रांची। राजधानी पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर तमाड़ और नगड़ी थाना क्षेत्र से चार अफीम सौदागरों को धर दबोचा है। गिरफ्तार तस्करों के पास से पुलिस ने लाखों की अफीम भी बरामद की है। झारखंड में अफीम के सौदागर एक बार फिर से पूरी तरह से सक्रिय हो गए हैं। अब नशे के सौदागर तैयार की गई अफीम को झारखंड से बाहर निकालने की तैयारी में हैं। इससे पहले अफीम की खेती करवाने को लेकर नशे के सौदागर सक्रिय थे। अब तैयार नशे की खेप को धीरे धीरे कर बाहर निकाला जा रहा है। इसी बीच पुलिस की सतर्कता की वजह से नशे के कारोबारी पकड़े भी जा रहे हैं। अफीम की लगातार हो रही है तस्करी : रांची के रूरल एसपी नौशाद आलम ने बताया कि चोरी-छिपे बड़े पैमाने पर अफीम की फसल लगाई गई थी। अब उन फसलों को लगातार तस्कर बाहर के राज्यों में ले जा रहे हैं। इसी बीच रांची के सीनियर एसपी को यह सूचना मिली थी कि तमाड़ इलाके में भी कुछ अफीम तस्कर अफीम पाउडर लेकर बाहर जाने वाले हैं। इस सूचना पर डीएसपी बुंडू अजय कुमार के नेतृत्व में टीम ने दो युवक सागर मुंडा और बिरसा मुंडा को गिरफ्तार किया है। तलाशी के दौरान दोनों के पास से करीब 6 किलो अफीम बरामद की गई है। रांची पुलिस को दूसरी सफलता नगड़ी इलाके से मिली है। यहां पुलिस को जानकारी मिली थी कि गुमला से अफीम की एक खेप लेकर कुछ सौदागर बस के जरिए रांची आने वाले हैं, जिसके बाद बेड़ो डीएसपी ने पुलिस बल के साथ सभी बसों की चेकिंग शुरू की। इसी दौरान एक बस से सरोज कुमार सिंह और मुकेश साहू नाम के व्यक्ति पकड़े गए, साथ ही उसके पास से 4 किलो अफीम भी बरामद हुआ है। पुलिस रख रही अफीम टेस्टिंग किट : रांची के ग्रामीण एसपी नौशाद आलम ने बताया कि बड़े पैमाने पर तैयार अफीम को पंजाब और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में ले जाने की तैयारी तस्करों की ओर से की जा रही है, जिसे लेकर पुलिस पूरी तरह से अलर्ट है। अफीम की पहचान के लिए पुलिस कर्मियों को अफीम टेस्टिंग किट भी दिया गया है, ताकि पकड़े गए अफीम को टेस्ट किया जा सके कि यह अफीम है या फिर कोई दूसरा पदार्थ। इससे तस्करों की गिरफ्तारी में पुलिस को बेहद मदद मिल रही है।
रमन। रमना के अंचल पदाधिकारी संजीव कुमार भारती का निधन कोरोना से हो गया। इसकी पुष्टि रमना के बीडीओ हुल्लास महतो ने की है। बता दें कि सीओ 9 अप्रैल को कोरोना पॉजिटिव हो गये थे। उसके बाद वह होम कोरेन्टीन हो गये थे। शुक्रवार को उनकी तबियत ज्यादा खराब हो गयी। चिकित्सकों ने उन्हें रांची रेफर किया था। हॉस्पिटल पहुंचने के पहले ही उनकी मौत हो गयी। उनकी निधन की सूचना मिलते ही रमन प्रखंड एवं अंचल कार्यालय में शोक की लहर दौड़ गयी।
बालूमाथ। सरकार द्वारा निर्देशित गाइडलाइन सरकारी योजनाएं में जेसीबी का प्रयोग नहीं करने का खुलेआम धज्जियां उड़ती दिख रही है। बालूमाथ प्रखंड क्षेत्र के चेताग पंचायत अंतर्गत परहीया जाति के बसरिया टोला में ठेकेदार और लाभुक के बीच मिलीभगत से जेसीबी मशीन से कुएं की खुदाई की जा रही थी। ग्रामीणों के अनुसार यह कुआं कर्मदेव उरांव पिता गोंडलाल उरांव का है। जो स्थानीय ठेकेदार जितेंद्र कुमार के द्वारा काम लगाया गया था। सरकार एक ओर मजदूरों के लिए घर में ही रोजगार देने के लिए कई योजनाएं चला रही हैं। साथ ही साथ मनरेगा जैसी योजनाओं में उन्हें 100 दिन का मिनिमम रोजगार देना है और मनरेगा योजना में मशीन से काम नहीं लगाना है। ताकि पलायन रुक सके। वहीं नये नियम के तहत अब जेसीबी से पर्सनल काम के लिए भी प्रखंड कार्यालय से आदेश प्राप्त होना चाइये। इसके बावजूद इस तरह खुलेआम दिनदहाड़े जेसीबी द्वारा कुएं की खुदाई प्रखंड प्रशासन की मिलीभगत को दशार्ता है। वहीं इस बारे में बालूमाथ बीडीओ मनीष कुमार ने बताया कि जेसीबी से कूप निर्माण करने की सूचना मिली थी लेकिन कर्मदेव यादव द्वारा खुद से कूप निर्माण कराया जा रहा है। वहीं निजी कूप निर्माण के लिए जेसीबी द्वारा खुदाई मामले में कहा कि ग्रामीण जानकारी के अभाव में कूप निर्माण कार्य कर रहा था।
गुमला। बांग्लादेश मुक्ति के लिए वर्ष 1971 में हुए भारत पाक युद्ध के दौरान दुश्मनों को मार गिराकर अपने अदम्य साहस, वीरता, शौर्य और पराक्रम के बल पर परमवीर चक्र से सम्मानित जारी गांव के वीर सपूत परमवीर अल्बर्ट एक्का की पत्नी बलमदीना एक्का का निधन गुरुवार की देर रात हो गया। बलमदीना लंबे समय से बीमार चल रही थी। उन्होंने अपने चैनपुर आवास पर अंतिम सांसें ली। वे पुत्र भिसेंट एक्का, पुत्रवधु रागिनी एक्का और भरा-पूरा परिवार छोड़ गयी हैं। वीरांगना बलमदीना के निधन से पूरे गुमला जिला में शोक की लहर छा गयी है। उन्हें श्रद्धांजलि देने वालों का तांता रहा। उनका अंतिम संस्कार यानी दफन क्रिया जारी गांव के आवासीय परिसर में परमवीर के बने कब्र के पास किया गया। उनके निधन से एक युग का अंत हो गया। दफन क्रिया से पहले उनके पार्थिव शरीर को चैनपुर से फूलों से सुसज्जित वाहन से जारी ले जाया गया। जहां मिस्सा बलिदान फादर पात्रिक मिंज, फादर रेमिश मिंज और फादर अमृत टोप्पो ने चढ़ाया। धर्म पुरोहितों ने कहा कि परमपिता ने बलमदीना को अपने पास बुलाया है। मृत्यु जीवन का अंत नहीं बल्कि जीवन की शुरूआत है। परमपिता से प्रार्थना है कि परमपिता इन्हें परमशांति प्रदान करें और स्वर्ग में स्थान प्रदान करें। इस मौके पर उनके पुत्र भिसेंट एक्का, पुत्रवधु रागिनी एक्का, उनके परिवार के अन्य सदस्य मौजूद थे। शुक्रवार की सुबह उनके निधन की खबर जंगल में आग की तरह फैल गयी। उनके अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगाा रहा।
रांची। रांची विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय व जनजातीय भाषा विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ गिरिधारी राम गंझू का गुरुवार को निधन हो गया। जानकारी के अनुसार उन्हें सांस लेने में तकलीफ थी। उन्हें इलाज के लिए मेडिका, सेंटेविटा और गुरुनानक अस्पताल में दाखिल करने के लिए ले जाया गया था, लेकिन कोविड जांच नहीं होने की बात कह कर उन्हें दाखिल नहीं किया गया। इसके बाद उन्हें कोविड जांच के लिए ले जाया गया, लेकिन इसी दौरान उनका निधन हो गया। डॉ गिरिधारी राम गंझू नागपुरी भाषा के अच्छे जानकार थे। उनकी कई किताबें भी प्रकाशित हुई हैं। डॉ गंझू सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी काफी सक्रिय रहा करते थे।
नीलांबर पीतांबरपुर, पलामू। मुंजी काराकाट रोहतास निवासी अख्तर हुसैन ने अपने दामाद तौफीक आलम पर 23 लाख रुपये चोरी करने का आरोप लगाकर लेस्लीगंज थाने में मामला दर्ज कराया है। उनका दामाद तौफीक आलम लेस्लीगंज थाना के गोपालगंज का रहने वाला है। बाद में दोनों पक्षों ने अपने अपने यहां के मुखिया के साथ थाने में बैठकर 10 लाख रुपये वापस करने का समझौता कर मामला रफा दफा किया। इस समझौता में मुंजी काराकाट के मुखिया सूरज सिंह यादव एवं उनके साथ आये अन्य लोगो और निंलाबर पितांबर पुर कोट खास पंचायत के मुखिया संतोष मिश्रा की महती भूमिका रही। आरोपी अख्तर हुसैन के मुताबिक पोती की शादी करने तथा जमीन खरीदने के लिए घर मे 40 लाख रु रखा था। चार माह पूर्व उसका दामाद तौफीक आलम अपने ससुराल अख्तर हुसैन के यहां मुंजी आया हुआ था और दो किस्तो में यानी एक बार 9 लाख और दूसरी बार 14 लाख रुपये की चोरी कर अपने गांव गोपालगंज आकर ब्यवसाय करने लगा। इस बाबत पूछे जाने पर उसका दामाद तौफीक आलम ने कहा कि सारा आरोप बेबुनियाद है। अगर हमने चोरी की होती तो परिवाद उसी समय दायर होना चाहिए था न कि चार माह बाद। हमारे ससुर बिहार के मुखिया एवं अन्य दबंग लोगों के साथ मिलकर दबाव डालकर हमसे पैसा ले रहे है। मुखिया संतोष मिश्रा भी उन्हीं लोगों के साथ है। रिश्ता में दरार ना आए और मुझ पर आरोप लगा रहे हैं इसलिए हम अपना स्कॉर्पियो गाड़ी बेच कर पैसा देने के लिए कबूल किया हूं।
मेदिनीनगर। बस स्टैंड में टेंपो व सवारी गाड़ी से रंगदारी वसूलते दो अपराधियों को शहर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जिसमें जेलहाता निवासी गोपाल राम के पुत्र राकेश राम उर्फ नेपाली और जवाहर राम के पुत्र राजन कुमार का नाम शामिल है। पुलिस को सूचना मिली थी कि प्रति वाहन प्रति ट्रीप 40-50 रुपये ले रहे हैं। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने रंगदारी के पैसे के साथ दो आरोपितों को गिरफ्तार किया। तीन अन्य आरोपित फरार हैं। गिरफ्तार आरोपितों के पास से पुलिस ने 13 हजार 310 रूपए नकद के अलावा एक मोटरसाइकिल व दो मोबाइल जब्त की है। शहर थाना प्रभारी अरूण महाथा ने बताया कि गिरफ्तार अपराधी रंगदारी की राशि वसूलकर अभिषेक सिंह उर्फ डब्लू सिंह को पहुुंचाते थे। इस सूचना के बाद पुलिस आगे की भी कार्रवाई करेगी। छपामारी टीम में पुलिस अवर निरीक्षक सौरव कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक वरूण कुमार व टाइगर मोबाइल के जवान भी शामिल थे।
लोहरदगा। आजसू पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष सह लोहरदगा के पूर्व विधायक कमल किशोर भगत ने ग्रामिणों से मिली शिकायत के बाद 11 करोड़ सात लाख की लागत से बनने वाली फुलझर डैम नहर निर्माण का आजसू कार्यकर्ताओं के साथ कार्यस्थल पर जाकर निरीक्षण किया। पूर्व विधायक ने कहा कि कार्य की गुणवत्ता बिल्कुल घटिया स्तर की है। केके भगत ने कहा कि जब मैं लोहरदगा विधायक था तब बिशुनपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीणों की आग्रह पर मैंने तत्कालीन विभागीय मंत्री चन्द्रप्रकाश चौधरी से मिलकर इस महत्वपूर्ण योजना की स्वीकृति दिलाई थी। इस महत्वपूर्ण योजना का ठेका मेसर्स बिजय कुमार सिंह छत्तीसगढ़ को दे दिया गया। लगातार ग्रामीणों से मिल रही शिकायतों के बाद जब अपने आजसू पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ योजना स्थल पहुंच कर निर्माण कार्य को देखा तो दंग रह गये। नहर के दोनों तरफ की दीवार फटी हुई है और ऊपर से मरम्मत कर लीपापोती किया गया है। सबसे निम्न स्तर का सीमेंट और मरा पत्थर का गिट्टी प्रयोग में लाया जा रहा है। पुछने पर वहा काम कर रहे मजदूरों ने बताया कि सिमेंट एवं गिट्टी की मात्रा भी सही नहीं है। बालू की मात्रा अधिक है और पानी भी ठीक से नही पटाया जा रहा है। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि इस योजना में सिर्फ पुरूष मजदूरों से काम कराया जा रहा है, महिला मजदूरों की उपेक्षा की जा रही है। और सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक 11 घंटे काम कराकर मात्र 300 रू दिया जाता है। कमल किशोर भगत ने ग्रामीणों से कहा कि इतना घटिया काम और ठेकेदार की मनमानी नहीं चलने दी जाएगी। इस संबंध में राज्य के मुख्यमंत्री और अभियंता प्रमुख से बात कर योजना की जांच कराई जाएगी। इस भ्रष्टाचार के खिलाफ अगर सरकार कार्रवाई नही करेगी तो आजसू पार्टी सड़क पर उतरकर जोरदार आंदोलन करने को बाध्य होगी। केके भगत के साथ आजसू के लोहरदगा जिला प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी रामचंद्र गिरि, अरविंद यादव, किस्को प्रभारी संजु सिंह के साथ काफी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे।
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