झरिया/सुदामडीह। झरिया के सुदामडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत रिवर साइड स्थित बीसीसीएल के आवास में रह रहे डेको आउटसोर्सिंग के प्रबंधक मधु सिंह के आवास पर शनिवार की सुबह लगभग 5:30 बजे के करीब बाइक सवार दो अज्ञात अपराधियों ने गोली और बम से हमला कर दिया। गोलियों की तड़तड़ाहट और बम के धमाके से क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। वहीं अपराधियों की फायरिंग में एक गोली डेको प्रबंधक मधु सिंह के दाहिने बाजू को चीरते हुए पार कर गई। इस घटना के बाद पूरे कॉलोनी में दहशत का माहौल बना हुआ है। वहीं घटना की जानकारी मधु सिंह ने पास के सुदामडीह थाना को दी । सूचना मिलते ही सुदामडीह थाना पाथरडीह थाना भौरा थाना व सिंदरी एसडीपीओ अजीत कुमार सिन्हा दल बल के साथ उक्त स्थल पहुंचे और घटना की जांच में जुट गए। घटना में घायल मधु सिंह को इलाज के लिए पुलिस पास के चासनाला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गई है। जांच के दौरान पुलिस ने घटना स्थल से एक जिंदा कारतूस एक खोखा तथा बमो के अवशेष बरामद किया है। घटना के संबंध में मधु सिंह ने बताया कि शनिवार की सुबह करीब 5:30 बजे बाइक से दो अज्ञात लोग हमारे घर पर आए और जोर जोर से दरवाजा पीटते हुए कह रहे थे कि जल्दी दरवाजा खोलो। इसके बाद जब हमने दरबाजा खोला तो उसने कहा कि ये चिठ्ठी लो अमन सिंह ने दिया है। इस पर हमने कहा कि कौन अमन सिंह और आप कौन हो अपना मास्क हटा कर परिचय दो इतना कहते ही एक युवक रिवॉल्वर निकाल कर हमारे ऊपर फायरिग कर दी । और फिर दहशत फैलाने के लिए बम से हमला कर फरार हो गए। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व में भी हमारे ऊपर हमला हुआ था जिसकी जांच चल रही है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस घटना से हमे ऐसा प्रतीत हो रहा है की अपराधियो ने हमारी हत्या के मकसद से मुझ हमला किया है। सिंदरी एसडीपीओ ने कहा कि शनिवार की सुबह सूचना मिली कि बाइक सवार अज्ञात अपराधीयो ने मधु सिंह के ऊपर गोली चली है। जिसके बाद पुलिस उक्त स्थल पहुंची और घटना की जांच पड़ताल में जुट गई। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान घटना स्थल से एक जिंदा कारतूस, एक खोका और बम के अवशेष बरामद किए गए है। उन्होंने कहा कि घटना की हर बिंदु पर जांच की जा रही है, अपराधी कोई भी हो उसे बहुत जल्द गिरफ्त मे ले लिया जायेगा। जांच होने के बाद ही कुछ बताया जा सकता है।
मेदिनीनगर। वैश्विक महामारी कोरोना ने जहां पूरी दुनिया में कोहराम मचा दिया है। वहीं अब इस महामारी का सामाजिक दुष्प्रभाव दिखने लगा है। दिखे भी क्यों न। आखिर हमने इससे बचने के लिए नारा जो चुना था सामाजिक दूरी बनाने का। उसका असर भी अब दिखने लगा है। राजधानी रांची के रिम्स में तो हर रोज ऐसी खबरे सामने आ रही है कि लोग अपने परिजनों तक के लाश छोड़कर भाग जा रहे। इसे कोरोना का खौफ कहें या दूसरी लहर की भयावता, समाज से खत्म हो रही मानवता के बीच आलम यह है कि कोरोना से मौत के बाद अब उनके अपने ही अंतिम संस्कार से बच रहे हैं। कुछ ऐसा ही मामला प्रमंडलीय मुख्यालय मेदिनीनगर में भी देखने को मिला। लेकिन इंसानियत और मानवता के साथ रमजान के पवित्र महीने में चंद युवा रोजेदारों ने आगे आकर पलामू को इस कलंक से बचा लिया। कोविड से एक महिला के मौत के बाद जब उनके अंतिम संस्कार में अकेले बेटा के अलावा कोई नही पंहुचा तो पास के ही कुछ मुस्लिम युवकों ने अंतिम संस्कार में उनकी मदद की। युवकों ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए महिला का हिन्दू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार किया। जानकारी के अनुसार नगर निगम क्षेत्र के कन्नीराम चौक के पास एक महिला की कोविड 19 से मौत हो गई। मृतक का बेटा सिर्फ अंतिम संस्कार के लिए हरिश्चन्द्र घाट पर लेकर पंहुचा था। मृतक के बेटे का दोस्त मोसैफ हुसैन है। उससे अपने दोस्त की तकलीफ देखी नहीं गई। फिर मुहल्ले के ही मो सैफ, सुहैल, आसिफ, शमशाद और जाफर महमूद ने दोस्त की मदद की। युवकों ने मिलकर कोविड 19 से मृत महिला का शव एंबुलेंस से उतारकर 200 मीटर दूर चिता तक पंहुचाया। रमजान के पवित्र महीने में इन मुस्लिम युवकों ने न सिर्फ साहस का परिचय दिया बल्कि भयानक महामारी के इस दौर में इस बात का भी संदेश दिया कि अभी सामाजिक दूरी नहीं बल्कि शारीरिक दूरी की जरूरत है। ऐसे वक्त में हर एक इंसान को दूसरे इंसान की जरूरत है।
हजारीबाग। ऑक्सीजन की हो रही किल्लत हजारीबाग़ में अब दूर हो जाएगी। सरकार ने ऑक्सीजन की किल्लत को देख 24 घंटे में लाइसेंस दे दिया है। हजारीबाग़ जिला से आठ किमी दूर एनएच 33 रांची पटना स्थित डेमोटांड़ स्थित इंडस्ट्रियल एरिया में मेडिकल ऑक्सीजन सिलिंडर प्लांट महर्षि एयर सल्यूशन से बुधवार को उत्पादन शुरू हो गया है। एबीएन न्यूज़ 24 से बातचीत में महर्षि एयर सल्यूशन कम्पनी के मैनेजर अकरम खान ने बताया कि अब हजारीबाग़ के अस्पतालों को रामगढ़ का रुख नहीं करना पड़ेगा। एक साल का इंतजार खत्म हुआ : सरकार ने बुधवार को लाइसेंस दे दिया जिससे यहां से अभी लगभग 200 ऑक्सीजन सिलेंडर को अस्पतालों को मुहैय्या कराया जा रहा है। जिस तरह अस्पतालों को परेशानी हो रही थी अब लोगों की जिंदगी को बचाया जा सकेगा। बताते चलें कि हजारीबाग़ में हर रोज लगभग 200 डी टाइप सिलेंडर की आवश्यकता है। अब यहां से 24 घण्टे ऑक्सीजन अस्पतालों को उपलब्ध कराया जाता रहेगा। 10 से 12 सिलेंडर की रिफिलिंग की जा रही है : यहां कार्य कर रहे फिलिंग ऑपरेटर ओमप्रकाश यादव कहते है कि बुधवार से शुरू हुआ। यह प्लांट अस्पतालों को ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था करा रहा है। 18 से 20 मिनट में 10 से 12 सिलेंडर की रिफिलिंग की जा रही है। वहीं, दूसरे ऑपरेटर रामाधार यादव का कहना है कि सरकार ने एक साल के बाद लाइसेंस दिया है। अब ऑक्सीजन अस्पतालों में उपलब्ध कराया जा रहा है इससे लोगों की जिंदगी को बचाया जा सकेगा। कोरोना को लेकर जो ऑक्सीजन की कमी हो रही थी उसको पूरा करने का काम महर्षि एयर सल्यूशन कर रहा है।
रांची। कोरोना के कहर के कारण बैंकों में कामकाज 22 से 29 अप्रैल तक सुबह 10 से दिन के 2 बजे तक होगा। राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में 50 फीसदी कर्मचारियों को ड्यूटी पर रखते हुए दिन के 2 बजे तक बैंकों को खोले रखने का निर्णय लिया गया है। 30 अप्रैल को राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक होगी, जिसमें आगे का निर्णय होगा।
रांची। राज्य में 22 से 29 अप्रैल तक स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह मनाया जाना है। इसके तहत कई जरूरी सेवाओं को छोड़कर अन्य गतिविधियों को सीमित किया गया है। सीएम हेमंत सोरेन के इस संबंध में मंगलवार सुबह सूचना जारी करने के बाद से लोगों में सबसे ज्यादा उलझन शादी-ब्याह को लेकर थी। यह उलझन देर शाम मुख्य सचिव के स्तर से दूर कर दी गयी है। स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह के दौरान शादी-ब्याह पर रोक नहीं होगी, हालांकि उसमें शामिल होने वालों की संख्या 50 से अधिक नहीं होनी चाहिए। सरकार ने 29 अप्रैल तक होने वाले शादी विवाह के कार्यक्रमों पर रोक नहीं लगायी है। पर इसके लिए ऊपरी सीमा 50 तक तय कर दी है। यानि शादी समारोह में अधिकतम 50 लोग ही शामिल हो सकेंगे। किसी के निधन, अंतिम संस्कार में 30 लोगों की सीमा तय की गयी है। धार्मिक स्थल खुले रहेंगे, पर इसमें श्रद्धालुओं का प्रवेश निषेध रहेगा। केवल पुजारी ही पूजा-पाठ कर सकेंगे। इन सभी अवसरों पर कोरोना प्रोटोकॉल का पालन किया जायेगा। परिवहन सेवाएं रहेंगी जारी : सरकार के आदेश के मुताबिक राज्य में ट्रेन, बस, हवाई जहाज, आॅटो रिक्शा, कार जैसी सेवाएं जारी रहेंगी। इस पर कोई रोक नहीं होगी। ट्रेन, हवाई जहाज की सेवा का उपयोग करते समय यात्रियों के पास पहचान पत्र होना चाहिये। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक्स सेवा (मीडिया) जारी रहेंगी। सरकारी कार्यालय (केंद्र, राज्य) खुले रहेंगे। इनमें प्रवेश करने वालों के चेहरे पर मास्क होना अनिवार्य रहेगा। होटल, रेस्टोरेंट सेवाएं जारी रहेंगी। पर इसमें बैठाकर भोजन नहीं कराया जा सकेगा। भोजन यहां से पार्सल कराकर लिया जा सकेगा। कुरियर सेवा, टेलिकॉम रिलेटेड सर्विस भी जारी रहेगी। सड़कों के किनारे ढ़ाबे खुले रहेंगे। स्ट्रीट वेंडर (फल-सब्जी विक्रेता, दूध कारोबार, मवेशी चारा, मिठाई निर्माण और वितरण) को बंद नहीं किया जायेगा। इसके अलावे जिले स्तर पर डीसी को जो सेवाएं जरूरी लगेंगी, वह उसे कोरोना प्रोटोकॉल को देखते हुए फैसला ले सकता है। किन किन सेवाओं को किया गया स्थगित : राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थान अगले आदेश तक बंद रहेंगे। आंगनबाड़ी सेंटर भी बंद रहेंगे। स्कूली बच्चों को डिजीटल कंटेंट देकर पढ़ाई से जोड़े रखा जायेगा। जरूरतमंदों (राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधि के तहत) को खाद्य सामग्री होम डिलीवरी की जायेगी। किसी भी तरह का मेला इस अवधि में निषिध रहेगा। जिम, स्वीमिंग पुल, पार्क बंद रखे जायेंगे।
रांची। झारखंड में कोरोना की दूसरी लहर का कहर जारी है। लगातार संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है। मौत का आंकड़ा भी तेजी से बढ़ रहा है। संक्रमण आम से लेकर खास किसी को भी नहीं छोड़ रहा। राज्यपाल के बाद सीएम हेमंत सोरेन के घर में भी संक्रमण पहुंच चुका है। सीएम के बड़े बेटे नितिन सोरेन भी कोरोना संक्रमित हो गए हैं। सैंपल जांच रिपोर्ट में वे पॉजिटिव पाए गए हैं। नितिन भी होम आइसोलेशन में है। उन्हें किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं है। वहीं अब पूर्व मंत्री सरयू राय भी कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं। उन्होंने खुद इसकी जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से दी है। उन्होंने लिखा है- कोरोना वायरस के शुरुआती लक्षण के चेक-अप के बाद मुझे COVID-19 पॉजिटिव पाया गया है। डॉक्टर से सलाह के बाद अभी मैं घर पर हूं। दो दिन पूर्व ही मैंने खुद को आइसोलेट कर लिया था। मेरे संपर्क में आये सभी लोग खुद को आइसोलेट कर जांच करवा लें। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सेवा सदन के बाद रिम्स में भी ओपीडी सेवा बंद कर दी गई है। रिम्स में ई-ओपीडी की शुरुआत की गई है। वहीं सचिवालय संघ ने 5 दिनों के लिए लॉकडाउन की घोषणा की है। शास्त्री मार्केट भी एक सप्ताह के लिए स्वत: लॉकडाउन है। पिछले 24 घंटे में राज्य में 3992 नए पॉजिटिव मरीज मिले। जिसमें रांची से अकेले 1073 मरीज शामिल हैं। राज्य में आज 50 संक्रमितों ने दम तोड़ा। बेड नहीं मिलने की वजह से डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय के चाचा का निधन हो गया। स्थिति काफी डरावनी हो गई है। मृतकों में पूर्वी सिंहभूम से 17, रांची से 11, चतरा से 01, धनबाद से 01, दुमका से 02, गढ़वा से 02, गोड्डा से 04, गुमला से 02, खूंटी से 02, कोडरमा से 01, लातेहार से 01, पलामू से 02, रामगढ़ से 02, साहिबगंज से 01 और पश्चिमी सिंहभूम से 01 मरीज शामिल है। कहां मिले कितने मरीज : बोकारो से 113, चतरा से 141, देवघर से 141, दुमका से 63, धनबाद से 174, पूर्वी सिंहभूम से 676, गढ़वा से 72, गिरिडीह से 27, गोड्डा से 55, गुमला से 52, हजारीबाग से 115, जामताड़ा से 113, खूंटी से 147, कोडरमा से 287, लातेहार से 101, लोहरदगा से 23, पाकुड़ से दो, पलामू से 47, रामगढ़ से 80, रांची से 1073, साहिबगंज से 143, सरायकेला से 135, सिमडेगा से 96 और पश्चिमी सिंहभूम से 116।
रांची। कोरोना के दूसरे लहर से मुकाबले करने के मकसद से झारखंड सरकार ने मजबूत कदम उठाया है। जेपीएससी समेत तमाम परीक्षाओं को स्थगित करने का निर्णय लेने के साथ ही स्कूल, कॉलेज, कोचिंग, तकनीकी शिक्षा संस्थान व आंगनबाड़ी केंद्रों को अगले आदेश तक बंद रखने का फैसला लिया है। इसके साथ ही सरकार ने संक्रमण के मद्देनजर शादी समारोह में 50 से अधिक लोगों के शामिल होने पर पाबंदी लगा दी है। सातवीं से 10 वीं जेपीएसपी परीक्षा दो मई को होनी थी। इस परीक्षा के लिए राज्य के करीब पांच लाख विद्यार्थी शामिल हो रहे थे। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के आन जान करने से संक्रमण के और फैलने का खतरा था। इसी खतरे को ध्यान में रखते हुए जेपीएससी की परीक्षा स्थगित की गई। इस परीक्षा रद्द करने के लिये झारखंड लोक सेवा आयोग पर दबाव बनाया जा रहा था। सरकार ने यह फैसला मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अगुवाई में रविवार के दोपहर हुई उच्चस्तरीय बैठक में लिया है।सरकार की ओर से दावा किया गया है कि राज्य में कोरोना का खतरा तेजी से बढ़ा है। इसे देखते हुए व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करते हुए काम किया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाएं बढ़ायी जा रही हैं। जीवनरक्षक दवाओं और जरूरी बेड की व्यवस्था की जा रही। मेडिकल सेंटर में बेडों की संख्या बढ़ाने का भी काम चल रहा है। तेजी से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ रही है। संक्रमण की गति में कब तक कमी आयेगी, अभी कह पाना कठिन है। ऐसे में कोरोना की रफ्तार में कमी करने को संक्रमण का चेन तोड़ने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री हेमंत ने राज्य के लोगों से अपील करते हुए कहा है कि संक्रमण को रोकने में सबों की मदद चाहिये। इसे हल्के में न लें। यह घातक रूप में सामने आ रहा है. नौजवान, बुजूर्ग और हर उम्र के लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। नौजवान वर्ग के लोग बेवजह मौज मस्ती करना और घूमना बंद करें। अगले को संक्रमित मानकर चलें। ऐसा नहीं करने पर आपके आपके परिजन भी चपेट में आ सकते हैं। बेवजह अभी कोई न घूमें। जरूरी होने पर मास्क लगाकर ही निकलें। भीड़ के झूंड में ना रहने से बचें। सीएम ने यह भी कहा कि संक्रमण के खतरे को रोकने को और भी निर्णय लिये जा सकते हैं। इस महीने के बाद इसकी फिर से समीक्षा की जायेगी।
मेदिनीनगर। जिला मुख्यालय स्थित रिमांड होम से फिर एक नाबालिग के भाग जाने के बाद प्रशासन सकते में है। चार दिन के अंतराल में यह दूसरी घटना है जब रिमांड होम से बच्चा फरार हुआ है। अभी 13 और 14 अप्रैल को भी दो-दो बच्चे बाल गृह और रिमांड होम से सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देकर दीवार फांद कर भाग गए थे। जिनका अभी तक कोई अता पता नहीं चला है। शुक्रवार की रात रिमांड होम की छत से पेड़ के सहारे उतरकर एक और बच्चा फरार हो गया। बच्चों के लगातार भागने से रिमांड होम और बालगृह की सुरक्षा के साथ साथ अंदर रख रखाव की व्यवस्था व सक्रियता पर भी सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के अनुसार भागने वाले नाबालिक की उम्र 17 वर्ष है। वह लातेहार जिले के चंदवा का रहने वाला है। दुष्कर्म के एक मामले में उसे रिमांड होम में रखा गया था। रात के ढाई बजे उसके भागने का वीडियो सीसीटीवी फुटेज में कैद हुआ है। सूचना मिलने के बाद समाज कल्याण पदाधिकारी नीता चैहान, एसडीपीओ के. विजय शंकर, एसडीएम राजेश कुमार साह सहित अन्य पदाधिकारियों ने रिमांड होम का जायजा लिया। बच्चे के फरार होने की सूचना जिले के उपायुक्त और एसपी को भी दी गयी है।
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