टीम एबीएन, कोडरमा। रेलवे बोर्ड से रेलवे के टिकट बाबत डाटा प्राप्ति के बाद घोड़थंबा स्थित डिजिटल सॉल्यूशन के संचालक के द्वारा ई टिकट का अवैध कारोबार किया जाता था। इसके मद्देनजर रविवार को कोडरमा के आरपीएफ निरीक्षक प्रभारी जवाहरलाल, हजारीबाग के निरीक्षक प्रभारी पंकज कुमार, सीआई धनबाद तथा कोडरमा के उप निरीक्षक अंकुर कुमार गिरिडीह जिला पुलिस के सहयोग से छापामारी की गई। दुकान में बैठे दुकानदार का नाम पूछा गया तो तो उसने अपना नाम रणधीर कुमार, पिता रंजीत मोदी, पोस्ट जरुआ डीह, थाना राजधनवार बताया। दुकान में रखे लैपटॉप को चेक किया गया तो उसमें से पर्सनल यूजर आईडी के अंतर्गत काटे गए कुल 10 ई टिकट बरामद हुए। दुकानदार से पूछे जाने पर बताया कि सभी टिकट जरूरतमंद यात्रियों के लिए काटे गए हैं। जिन से प्रत्येक व्यक्ति से कमीशन के रूप में 300 से 400 रुपये लेता हूं। बरामद ई टिकट की अनुमानित कीमत 7076 रुपए है। इस संबंध में आरपीएफ पोस्ट कोडरमा में 05 /22,16 जनवरी भादवी की धारा 143 आर रणधीर कुमार को पंजीकृत किया है। तथा इस संबंध में आगे की जांच के लिए एएसआई ओमप्रकाश सिंह को सौंपा गया है।
टीम एबीएन, जमशेदपुर। वैश्विक महामारी कोरोना के विरुद्ध जारी लड़ाई में पूर्वी सिंहभूम प्रशासन को समाज के हर वर्ग का सहयोग मिल रहा है। इस क्रम में टाटा कमिंस की कमिंस इंडिया फाउंडेशन ने शनिवार को जिला प्रशासन को एक लाख मास्क, 50 हजार हैंड ग्लब्स और 125 लीटर सेनिटाइजर दिये। इसे एडीएम (लॉ एंड ऑर्डर) नंद किशोर लाल ने जिला प्रशासन की ओर से ग्रहण किया। लाल ने फाउंडेशन का धन्यवाद करते हुए कहा कि हमें कोरोना संक्रमण के विरुद्ध सभी वर्गों से सहयोग की अपेक्षा है। कमिंस फाउंडेशन से मिला सहयोग हमारे संसाधनों को मजबूती देने वाला है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अन्य संस्थान व प्रतिष्ठान भी जिले के लोगों और जिला प्रशासन को सहयोग करते रहेंगे। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील है कि वे कोविड प्रोटोकॉल का अनुपालन करें और बिना जरूरी काम के घर से बाहर नहीं निकलें। कहा, तीसरी लहर के कारण जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या तेजी बढ़ रही है, इसलिए जिन्होंने अब तक कोरोनारोधी टीका नहीं लिया है, वे टीका अवश्य लें।
लोहरदगा। कौमी तंजीम लोहरदगा जिला कमिटी के तत्वावधान में राष्ट्रीय अध्यक्ष तारीक अनवर साहब के यौमे पैदाइश के मौके पर रविवार को अंजुमन हॉस्पिटल प्रांगण में "नफरत छोड़ो भारत जोड़ो" सद्भावना दिवस के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर कोविड-19 गाइडलाइंस नियमों का पालन करते हुए निसहाय एवं ज़रूरतमंदों के बीच कम्बल का भी वितरण किया गया। जिसमें अतिथियों के कर कमलों से सत्तर लोगों को कम्बल दिया गया। मौके पर जिला अध्यक्ष हाजी शकील अहमद ने अध्यक्षता करते हुए विषय प्रवेश कराया। कहा कि जब भी आपका विरोधियों के साथ सामना हो, तब अपने प्यार से उन्हें पस्त कीजिए। उन्होंने कहा कि कहा कि कौमी तंज़ीम का असल मकसद नफ़रत छोड़ो भारत जोड़ो कौमी तंज़ीम का नारा है आज हम समाज के बीच सद्भवना बनाने का काम करें तभी समाज और देश की सच्ची सेवा होगी। प्रथम वक्ता के रूप में सामाजिक विचार मंच के संयोजक कंवलजीत सिंह ने कहा कि आज समाज के वैसे लोग, जो आपसी भाईचारगी गरीबों की सेवा करने वाले व्यक्ति की पहचान कर उनका हौसला बढ़ाना होगा, तभी अच्छे लोग सामने आएंगे और समाज में बोए जा रहे नफरतों को मिटा सकते हैं। सभा में पत्रकार कयूम खान ने अदम गोंडवी साहब का सद्भवना गजल पढ़कर लोगों में बेदारी लाने का कार्य किए। संबोधित करते हुये प्रोफेसर लोहरा उरांव ने कहा कि कौमी तंज़ीम ने जो सद्भावना की बीड़ा उठाई है, हमें इसे आगे बढ़ना होगा और असहाय, गरीबों की सहायता करनी होगी। प्रोफेसर विनोद भगत ने कहा कि आज हमें अपने अंदर से नफरत को निकालना होगा और आपस की दूरी को मिटाना होगा, तभी समाज की बेहतरी होगी। संबोधित करने वालों में प्रोफेसर सह पत्रकार सतीश शाहदेव, प्रोफेसर कुदूस कुरैशी, हाजी सिकंदर अंसारी, मो दानिश, मो इमरान, राजीव रंजन, प्रेम कुजूर, एनामुल हक आदि शामिल थे।मौक़े पर अंजुमन इस्लामिया के साबिक सदर फहीम कुरैशी, वार्ड पार्षद फारूक कुरैशी, हाजी अलीम कुरैशी, यासीन कुरैशी, मो मनिरुद्दीन, मो शफीक, मोइज खान, नेहाल कुरैशी, मो परवेज़, वार्ड पार्षद मो मनीर अंसारी, जिलानी अंसारी, मो मनीरूद्दीन आदि मौजूद थे। धन्यवाद ज्ञापन जिलानी अंसारी ने किया।
एबीएन डेस्क। झारखंड के पोड़ैयाहाट विधानसभा से विधायक प्रदीप यादव का आज जन्मदिन है। उनके इस खास दिन पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ट्वीट कर उन्हें जन्मदिवस की बधाई दी। सीएम हेमंत ने ट्वीट कर लिखा कि "पोड़ैयाहाट विधानसभा से माननीय विधायक भाई प्रदीप यादव जी को जन्मदिवस की अनेक-अनेक शुभकामनाएं और जोहार। परमात्मा आपको सदैव उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु प्रदान करे, यही कामना करता हूं।"
टीम एबीएन, जमशेदपुर। कोरोना ने कहर ढाते हुए शनिवार को एक डेढ़ साल के बच्ची की जान ले ली। तीनों वेव में पहली बार इतनी छोटी बच्ची की मौत का मामला सामने आया है। मानगो के जवाहरनगर की इस बच्ची को 13 जनवरी को टीएमएच में भर्ती किया गया था, जहां 48 घंटे के अंदर ही उसने दम तोड़ दिया। दूसरी मौत एग्रिको के 80 वर्षीय व्यक्ति की मर्सी अस्पताल में मौत हुई। जिले में शनिवार को मिले कुल संक्रमितों की संख्या 751 रही। शनिवार को जो संक्रमित मिले, उनमें तीन शहर के बडे होटल सोनेट, सेंटर प्वाइंट और अल्कोर में भी मिले हैं। इसमें सोनेट में 16, सेंटर प्वाइंट और अल्कोर में 4-4 पॉजिटिव हैं। इसी तरह शनिवार को जो संक्रमित मिले, उनमें 36 परिवार हैं, जो कोरोना के फैमिली वार के शिकार बने हैं। इसी तरह पॉजिटिव होने वालों में छह चिकित्सक भी हैं। ग्रामीण इलाके के पोटका में 27 पॉजिटिव मिले हैं। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र में घाटशिला, पटमदा में तीन-तीन, जबकि मुसाबनी में चार और बहरागोड़ा और चाकुलिया में एक-एक पॉजिटिव मिला है। जिले में 344 लोगों के ठीक होने के साथ एक्टिव केस की संख्या 7752 हो गयी है। शनिवार को जिले का पॉजिटिविटी रेट 9.53% था, जबकि अब तक का कुल पॉजिटिविटी रेट 2.93% हो गया है। इसके साथ ही कोरोना से पूर्वी सिंहभूम की मृत्यु दर भी 1.74% हो गयी है, जो राष्ट्रीय और राज्य की मृत्यु दर से 0.44% अधिक है।
टीम एबीएन, कोडरमा। युवा कार्य विभाग खेल मंत्रालय भारत सरकार एवं आरएसएस व अनुसंगिक इकाइयों के द्वारा आजादी के 75वें वर्षगांठ को लेकर देश भर में 75 करोड एवं झारखंड में साढ़े तीन करोड़ सूर्य नमस्कार सात फरवरी तक किया जाना है। कोडरमा में दो लाख लोगों तक पहुंचकर लगभग 10 लाख सूर्य नमस्कार कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसकी विधिवत शुरुआत रविवार को हुई। समाचार लिखे जाने तक रविवार को 73 हजार से अधिक लोगों ने सूर्य नमस्कार किया। प्रति व्यक्ति ने 13 बार सूर्य नमस्कार किया। आरएसएस के तत्वावधान में इनकी अनुसंगित इकाइयों के द्वारा जिले के विभिन्न स्थलों पर कोविड के निर्देशों का पालन करते हुए किया गया। कार्यक्रम के जिला प्रभारी मनोज राणा और सह जिला प्रभारी सुनील रजक की देखरेख में कार्यक्रम संचालित हो रहा है। जिला संयोजक मनोज राणा ने बताया कि सूर्य नमस्कार से स्वस्थ रहता है तन-मन, दूर रहता है रोग। उन्होंने कहा कि कोविड काल में सूर्य नमस्कार बूस्टर का कार्य कर रहा है। इसमें कार्यक्रम में पहले दिन कोडरमा में आरएसएस की शाखाओं, घरों में खुले स्थलों पर 24 हजार, विद्या भारती के 13 हजार, पतंजलि परिवार के 19 हजार, गायत्री परिवार के 5 हजार, रोटरी क्लब के 1000, विहिप के 9 हजार, लायंस क्लब के 500 के अलावा अन्य संगठनों के सैकडो लोगों ने सूर्य नमस्कार किया। कार्यक्रम के फोटो और वीडियो को विभाग के वेबसाईट और सोशल मीडिया पर अपलोड किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने वालों को विभाग से सर्टिफिकेट मिलेगा।
एबीएन डेस्क। झारखंड के खूंटी जिले में एक दशकों से एक अनोखी तीरंदाजी प्रतियोगिता चली आ रही है। आम तौर पर प्रतियोगिता में विजेता को मेडल, शिल्ड, ट्रॉफी और कैश प्राइज की जाती है। लेकिन झारखंड की इस प्रतियोगिया में ऐसा इनाम दिया जाता है जिससे एक सालतक परिवार का पेट चलता है और खिलाड़ी पूरे 365 दिन जीत का स्वाद चखता है। यह प्रतियोगिता हर साल मकर संक्रान्ति के मौके पर आयोजित होता है। केन्द्र सरकार के जनजातीय मामलों के मंत्री अर्जुन मुंडा ने अपने ट्वीटर पर इसकी सराहणा करके प्रदेश की इस विशेषता को दूर दूर तक पहुंचा दिया है। दशकों से चली आ रही यह परंपरा बेझा बिंधा के नाम से जानी जाती है। प्रत्येक वर्ष यह प्रतियोगिता मकर संक्रांति के दिन आयोजित होती है। नौढ़ी गांव के जमींदार समीर सिंह मुंडा के पूर्वजों के द्वारा सौ साल पूर्व से इस अनूठी परंपरा को आज भी कायम रखा गया है। प्रत्येक वर्ष काफी उत्साह-उमंग के साथ इस प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। अड़की प्रखंड के नौढ़ी गांव में मकर संक्रांति सह टुसू पर्व के अवसर पर अनुठे तीरंदाजी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता के विजेता धनुर्धर सबंत मछुवा को एक एकड़ जमीन दी गयी, जिस पर वह साल भर खेती करके अपने परिवार का भरन पोषण करेगा। इस प्रतिभागियों के तहत निशाना साधने के लिए खेत के बीचों-बीच केला का एक थंब गाड़ा जाता है। उसके करीब सौ कदम की दूरी से प्रतिभागी अपने पारंपरिक तीर-धनुष से उस पर निशाना साधते है। केला के थंब पर सबसे पहले निशाना लगाने वाला विजेता होता है और उपहार में वह जमीन उसकी हो जाती है। इस साल का विजेता धनुर्धर संबत मछुवा बना। जो सातवीं राउंड में सटिक निशाना साधते हुए 100 गज की दूरी से केले को भेदने में कामयाब रहा।
टीम एबीएन, गुमला। गुमला बाईपास सड़क का निर्माण कार्य एक बार फिर कछुए की गति से हो रही है। राज्य के पहले मुख्यमंत्री रहे बाबूलाल मरांडी ने गुमला शहर को भीड़ से निजात दिलाने व शहरवासियों की वर्षों पुरानी मांग पर वर्ष 2000 में इसका शिलान्यास किया था। लेकिन कुछ अड़चनें आ जाने के कारण काम आरंभ हुआ और बंद हो गया था। जिसके बाद वर्ष 2014 में तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास ने बाईपास सड़क निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। दो बार शिलान्यास के बाद भी बाईपास का निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ। जबकि इस दौरान कई वर्ष गुजर गये। झारखंड राज्य भी पूरी तरह अपने युवा अवस्था में पहुंच गया। राज्य में कई मुख्यमंत्री आये और गये सत्ता परिवर्तन का खेल होता रहा, लेकिन नहीं बदली तो बाईपास सड़क की तस्वीर। आज भी सड़क का निर्माण कार्य चल ही रहा है। अभी भी सड़क के दो बाक्स कलवर्ट में आठ विंगवाल का निर्माण कार्य नहीं हुआ है। वहीं बीच सड़क पर पड़ने वाले पहाड़ को भी हटाया नहीं गया है। कई स्थानों पर सड़क का कालीकरण करना बाकी है। बीच सड़क से पहाड़ हटाने का काम भी काफी धीमी गति से चल रहा है। बताया जा रहा है कि फीड बेक कंपनी सड़क निर्माण कार्य की देखरेख कर रही है। लेकिन जब से कंपनी को कार्य मिला है गति और धीमा हो गया है। बाईपास सड़क निर्माण कार्य का जिम्मा मेसर्स संजय अग्रवाल कंपनी को मिली है। लेकिन कंपनी पेटीदार ठेकेदार को सड़क निर्माण कार्य दिया है। कहा जा रहा है कि कंपनी ने पेटी ठेकेदार को पैसा का आवंटन नहीं किया है। जिस कारण 15 दिनों में बनकर तैयार होने वाले बाईपास सड़क का निर्माण कार्य दिनों दिन लंबी होती जा रही है। जिसमें विभागीय लापरवाही भी सामने आ रही है। एनएच विभाग संवेदक पर दबाव नहीं बना पा रही है। यही कारण है कि सड़क का निर्माण कार्य हमेशा लटकता रहता है। विभागीय दबाव बनने पर संवेदक पेटी ठेकेदार को राशि आवंटित करता को शायद बाईपास सड़क चालू भी हो जाता। विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अब बाईपास सड़क का निर्माण कार्य फरवरी व मार्च के पहले सप्ताह में पूरी होने की जानकारी मिली रही है। इधर, यह बात भी छनकर सामने आ रही है कि अगर जल्द बाईपास सड़क का निर्माण कार्य पूरा नहीं होगा तो स्थानीय लोग सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
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