झारखंड

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Published / 2021-09-08 17:04:06
गुमला में 25 रुपए के लिए दोस्त की हत्या, आरोपी गिरफ्तार

गुमला। पुलिस ने संगम उरांव के हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने केवल इसलिए संगम की हत्या की थी कि उसने अंडा खाने के बाद 25 रुपए दुकानदार को देने के लिए उसे बोला था। आरोपी ने 1 सितंबर को कुल्हाड़ी से वार कर संगम को घायल कर दिया था। इसके बाद जख्मी हालत में ही उसे कुएं में फेंक दिया था। यह जानकारी बुधवार को एसडीपीओ मनीष चंद्र लाल ने दी। एसडीपीओ ने बताया कि आरोपी प्रेमचंद भगत उर्फ छोटना को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि 5 सितंबर को संगम की मां इंदु देवी ने पुलिस को बताया था कि उसका बेटा 1 सितंबर को अपने दोस्त आनंद व जितिया के साथ घर से निकला था। काफी खोजबीन करने के बाद भी नहीं मिला। इसके बाद उसका शव कुएं से मिला। इस सूचना पर पुलिस मामला दर्ज कर जांच में जुट गयी। इसके बाद पुलिस ने आनंद व जितिया से पूछताछ की तो पता चला कि तीनों 1 सितंबर को आदर बाजार गए थे। जहां पर खाने पीने के बाद शाम को वापस घर लौट रहे थे। इसी क्रम में पौड़ी सरना के पास प्रेमचंद भगत उर्फ छोटना भी वहां आ गया। सभी ने अंडा खाया। इसके बाद संगम ने 25 रुपए प्रेमचंद को देने के लिए बोला। इसी बात पर दोनों के बीच विवाद हो गया। इसके बाद आनंद व जितिया वहीं पर रुक गए और प्रेमचंद, संगम के साथ बाइक से चला गया। जब पुलिस ने प्रेमचंद से पूछताछ की तो उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली। आरोपी ने बताया कि उस दिन उसने संगम को करम टोली पुलिया के पास बाइक से नीचे उतार दिया और कहा कि वो बाइक घर पर छोड़ आ रहा है। घर से वो कुल्हाड़ी लेकर आया और संगम पर दो बार वार कर उसे जख्मी कर दिया। इसके बाद उसे कुएं में फेंक दिया।

Published / 2021-09-08 13:09:19
प्रदेश प्रवक्ता के नेत्तृत्व में किसान संघ ने सौंपा ज्ञापन

रांची। बुधवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत भारतीय किसान संघ के सदस्यों ने संघ के झारखंड प्रदेश प्रवक्ता सह भारतीय एग्रो इकोनॉमिक्स रिसर्च के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश कुमार सिंह के नेत्तृत्व में हजारीबाग और रामगढ़ के उपायुक्त को पीएम के नाम ज्ञाापन सौंपा। उनके साथ रामगढ़ में अजय कुमार सिंह, काजल कुमार सेन, जिला प्रभारी धीरेंद्र अग्रवाल जबकि हजाीबाग में अरुण सिंह (संयोजक), सुरेश महतो (महामंत्री) और वकील महतो थे। इस ज्ञापन के माध्यम से किसान संघ ने मांग की है कि किसानों को उनकी उपज की लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करायी जाये। बताते चलें कि भारतीय किसान संघ ने 11 अगस्त को एक ज्ञापन सौंपा था, जिसपर प्रधानमंत्री कार्यालय से पत्र का जवाब नहीं आने से निराशा है। पीएम से आग्रह किया गया था कि पीएमओ किसानों की समस्या पर ध्यान दे और किसानहित में विचार करे। लेकिन ऐसा नहीं हो पाने से किसानों के अलावे किसान संघ में भी निराशाजनक माहौल है। हालांकि किसान संघ ने साफ लहजे में कहा है कि पुन: सकारात्मक कदम उठायी जाये। यदि 10 दिन में कोई आमंत्रण सूचना प्राप्त नहीं होती है तो किसान संघ खेती-किसानी छोड़ सड़कों पर उतरने को मजबूर होगा।

Published / 2021-09-08 12:10:50
वाइबीएन विश्वविद्यालय में मना विश्व भौतिक चिकित्सा दिवस

रांची। वाइबीएन विश्वविद्यालय राजाउलातु, नामकुम, रांची में विश्व भौतिक चिकित्सा दिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रम किया गया। जिसमें विश्वविद्यालय के शिक्षकेतर कर्मचारी के अलावे नर्सिंग, फामेर्सी, पारामेडिकल के छात्र उपस्थित मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुये विश्वविद्यालय के चेयरमेन रामजी यादव ने बताया कि 1996 में वर्ल्ड कन्फेडरेशन आॅफ फिजिकल थेरेपी ने 8 सितंबर को विश्व भौतिक चिकित्सा दिवस के रूप में नामित किया। इस तिथि की स्थापना 1951 में वर्ल्ड कन्फेडरेशन आॅफ फिजिकल थेरेपी से की गई थी। वर्ल्ड फिजियोथेरेपी का उद्देश्य सदस्य संगठनों को पेशे को बढ़ावा देने और उनकी विशेषज्ञता को आगे बढ़ाने के प्रयासों में सहायता करना है। श्री यादव ने कहा कि इसका उद्देश्य फिजियोथेरेपी के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ाना है। इस दिन फिजियोथेरेपिस्टों द्वारा किए गए प्रयासों और समाज में उनके योगदान के लिए उनकी सराहना की जाती है। क्योंकि वे लोगों को पुराने दर्द या जटिल चोटों से होने वाली दिक्कतों से छुटकारा दिलाते हैं। इसके साथ ही इस दिवस का मकसद फिजियोथेरेपी चिकित्सकों के काम को पहचानना भी है जो रोगियों के जीवन को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम को वाइबीएन विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ एसपी यादव, सीईओ डॉ दीपक कुमार, परीक्षा नियंत्रक डॉ चरणजीत सिंह, डॉ अजित प्रसाद महतो, डॉ अंकिता यादव आदि ने संबोधित किया। उक्त जानकारी विवि के चेयरमैन रामजी यादव ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी है।

Published / 2021-09-08 12:09:12
अमुक प्रियदर्शी बने राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के पलामू और गढ़वा जिला के जोनल कॉर्डिनेटर

रांची। राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के झारखंड प्रदेश प्रभारी जयशंकर पाठक ने डाल्टनगंज निवासी अमुक प्रियदर्शी को राजीव गांधी पंचायती राज संगठन का पलामू एवं गढ़वा जिला का जोनल कॉर्डिनेटर नियुक्त किया है। आज रांची में श्री पाठक ने नियुक्ति का पत्र अमुक प्रियदर्शी को सौंपते हुए कहा कि वे पलामू एवं गढ़वा जिला में संगठन को मजबूत बनाने के लिए कार्य करें। इस अवसर पर संगठन के छोटानागपुरऔर पलामू प्रमंडल के प्रभारी कैसर इकबाल खान, प्रदेश मीडिया प्रभारी एफ एन नीलेश, शांतनु मिश्रा आदि उपस्थित थे। इधर श्री प्रियदर्शी की नियुक्ति पर पांकी के पूर्व विधायक देवेन्द्र कुमार सिंह उर्फ बिट्टू सिंह, कांग्रेस के पलामू जिलाध्यक्ष बिट्टू पाठक, राजा पाठक, महेंद्र पासवान, राजेन्द्र पांडेय, संजू पासवान, रमेश राम, पांकी प्रमुख उर्मिला देवी, कांति देवी, लक्ष्मी देवी, रीना देवी, राजेश चौबे, संगठन के गढ़वा जिला अध्यक्ष सत्यनारायण यादव आदि ने हर्ष व्यक्त करते हुए अमुक प्रियदर्शी को बधाई देते हुए आशा व्यक्त किया है कि अमुक प्रियदर्शी की नियुक्ति से पलामू एवं गढ़वा जिला में राजीव गांधी पंचायती राज संगठन का विस्तार होगा और संगठन मजबूत होगा। उक्त जानकारी राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के प्रदेश प्रवक्ता एफ एन नीलेश ने दी।

Published / 2021-09-08 07:25:47
झारखंड विधानसभा : भाजपा का विरोध, सदन के बाहर विधायकों ने किया प्रदर्शन

एबीएन डेस्क। झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र का चौथे दिन भी सदन के बाहर विपक्षी दलों नमाज के लिए आवंटित कमरे को लेकर प्रदर्शन किया और आदेश को रद्द करने की मांग की। आवंटित कमरे का मुद्दा लगातार तूल पकड़ रहा है और इसको लेकर भाजपा ने विधानसभा घेराव का आह्वान किया है। नमाज के लिए आवंटित कमरे को लेकर चल रहे हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही लगातार बाधित हो रही है। आदेश रद्द किया जाए या अलग से प्रार्थना के लिए कमरा आवंटित करें : विपक्ष के मुख्य सचेतक बिरंची नारायण ने कहा कि पहले सरकारें तुष्टिकरण की राजनीति करती थी लेकिन क्या अब विधानसभा भी इस्लामिक तुष्टिकरण करने लगी है। यह बहुत ही दुखद है. विधानसभा लोकतंत्र का मंदिर है और लोकतंत्र के मंदिर में धर्म विशेष को लेकर विधानसभा अध्यक्ष का लगाव होगा तो यह बहुत ही दुखद है। भाजपा की मांग है कि नमाज पढ़ने के लिए जो कमरा आवंटित किया गया है। उसे रद्द किया जाए या फिर अलग से एक कमरा प्रार्थना करने के लिए भी आवंटित किया जाए। इसी मांग को लेकर भाजपा के हजारों कार्यकर्ता विधानसभा घेराव करेंग।

Published / 2021-09-08 06:56:10
मनरेगा में लूट : सदन में सरकार ने स्वीकारा- 51 करोड़ की हुई है गड़बड़ी

रांची। झारखंड में मनरेगा में हुई 52 करोड़ की लूट का मामला विधानसभा में भी बुधवार को उठा। इस लूट की खबर पर विधायक अमित कुमार मंडल ने सदन में अपनी आवाज उठायी और सरकार से यह जानना चाहा कि क्या राज्यभर में मनरेगा के तहत कार्यों में सोशल ऑडिट के जरिए 51 करोड़ से अधिक की वित्तीय अनियमितता का मामला उजागर हुआ है? सरकार ने भी अपने जवाब में इसे सही माना है और उत्तर हां में दिया है। विभागीय ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम की ओर से सदन में जो जवाब आया है, उसमें झारखंड में वित्तीय वर्ष 2017-18, 2018-19 तथा 2020-21 में सामाजिक अंकेक्षण इकाई द्वारा मनरेगा योजनाओं के सामाजिक अंकेक्षण के दौरान क्रमशः 16.46 करोड़ रुपये, 19.07 करोड़ रुपये,13.53 करोड़ रुपये एवं 0.23 करोड़ रुपये यानी कुल 51.32 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता पायी गयी है। विधायक अमित मंडल के सवाल पर विभागीय मंत्री ने कहा गड़बड़ी करने वाले दोषियों पर सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी और अभियान चलाकर राशि की वसूली भी कराने का आदेश दिया गया है। उन्होंने बताया कि गड़बड़ी उजागर होने के बाद अब तक 2.82 करोड़ रुपये की वसूली की गयी है। विधायक अमित मंडल के सवाल पर ग्रामीण विकास मंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि पलामू में 6.37 करोड़, गढ़वा में 5.93 करोड़, रामगढ़ में 4.93 करोड़ रुपये, हजारीबाग में 2.42 करोड़ रुपये, रांची में 2.17 करोड़ रुपये, चतरा में 1.46 करोड़ रुपये, गोड्डा में 2.88 करोड़ रुपये, दुमका में 2.36 करोड़ रुपये, गिरिडीह में 4.03 करोड़ रुपये, साहेबगंज में 2.87 करोड़ रुपये, पश्चिम सिंहभूम में 3.12 करोड़, बोकारो में 1.28 करोड़ रुपये, जामताड़ा में 1.04 करोड़ रुपये, देवघर में 1.04 करोड़ रुपये, कोडरमा में 0.61 करोड़ रुपये तथा पाकुड़ में 1.66 करोड़ की वित्तीय अनियमितता के मामले सामजिक अंकेक्षण में सामने आये हैं। मंत्री ने कहा गड़बड़ी करने वाले दोषियों पर सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी और अभियान चलाकर राशि की वसूली भी कराने का आदेश दिया गया है। राज्य में अब तक 654 लोगों पर जुर्माना, 487 लोगों को चेतावनी, 11 लोगों पर एफआईआर, 2 लोगों के निलंबन तथा 29 की बर्खास्तगी की तैयारी हुई है। ऐसे की गयी गड़बड़ी : मनरेगा मद से बड़े पैमाने पर फर्जी भुगतान, सामग्री का वितरण न किये जाने, योजना का कार्य पूर्ण किये बगैर राशि भुगतान के जरिए गड़बडी हुई।

Published / 2021-09-07 14:50:25
कल राज्यभर में पीएम के नाम डीसी को ज्ञापन सौंपेंगा भारतीय किसान संघ

रांची। बुधवार को भारतीय किसान संघ राज्यभर के उपायुक्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक ज्ञापन सौंपेगा, जिसके माध्यम से किसानों को उनकी उपज की लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य सुनिश्चित कराने की मांग की जायेगी। उक्त जानकारी संघ के प्रदेश प्रवक्ता सह भारतीय एग्रो इकोनॉमिक्स रिसर्च के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश कुमार सिंह ने दी। उन्होंने कहा कि भारतीय किसान संघ ने 11 अगस्त 2021 को एक ज्ञापन सौंपा था, जिसपर प्रधानमंत्री कार्यालय से पत्र के संदर्भ में कोई भी जवाब नहीं आना निराशाजनक रहा। पीएम से आग्रह किया गया था कि केंद्र सरकार अलग-अलग प्रकार की कई योजनाएं चला रही हैं, परंतु मुख्य विषय जो किसानों में अशांति का कारण बना हुआ है, वह ह ैकिसानों को उनकी उपज का लागत आधारित लाभकारी मूल्य नहीं मिलना। न्यूनतम समर्थन मूल्य तय होने के बावजूद मंडियों में किसानों की उपज उससे कम मूल्य पर बिकती हैं। कृषि उत्पादों के मूल्य को हमेशा नियंत्रित रखा गया जिससे स्वतंत्र बाजार व्यवस्था विकसित नहीं हो सकी और अब कृषि आदान तो महंगी होते जा रहे हैं। परंतु न्यूनतम समर्थन मूल्य बहुत पीछे छूट गया है। किसानों को आदान पूर्तिकर्ता, उनकी उपज का व्यापार करनेवाले तथा उद्योग चलाने वाले सभी तो फल फूल रहे हैं। संपन्न हो रहे हैं, लेकिन स्वयं किसान कर्जदार व गरीब से और गरीब होता जा रहा है। देश के सभी कृषि वैज्ञानिक/ संस्थान केवल उत्पादन बढ़ाने में लगे हैं। अब समय आ गया है कि किसान की आय बढ़ाने या लागत घटाने पर भी प्राथमिकता से कार्य किया जाना चाहिए। बाजार भाव एवं न्यूनतम समर्थन मूल्य में प्रति क्विंटल से सैकड़ों रुपए का अंतर है। न्यूनतम समर्थन मूल्य का केवल एक दो प्रांतों को ही लाभ मिल पाता है और शेष देशभर के किसान वंचित रह जाते हैं ऐसे में कोई तो समाधान जरूरी हो ही जाता है अत: निम्न बिंदुओं पर सकारात्मक कार्रवाई कर किसानों को आर्थिक संकट से निकाला जाए। 1. किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के बजाय लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य देना होगा। 2. एक बार घोषित मूल्य के बाद उसके आदानों में होनेवाली महंगाई का भुगतान के समय समायोजन करते हुए महंगाई के अनुपात में वास्तविक मूल्य चुकाना होगा। 3. घोषित मूल्य पर किसान की उपज का बेचना सुनिश्चित हो, फिर चाहे वह मंडी में बेचे, चाहे मंडी के बाहर या फिर चाहे सरकार खरीदे, लेकिन घोषित मूल्य से कम मूल्य पर क्रय-विक्रय को अपराध मानना होगा। यह सब केवल और केवल तभी संभव है जब इस बाबत कठोर कानून बनेगा, ऐसे में लागत आधारित Ñलाभकारी मूल्य की गारंटी कानून बनाया जाए। भारत का किसान अपने राष्ट्रीय दायित्व को भी भली-भांति समझता है, इसीलिए इस ज्ञापन के माध्यम से सरकार को आगाह किया जाता है कि संदर्भित पत्र दिनांक 11 अगस्त 2021 पर सकारात्मक कार्यवाही की अपेक्षा से किसानों ने 31 अगस्त तक इंतजार किया। लेकिन खेद है कि इसपर कोई जवाब नहीं आया। ऐसे में भारतीय किसान संघ द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार 8 सितंबर 2021 को हम जिला खूंटी प्रांत झारखंड के समस्त किसान एक दिवसीय धरना में भाग लेते हुए पुन: सकारात्मक कदम उठाने की अपील करेंगे। यदि 10 दिन में कोई आमंत्रण सूचना प्राप्त नहीं हुई तो भारतीय किसान संघ खेती छोड़ सड़कों पर उतरने को मजबूर होगा।

Published / 2021-09-07 12:23:27
नमाज के लिए आवंटित कमरे को सबके लिए खोल दिया जाये : केएन त्रिपाठी

रांची। मंगलवार को रांची स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री व इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष केएन त्रिपाठी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि झारखंड सरकार के विधानसभा स्पीकर ने गलत नोटिफिकेशन जारी किया है जिसमें नमाज पढ़ने के लिए एक अलग कमरा आवंटित किया गया है। उनको नोटिफिकेशन जारी करना चाहिए था कि सभी धर्मों के लिए, अध्यात्म के लिए एक कमरा आवंटित किया जाता है। झारखंड राज्य में दुर्भाग्य की बात है कि यहां की राजनीतिक संस्कृति खराब हो गयी है। पिछले 20 वर्षों से यह देखता आ रहा हूं कि जब से झारखंड अलग राज्य बना है तब से चार दिन का विधानसभा सत्र बुला लिया जाता है। इन चार दिनों में विधायक विधानसभा को नाच गाना करके रामलीला मैदान बना देते हैं। यह बहुत ही आपत्तिजनक है। राज्य की जनता माननीय विधायकों के पास समस्या लेकर जाती है। कई शिक्षकों की समस्या, पुलिस की समस्या, पुल की समस्या, बिजली की समस्या अकारण राज्य की जनता त्राहि-त्राहि कर रही है। राज्य की जनता सोचती है कि उनकी समस्याओं/बातों को सरकार के सामने उठाएंगे और उसका समाधान होगा। सरकार को कम से कम एक महीने का सत्र रखना चाहिए। राजनीतिक कल्चर के चलते प्रजातंत्र खराब हो गया है। मौका क्या मिला कि भाजपा ने विधानसभा को नाच गाना का मंडप बना दिया। विधानसभा को हर बार चार दिन के सत्र में डुग्गी ड्रामा करके सत्र को भंग कर दिया जायेगा। विपक्ष भी नहीं चाहेगी कि जनता के प्रश्न को उठाएं और सरकार भी नहीं चाहेगी कि हम प्रश्नों का जवाब दें, तो फिर जनता की समस्याओं का समाधान कैसे होगा। सोमवार को मैं विधानसभा गया तो वहां की परिस्थितियों को देखा। नाच गाना हो रहा था। मामले को घंटा दो घंटा विरोध करके राज्य के संज्ञान में लाया जा सकता है। विरोध के बाद पूरे सत्र चार दिन भी नहीं चले तो फिर क्या होगा? अगर एक साल में चार दिन भी जनता की समस्याओं को नहीं उठा सकते तो इस विधानसभा का मतलब क्या है? जब विधायकों को उनके विचार पांच साल के लिए ही नहीं जाते, वो विचार देते ही नहीं हैं तो फिर उन विचारों पर समाधान कैसे होगा? जरुरत ही क्या है इस विधानसभा का? इस चुनाव, विधायकों का खर्चा, अरबों रुपए खर्च किए जाने का क्या मतलब है? हमें लगता है कि राज्य का सिस्टम (राजनीतिक कल्चर/संस्कृति) को दुरुस्त करने की जरूरत है। मैं विधानसभा स्पीकर से मांग करता हूं कि नोटिफिकेशन को संशोधित कर वह जो कमरा आवंटित किया गया है उस कमरे को हर व्यक्ति के लिए खोला जाए क्योंकि सरकारी संपत्ति/सरकारी भवनों का उपयोग सबके लिए समान रूप से किया जाना चाहिए और मैं भाजपा से मांग करता हूं कि कम से कम अगले दो दिन 08 और 09 सितंबर को जनता के हित में सवालों को पूछें।

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