झारखंड

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Published / 2022-02-13 05:19:33
आज रांची पहुंचेगा शहीद का पार्थिव शरीर, राज्यपाल ने किया नमन

टीम एबीएन, रांची। छत्तीसगढ़ के बीजापुर में हुए नक्सली हमले में सीआरपीएफ के असिस्टेंट कमांडेंट शांति भूषण तिर्की शहीद हो गए। साथ ही अप्पाराव नामक एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। तिर्की मूल रूप से सिमडेगा के बोलबा के थे। वर्तमान में उनका परिवार रांची के डिबडीह में रहता है। उनका पार्थिव शरीर रविवार को झारखंड पहुंचने की उम्मीद है। अधिकारियों ने बताया कि शनिवार सुबह सीआरपीएफ 168 बटालियन का बल रोड सुरक्षा ड्यूटी पर रवाना हुआ था। बासागुड़ा थाने के डोंगल चिंता नामक नाला के पास माओवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। जवानों ने भी जवाबी फायरिंग की। मुठभेड़ में शांति भूषण शहीद हो गए वहीं अप्पाराव घायल हो गए। घायल को इलाज के लिए हेलीकॉप्टर से जगदलपुर भेजा गया है। जानकारी मिलते ही अतिरिक्त बल को मौके पर भेजा गया है। इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। वहीं, शहीद का शव पोस्टमार्टम के लिए जगदलपुर भेजा गया, जहां पोस्टमार्टम के बाद उनका पार्थिव शरीर हेलीकॉप्टर से झारखंड भेजा जाएगा। राज्यपाल रमेश बैस ने छत्तीसगढ़ के बीजापुर में हुई मुठभेड़ में सीआरपीएफ के असिस्टेंट कमांडेंट व झारखंड के वीर सपूत एसबी तिर्की के शहीद होने पर दुख प्रकट किया है। उन्होंने कहा है कि मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले शहीद को कोटिश: नमन है। ईश्वर उनके परिजनों को इस पीड़ा को सहने की शक्ति प्रदान करें।

Published / 2022-02-13 05:16:05
झारखण्ड के नौ जिले हुए कोरोना फ्री, अब मात्र 1867 एक्टिव केस

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में कोरोना संक्रमण की तेज रफ्तार अब और कम हो रही है। 12 फरवरी को राज्य के 9 जिलों में कोई नया कोरोना संक्रमित नहीं मिला है। शनिवार को झारखंड के 15 जिलों में कुल मिलाकर 180 नए केस मिले हैं। वहीं 281 कोरोना मुक्त हुए हैं, एक्टिव केस की संख्या राज्य में घटकर 1867 हो गयी हैं। राज्य में 12 फरवरी को 51251 सैंपल की जांच में 180 नए कोरोना संक्रमित मिले हैं। वहीं, 281 कोरोना संक्रमित ठीक भी हुए हैं। झारखंड में शनिवार को कोरोना से कोई मौत नहीं हुई है। झारखंड में कोरोना से मरने वाले की कुल संख्या 5314 है। राज्य के 15 जिलों में मिले नए संक्रमित : झारखंड में शनिवार 12 फरवरी को 24 में से 15 जिलों में कोरोना के नए केस मिले हैं। चतरा, गढ़वा, गोड्डा, गुमला, हजारीबाग, लातेहार, लोहरदगा, साहिबगंज और सरायकेला ऐसे 09 जिले हैं जहां कोरोना का कोई नया केस नहीं मिला है। 12 फरवरी 2022 को सबसे ज्यादा जमशेदपुर में 64 नए कोरोना केस मिले हैं, रांची में 47 नए कोरोना संक्रमितों की पहचान हुई है। 12 फरवरी 2022 को किस जिले में कितने नए केस मिले : स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार को बोकारो में 14, चतरा 00, देवघर में 02, धनबाद में 03, दुमका में 05, जमशेदपुर में 64, गढ़वा में 00, गिरिडीह में 02, गोड्डा में 00, गुमला में 00, हजारीबाग में 00, जामताड़ा में 01, खूंटी में 05, कोडरमा में 09, लातेहार में 00, लोहरदगा में 00, पाकुड में 02, पलामू में 8, रामगढ़ में 02, रांची 47, साहिबगंज 00, सरायकेला खरसावां 00, सिमडेगा 03 और पश्चिमी सिंहभूम 13 नए कोरोना संक्रमित के मिले हैं। कोरोना इंडिकेटर्स में झारखंड : एक समय में झारखंड में कोरोना तेजी से पैर पसार रहा था, लेकिन अब बड़ी संख्या में रिकवरी से कोरोना इंडिकेटर्स में झारखंड की स्थिति लगातार सुधर रही है। यह सभी मानकों पर देश के राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। राज्य में 7 डेज ग्रोथ रेट 0.05% है। वहीं 7 डेज डबलिंग रेट 1390.26 दिन का हो गया है। रिकवरी रेट भी 98.34% है, जबकि मोर्टेलिटी रेट 1.22% है।

Published / 2022-02-12 19:27:16
राज्यपाल को भाजपाइयों ने सौंपा ज्ञापन, सीएम की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग

टीम एबीएन, रांची। प्रदेश भाजपा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता रद्द कर उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाई की मांग करते हुए राज्यपाल को एक ज्ञापन सौपा। पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास, विधायक सीपी सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष गंगोत्री कुजूर, प्रदेश महामंत्री आदित्य साहू और प्रदेश मंत्री नवीन जयसवाल ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा मुख्यमंत्री द्वारा पद पर रहते हुए अपने नाम पर अंगना में स्टोन माइंस लेने की जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 192 के तहत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अयोग्यता की मांग करने हेतु याचिका दी। झारखंड विधानसभा के सदस्य एवं झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, जो भारत के संविधान के अनुच्छेद 191(e) के तहत अयोग्य हैं, (जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 9 (ए) के तहत अयोग्य), की सदस्यता रद्द करने एवं कानून सम्मत कार्रवाई करने हेतु। जिन 8 सूत्री ज्ञापन में जो मांग की गई है वो है 1. हेमंत सोरेन 2019 में हुए चुनाव में बरहेट निर्वाचन क्षेत्र से झारखंड विधानसभा के सदस्य के रूप में चुने गए थे। बाद में वे झारखंड के मुख्यमंत्री बने और आज तक इस पद पर हैं। 2. वर्तमान मुख्यमंत्री ने 2008 में ही अपने पक्ष में मौजा-अंगारा प्लॉट संख्या 482 में 0.88 एकड़ क्षेत्र में स्टोन माइनिंग लीज के संबंध में खनन योजना की स्वीकृति मांगी थी जो विचाराधीन थी। 3. लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 9(A) के तहत एक व्यक्ति को अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा, यदि, और जब तक, उसके द्वारा अपने व्यापार या व्यवसाय के दौरान उचित सरकार के साथ एक अनुबंध किया जाता है माल की आपूर्ति, या उस सरकार द्वारा किए गए किसी भी कार्य के निष्पादन के लिए। आपकी तरह के विचार के लिए धारा 9(A) पुन: प्रस्तुत की गई है 4. लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 9(A) का उद्देश्य, जैसा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बार-बार कहा गया है, विधायिका की शुद्धता बनाए रखना और विधायकों के व्यक्तिगत हितों और कर्तव्य के टकराव से बचना है। यह अजीब तर्क होगा कि सरकार के साथ एक मौजूदा अनुबंध वाले व्यक्तियों को विधायिका के सदस्य बनने के लिए अवांछनीय माना जाता है क्योंकि निर्वाचित होने पर विधायक के रूप में उनके कर्तव्य और ठेकेदारों के रूप में उनके व्यक्तिगत हितों के बीच संघर्ष की संभावना है, लेकिन विधायक कर सकते हैं दण्ड से मुक्ति के साथ सरकार के साथ अनुबंध करना। 5. वर्तमान मामला निरर्हता की निगरानी के अंतर्गत आता है। माननीय राज्यपाल के पास संविधान के अनुच्छेद 192 के तहत अयोग्यता के प्रश्न की जांच करने का अधिकार है क्योंकि यह विधायिका के सदस्य के रूप में उनके चुनाव के बाद उनके द्वारा प्राप्त किया गया है। यह मुद्दा माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा (2015) 12 एससीसी 507 में तय किया गया है। इसलिए, अनुच्छेद 192 के तहत राज्यपाल को यह तय करना है कि क्या किसी विधायक ने अयोग्य घोषित करने वाली घटनाओं में से एक के होने पर किसी विशेष तारीख को अयोग्यता हासिल कर ली है। संविधान का अनुच्छेद 191 (i) (e), जैसा कि वर्तमान मामले में है। 6. अन्यथा भी, उपरोक्त दस्तावेजों को पढ़ने पर यह स्पष्ट होगा कि मुख्यमंत्री ने एक लोक सेवक के रूप में भी आपराधिक कदाचार किया है और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13 (2) के तहत कार्यवाही के लिए उत्तरदायी है। 7. भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 2 (C) के तहत परिभाषित एक लोक सेवक होने के नाते उसे लोक कर्तव्य के प्रदर्शन के लिए सरकार द्वारा भुगतान और पारिश्रमिक दिया जाता है। यह आचरण स्पष्ट रूप से खनन पट्टे के अनुदान द्वारा आर्थिक लाभ के लिए अनुचित लाभ लेने के लिए प्रलोभन के समान है, जो कि पी.सी. की धारा 7 के तहत एक अपराध है। अधिनियम 1988। खनन पट्टे का अनुदान और उसके बाद पर्यावरण मंजूरी स्पष्ट रूप से मुख्यमंत्री के रूप में अपने पद का दुरुपयोग है, जो उनके अधीन काम करने वाले अन्य लोक सेवक पर व्यक्तिगत प्रभाव का उपयोग कर रहा है। 8. गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी मंत्रियों के लिए आचार संहिता के तहत भी, मंत्री के रूप में पद ग्रहण करने के तुरंत बाद और किसी भी मामले में पद ग्रहण करने की तारीख से 2 महीने की अवधि के भीतर उसे चाहिए मंत्री या मुख्यमंत्री के रूप में अपनी नियुक्ति से पहले किसी भी व्यवसाय के संचालन और प्रबंधन से सभी संबंध तोड़ दें, जिसमें उनकी रुचि थी। उसे किसी भी व्यवसाय को शुरू करने या उसमें शामिल होने से बचना पड़ता है और यहां तक कि उसके परिवार के सदस्यों को भी इस तरह की व्यावसायिक चिंताओं में नहीं लगाया जा सकता है।

Published / 2022-02-12 19:23:36
मेडिकल पीजी में एडमिशन के नाम पर ले लिया 51.41 लाख

एबीएन डेस्क। मेडिकल पीजी में एडमिशन के नाम पर 51.41 लाख की ठगी का मामला सामने आया है। रांची के डोरंडा इलाके के रहने वाले वासुदेव तांती ने धनबाद के रहने वाले दो आरोपियों के खिलाफ रांची के डोरंडा थाने में ठगी की प्राथमिकी दर्ज करवाई है। उनका आरोप है कि एमबीबीएस कॉलेज में एडमिशन के नाम पर उनसे 51 लाख रुपए से ज्यादा की ठगी की गई है। रांची के डोरंडा थाने में दिए गए लिखित आवेदन में वासुदेव तांती ने बताया है कि उनकी बेटी रूही कुमारी कर्नाटक के कॉलेज से एमबीबीएस पास कर चुकी है। पढ़ाई के दौरान ही उसकी मुलाकात धनबाद के रहने वाले अजीत कुमार से हुई थी। उस दौरान अजीत ने रूही को यह बताया था कि उसके पिता एक बड़े अधिकारी हैं और उसे अगर मेडिकल पीजी में एडमिशन करवाना हो तो वह मदद करेंगे। रूही के एडमिशन के लिए उसके पिता वासुदेव धनबाद गए और वहां अजीत और उसके पिता दीनानाथ प्रसाद से मिले। उस दौरान एडमिशन के लिए पैसे देने की बात हुई जिसके लिए वासुदेव तैयार हो गए हैं और उन्होंने अलग-अलग किस्तों में 51.41 लाख रुपये अजीत को दे दिए। पैसे देने के बाद रूही और उसके पिता लगातार अजीत से एडमिशन के लिए संपर्क करते रहे, लेकिन अजीत आज कल कह उन्हें लगातार टालता रहा। इसी बीच जिस कॉलेज में एडमिशन की बात हुई थी उसकी लिस्ट भी निकल गई लेकिन उसमें रूही का नाम नहीं था। बात करने पर अजीत ने बताया कि उसके पैसे वापस कर दिए जाएंगे क्योंकि एडमिशन नहीं हो पाया, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी पैसे वापस नहीं किए गए। अब थक हार कर रूही के पिता ने डोरंडा थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई है।

Published / 2022-02-12 19:12:54
पलामू : हिरण के शिकारी को पुलिस ने भेजा जेल

टीम एबीएन, पलामू। झारखंड में पलामू जिले के नीलांबर-पीतांबरपुर थाना क्षेत्र के डबरा आहर से घायल अवस्था में मिले चार वर्षीय नर हिरण की इलाज के लिए ले जाये जाते समय रास्ते में मौत हो गयी। वन विभाग के सूत्रों ने बताया कि हिरण की मौत उसकी सींग में काफी देर तक रस्सी फंसे रहने और जबड़े पर लाठी के प्रहार के कारण हुई। उन्होंने बताया कि हिरण की हालत शिकारी के बल प्रयोग के कारण गंभीर हो गयी थी और उसे इलाज के लिए लेस्लीगंज के पशु चिकित्सक के पास ले जाया गया लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले की उसने दम तोड़ दिया। इस मामले में कार्रवाई करते हुए वनकर्मियों ने हिरण को फंसाने वाले शिकारी ग्रामीण लालदेव यादव (30 वर्ष) को वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार किया और अदालत ने उसे जेल भेज दिया। कुंदरी के वन क्षेत्र पदाधिकारी (रेंजर) संदीप कुमार चौधरी ने बताया कि हिरण को बचाने के लिए इलाज के लिए लेस्लीगंज के पशु चिकित्सक के पास ले जाया गया था लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गयी। इस मामले में डबरा के रहने वाले लालदेव यादव को हिरण का शिकार करने के आरोप में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। वन विभाग ने आज हिरण के शव का पोस्टमार्टम कराया और फिर उसे नियमानुसार दफना दिया गया। चौधरी ने बताया कि छानबीन में सामने आया है कि डबरा गांव के लालदेव यादव नामक व्यक्ति ने जंगली सूअर का शिकार करने के लिए तार का फंदा लगाया था जिसमें सूअर की जगह जंगल से भटक कर आया नर हिरण फंस गया। आरोपी ने पूछताछ के दौरान कहा है कि सुअर का शिकार करने के लिए आहर (छोटा तालाब) के किनारे तार का जाल लगाया था लेकिन उसमें हिरण फंस गया। आरोपी के अनुसार हिरण के सिंग में रस्सी और तार फंस जाने के बाद उसे काबू में करने के लिए उसने उसके जबड़े पर लाठियों से मारा था। इस घटना की सूचना सबसे पहले ध्रुव सिंह नामक व्यक्ति ने दी जिसने अपने दो साथियों के साथ पानी से भरे आहर में हिरण को तड़पते देखा था।

Published / 2022-02-12 18:40:46
आतंक का पर्याय था गिरफ्तार "चुहा"

टीम एबीएन, रांची। रांची के व्यवसायियों में खौफ पैदा करने वाला नक्सली संगठन पीएलएफआई का दो लाख का इनामी चूहा आखिर पुलिस गिरफ्त में आ ही गया। खूंटी, सिमडेगा, गुमला, चाईबासा से लेकर हजारीबाग, रामगढ़ समेत सूबे के अन्य जिलों में व्यवसायियों को वाट्सएप कॉल करके रंगदारी की मांग करता था और नहीं देने वालों को कार्रवाई की धमकी देता था। पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप का लेवी देने वाला अवधेश जायसवाल उर्फ चुहा उर्फ सरदार उर्फ बिहारी उर्फ मनोज को खूंटी पुलिस ने मुरहू थाना क्षेत्र के कुम्हारडीह से गिरफ्तार किया। पुलिस पर फायरिंग करते हुए भाग रहे थे दोनों दो लाख का इनाम और 40 कांडों का वांछित नक्सली अवधेश उर्फ चूहा खूंटी से गिरफ्तार हुआ है। एक पीटू बैग, आधार कार्ड, पेन कार्ड (मनोज जायसवाल के नाम से), संगठन का पर्चा और चंदा रसीद, नकद 2110 रुपया, 3 पीस छोटा मोबाइल, 3 पीस बड़ा मोबाइल, 12 जिओ कंपनी का राउटर समेत अन्य समान बरामद हुआ है। एसपी आशुतोष शेखर ने एक प्रेस कांफ्रेंस कर गिरफ्तारी का खुलासा करते हुए बताया कि इसकी गिरफ्तारी को लेकर कई दिनों से गठित टीम कार्रवाई कर रही थी। लेकिन पुलिस को कोई सफलता नहीं मिली। खूंटी पुलिस और आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) अवधेश की गिरफ्तारी के लिए बिहार भी गयी। लेकिन वहां से पता चला कि अवधेश बिहार में नही बल्कि खूंटी जिला में मुरहू के कुम्हारडीह में छिपा हुआ है। खूंटी पुलिस ने आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) के साथ मुरहू इलाके की घेराबंदी करते हुए शुक्रवार की अहले सुबह उसे कुम्हारडीह से गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर कई मोबाइल फोन, सिम कार्ड, राउटर समेत कई सामान बरामद किए गए। गिरफ्तार नक्सली अवधेश ने पुलिस को कई खुलासे किए हैं, जिसमें प्रमुख पुलिस के साथ मुठभेड़ करना शामिल है। एसपी ने बताया कि हाल के दिनों में सुप्रीमो दिनेश गोप के साथ हुए मुठभेड़ में शामिल रहता था। पुलिसिया पूछताछ में अवधेश ने बताया कि सुप्रीमो के इशारे पर व्यवसायियों से वीडियो और ऑडियो कॉल करके रंगदारी वसूलता था। फिलहाल पुलिस ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और पूछताछ में दिए बयान पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। एसपी ने बताया कि सुप्रीमो दिनेश गोप के ठिकाने से लेकर उससे जुड़े कई अन्य मामलों का भी खुलासा हुआ है, जिसे जल्द ही खूंटी पुलिस खुलासा करेगी। फिलहाल पुलिस बयानों के आधार पर कार्रवाई कर रही है।

Published / 2022-02-12 17:15:27
बजट सत्र के प्रश्नकाल में रांची के सांसद ने रखी राज्य की समस्याएं

एबीएन सेंट्रल डेस्क। लोकसभा के बजट सत्र में आयोजित प्रश्नकाल में रांची के भाजपा सांसद संजय सेठ ने राज्य की समस्याओं को पटल पर रखा। इस दौरान उन्होंने राज्य में लगातार हो रही मॉब लिंचिंग पर रोक लगाने के लिए कड़े नियम बनाने और उन्हें सख्ती से लागू करवाने की मांग भी की। इस दौरान नियम 377 के तहत लोकसभा में रांची में रेलवे का क्षेत्रीय कार्यालय खोलने का आग्रह किया। 255 छोटे-बड़े रेलवे स्टेशन के माध्यम से सालाना 25,000 करोड रुपये का राजस्व झारखंड रेल मंत्रालय को देता है। ऐसी स्थिति में झारखंड में रेलवे के विकास को और गति मिले, इसलिए यह आवश्यक है कि यहां रेलवे का क्षेत्रीय कार्यालय खोला जाए। नियम 377 के तहत लोकसभा में झारखंड और देश के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन को लिपिबद्ध करने का आग्रह सरकार के समक्ष रखा। आजादी के अमृत काल में जब हम देश की आजादी का 75वां वर्षगांठ मना रहे हैं तो ऐसे में यह आवश्यक है कि गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन को जनता के सामने लाया जाए। उसे स्कूली पाठ्यक्रम में भी शामिल किया जाए। स्वतंत्रता सेनानियों को अमृत काल में हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। शून्यकाल में हजारीबाग के बरही में मॉब लिंचिंग का शिकार हुए रूपेश पांडेय के परिवार को न्याय दिलाने और इसकी सीबीआई से जांच कराने की मांग सरकार के समक्ष रखा। मॉब लिंचिंग के मामले में झारखंड की स्थिति दिन प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है, इसलिए केंद्र सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप का आग्रह किया। झारखंड के स्वतंत्रता सेनानी जीतराम बेदिया को मान्यता देने से संबंधित आग्रह सदन में किया ताकि जीतराम बेदिया जी के द्वारा स्वतंत्रता संग्राम में जो योगदान दिया गया, हम सब उनके प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट कर सकें। ऐसे सभी स्वतंत्रता सेनानियों के लिए आजादी के इस अमृत काल में मेमोरियल बनाने का आग्रह किया। रासायनिक उर्वरकों का कृषि कार्यों पर पड़ रहे प्रभाव को लेकर लोकसभा में सरकार के समक्ष सवाल रखा। जिसमें यह जवाब आया कि 5 दशक में रासायनिक उर्वरकों के उपयोग से मिट्टी का स्वास्थ्य खराब हुआ है। इसका असर आम जीवन पर भी पड़ा है। इसको देखते हुए 2015 से राष्ट्रीय स्तर पर मिट्टी के स्वास्थ्य परीक्षण पर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने काम करना शुरू किया है। वहीं झारखंड को बीते 3 वर्ष में जितनी आवश्यकता है, उससे अधिक खाद की आपूर्ति किसानों के लिए की गई है। कोरोना संक्रमण काल में विद्यालय और अभिभावकों की स्थिति को देखते हुए शिक्षण शुल्क माफ करने या इसमें छूट देने से संबंधित जानकारी सरकार से मांगा। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने जवाब में यह बताया कि स्कूलों के शिक्षण शुल्क पर पूर्णत: राज्य सरकार का नियंत्रण होता है, इसलिए इस मामले में राज्य सरकार ही उचित फैसला ले सकती है। कौशल विकास से संबंधित सवाल सदन के माध्यम से सरकार के समक्ष रखा, जिसमें यह बताया गया कि कौशल विकास से प्रशिक्षण प्राप्त कर देश भर में 23 लाख 70 हजार 255 लोगों को नौकरियां मिली है, जिनमें झारखंड में 26671 लोग शामिल हैं। कौशल विकास मंत्रालय महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी बेहतर कार्य कर रहा है ताकि महिलाओं के कौशल का विकास हो। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय से मेरा सवाल स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने से संबंधित था, जिसके जवाब में मंत्रालय ने बताया कि झारखंड में 410 करोड़ की लागत से 21 हजार से अधिक पर योजनाओं का संचालन हुआ। इन परियोजनाओं के माध्यम से खादी सिल्क, मोची मिशन, इमली प्रसंस्करण, मधु मिशन, कुंभकार सशक्तिकरण, अगरबत्ती निर्माण से संबंधित कई प्रकार के प्रशिक्षण का आयोजन हुआ और वर्तमान में 4000 से अधिक लोग स्वरोजगार कर रहे हैं। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना से संबंधित सवाल पर केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय ने जवाब दिया कि झारखंड के 264 लाख लाभुकों को इस योजना का लाभ मिल रहा है और अब तक झारखंड को 19 लाख मिट्रिक टन अनाज उपलब्ध कराया जा चुका है। मार्च 2022 तक यह योजना चलेगी, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा खाद्य कानून के तहत प्रति व्यक्ति 5 किलो मुफ्त अनाज उपलब्ध कराया जा रहा है। पोषक तत्वों से भरपूर मोटे व खुरदरे अनाजों की खेती से संबंधित सवाल पर केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने बताया कि मोटे व खुरदरे अनाजों की खेती को केंद्र सरकार प्रोत्साहित कर रही है। बीते 3 वर्षों में मकई की खेती में देश भर में जबरदस्त इजाफा हुआ है और इसकी पैदावार के साथ इसकी खपत में भी बढ़ोतरी हुई है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से जुड़े सवाल पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में राज्य के 17 लाख 53 हजार किसानों को किसान सम्मान निधि की राशि प्रदान की गई है। किसान खेती के तरफ अधिक से अधिक ध्यान दें, इसके लिए केंद्र सरकार लगातार प्रयासरत है और इस दिशा में प्राकृतिक खेती को बढ़ाने से संबंधित योजनाओं पर भी काम चल रहा है।

Published / 2022-02-12 14:09:22
एक साल से बकाया मानदेय को लेकर पोषण सखी संघ (सीटू) ने बनायी आंदोलन की रणनीति

टीम एबीएन, कोडरमा। आंगनबाड़ी केन्द्रों में कार्यरत पोषण सखी को एक साल से बकाया मानदेय को लेकर ब्लॉक परिसर में पोषण सखी संघ (सीटू) की बैठक जरीना खातून की अध्यक्षता में हुई। आर्थिक तंगी की मार झेल रही अक्रोषित पोषण सखियों ने बजट सत्र में विधान सभा का घेराव करने का प्रस्ताव पास किया। साथ ही 23 फरवरी को समाहरणालय पर जिला समाज कल्याण पदाधिकारी के समक्ष विरोध प्रदर्शन करने का भी निर्णय लिया गया। बैठक को संबोधित करते हुए सीटू राज्य कमिटी सदस्य और मजदूर नेता संजय पासवान ने कहा कि आंगनबाड़ी कर्मियों ने हेमन्त सरकार को थोक मे वोट दिया था, लेकिन झारखंड की जेएमएम सरकार के द्वारा आज राज्य के छह जिलों चतरा, गिरिडीह, धनबाद, दुमका, गोड्डा और कोडरमा के आंगनबाड़ी केन्द्रों में कार्यरत दस हजार से ज्यादा पोषण सखी की रोजी रोटी छीनकर इनका रोजगार पर बुलडोजर चलाना चाहती है, पिछले 12 माह से पोषण सखी को मानदेय नहीं मिल रहा है। जिसके कारण इनके सामने भूखमरी की स्थिति हो गई है। कई बार आंदोलन के माध्यम से आवाज उठाया गया है, सरकार पर कोई असर नहीं पड़ा है। वहीं दूसरी तरफ केन्द्र सरकार के द्वारा 2017 में ही परियोजना को समाप्त कर राज्यों पर बोझ लाद दिया है। राज्य सरकार द्वारा इनका समायोजन कर इन्हें अतिरिक्त सेविका का दर्जा दिए जाने की मांग सीटू लगातार कर रहा है। हेमन्त सोरेन सरकार एक तरफ रोजगार देने की बात कहते थक नहीं रही हैं, दूसरी तरफ पोषण सखी को मानदेय नहीं दिया जा रहा है और उन्हें नौकरी से हटाने की साजिश किया जा रहा है। कोरोना काल में लाखों लोगों की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है, ऐसे समय में पोषण सखी को हटाने के बारे सोचना मानवता के खिलाफ है। बैठक में अंजुम प्रवीण, गायत्री देवी, पिंकी कुमारी, सुलेखा वर्मा, जरीना खातुन, सलमा खातून, विनीता यादव, प्रीति कुमारी, रजनी कुमारी, शिल्पी देवी, अनु कुमारी, ललिता देवी, सबिता देवी, साहिन प्रवीण, पुजा रजक, सुमित्रा देवी, रिंकी देवी, भारती देवी, माया प्रसाद, निशा भारती, अंजु देवी, रिंकी देवी, अंजु कुमारी, उर्मिला कुमारी, सोनी कुमारी, नैन्सी देवी, विद्या देवी, ललिता देवी आदि मौजूद थी।

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