झारखंड

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Published / 2022-01-13 17:18:41
लोहरदगा : सड़क पर शव देख लोगों में सनसनी

लोहरदगा। सेन्हा थाना क्षेत्र के नन्दगांव फार्म हाउस पथ पर मुख्य गेट से 100 मीटर दूर आम पेड़ के नीचे एक अधेड़ का शव मिला। इसे देख खेत में काम कर रहे लोगों ने सेन्हा थाना पुलिस को सूचना दी। सेन्हा थाना प्रभारी सूरज प्रसाद ने कहा कि दो दिन पहले इचरी टंगरिया गांव शादी समारोह में गया था। शव एक दिन पहले का है। बुधवार को बारिश के बाद पेड़ के नीचे रहा और गुरुवार को खेत में काम करने वाले नजदीक पहुंच कर देखा कि वह मर चुका है। वृद्ध रास्ता भटक गया था और रात होने के कारण घर नहीं जा सका। गुरुवार की शाम में शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। मृतक की पहचान सेन्हा थाना क्षेत्र के अलोदी गांव निवासी स्व कोमल उरांव के पुत्र राम नारायण उरांव (51) के रूप में हुआ है। इसके साथ सेन्हा थाना पुलिस अग्रेतर कार्रवाई में जुट गयी है।

Published / 2022-01-13 14:41:00
ग्रामीण एसपी से मिलीं दहेजमुक्त झारखंड की राष्ट्रीय महासचिव सिंधु मिश्रा

रांची। आज दहेज मुक्त झारखंड संस्था की राष्ट्रीय महासचिव एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय आयोग प्रदेश अध्यक्ष महिला सेल श्रीमती सिंधु मिश्रा, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण नौशाद आलम से मिलकर उन्हें नव वर्ष, लोहड़ी और मकर संक्रांति की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं उनके कार्यालय पहुंच दीं। इस दौरान उन्होंने दहेज, महिला उत्पीड़न एवं मानव अधिकार जैसे कई मुद्दे पर गहन चर्चा की। साथ ही इसमें उनके सहयोग के लिए कृतज्ञता भी ज्ञापित की। साथ ही इस दौरान नशाबंदी पर भी विशेष चर्चा हुई, जिसमें आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी विचार किया गया।

Published / 2022-01-13 14:36:27
झारखंड की लोकसंस्कृति की झांकी है टुसू पर्व

एबीएन एडिटोरियल डेस्क (राजाराम महतो)। झारखंड में एक कहावत है बारह मासे, तेरह पर्व यानी बारह महीने में तेरह पर्व। टुसू पर्व तेरह पर्वों में अंतिम पर्व माना जाता है। यह आदिवासी-मूलवासी और कृषक समाज का सबसे महत्वपूर्ण पर्व है। अगहन संक्रांति से पूस संक्रांति तक यह पर्व मनाया जाता है। पूस माह में होने के कारण इसे पूस परब एवं कहीं-कहीं मकर संक्रांति तक चलने के कारण मकर परब भी कहते हैं । टुसू को प्रगति तथा ओजस्विता का पर्व माना गया है। यही वह समय है जब प्रकृति के साथ-साथ समस्त जीव-जगत में नयी ऊर्जा का संचार होता है। वैसे तो झारखंड के सभी पर्व-त्योहार प्रकृति से जुड़े हुए हैं, लेकिन सामाजिक एवं सांस्कृतिक ष्टि से टुसू पर्व का अलग महत्व है। टुसू केवल पर्व ही नहीं बल्कि झारखंड के गौरवशाली सांस्कृतिक धरोहर का नाम है। टुसू के साथ कई सामाजिक परम्पराएं जुड़ी हैं। कृषक खेत-खलिहान का कार्य समाप्त करने के बाद इस पर्व को मनाते हैं। यह पर्व पूरे एक महीने तक सिल्ली, अनगड़ा, मुरी, बुंडू, तमाड़ सहित पूरे पंचरगना क्षेत्र, रामगढ़, हजारीबाग, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसांवा के अलावा पश्चिम बंगाल के पुरुलिया, मिदनापुर व बांकुड़ा जिलों और ओड़िशा के क्योंझर, मयूरभंज, बारीपदा जिलों में मनाया जाता है। नारी सम्मान का पर्व : टुसू नारी सम्मान का पर्व है। यह टुसूमनी नामक युवती के स्वाभिमान साहस व बहादुरी की गाथा से जुड़ा हुआ है। लोककथा के मुताबिक एक गरीब किसान की तीन बेटियां थीं-सरला, भादू और टुसूमनी। इनमें टुसूमनी बहुत ही रूपवती और गुणवती थी। उस समय भारत में मुगलों का शासन था। मुगल सरदार टुसूमनी की खूबसूरती पर फिदा था और उसको जबरन अपनाना चाहता था। टुसूमनी ने अपनी लाज बचाने के लिए स्वर्णरेखा नदी में कूदकर अपनी जान दे दी थी। उस दिन मकर संक्रांति था। जिस स्थल पर यह घटना हुई, उसे सती घाट के नाम से जाना जाता है। यह सती घाट सोनाहातू में है। जनजातीय समाज इस दिन अपनी उसी बेटी टुसूमनी के बलिदान को याद करता है। एक अन्य मान्यता के अनुसार कृषक समाज टुसू के रूप में अन्न की देवी की पूजा करता है। इसी समय फसल को पूर्णता प्राप्त होती है। जिस शक्ति के दान से जनजातीय समाज पूर्णता को प्राप्त करते है उसको टुसू शक्ति कहा जाता है। टुसू गीतों में इसकी व्याख्या मिलती है। टुसू की पूजा अगहन संक्रांति के दिन से शुरू होती है। उस दिन किसान अन्न को खेत से खलियान लाते हैं। इसी अन्न को ग्रहण कर पूरा संसार जीवित रहता है। टुसू कृषकों के घरों में संपन्नता का प्रतीक है। टुसू पर्व की शुरुआत अगहन संक्रांति की रात से होती है। उस रात गांव की कुंवारी कन्याएं टुसूमनी की प्रतिमा स्थापित करती हैं। इसे टुसू थापना कहा जाता है। महीने भर प्रत्येक शाम टुसू पर फूल चढ़ाकर दीपक से आरती की जाती है। टुसू गीत गाये जाते हैं। इन गीतों का विषय प्राय: रामायण, महाभारत की कथा और देवी-देवताओं की मनौती से प्रारंभ होता है। ये गीत जनजातीय समाज की सादगी और मासूमियत को दशार्ते हैं। इनमें टुसूमनी के स्वाभिमान, बहादुरी का जिक्र होता है। मकर संक्रांति के एक सप्ताह पहले टुसू और चौड़ल सजाने का काम होता है। चौड़ल या तो बाजार से खरीदा जाता है या घर में बनाया जाता है। चौड़ल असल में टुसू की पालकी है। चौड़ल की आकृति ताजियानुमा होती है। मकर संक्रांति के एक दिन पहले पुरुषों के बीच मुर्गा लड़ाई की प्रतियोगिता होती है, जिसे बाउड़ी कहा जाता है। मकर संक्रांति के दिन पर्व का समापन टुसू विसर्जन के साथ होता है। विसर्जन के दिन टुसू को पालकी में बिठाकर भ्रमण कराया जाता है। नदी पर ले जाने के दौरान स्थानीय लोग टुसू के पारंपरिक गीत गाते और नाचते हुए चलते हैं। मकर संक्रांति के दिन टुसू पर्व मनाया जाता है। इस दौरान घरों में विशेष पकवान, पीठा, भूजा, मटन-चावल सहित अन्य पकवान बनते हैं। मेला होता है खास : टुसू पर्व के अवसर पर जगह-जगह मेला लगता है। इन मेलों में झारखंड की लोक संस्कृति, समाज और उनके कार्य-व्यापार को देखा जा सकता है। पूरे महीने भर गांवों-कस्बों में लगने वाले मेलों में ग्रामीण अपने परिवार के साथ उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं। ढोल-नगाड़ों की थाप पर थिरकते हैं। टुसू गीतों से आसपास का क्षेत्र गुंजायमान हो जाता है। मेले में कतार की कतार दुकानें, खेल-तमाशे, नौटंकी, झूले, मुर्गा लड़ाई सब कुछ होता है। विभिन्न गांवों से आकर्षक टुसू लाये जाते हैं। चौड़ल की प्रतियोगिताएं होती हैं। पहले मेला के रूप में सतीघाट मेला को जाना जाता था, अब झारखंड में टुसू पर्व पर सैकड़ों मेले लगते हैं। स्वर्णरेखा, कांची और राढू नदी के तट पर ये मेले लगते हैं। कुछ मेले डैम और झरनों के समीप लगते हैं। सती घाट मेला झारखंड का सबसे बड़ा और पुराना टुसू मेला है। टुसूमनी की स्मृति में सोनाहातू के स्वर्णरेखा नदी के सती घाट पर पहली बार 1740 में मेला लगा था। रांगामाटी-सिल्ली मार्ग पर स्थित बरेंदा गांव में इसी स्थान पर टुसू मनी ने बलिदान दिया था। घाट के निकट मां गंगा का मंदिर है। सोनाहातू का श्रीराम टुसू मेला भी प्रसिद्ध है। सिल्ली के कोंचो गांव के स्वर्णरेखा नदी तट पर ऐतिहासिक हरिहर मेला का लगता है। झारखंड और पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों से लोग इस मेले में आते हैं। श्रद्घालु स्वर्णरेखा नदी में स्नान कर मेला परिसर स्थित मंदिरों में देवी, देवताओं की पूजा-अर्चना करते हैं। सिल्ली के नीलगिरि में भी टुसू मेला लगता है। मेला स्थलों पर विभिन्न प्रकार की दुकानें सजती हैं। टुसू प्रदर्शनी, मुर्गा लड़ाई सहित कई तरह के प्रतियोगिताओं का भी आयोजन होता है। अनगड़ा प्रखंड के हुंडरू फॉल में 15 जनवरी को टुसू मेला लगता है। अनगड़ा के ही जोन्हा फॉल में 15 जनवरी व 15 फरवरी दो दिन टुसू मेला लगाया जाता है। कांची नदी के तट पर रंगरोड़ी धाम अवस्थित है। यहां हर साल टुसू मेला लगता है। झारखंड और पश्चिम बंगाल की सीमा पर मुरहलसूदी पंचायत में है सेंवाती घाटी। प्रत्येक साल 15 जनवरी को यहां टुसू मेला लगता है। सीमा पर होने के कारण दोनों राज्यों से महिला-पुरुषों की काफी भीड़ उमड़ती है। टुसू पर्व पर चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के जयदा में पांच दिनों तक चलने वाला प्रसिद्ध मेला लगता है। इसमें पश्चिम बंगाल, ओड़िशा समेत दूरदराज से लोग आते हैं। स्वर्णरेखा नदी में स्नान कर जयदा स्थित प्राचीन बूढ़ाबाबा शिव मंदिर में पूजा-अर्चना करते हैं। इसके अलावा तमाड़ के राजबाड़ी, चांडिल डैम, ईचागढ़ के राम मेला, बुटगोड़ा मेला, नीमडीह के छाता पोखर मेला समेत कई स्थानों पर मेला का आयोजन होता है। कोल्हान के झींकपानी, हाटगम्हरिया, राजनगर, हाता, जैंतगढ़, जगन्नाथपुर, मझगांव, सरायकेला सहित विभिन्न गांवों में टुसू मेला का आयोजन किया जाता है। जो हफ्तों तक चलते रहता है। इस तरह टुसू पर्व हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न होता है। इसके अगले दिन पहला माघ आखाइन जातरा के रूप में मनाया जाता है। जनजातीय किसान आखाइन को नव वर्ष के रूप में मनाते हैं। साल की शुरुआत मानकर इस दिन से ही सारे शुभ कार्य शुरू किये जाते हैं। जनजातीय परंपरा में इस दिन से ही खेत में पहला हल चलाकर खेती की शुरुआत की जाती है, जिसे हालपुनहा कहते हैं।

Published / 2022-01-13 13:02:46
मृत दारोगा लालजी यादव के परिजनों को मिलेगा न्याय : मिथिलेश

गढ़वा। गढ़वा विधायक झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने कहा है कि दारोगा लालजी यादव के परिजनों को न्याय मिलेगा। इस मामले की उच्चस्तरीय जांच करा कर दूध का दूध और पानी का पानी किया जाएगा। इस संबंध में मंत्री श्री ठाकुर ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र प्रेषित कर पलामू जिला अंतर्गत नावा बाजार थाना के दारोगा लालजी यादव की आत्महत्या मामले की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग किया है। मुख्यमंत्री को प्रेषित पत्र में मंत्री श्री ठाकुर ने कहा है कि दारोगा लालजी यादव के मामले में मीडिया, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों की ओर से विभिन्न प्रकार के विवादास्पद एवं भ्रामक विचार व्यक्त किए जा रहे हैं। इस मामले में जनता के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई है। मीडिया में नावा बाजार कांड संख्या - 32/2021 से भी इस मामले को जोड़कर देखा जा रहा है। साथ ही कई प्रकार के संदेह भी व्यक्त किए जा रहे हैं। मंत्री श्री ठाकुर ने मुख्यमंत्री से दारोगा आत्महत्या मामले सहित नावा बाजार थाना कांड संख्या -32/ 2021 एवं जिला परिवहन पदाधिकारी की टेलिफोनिक अनुशंसा मामले सहित सभी मामलों की उच्च स्तरीय जांच कराने का आग्रह किया है। ताकि दारोगा के परिजनों को न्याय मिल सके एवं आम जनता के बीच स्थिति स्पष्ट हो सके। जनता के सामने सच्चाई आना जरूरी है।मंत्री मिथिलेश ने मुख्य सचिव एवं डीजीपी को भी पत्र की प्रति सौंपी है।

Published / 2022-01-13 13:01:29
गढ़वा में बिछेगा सड़कों का जाल : मिथिलेश ठाकुर

गढ़वा। केंद्र सरकार ने जिले के चिनिया प्रखंड में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत तीन सड़कों की मंजूरी प्रदान की है। 19.5 करोड़ रुपए की लागत से लगभग 22 किलोमीटर सड़क का निर्माण किया जाएगा। गढ़वा विधायक झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने बताया कि जिले के सभी प्रखंडों के लिए सड़कों की सूची एवं प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया था। जिनमें चिनिया को छोड़कर अन्य प्रखंडों के प्रस्ताव में तकनीकी त्रुटि होने के कारण स्वीकृति नहीं हो सकी। पुन: शेष प्रखंडों के लिए भी केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। साथ ही इसकी स्वीकृति दिलाने में पलामू सांसद विष्णु दयाल राम से भी सहयोग करने का आग्रह किया है। मंत्री श्री ठाकुर ने बताया कि चिनिया प्रखंड के तीन प्रमुख सड़कों बिलैतीखैर मोड़ से रणपुरा वाया चिरका-कुंभीखांड़ तक, पासवान टोला से बरवाडी, मसरा, गम्हरिया टोला होते हुए एमपी टोला तक तथा तहले मोड़ से कठौतिया, छठ महुआ होते हुए भदुआ मोड़ तक सड़क का निर्माण कराया जाएगा। इन सड़कों के निर्माण से आदिम जनजाति बहुल इलाके के कई गांव चिनिया-रणपुरा एवं चिनिया रंका मुख्य सड़क से जुड़ जाएंगे। ये तीनो सड़कें इस क्षेत्र के लगभग पंद्रह हजार लोगों के लिए वरदान साबित होंगी। कई बार इन इलाकों से मरीजों और गर्भवती महिलाओं को चारपाई पर अस्पताल ले जाना पड़ता था। अब जल्द निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर कार्य आरंभ होगा। मंत्री ने बताया कि गढ़वा जिले के सभी प्रखंडो की कई महत्वपूर्ण सड़कें प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत स्वीकृति के केंद्र सरकार को भेजी गई थी। पर कुछ तकनीकी त्रुटि के कारण स्वीकृत नहीं हो सकीं । पूरे जिले में सिर्फ़ चिनिया ब्लॉक की तीन सड़कों के निर्माण पर ही सहमति बन सकी। अब इन सभी त्रुटियों को दूर करते हुए पुन: सभी प्रखंडो की योजनाओं को केंद्र सरकार के पास भेजा गया है। जिनके फरवरी माह के अंत तक स्वीकृत हो जाने की संभावना है। उन्होंने बताया कि पीएमजीएसवाई के तहत गढ़वा जिले को 14 ब्लॉक में बांटा गया है। हर ब्लॉक में अधिकतम बीस किलो मीटर सड़क लेनी है। चिनिया को छोड़कर बचे हुए शेष 13 प्रखंड से लगभग 260 किमी सड़क का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। मंत्री ने सांसद बीडी राम से भी व्यक्तिगत तौर पर आग्रह किया है कि वे गढ़वा, पलामू जिले की बदहाल सड़कों को केंद्र सरकार के संज्ञान में देते हुए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सड़कों की जल्द स्वीकृति का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि सांसद महोदय का प्रयास योजनाओं की जल्द स्वीकृति में कारगर सिद्ध होगा।

Published / 2022-01-13 12:30:18
सैनिक सम्मान के साथ जवान को किया विदा, अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब

सिमरिया (चतरा)। थाना क्षेत्र के बन्हे गांव निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक प्रदुमन सिंह के छोटे पुत्र आर्मी जवान मनोज कुमार सिंह का पार्थिव शरीर उनके घर लाने पर परिवार में कोहराम मच गया। आर्मी जवान मनोज कुमार सिंह बीमारी से मौत को मात नही दे पाये। उन्होंने आर्मी अस्पताल बंगलौर में इलाज के दौरान सोमवार को अंतिम सांस ली थी। फिलहाल बेंगलोर में ही ड्यूटी के दौरान फेफड़ा में इंफेक्शन होने के कारण कुछ दिन पहले आर्मी अस्पताल में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया था। सीमा पर दुशमनो को धुल चटाने वाले मनोज बीमारी को मात नही दे पाये। बुधवार देर शाम सेना के जवान उनका पार्थिव शरीर उनके गांव बन्हें लेकर पहुंचे तो परिवार में कोहराम मच गया। गुरुवार को स्थानीय नदी घाट मे सैनिक सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान लोगों ने उनके पार्थिव शरीर पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया। मौके पर लोग जवान के सम्मान में देशभक्ति नारे लगाते रहे। फोटीन ग्रेनेडियर बटालियन रांची और आर्मी के जवानों ने अधिकारी विक्रम सिंह एवं महमूद खान के नेतृत्व में इक्कीस सैनिकों ने सैनिक नियमों से गार्ड आॅफ आॅनर दिया। सैनिकों ने जवान के पार्थिव शरीर के साथ आये तिरंगे को उनके पिता को सुपुर्द किया। जवानों के द्वारा फायरिंग कर अंतिम सलामी देने के बाद परिजनों ने अंत्येष्टि की। मौके पर सिमरिया विधायक किशुन दास, मनोज चंद्रा, अशोक शर्मा, नंदकिशोर सुलभ, अक्षयवट सिंह, सुधीर सिंह, रामनारायण सिंह, आलोक रंजन, महेंद्र सिंह, अमित कुमार, पूर्व सैनिक वेलफेयर ट्रस्ट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद ओझा, जिला अध्यक्ष मोहन कुमार शाह, सचिव मिथलेश पांडेय, कोषाध्यक्ष उपकार सिंह, रितेश सिंह, राजेश कुमार, निर्मल सिंह, किशुन राम, अमृत साहू, दिलीप कुमार सिंह, रंजीत कुमार दांगी, रमन साहू, अमित कुमार दांगी, नरेश प्रसाद, दीपक कुमार समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

Published / 2022-01-13 12:29:04
धर्म रक्षा निधि संग्रह को लेकर विहिप चलायेगा अभियान

रांची। आज दिनांक 13 जनवरी 2022 दिन गुरुवार को जिला बैठक का आयोजन चतरा के गौरक्षणी में किया गया। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में प्रांत विद्यार्थी प्रमुख अमित पासवान उपस्थित हुए। कार्यक्रम का संचालन जिला मंत्री राहुल कुमार के द्वारा किया गया। बैठक में जिले एवं प्रखंड के कई कार्यकर्ता बंधु उपस्थित हुए। बैठक संबोधित करते हुए जिला मंत्री राहुल कुमार के द्वारा बताया गया कि आगामी सभी कार्यक्रम को सफल बनाना है विशेष 15 जनवरी से 25 जनवरी 2022 तक धर्म रक्षा निधि का कार्यक्रम तय है जिसमें प्रखंड में निधि संग्रह की एक विशेष टोली बनाई गई सभी प्रखंडों में बैठक प्रखंड पालक के नेतृत्व में 16 जनवरी से लेकर 18 जनवरी 2022 तक किया जाएगा। प्रांत विद्यार्थी प्रमुख अमित पासवान जी ने कहा चतरा जिले में धर्मांतरण और गौ तस्करी कई क्षेत्रों में हो रही है इस पर सभी कार्यकर्ता बंधु विशेष रुप से कार्य करेंगे सभी ग्राम पंचायतों तक संगठन का विस्तार जल्द से जल्द करने का कार्यकर्ता बंधु संकल्प लें। जिला बैठक में विभाग प्रचार प्रसार सुधीर स्नेही, जिला सह मंत्री इंद्रजीत कुमार, जिला संयोजक अंकित पांडे, जिला संपर्क प्रमुख पंकज सिंह, जिला सेवा प्रमुख विपिन बिहारी सिंह, जिला मिलन प्रमुख ऋषि कुमार, जिला सुरक्षा प्रमुख रवि साहू, जिला प्रचार प्रसार बंटी कुमार उपस्थित हुए एवं कई प्रखंडों से मंत्री अध्यक्ष एवं संयोजक के साथ कार्यकर्ता बंधु उपस्थित हुए। जिसमें बिट्टू सिंह, मृत्युंजय कुमार, सुरेंद्र, रोशन तिवारी, उत्तम पांडे, अजीत पांडे, अवधेश कुमार सिंह, कमांडो रजक, उदय चंद्रवंशी, ठाकुर राकेश रंजन के साथ दर्जनों कार्यकर्ता बंधु उपस्थित हुए।

Published / 2022-01-13 10:14:41
रांची : 38 किलो गांजा के साथ दो तस्कर गिरफ्तार

टीम एबीएन, रांची। हटिया रेलवे स्टेशन में नशीली पदार्थों की तस्करी का मामला सामने आया है। 38 किलो गांजे के साथ तस्कर आरपीएफ के हत्थे चढ़े हैं। मामले को लेकर रेल पुलिस बल और आरपीएफ की ओर से जांच की जा रही है। लगभग 38 किलो गांजा के साथ तस्कर पकड़े गए हैं। हटिया आरपीएफ की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक दो तस्कर ओडिशा से तस्करी करने के लिए निकले थे। हटिया में इन्हें गिरफ्तार किया गया है मामले की जांच चल रही है।

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