टीम एबीएन, कोडरमा। इनरव्हील क्लब आॅफ कोडरमा के तत्वावधान में विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर कैंसर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन शहर के रोटरी भवन में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में कोडरमा चिकित्सा प्रभारी डॉ अनिल कुमार एवं जयनगर चिकित्सा प्रभारी डॉ नम्रता प्रिया उपस्थित हुई। कार्यक्रम की शुरुआत क्लब की कविता दारूका, कंचन भदानी एवं सरिता विजय ने इनरव्हील प्रार्थना गायन कर किया। अतिथियों एवं सदस्यों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। अध्यक्ष माला दारुका के द्वारा स्वागत भाषण के पश्चात ज्योति झा ने बुके देकर अतिथियों को सम्मानित किया। मौके पर डॉ अनिल कुमार ने देश में बढ़ रहे कैंसर मरीजों की संख्या पर चिंता जताते हुए कैंसर के प्रकारों की विवेचना करते हुए कहा कि कैंसर के नाम से ही लोगों के जहन में सिहरन पैदा हो जाती है। महिलाओ में होने वाली ब्रेस्ट कैंसर एवं सर्वाइकल कैंसर जैसी बीमारी की प्रतिशत चौकाने वाली है। आने वाले समय में इस की विभीषिका देश में काफी बढ़ेगी। ऐसे में सरकार स्तर से कोरोना मुहिम की तर्ज पर देश में राष्ट्रीय कैंसर वैक्सीनेशन अभियान चलाने की सख्त जरूरत है, ताकि आने वाले समय में कैंसर से हमारा देश लगभग मुक्त हो सकता है। वहीं अपने संबोधन में डॉ नम्रता प्रिया ने कहा कि महिलाओ में होने वाले कैंसर अलग है वही पुरुषों के लिए शराब, पान, जर्दा, खैनी, गुटका आदि का अत्यधिक सेवन से कैंसर जैसे रोगों को बढ़ावा मिलता है और परिवार में एक व्यक्ति को कैंसर होने के बाद पूरा परिवार बिखरने पर मजबूर हो जाता है। पर आज देश इतनी तरक्की कर गया है कि कैंसर जैसी बीमारियों से लोग अब बिना डरे उसका डटकर सामना करते हुए सामान्य जिंदगी जी रहे हैं जो अन्य लोगों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा है। इस बीमारी में सतर्कता ही सबसे बड़ा उपचार है। कार्यक्रम से पूर्व हाथों में तख्ती लिए रोटरी भवन से वीर कुंवर सिंह चौक तक कैंसर जागरूकता रैली निकाली गई। प्रभावी नारों जैसे तंबाकू से नाता तोड़ो स्वस्थ जीवन से नाता जोड़ो, लक्षणों की पहचान समय-समय पर जांच से कैंसर से हो बचाव, कैंसर को हराना है हारना नहीं सभी को समझाना है, घबराना नहीं कैंसर के प्रति जागरूकता एवं बचाब ही बेहतर इलाज है। आदि नारों से लोगों को जागरूक करने के दौरान उन्हें पंपलेट बांटकर कैंसर के दहसत को कम करने का प्रयास किया गया मौका था। मंच संचालन हीना मोहन एवं मंजू कंधवे के द्वारा कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा की गई, तत्पश्चात राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से रामपुरिया ज्योति झा कविता दारूका नीलम भदानी, अनुपमा भदानी, रिधिमा अग्रवाल, कंचन भदानी, नीलम वैशाखियार, ज्योति पुजारा, प्रीति सहाय, शोभा देवी, रोटेरियन कैलाश चौधरी, कुमार पुजारा, महेश दारूका आदि उपस्थित हुए।
टीम एबीएन, सिमरिया। थाना क्षेत्र के सिमरिया से बगरा मुख्य पथ के बन्हे पुल समीप में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में दैनिक अखबार के पत्रकार समेत चार का मौत मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना के विरोध में स्थानीय पत्रकारों ने मृतक के आश्रितों को आर्थिक मुआवजा और नौकरी की मांग को ले सिमरिया-रांची और सिमरिया-हजारीबाग मेन रोड एनएच 100 को शुक्रवार शव के साथ जाम कर दिया है। गुस्साये पत्रकार व परिजनों तथा समाजसेवियों व राजनीतिक दलों ने मृतक पत्रकार के परिजनों के लिए 25 लाख रुपये का मुआवजा व परिवार के सदस्य को एक सरकारी नोकरी व बच्चों के शिक्षा दीक्षा का उचित व्यवस्था करने की मांग को लेकर कोयला वाहनों का परिचालन ठप कर दिया और अपनी मांगों को लेकर अडिग थे। सिमरिया अनुमंडल मुख्यालय के सुभाष चौक पर पत्रकारों के इस जाम को विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का साथ मिलने लगा है। सड़क जाम कर विरोध : इतना ही नहीं व्यवसायियों ने भी अपनी-अपनी दुकानें बंद रख जाम को समर्थन दिया है। सड़क जाम होने से एनएच पर कोल ट्रांसपोर्टिंग और वाहनों का परिचालन पूरी तरह से ठप हो गया है। जिससे सीसीएल की आम्रपाली, मगध और अन्य कोल परियोजनाओं से कोयले की ढुलाई प्रभावित हो गई है। हालांकि करीब दस घंटे बीत जाने के बाद भी सीसीएल और जिला प्रशासन का कोई भी अधिकारी बातचीत के लिए नहीं पहुंचा है। जबकि पुलिस लोगों को समझा बुझाकर शांत कराने के प्रयास में जुटी है। गुरुवार देर शाम हुई दुर्घटना : गुरुवार की देर शाम सड़क दुर्घटना में दैनिक अखबार के पत्रकार शशिभूषण सिंह समेत चार लोगों की दो अलग-अलग दुर्घटनाओं में कोल वाहनों के चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई थी। आक्रोशित लोग मुआवजे के साथ-साथ कोल ट्रांसपोर्टिंग को ले कॉमर्सियल सड़क बनाने की मांग कर रहे हैं। श्रम मंत्री और विधायक ने जताया शोक : वहीं सड़क दुर्घटना में पत्रकार की दर्दनाक मौत मामले को लेकर श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता और सिमरिया विधायक किसुन दास ने शोक जताया है। उन्होंने ट्वीट कर पत्रकार के निधन पर शोक जताया है।वहीं शशि सिंह की मौत को लेकर चतरा में पत्रकारिता जगत को अपूरणीय क्षति बताया है। दोनों नेताओं ने दुख की घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ खड़े रहने की बात कही है। श्रम मंत्री ने पीड़ित परिवार से आज मुलाकात करने की भी बात कही है।
टीम एबीएन, बुढ़मू। राजधानी रांची से सटे बुढ़मू प्रखंड में उग्रवादियों की धमक से बुढ़मू वासियों की जान सांसत में है। एक बार फिर क्षेत्र के लोग दहशत के माहौल में जीने को मजबूर हैं। चार बड़े वाहनों को जलाकर अपराधियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी है। बुढ़मू थाना क्षेत्र के साडम गांव में तालाब जीर्णोद्धार कार्य मे लगे तीन हाइवा क्रमशः BR- 02GA-6213,JH02Z- 9211 एवं JH 02Y 6045 एवं एक जेसीबी पोकलेन को आग लगा अपनी उपस्थिति दर्ज कर दी है।सूत्रों की माने तो उक्त घटना को अंजाम टीपीसी के उग्रवादियों ने दिया है। शनिवार की रात्रि लगभग 10 बजे के बीच करीब 10 की सांख्य में आये हथियारबंद उग्रवादियों ने पहले वहां काम कर रहे वर्करों के साथ मारपीट की और वाहन में आग लगा चलते बने। उक्त घटना से ग्रामीणों में दहशत फैल गया है। बार-बार मिल रही थी धमकी : ठेकेदार मनोज गुप्ता ने बताया कि लेवि को लेकर टीएसपीसी उग्रवादी संगठन के जोनल कमांडर दिनेश जी के द्वारा मेरे मुंशी को बार-बार धमकी आ रही थी की काम बंद करो। जबतक लेवि नहीं दी जाती है, अन्यथा अंजाम भुगतने को तैयार रहो।उन्होंने कहा कि मैंने एक प्रोजेक्ट में काम को लेकर अपना पेपर डाला था। जिसे हटाने को लेकर भी दबाव बनाया जा रहा था। उसी का परिणाम है कि देर रात मेरे कार्य क्षेत्र में लगे वाहनों को आज के हवाले कर दिया गया है। अभी तक किसी भी उग्रवादी संगठन ने घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है। वहीं प्रशासन पूरे घटनाक्रम को बारीकी से जांच रही है।
टीम एबीएन, रांची। कार्यशील पूंजी की कमी से जूझ रहे हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (एचईसी) को एक और संकट से गुजरना पड़ रहा है। एचईसी के अनिश्चित भविष्य के देखते हुए यहां के युवा इंजीनियर नौकरी छोड़ रहे हैं। वे दूसरे प्रतिष्ठानों में योगदान दे रहे हैं। दिसंबर-जनवरी के बीच अब तक 50 से अधिक युवा इंजीनियर एचईसी छोड़ चुके हैं। कुछ और छोड़ने वाले हैं। एचईसी में वेतन पुनरीक्षण कई सालों से लंबित है। दूसरी सुविधाएं भी बंद है। सात माह से वेतन नहीं मिलने और केंद्र सरकार के एचईसी को फिलहाल कोई वित्तीय मदद नहीं देने की घोषणा के बाद इंजीनियरों के इस्तीफा देने की रफ्तार में इजाफा हुआ है। पहले से ही इंजीनियरों और कामगारों की कमी से प्रबंधन के सामने योग्य इंजीनियरों की नियुक्ति करना चुनौती बन गई है। वित्त निदेशक ने एचईसी में अगले आदेश तक किसी भी प्रकार की नियुक्ति नहीं करने का आदेश जारी कर दिया है। इसके बाद से एचईसी में नियुक्ति बंद है। ऐसे में नए कार्यादेश मिलने के बाद डिजाइन और निर्माण में एचईसी को परेशानी हो सकती है।कर्मचारियों की कमी पूरी करने के लिए पहले से ही एचईसी कुछ सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवा ले रहा है। लेकिन अब इनकी संख्या भी कम ही रह गयी है। ऐसे में प्रबंधन को एक नयी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। एचईसी में काम करने वाले कई कर्मचारियों ने बैंक से पर्सनल और दूसरे कार्य के लिए लोन लिया है। उन्हें इसकी ईएमआई एक निश्चित तिथि को देनी पड़ती है। लेकिन समय पर वेतन नहीं मिलने से वह ईएमआई जमा नहीं कर पा रहे हैं और उनका ब्याज बढ़ता जा रहा है। एचईसीकर्मियों को लेन देने का गारंटर एचईसी बना है। हर माह की दस तारीख तक वेतन भुगतान करने की शर्त पर बैंकों ने कर्मचारियों को लोन दिया है। उधर, कामगारों का कहना है कि प्रबंधन समय पर वेतन नहीं दे रहा है इस कारण ब्याज और फाइन का भुगतान भी प्रबंधन ही करे।
टीम एबीएन, रांची। राजधानी के बरियातू थाना क्षेत्र में एंटी क्राइम चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने बलराम सिंह नामक एक व्यक्ति को विस्फोटकों के साथ गिरफ्तार किया है। बलराम के पास से पावर जेल एक्सप्लोसिव इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर और वायर बरामद किया गया है। बरियातू थाना प्रभारी सपन महता ने बताया कि वरीय पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर गुरुवार को बरियातू में जगह जगह पर एंटी क्राइम चेकिंग लगाया गया था। इसी दौरान बरियातू थाना क्षेत्र के बोडिया रोड में एक बाइक पर सवार दो लोग आते दिखाई दिए, पुलिस को देखते ही बाइक के पीछे बैठे व्यक्ति ने अपने पास रखे झोले को गड्ढे में फेंक दिया और वहां से भागने लगा। मौके पर मौजूद टाइगर जवानों ने बाइक चला रहे हैं व्यक्ति को खदेड़ कर धर दबोचा। हालांकि इस बीच एक व्यक्ति झाड़ियों का फायदा उठाकर भागने में कामयाब हो गया। पुलिस की टीम ने जब झोले की तलाशी ली तो उसमें से विस्फोटक बरामद हुआ। विस्फोटकों के साथ गिरफ्तार आरोपी का नाम बलराम सिंह हैं और वह रांची के पिठौरिया इलाके का रहने वाला है। जांच के दौरान उसके झोले से 15 पावर जेल एक्सप्लोसिव, 26 इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर और 25 मीटर लंबा डेटोनेटर वायर बरामद किया गया है। पूछताछ में आरोपी बलराम ने बताया है कि उसके भाई ने उसे बरियातू में एक व्यक्ति के पास विस्फोटक पहुंचाने के लिए दिया था। विस्फोटक कहां से लाए गए हैं इसकी जानकारी उसे नहीं है। बलराम ने फरार होने वाले व्यक्ति के बारे में भी पुलिस को जानकारी दी है जिसकी तलाश की जा रही है। रांची में विस्फोटक बरामद होने के बाद रांची पुलिस की एक टीम ने बलराम के भाई के पिठोरिया स्थित घर पर छापेमारी भी की। लेकिन वह घर से फरार मिला। बलराम के भाई की तलाश में पिठोरिया और कांके में भी रेड किया गया है। हालांकि अभी तक वह पुलिस के हाथ नहीं लगा है। बलराम के भाई की गिरफ्तारी के बाद यह पता चल पाएगा कि आखिर विस्फोटक कहां से आए और किसे सप्लाई किया जाना था।
टीम एबीएन, हजारीबाग। लोकनायक जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा हजारीबाग राज्य का सबसे सुरक्षित जेल में एक माना जाता है। जहां खूंखार अपराधी और हार्डकोर नक्सलियों को रखा जाता है। ऐसे में यहां सुरक्षा व्यवस्था भी पुख्ता हो यह महत्वपूर्ण है। लेकिन हजारीबाग में एक सुरक्षाकर्मी के पास से ही मोबाइल फोन बरामद किया गया है जो जेल के अंदर ले जाने की फिराक में था। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़ा हो गया है। लोकनायक जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा हजारीबाग में जेल ड्यूटी पर चेकिंग के दौरान सिपाही के पास से दो एंड्रॉयड और दो कीपैड मोबाइल जब्त किया गया है। जानकारी के अनुसार जेल अधीक्षक कुमार चंद्रशेखर जेल में ड्यूटी पर जाने वाले सिपाहियों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान सिपाही शत्रुघ्न ठाकुर का व्यवहार संदिग्ध लगा। ऐसे में उन्होंने उसकी जांच की। जांच करने के दौरान जूते की स्क्रीनिंग कराई जा रही थी तभी मोबाइल फोन बरामद किया गया है। जेल अधीक्षक कुमार चंद शेखर ने बताया कि सिपाही शत्रुघन कुमार को निलंबित करने की अनुशंसा की जा रही है। 4 दिन पहले पूरे राज्य भर में एक साथ विभिन्न कारा में छापेमारी की गई थी। इस दौरान लोकनायक जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा हजारीबाग में भी छापेमारी की गई। लेकिन उस छापेमारी के दौरान किसी भी तरह का आपत्तिजनक सामान बरामद नहीं किया गया था। ऐसे में यह कहा जा रहा था कि यहां सुरक्षा के चाक-चौबंद व्यवस्था है। बीते दिन हजारीबाग उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक ने भी बैठक कर हजारीबाग में लॉयन ऑर्डर की समीक्षा की थी। इस दौरान विशेष रूप से कहा गया था कि जेल के अंदर जो अपराधी हैं उन पर विशेष रूप से नजर रखी जाए और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भी किए जाएं। जिस तरह से आज लोकनायक जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा हजारीबाग में मोबाइल ले जाता हुआ सुरक्षाकर्मी पकड़ाया है। यह कई सवाल खुद में खड़ा करता है कि किसके भरोसे जेल सुरक्षित रखा जाए।
टीम एबीएन, रांची। शुक्रवार से झारखंड के स्कूलों में ऑफलाइन क्लासेस शुरू हो गए हैं। राज्य सरकार के निर्देश के बाद एक प्रोटोकॉल के तहत तमाम स्कूल खुल गए हैं। हालांकि, रांची समेत 7 जिलों में नौवीं से बारहवीं तक ऑफलाइन क्लासेस शुरू करने की अनुमति दी गई है। बाकी 17 जिलों में पहली से 12वीं तक की कक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। कोविड-19 प्रोटोकॉल का ध्यान में रखते हुए आज यानी शुक्रवार से ऑफलाइन क्लासेस शुरू की गई है। कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए जनवरी 2022 में सभी शिक्षण संस्थानों को बंद कर दिया गया था। वहीं लगभग 2 सालों से पहली से पांचवीं तक की कक्षाएं पूरी तरह ठप थी। हालांकि राज्य सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देश के बाद 4 फरवरी से राज्य के 17 जिलों में पहली से लेकर 12वीं तक के बच्चों के लिए स्कूल ओपन कर दिया गया है। वहीं रांची समेत सात जिलों में 9वीं से लेकर 12वीं तक के बच्चों के लिए स्कूल खोला गया है। स्कूल संचालन के दौरान कोरोना प्रोटोकॉल का ध्यान रखा जा रहा है। इसे लेकर आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से एक गाइडलाइन भी जारी किया गया था। शुक्रवार से रांची समेत राज्य के विभिन्न जिलों में स्कूली बच्चों का चहल-पहल देखा गया। सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखते हुए, मास्क और सेनेटाइजेशन का इस्तेमाल करने के बाद स्कूलों में प्रवेश की अनुमति दी गई। आपदा प्रबंधन विभाग के आदेश के मुताबिक ऑफलाइन क्लास में उपस्थिति को स्कूलों के लिए वैकल्पिक रखा गया है। स्कूलों में उपस्थिति के लिए ऑफलाइन क्लास अनिवार्य नहीं है। स्कूलों में सामूहिक सांस्कृतिक कार्यक्रम पर रोक है, जो बच्चे अभिभावक से अनुमति लेकर स्कूल पहुंच रहे हैं, उन्हें स्कूलों में एंट्री दी जा रही है। रांची, पूर्वी सिंहभूम, देवघर, चतरा, सरायकेला, बोकारो और सिमडेगा को छोड़ अन्य 17 जिलों में ऑफलाइन टेस्ट परीक्षाएं भी ली जा सकेंगी। समय-समय पर शिक्षकों और छात्रों का भी जिला प्रशासन के द्वारा स्कूल कैंपस में ही कोविड टेस्ट करवाया जाएगा।
टीम एबीएन, रांची। राजधानी के बुढ़मू थाना क्षेत्र के सड़ाम गांव के पास कुछ अज्ञात हथियारबंद अपराधियों ने तालाब निर्माण में लगे चार वाहनों को आग के हवाले कर दिया है। गुरुवार की देर रात इस वारदात को अंजाम दिया गया है। आशंका है कि टीपीसी के उग्रवादियों के द्वारा इस आगजनी की घटना को अंजाम दिया गया है।
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