टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 13/2/2022 संत जॉन पल्ली बालूमाथ में बिशप थियोडोर का आगमन हुआ। पल्ली पुरोहित फादर ज्योतिष ने बिशप थियोडोर का पूरे पल्ली वासियों के साथ उनका स्वागत किया और मिस्सा पूजा शुरू की गई। बिशप थियोडोर पल्ली के सभी परिवार में शांति और अच्छी स्वास्थ्य के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। उन्हों अपने संदेश में कहा प्रभु की नजर में प्रत्येक व्यक्ति मूल्यवान है। हम सभों को आपने जीवन में उदार होना चाहिए। उदारता जैसे संस्कार हमें अपने परिवार से मिलता है, विशेष कर मां से। उन्हों ने सभी बच्चों से कहा आप खूब पढ़ाई करें और आगे बड़ें। आप सभी जीवन में अच्छे बने। क्योंकि आज सभी जगह अच्छे लोगों की जरूरत है। आप जीवन में बड़े लक्ष्य रखें देश और समाज की सेवा में आगे बढ़ें। मौके पर बिशप थियोडोर के साथ पल्ली पोराहित फादर ज्योतिष, फादर ज्ञानचंद , फादर प्रदीप, फादर पैट्रिक रांची से फादर बिपिन, धर्मबहने और पल्ली के विश्वासी भाई- बहन उपस्थित थे।
टीम एबीएन, कोडरमा। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान द्वारा आयोजित राष्ट्रीय वैदिक गणित प्रश्न मंच प्रतियोगिता में कैलाश राय सरस्वती विद्या मंदिर झुमरी तिलैया, कोडरमा के भैया बहनों ने अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करते हुए द्वितीय स्थान को प्राप्त किया। सभी भैया बहन आज की सफलता का श्रेय अपने गणित के आचार्य संजय महतो को देते हुए उनके प्रति आभार प्रकट किया। मौके पर विद्यालय के प्राचार्य शर्मेंद्र कुमार साहू ने अपने उद्बोधन में बताया कि विद्या भारती द्वारा वैदिक गणित जैसी विधा जो आज विलुप्त होती जा रही है, इसे पुष्पित व पल्लवित करने के दृष्टिकोण से राष्ट्रीय स्तर तक वैदिक गणित प्रश्न मंच एवं पत्र वाचन जैसे प्रतियोगिताओं को कराया जाता है। इस प्रतियोगिता में विद्यालय के भैया बहन विद्यालय, संकुल, विभाग, प्रांत और क्षेत्र के प्रतियोगिताओं में प्रथम स्थान प्राप्त करते हुए राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचते हैं। इसमें वैसे भैया बहन जो शामिल होते हैं वे वास्तव में गणित के क्षेत्र में अद्वितीय प्रतिभा के धनी होते हैं। यह सफलता आज विद्यालय के लिए ही नहीं बल्कि पूरे प्रांत क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। अपने भैया बहन इस प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान को प्राप्त कर विद्यालय के नाम को पुनः भारत के मानचित्र पर एक विशेष स्थान दिलाने में अपनी भूमिका निभाई है। आज संपूर्ण विद्यालय परिवार इस अवसर पर प्रसन्नचित्त है और आज के दिन विद्यालय के लिए गौरव का दिन है। कार्यक्रम को सफल बनाने में तकनीकी दृष्टिकोण से दीपक कुमार विश्वकर्मा, नीरज कुमार सिंह का सक्रिय एवं सफल सहयोग प्राप्त हुआ। आज की सफलता पर समिति के सचिव नारायण सिंह, कोषाध्यक्ष नवल कुमार, उपाध्यक्ष अरविंद आदि ने भी भैया बहनों को हार्दिक शुभकामनाएं दी एवं उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगल कामना किये।
टीम एबीएन, रांची। लालू प्रसाद यादव रांची पहुंच गए हैं। बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर उस वक्त अफरातफरी का माहौल हो गया जब लालू यादव डोरंडा चारा घोटाला मामले में पेश होने के लिए रांची पहुंचे। एयरपोर्ट पहुंचते ही राजद कार्यकर्ताओं की अनियंत्रित भीड़ लालू यादव की एक झलक देखने के लिए टूट पड़ी। इसके बाद लालू यादव के साथ मौजूद लोगों और सिक्योरिटी की टीम ने अनियंत्रित भीड़ को कंट्रोल कर लालू यादव को एयरपोर्ट से सुरक्षित निकाला। लालू यादव चारा घोटाला मामले में सीबीआई की विशेष अदालत में 15 फरवरी को पेश होंगे। इसी दिन कोर्ट अपना फैसला सुनाएगी। लालू यादव अब तक पहले चार मामलों में दोषी करार दिए जा चुके हैं। उन्हें उस मामले में सजा भी हो चुकी है। फिलहाल वो जमानत पर बाहर हैं। डोरंडा ट्रेजरी से चारा खरीद के नाम पर हुए 139.35 करोड़ के अवैध निकासी मामले में 170 आरोपियों में से लालू प्रसाद, आरके राणा, ध्रुव भगत, जगदीश शर्मा सहित 99 आरोपी वर्तमान समय में ट्रायल फेस कर रहे हैं। 1996 में कांड दर्ज होने के बाद सीबीआई की विशेष अदालत इस केस की सुनवाई के लिए गठित की गई थी। रांची सिविल कोर्ट कैंपस में सेवेन (7) कोर्ट बिल्डिंग के नाम से मशहूर इस अदालत परिसर में चारा घोटाला केस की सुनवाई एक के बाद एक होती रही। डोरंडा ट्रेजरी से जुड़े मामले में अभियुक्तों और गवाहों की लंबी चौड़ी संख्या के कारण सुनवाई पूरी होने में 26 वर्ष लग गए। इस दौरान अन्य केस में फैसले आते चले गए। समय के साथ अदालत भी हाईटेक होती गई। अब कम्प्यूटर से युक्त सभी न्यायालय में कामकाज तेजी से हो रहा है। अधिवक्ता अविनाश पांडेय मानते हैं कि डोरंडा ट्रेजरी केस में आने वाला फैसला चारा घोटाले के अन्य केसों से अलग होगा। वहीं लालू समर्थकों का कहना है कि अदालत का जो भी फैसला आएगा उसका वे सम्मान करेंगे।
टीम एबीएन, रांची। छत्तीसगढ़ के बीजापुर में हुए नक्सली हमले में शहीद हुए झारखंड के वीर सपूत शांति भूषण तिर्की को रांची में अंतिम विदाई दी गई। सीआरपीएफ कैंप में उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राज्यपाल रमेश बैस सहित सीआरपीएफ और झारखंड पुलिस के कई आला अधिकारी पहुंचे थे। शहीद की पत्नी पुष्पा तिर्की को देख कर सीएम वहां पहुंचे और उन्हें यह भरोसा दिलाया कि वह किसी भी समय किसी भी तरह की मदद के लिए उनसे संपर्क कर सकती हैं। इसी दौरान शहीद की ढाई साल की बेटी को सीएम ने अपने गोद में उठा लिया और उसे काफी देर तक खिलाते रहे इस दौरान सीएम ने मासूम से कहा कि वह हमेशा उसके साथ हैं। राज्यपाल और सीएम ने दी श्रद्धांजलि : शहीद शांति भूषण तिर्की को रांची के सीआरपीएफ कैंप में श्रद्धांजलि दी गई। मौके पर झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित सीआरपीएफ और झारखंड पुलिस के आला अधिकारी मौजूद थे। राज्यपाल और मुख्यमंत्री के बाद आला अधिकारियों ने भी शहीद कमांडेंट को श्रद्धांजलि अर्पित की। शनिवार को बीजापुर के बासागुड़ा थाने में सीआरपीएफ बटालियन की एक टुकड़ी पुतकेल गांव की ओर रवाना हुई थी। इस टीम में रोड ओपनिंग पार्टी भी शामिल थी। जब यह टीम पुतकेल गांव के करीब डोंगलचिता नदी के पास पहुंची तो घात लगाए नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवान जब तक संभल पाते तब तक इस हमले में सीआरपीएफ के असिस्टेंट कमांडेंट शशि भूषण तिर्की शहीद हो गए, जबकि एक जवान इस हमले में घायल हो गया। जवान का नाम अप्पा राव बताया जा रहा है। हमले के बाद नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के जवानों के हथियार भू लूट लिए थे।
टीम एबीएन, बरही (हजारीबाग)। बरही में इन दिनों सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। पिछले 1 सप्ताह से बरही मे तनाव की स्थिति बनी हुई है। सरस्वती पूजा के विसर्जन दौरान दो गुटों में हिंसक झड़प हुई, जिसमें रुपेश पांडेय की मौत हो गई। इस घटना को शांत कराने में पुलिस और जिला प्रशासन दिन रात जुटे रहे। हालांकि, रविवार को सिर्फ से सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश की गई है। बताया जा रहा है कि एक गुट की ओर से धार्मिक स्थल को क्षतिग्रस्त किया गया। इस घटना के बाद दूसरा गुट बरही चौक पहुंच गए और सड़क जाम कर कार्रवाई की मांग करने लगा। हालांकि, इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है। इसको लेकर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है और वरीय पुलिस पदाधिकारी कैंप कर रहे हैं। प्रशासनिक पदाधिकारी लोगों से अपील कर रहे हैं कि शांति व्यवस्था बनाये रखें। इस घटना में जो भी व्यक्ति दोषी होगा, उसपर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले सरस्वती पूजा मूर्ति विसर्जन के दौरान संदेहास्पद स्थिति में मौत हो गई थी। इस घटना के बाद दो गुट आपस में भिड़ गए थे। इस घटना में कई घरों और वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया था। वहीं, इस घटना को राजनीतिक रंग भी देने की कोशिश की गई और पिछले कई दिनों से कई नेता बरही पहुंचे और घटना के खिलाफ बयान दिये हैं।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के 30 मजदूर मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर के बेंटोक शहर में फंसे हुए हैं। इन मजदूरों ने सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड कर भारत एवं झारखंड सरकार से वतन वापसी की गुहार लगाई है। ये लोग गिरिडीह, बोकारो और हजारीबाग जिले के रहने वाले हैं। इनमें से सात गिरिडीह जिले के हैं। गिरिडीह जिले के बगोदर प्रखंड के विनोद कुमार महतो, बासुदेव महतो, रामेश्वर महतो, बुधन महतो और डुमरी प्रखंड के बुध देव प्रसाद, देव आनंद महतो, विनोद महतो मजदूरों में शामिल हैं। बता दें कि झारखंड के 33 मजदूर अफ्रीका के माली में फंसे हुए थे। उनलोगों ने सरकार से वतन वापसी की गुहार लगाई और सरकार ने तुरंत पहल करते हुए लोगों को वहां से लाना शुरू किया। अब माली के बाद मलेशिया में झारखंड के 30 मजदूर फंसे हुए हैं। वे लोग सरकार से वतन वापसी की गुहार लगा रहे हैं। मलेशिया में फंसे मजदूरों का कहना है कि पिछले 4 महीनों से उन्हें तनख्वाह नहीं मिला है। वे लोग दाने-दाने को मोहताज हैं। मजदूरों ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर अपनी परेशानी बताई है। मजदूरों का कहना है कि उनलोगों को 3 साल के एग्रीमेंट पर वहां पर ले जाया गया था। सभी का एग्रीमेंट पूरा हो चुका है। बावजूद इसके कंपनी उन्हें घर लौटने नहीं दे रही है। इतना ही नहीं 4 महीने का वेतन भी रख लिया गया है। उन्हें मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना दिया जा रहा है। इसलिए उनकी वतन वापसी को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पहल करें।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में लोहरदगा के पेशरार थाना क्षेत्र में बुलबुल के जंगलों में नक्सलियों का बड़ा अड्डा नष्ट करने के बाद सुरक्षा बलों ने शनिवार को इस क्षेत्र में तलाशी अभियान जारी रखा। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि पुलिस एवं केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवान जंगलों में डटे हुए हैं और नक्सली रविंदर गंझू को पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उसकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। हेलीकॉप्टर से कई वरीय पुलिस अधिकारी भी इन जंगलों में पहुंचे, लगभग साढ़े चार सौ पुलिसकर्मी एवं सुरक्षाकर्मी इस अभियान में लगे हुए हैं। इससे पूर्व शुक्रवार को बुलबुल इलाके में नक्सलियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने उनका एक अड्डा ध्वस्त कर बड़ी मात्रा में गोलाबारूद बरामद किया तथा मुठभेड़ में अनेक नक्सलियों को हताहत भी करने में सफलता पायी। अभियान में केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की कोबरा बटालियन के दो जवान विस्फोट में गंभीर रूप से घायल हो गये जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए रांची भेजा गया था। झारखंड पुलिस के प्रवक्ता पुलिस महानिरीक्षक (कार्रवाई) एवी होमकर ने बताया था कि लोहरदगा जिले के उग्रवाद प्रभावित इलाके बुलबुल में पचास से साठ नक्सलियों के एकत्रित होने की सूचना पर पुलिस और केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल ने संयुक्त अभियान चलाकर पहाड़ में एक गुफा में बनाये गये उनके एक अड्डे को नष्ट कर दिया और वहां से बड़ी मात्रा में गोलाबारूद बरामद किया। उन्होंने कहा कि मुठभेड़ के बाद वहां से सभी नक्सली जंगलों में भाग गए लेकिन मुठभेड़ स्थल पर मिले खून के धब्बों एवं अन्य सबूतों से स्पष्ट हुआ कि मुठभेड़ में अनेक नक्सली हताहत हुए हैं।
टीम एबीएन, रांची। मोरहाबादी गैंगवार में भले ही कुख्यात अपराधी कालू लामा दूसरे गिरोह के अपराधियों की गोली का शिकार हो गया। लेकिन इसका सबसे अधिक नुकसान किसी को हुआ है तो वह हैं मोरहाबादी के दुकानदार, जो रोजाना कमाकर अपनी घर गृहस्थी चला रहे थे। सुरक्षा के नाम पर प्रशासन के दुकान बंद करने के आदेश के बाद से इन दुकानदारों के लिए अपना परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। 27 जनवरी से पहले मोरहाबादी में दुकान लगाकर कई ठेला वाले और खोमचा वाले अपना जीवन यापन कर रहे थे। लेकिन उसके बाद रांची में गैंगवार से उनकी जिंदगी बदल गई। प्रशासन के आदेश की वजह से वे वहां दुकान नहीं लगा सकते हैं। इसका असर उनके परिवार पर पड़ रहा है। दुकानदार राजेंद्र बताते हैं कि पिछले 15 दिनों से दुकान बंद पड़ा है। जिस वजह से हम दुकानदार एवं हमारे परिवारों के लिए खाने पर भी आफत हो गई है क्योंकि हमारे पास अब पैसे नहीं बचे हैं, जिससे हम अपना और अपने परिवार के लिए खाना खरीद सके। सरकार से मदद की गुहार : एक दुकानदार की पत्नी विराज़ो लकड़ा बताती हैं कि अभी स्कूल भी खुल गया है। बच्चे को स्कूल में फीस के लिए कहा जा रहा है लेकिन हमारे पास पैसे नहीं है कि स्कूल की फीस जमा कर सके। इसके बावजूद जिला प्रशासन और नगर निगम की टीम हमारी समस्या को लेकर आंख बंद किए हुए है। दुकानदारों के बच्चों ने कहा कि हम सरकार से यही आग्रह करते हैं कि जल्द से जल्द हमारे अभिभावकों को दुकान खोलने की अनुमति दें; ताकि हम बच्चे भी आम बच्चों की तरह शिक्षा एवं भोजन प्राप्त कर सकें। मोरहाबादी में दुकानों के बंद होने आम लोग भी परेशान हैं। यहां आने वाले लोगों को छोटी से छोटी चीजों के लिए भी लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। इस फैसले से स्थानीय लोगों ने भी नाराजगी जताई है। दुकानदारों को ठग रही प्रशासन : मोरहाबादी दुकानदार संघ के अध्यक्ष रोशन कुमार बताते हैं कि जिला प्रशासन और सरकार की तरफ से मासूम दुकानदारों को ठगा है क्योंकि जब दुकानदारों ने अपने पेट की आग बुझाने के लिए विरोध प्रदर्शन किया तो सरकार मोरहाबादी के आसपास दुकान देने के लिए तैयार हो गई। एक बार जगह चिन्हित करने के बाद जिला प्रशासन के द्वारा हमें दुकान लगाने से दोबारा रोक दिया गया। जबकि हम दुकानदार सरकार का हर आदेश मानने के लिए तैयार हैं। मोरहाबादी के जिस तरफ भी दुकानदारों को दुकान मिलेगा वहां दुकान लगाया जाएगा। इसलिए अपने हक की लड़ाई लड़ने के लिए कोर्ट की शरण में गए हैं। हमें उम्मीद है कि कोर्ट के हस्तक्षेप से दुकानदारों को न्याय मिलेगा।
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