टीम एबीएन, गिरिडीह। जिले में नक्सलियों के खिलाफ पुलिस का लगातार अभियान चल रहा है। पिछले 10 दिनों के अंदर 4 नक्सली वारदात के बाद गिरिडीह में नक्सलियों के खिलाफ दबिश बढ़ाया जा रहा है। एसपी अमित रेणु के आदेश के बाद गिरिडीह पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। गिरिडीह में नक्सलियों के खिलाफ लगातार अभियान के बाद पुलिस को कई सफलता मिली है। 26 जनवरी को जहां नक्सलियों को विस्फोटक सप्लाई करनेवाले तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। वहीं इसके फौरन बाद 27-28 जनवरी को हथियार के साथ तीन लोगों को पकड़ा गया। ये तीन लोग नक्सली कृष्णा दस्ते के सदस्य थे। इन तीनों को रविवार की रात को ही जेल भेजा गया था। अब गिरिडीह पुलिस और सीआरपीएफ को पुनः सफलता मिली है। इस बार पारसनाथ की तराई वाले इलाके से दो नक्सलियों को पकड़ा गया हैं। दूसरी तरफ तिसरी इलाके में ठेकेदार को पर्चा देकर लेवी की मांग करनेवाला व्यक्ति भी गिरफ्तार हुआ है, जिनकी गिरफ्तारी की गईं है उसका नाम उपेंद्र यादव है। यह बताया गया कि खटपोंक में एक भवन का निर्माण कार्य चल रहा है जिनके संवेदक से लेवी की मांग की गई थी। उपेंद्र से पूछताछ में पता चला की इस कांड का मुख्य साजिशकर्ता बिहार का पंकज है। पंकज को गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में कोरोना की तीसरी लहर का प्रभाव कम होता नजर आ रहा है। स्थिति अब धीरे-धीरे सुधर रही है। संक्रमित मरीजों की संख्या फरवरी के पहले दिन कम देखने को मिली है। सरकारी आंकड़े देखें तो 1 फरवरी को राज्य में कुल 622 नए संक्रमित मरीज पाए गए। जिसमें सबसे ज्यादा मरीज राजधानी रांची से मिले हैं। हालांकि, संक्रमित मरीजों की संख्या कम होती जा रही है। लेकिन अभी भी सावधानी बरतने की जरूरत है। लापरवाही से संक्रमण का दर बढ़ सकता है। वहीं एक्टिव मरीजों की बात करें तो अभी भी झारखंड में एक्टिव मरीजों की संख्या हजारों में है। राज्य के 23 जिलों में मिले नए संक्रमित: स्वास्थ्य विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार फिलहाल राज्य में करीब छह हजार एक्टिव संक्रमित मरीज हैं। मंगलवार, 1 फरवरी को राज्य के 24 में से 23 जिलों में कोरोना के नए मामले मिले हैं। रामगढ़ एकमात्र ऐसा जिला है, जहां 1 फरवरी को कोई केस नहीं मिला है। 1 फरवरी 2022 को जहां- जहां नए केस मिले हैं। उसमें सबसे ज्यादा, 231 नए केस जमशेदपुर में मिले हैं। वहीं रांची में 206 नए कोरोना संक्रमित की पहचान हुई है। इसके साथ ही मंगलवार को बोकारो और सिमडेगा में एक-एक संक्रमित मरीज की कोरोना से मौत हो गई, जिसके बाद झारखंड में कोरोना से मौत का आंकड़ा 5,303 पर पहुंच गया। वहीं टीकाकरण अभियान भी जोर-शोर से चल रहा है ताकि संक्रमित होने वाले मरीजों को कोरोना की वजह से ज्यादा नुकसान न सहना पड़े। 1 फरवरी 2022 को किस जिले में कितने नए केस मिले: स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार को जमशेदपुर में 231, रांची में 206, पलामू में 21, दुमका में 20, बोकारो में 19, धनबाद और गोड्डा में 17-17, देवघर में 16, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला में 10-10, साहिबगंज में 9, सिमडेगा, खूंटी और कोडरमा में 6-6, हजारीबाग और गिरिडीह में 5-5, चतरा और पाकुड़ में 4-4, गढ़वा और लोहरदगा में 3-3, गुमला में 2, जामताड़ा और लातेहार में 1-1 नए कोरोना केस की पुष्टि हुई है।
टीम एबीएन, धनबाद। निरसा गोपीनाथपुर ओसीपी में अवैध उत्खनन के दौरान चाल धंस गया, जिसमें कुल 13 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। घटना की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वहीं मलबा हटाने का काम किया जा रहा है। स्थानीय लोग कोलियरी प्रबंधन को इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। धनबाद के निरसा थाना क्षेत्र गोपीनाथपुर ओसीपी में सुबह-सुबह अवैध उत्खनन में चाल धंसने की खबर है। जिससे तीन लोगों की घटनास्थल पर ही मौत की खबर है जबकि 5 लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। ओसीपी के आसपास बड़ी संख्या में लोग उपस्थित हो गए हैं। वहीं घटना को देख मुगमा एरिया प्रबंधन जेसीबी लगा कर मलबा हटा रहा है। ओसीपी में जलजमाव के कारण जेसीबी को मलबा हटाने में काफी परेशानी हो रही है। दहीबाड़ी सी पैच में 3 महिला की मौत कापासारा आउटसोर्सिंग में 3 की मौत और 5 दबने की आशंका ग्रामीण सभी से लेकर फरार हो गए हैं। वहीं गोपीनाथपुर ओपन काट प्रोजेक्ट में ग्रामीण सुबह में 3 शव लेकर फरार हो गए हैं, प्रशासन की मौजूदगी में 4 शव निकाले गए एक महिला जिंदा निकली थी, जिसे इलाज के लिए आर एनएमसीएच धनबाद ले जाया गया जहां उसने दम तोड़ दिया। बताते चले कि इन दिनों निरसा क्षेत्र में अवैध उत्खनन धड़ल्ले से जारी है, परंतु प्रशासन इस पर रोक लगाने में असफल है। जिसके कारण आज यह बड़ी घटना घटी है। मौके पर अब तक प्रशासन या मुगमा एरिया का एक भी अधिकारी उपस्थित नहीं है। वही अब तक इस घटना की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। तीनों शव को ग्रामीण अपने साथ ले भागे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि एक शव बुरी तरह से चाल धंसने से क्षत-विक्षत हो गया है। उसी अवस्था में ग्रामीण शव को लेकर भाग खड़ा हुए हैं। मौके पर रेस्क्यू कार में धनबाद एडीएम वर्तमान विधायक अपर्णा सेनगुप्ता पूर्व विधायक अरूप चटर्जी सीआईएसएफ के जवान मौजूद थे। वहीं मामले को लेकर वर्तमान विधायक अपर्णा सेनगुप्ता ने झारखंड सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा के सरकार में क्षेत्र में हत्या डकैती के साथ साथ अवैध उत्खनन एवं कार्य कोयले का अवैध व्यापार भी चरम सीमा पार कर चुका है। अगर कोलियरी प्रबंधक और प्रशासन अब भी सक्रिय नहीं होते हैं तो ऐसी कई बड़ी घटना के होने से इनकार नहीं किया जा सकता है क्योंकि निरसा क्षेत्र में दर्जनों जगह अवैध उत्खनन अब भी जारी है।
टीम एबीएन, रांची। रांची नगर निगम की टीम अपर बाजार में दुकानों को सील करने के लिए सुबह करीब 11 बजे पहुंची। इस कार्रवाई से दुकानदार और उनके कर्मचारी काफी नाराज हैं और निगम के आदेश के जोरदार विरोध कर रहे हैं। निगम-व्यवसायी दोनों आमने-सामने हैं। पिछले दो घंटे से दुकानदार विरोध करने के साथ निगम और स्थानीय विधायक आदि के खिलाफ नारे लगा रहे हैं। निगम की ओर से लगातार दुकानदारों से अपील की जा रही है। उनसे कहा जा रहा है कि वे सरकारी कार्य है, अत: इस कार्य सहयोग करें। बावजूद इसके व्यवसायियों का विरोध प्रदर्शन जारी है। निगम की इस कार्रवाई के विरोध में सभी दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दी हैं और सड़क पर आकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उधर, इस प्रदर्शन के सपोर्ट में झामुमो की नेत्री महुआ माजी ने कहा कि मसला काफी पुराना है और पूर्व की सरकार ने अगर ध्यान दिया होता तो यह नौबत नहीं आती। मैं व्यापारियों और उनके कर्मचारियों के हक के लिए खड़ी रहूंगी। सरकार से भी बात की जाएगी कि वह इसका स्थायी हल निकाले। दूसरी तरफ, झारखंड चैंबर के पूर्व अध्यक्ष दीपक मारू का कहना है कि एक तरफ सरकार नए उद्योगों को शुरू करने की बात करती है, दूसरी तरफ आजादी के पूर्व से बसे-बसाए बाजार पर कार्रवाई करती है। यह ठीक नहीं है। सरकार नीति बनाकर इन भवनों को तोड़ने से बचाना चाहिए। अपर बाजार से 10 हजार घरों का चूल्हा जलता है। इतने बड़े रोजगार के केंद्र को सील करना कहीं से तर्क संगत नहीं है।
टीम एबीएन, दुमका। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने दो दिवसीय दौरे पर मंगलवार को दुमका पहुंच गए। वे यहां बुधवार दो फरवरी को जेएमएम स्थापना दिवस समारोह में भाग लेंगे। सीएम हेमंत सोरेन के यहां पहुंचने पर दुमका में कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। सीएम हेमंत सोरेन के साथ हेलीकॉप्टर में झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन भी थे। यहां दुमका विधायक बसंत सोरेन ने सबका स्वागत किया। बता दें जेएमएम का स्थापना दिवस समारोह 2 फरवरी को दुमका में आयोजित किया जा रहा है। जेएमएम सुप्रीमो शिबू सोरेन, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एक ही हेलीकॉप्टर से यहां पहुंचे। यहां दुमका विधायक बसंत सोरेन ने उनकी अगवानी की। मौके पर संथाल परगना के आयुक्त डीआईजी समेत कई अधिकारी मौजूद थे। सीएम को यहां गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। यहां से मुख्यमंत्री सीधे अपने खिजुरिया गांव स्थित आवास की ओर रवाना हो गए। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दो फरवरी को झारखंड मुक्ति मोर्चा के 43 वें स्थापना दिवस समारोह में शिरकत करेंगे। इसकी सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
चतरा। पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने नशे के खिलाफ विशेष अभियान शुरू कर दिया है। इस अभियान में बड़ी सफलता हासिल करते हुए इटखोरी, टंडवा, लावालौंग और सदर पुलिस ने मात्र 24 घंटे में नशा तस्करी में संलिप्त 6 आरोपी व एनडीपीएस एक्ट के अन्य 3 अभियुक्त समेत 9 तस्करों को गिरफ्तार कर 21.802 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। इसके साथ ही एक माप तौल मशीन, 41 सिगरेट का पैकेट, 410 खोखला सिगरेट और एक मोटरसाइकिल भी बरामद किया हैं। पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने सभी क्राइम ब्रांच और थाना प्रभारियों को शहर में अवैध नशे पर अंकुश लगाने के लिए नशे के कारोबार में संलिप्त आरोपियों की धरपकड़ के निर्देश दिए थे जिसके तहत कार्रवाई करते हुए क्राइम ब्रांच व पुलिस थानों की टीम ने गुप्त सूत्रों के माध्यम से विभिन्न स्थानों पर छापामारी की जिसमें लगभग 22 किलो गंजा बरामद किया। पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने सभी क्राइम ब्रांच व पुलिस थानों द्वारा की गई कार्रवाई के लिए खुशी जाहिर करते हुए इसी प्रकार अपराधियों की धरपकड़ करके समाज में शांति व्यवस्था स्थापित कायम रखने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि नशा समाज की जड़ें खोखली कर देता है। नशा किसी भी व्यक्ति को अपराध की दुनिया में धकेलने की एक मुख्य वजह होता है। इसलिए नशा तस्करी पर लगाम लगाना अति आवश्यक है। यदि नशा तस्करों की नकेल कस दी जाए तो बहुत सारे अन्य अपराधों पर अपने आप अंकुश लग जाएगा। इसलिए सभी क्राइम ब्रांच व पुलिस थानों की टीम नशा तस्करों की नाक में दम करके रखें और उन्हें नशा तस्करी के इस रास्ते को छोड़ने पर मजबूर कर दें। पुलिस अधीक्षक ने नशा तस्करों को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि चतरा पुलिस आक्रामक रूप से नशा तस्करों की नकेल कस्ती रहेगी। इसलिए नशा तस्कर इस गलत धंधे को छोड़कर अपना समय और ऊर्जा को अच्छे कार्यों में लगाएं अन्यथा वह कोर्ट कचहरी के रास्ते होते हुए जेल जाने के लिए तैयार रहें।
टीम एबीएन, गुमला। जिला परिवहन पदाधिकारी विजय सिंह बिरूवा की अगुवाई एवं मोटरयान निरीक्षक अरुण कुमार झा व सड़क सुरक्षा के टीम के द्वारा गुमला एवं कामडरा थाना के समीप वाहन जांच अभियान चलाकर सभी प्रकार के वाहनों यथा आॅटो रिक्शा, टेंपो, कार, पिकअप, मोटरसाइकिल, बस, ट्रक, ट्रैक्टर आदि वाहनों से संबंधित त्रुटियों को जांच के दायरे मे रखा गया। जिला परिवहन पदाधिकारी ने बताया कि आवश्यक दस्तावेज यथा इंश्योरेंस, रोड टैक्स, फिटनेस, ड्राइविंग लाइसेंस के बगैर यात्रा करने तथा आवश्यक कागजात प्रस्तुत नहीं करने पर जुमार्ना बहुत कड़ा है। सिर्फ हेलमेट का उपयोग नहीं करते हुए पकड़े जाने पर जुमार्ना हेलमेट की खरीद मूल्य से भी ज्यादा है। हेलमेट और सीट बेल्ट पहन कर यात्रा करना ना सिर्फ यात्रा को सुविधाजनक बनाता है। इसके साथ साथ दुर्घटना होने पर आपकी सुरक्षा भी होती है। उन्होंने आगे बताया कि पुलिस अधीक्षक डॉ एहतेशाम वकारीब के निर्देशानुसार वाहनों की जांच की प्रक्रिया लगातार चलाई जायेगी और लोगों को जागरूक करने का कार्य भी निरंतर किया जाएगा। वर्तमान में यह अभियान जिले के सभी थाना क्षेत्रों में चलाया जा रहा है। आज चलाए गए वाहन जांच अभियान में दंड राशि वाहन से संबंधित आवश्यक कागजात नहीं प्रस्तुत करने पर वाहनों से 18,000 रुपये तक का जुर्माना वसूला गया तथा 04 वाहनों को गुमला थाना एवं 07 वाहन कामडारा थाना परिसर से जब्त किए गए। इसके अलावा कामडारा थाना के अंतर्गत दो सड़क दुर्घटनाओं का रोड सेफ्टी टीम के द्वारा निरीक्षण किया गया एवं एक्सीडेंट रिकॉर्डिंग फॉर्मेट की ट्रेनिंग भी दिलाई गई।
टीम एबीएन, गुमला। उपायुक्त गुमला शिशिर कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) योजनांतर्गत लंबित उपयोगिता प्रमाण पत्रों की उपलब्धता, बेसलाइन सर्वे से बाहर निर्मित शौचालयों का पुन: बेसलाइन एवं आईएमआईएस में अद्यतन आदि संबंधित विषयों पर समीक्षा हेतु बैठक का आयोजन नगर भवन गुमला में किया गया। बैठक में सदर प्रखंड, भरनो, रायडीह, घाघरा एवं बिशुनपुर प्रखंडों के सभी मुखिया एवं जल सहिया को बताया गया कि उनके द्वारा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) योजनांतर्गत प्रथम चरण में बेसलाइन सर्वे के तहत पंचायतों में शौचालयों का निर्माण कराया गया था, जिसका आंशिक उपयोगिता प्रमाण पत्र ही उपलब्ध कराया गया है तथा उपलब्ध उपयोगिता प्रमाण पत्रों के आएमआईएस जाँच में पाया जा रहा है कि सभी मुखिया एवं जल सहिया से संबंधित पंचायतों में बेसलाइन से बाहर शौचालयों का निर्माण कराया गया है जिन्हें आईएमआईएस में अद्यतन एवं शिफ्ट करने की आवश्यकता है, जिसके लिए संबंधित लाभुकों की आधार संख्या अनिवार्य है। विदित हो कि जिले में 36 हजार ऐसे लाभुक हैं जिनके शौचालयों का निर्माण बेसलाइन के बाहर किया गया है। वहीं 28 हजार शौचालयों का जियोटैगिंग का कार्य लंबित है। उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा ने 36 हजार लाभुक जिनके शौचालयों का निर्माण बेसलाइन के बाहर किया गया है, का ग्रामवार एवं पंचायतवार आधार संख्या तथा उनका नाम भरकर उपलब्ध कराए गए प्रपत्र में अंकित कर आधार कार्ड की छायाप्रति संलग्न कर अपने संबधित प्रखंड समन्वयक एवं कनीय अभियंता के माध्यम से 05 फरवरी तक प्रकल्प कार्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश पांचों प्रखंडों के मुखिया एवं जल सहियाओं को दिया। साथ ही अवशेष उपयोगिता प्रमाण पत्र जिसे मुखिया एवं जल सहियाओं द्वारा उपलब्ध नहीं कराया गया है, उसे भी प्राथमिकता के आधार पर 05 फरवरी तक अपने संबधित प्रखंड समन्वयकों को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित समयावधि के अंदर लंबित कार्यों को पूर्ण करने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने 28 हजार वैसे शौचालय जिनका जियोटैगिंग का कार्य लंबित है उन शौचालयों का जियोटैगिंग का कार्य भी पूर्ण कराने पर बल दिया। साथ ही उन्होंने कार्य में शिथिलता बरतने पर संबंधित मुखिया/ जलसहिया के विरूद्ध कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया। बैठक में उप विकास आयुक्त कर्ण सत्यार्थी ने 36 हजार लाभुकों का नाम पुन: बेसलाइन सर्वे की सूची में अद्यतन कराने हेतु उक्त लाभुकों के आधार कार्ड की छायाप्रति अथवा आधार कार्ड का फोटो खींचकर अपने संबंधित कनीय अभियंता को उपलब्ध कराने पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने सभी मुखिया एवं जल सहिया को बताया कि औ? शौचालयों का निर्माण करने से पूर्व प्रथम चरण में लंबित कार्यों को पहले पूर्ण करें। उन्होंने अगले तीन दिनों के अंदर युद्धस्तर पर लंबित कार्यों को पूर्ण करने का निर्देश दिया। अपर समाहर्त्ता सुधीर कुमार गुप्ता ने बताया कि गुमला जिले में लगभग 77 करोड़ की उपयोगिता प्रमाण पत्र लंबित हैं। इन सभी लंबित उपयोगिता प्रमाण पत्रों को उन्होंने अविलंब उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही ग्रामवार एवं पंचायतवार निर्मित शौचालयों का बेसलाइन सर्वे के तहत सत्यापन भी सुनिश्चित करने पर बल दिया। सदर अनुमंडल पदाधिकारी रवि आनंद ने बताया कि गुमला जिलांतर्गत 180 करोड़ की राशि बेसलाइन के तहत शौचालय निर्माण हेतु दिया गया था। जिसमें से 103 करोड़ के उपयोगिता प्रमाण पत्र उपलब्ध करा दिए गए हैं। शेष 77 करोड़ के उपयोगिता प्रमाण पत्र लंबित हैं। इस संबंध में उन्होंने पाँचों प्रखंडों के मुखिया, जल सहिया, प्रखंड समन्वयक एवं कनीय अभियंताओं को अगले तीन दिनों के अंदर अपने-अपने क्षेत्रांतर्गत लाभुकों के आधार कार्ड की छायाप्रति प्रपत्रों में संलग्न करते हुए उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि लंबित वित्तीय प्रविष्टियों का कार्य भी समय पर पूर्ण कराया जा सके। साथ ही उन्होंने बताया कि निर्धारित समयावधि में कार्य पूर्ण नहीं करने पर संबंधित मुखिया, जल सहिया आदि पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। नगर भवन में आयोजित बैठक में उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा सहित उप विकास आयुक्त कर्ण सत्यार्थी, अपर समाहर्त्ता सुधीर कुमार गुप्ता, सदर अनुमंडल पदाधिकारी रवि आनंद, कार्यपालक अभियंता पीएचईडी मंतोष कुमार मणि, गुमला/ भरनो/ रायडीह/ घाघरा/ बिशुनपुर प्रखंडों की मुखिया, जल सहिया, प्रखंड समन्वयक, कनीय अभियंता, पीएचईडी विभाग के क्रमीगण व अन्य उपस्थित थे।
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