा में 58, गुमला में 18, हजारीबाग में 11, जामताड़ा में 01, खूंटी में 16, कोडरमा में 14, लातेहार में 20, लोहरदगा में 2, पाकुड़ में 10, पलामू में 10, रामगढ़ में 04, रांची 192, साहिबगंज 16, सरायकेला खरसावां 04, सिमडेगा 234 और पश्चिमी सिंहभूम में 15 नए केस कोरोना के मिले हैं। झारखंड में कोरोना से 03 मौत : झारखंड में कोरोना से 29 जनवरी 2022 को 3 मौत हुई है, जिसमें धनबाद में 02 और जमशेदपुर में 01 की मौत कोरोना से हुई है। झारखंड में बड़ी संख्या में मिल रहे नए केस के बाद अब बड़ी संख्या में रिकवरी से कोरोना इंडिकेटर्स में झारखंड की स्थिति मामूली रूप से थोड़ी सुधरी है। राज्य में 7डेज ग्रोथ रेट 0.23% है। वहीं 7 डेज डबलिंग रेट 304.5 दिन का हो गया है। रिकवरी रेट भी 96.94% है। मोर्टेलिटी रेट 1.24 % है।
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