एबीएन डेस्क। दक्षिण पश्चिम मानसून अरब सागर के मध्य हिस्सों, पूरे तटीय कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों, उत्तर सुदूर कर्नाटक के अधिकांश हिस्सों, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों, तमिलनाडु के अधिकांश हिस्सों, मध्य बंगाल की खाड़ी के और इलाकों तथा पूर्वोत्तर बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों की ओर अग्रसर है। महाराष्ट्र, कर्नाटक समेत पूर्वोत्तर में बारिश की संभावना भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने शनिवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि अगले 24 घंटों के दौरान मानसून के मध्य अरब सागर के और इलाकों, महाराष्ट्र के और इलाकों, कर्नाटक के बाकी हिस्सों, आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना के कुछ और हिस्सों, तमिलनाडु के बाकी हिस्सों, मध्य एवं पूर्वोत्तर बंगाल की खाड़ी तथा पूर्वोत्तर भारत की ओर आगे बढ़ने का अनुमान है। विभाग की ओर से बयान मुताबिक निचले स्तर की दक्षिण-पश्चिमी हवाओं में मजबूती के कारण, अगले पांच दिनों के दौरान पूर्वोत्तर राज्यों में व्यापक बारिश होने का अनुमान है, जबकि अरुणाचल प्रदेश में पांच, छह और आठ जून को, असम और मेघालय में पांच से नौ जून तक तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर पांच से सात जून के बीच भारी बारिश हो सकती है। इन राज्यों में भी हो सकती है बारिश दक्षिण महाराष्ट्र से दक्षिण केरल तट तक समुद्र तट पर हवा का कम दबाव होने और निचले क्षोभमंडल स्तरों में पश्चिमी हवा के मजबूत होने के कारण अगले 24 घंटों के दौरान केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में गरज, बिजली और तेज हवाओं के साथ व्यापक वर्षा होने के आसार हैं। राष्ट्रीय मौसम ब्यूरो ने यह भी बताया कि एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में एक पश्चिमी विक्षोभ पंजाब और उससे सटे हरियाणा के ऊपर समुद्र तल से 3.1 किमी की ऊंचाई पर स्थित है, जिसकी धुरी के साथ 5.8 किमी की ऊंचाई पर कम दवाब का क्षेत्र बन रहा है। जो समुद्र तल से 72 डिग्री पूर्वी अक्षांश और 26 डिग्री उत्तरी देशांतर में स्थित था। इसके अलावा चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र हरियाणा और इससे सटे उत्तर पश्चिमी राजस्थान पर बना रहा है। इसके प्रभाव से अगले 48 घंटों के दौरान पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र के कुछ हिस्सों और उत्तर-पश्चिम भारत के आसपास के मैदानी इलाकों में आंधी, बिजली और तेज हवाओं के साथ अलग-अलग स्थानों पर बारिश होने के आसार हैं, साथ ही उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में आठ और नौ जून को 25-35 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बेटियों के लिए स्पेशल तोहफे का एलान किया है। अब सरकारी नौकरी में आरक्षण की तर्ज पर मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन में भी लड़कियों को 33 परसेंट आरक्षण होगा। सीएम ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक कर यह एलान किया। प्रस्तावित विधेयक के प्रस्तुतिकरण बैठक में वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से अभियंत्रण विश्वविद्यालय और चिकित्सा विश्वविद्यालय स्थापित करने के संबंध में प्रस्तावित विधेयक का प्रस्तुतिकरण दिया गया। विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से ‘द बिहार इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी एक्ट-2021’ और पावर एंड फंक्शन ऑफ़ यूनिवर्सिटीज, जुरिडिक्शन एवं अन्य प्रॉविजन’ के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने कहा कि पीएम मोदी ने चक्रवात से प्रभावित लोगों के साथ पूरी एकजुटता व्यक्त की और आपदा के दौरान अपने परिजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति दुख जताया। पीएम ने मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपये और गंभीर घायल हुए लोगों को 50 हजार रुपये मुआवजा देने का एलान किया। पीएमओ ने कहा कि केंद्र सरकार चक्रवात से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए एक अंतर-मंत्रालयी दल तैनात करेगी जो राज्यों का दौरा करेगा। इसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। प्रधानमंत्री ने ओडिशा, बंगाल और झारखंड को आश्वस्त किया है कि इस संकट के समय में केंद्र उनके साथ है। पीएमओ ने कहा कि प्रधानमंत्री ने तत्काल राहत गतिविधियों के लिए एक हजार करोड़ रुपये की वित्तीय मदद का एलान किया है। इसमें से ओडिशा को 500 करोड़ रुपये तुरंत दिए जाएंगे। इसके अलावा बाकी 500 करोड़ रुपये पश्चिम बंगाल और झारखंड को वहां तूफान की वजह से हुए नुकसान के आधार पर दिए जाएंगे। सुवेंदु अधिकारी के नाम पर भड़कीं ममता बनर्जी वहीं, इस बैठक में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी को भी आमंत्रण दिया गया तो बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भड़क गईं। सूत्रों के अनुसार बैठक में बनर्जी और राज्य के मुख्य सचिव 30 मिनट लेट पहुंचे। सीएम ने वहां पहुंचते ही यास से हुए नुकसान को लेकर कुछ कागजात सौंपे और कहा कि दूसरी बैठकें चल रही हैं, मुझे वहां जाना है।
एबीएन डेस्क। Cowin पोर्टल की शुरुआत वैक्सीन लेने वालों की सहूलियत के लिए हुई थी लेकिन जब से 18-44 आयु वर्ग के लोगों के लिए वैक्सीनेशन शुरू हुआ है तब से हर दिन हजारों लोग Cowin पोर्टल पर वैक्सीन के लिए स्लॉट बुक करने के लिए जाते हैं और खाली हाथ लौट आते हैं। लोगों की इस समस्या को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने बड़ा फैसला लिया है। मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि 18-44 आयु वर्ग के लोग अब बिना अप्वाइंटमेंट किसी भी सरकारी वैक्सीनेशन सेंटर पर जाकर वैक्सीन लगवा सकते हैं। इसकी शुरुआत आज यानी 24 मई से हो गई है। मंत्रालय ने कहा है कि अब 18-44 साल वालों को वैक्सीन लगवाने के लिए ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट लेने की जरूरत नहीं है, हालांकि रजिस्ट्रेशन अभी भी अनिवार्य है। यदि आपने पहले से ही रजिस्ट्रेशन करवा लिया है तो अच्छी बात है, वरना आपको वैक्सीनेशन सेंटर पर ही रजिस्ट्रेशन करना होगा और उसके बाद आपको वैक्सीन दी जाएगी। मंत्रालय ने कहा है कि ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट के दौरान कई जगहों से वैक्सीन बर्बाद होने की भी रिपोर्ट मिली है जिसके बाद यह फैसला लिया गया है। मंत्रालय की ओर से साफतौर पर कहा गया है कि यह सुविधा फिलहाल केवल सरकारी वैक्सीनेशन केंद्र पर ही उपलब्ध है। बता दें कि अभी तक सिर्फ 45 साल से अधिक उम्र के लोगों को ही बिना अप्वाइंटमेंट वैक्सीन दिया जा रहा था, जबकि 18-44 साल के लोगों को कोविन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करने के बाद ऑनलाइन स्लॉट बुक करना पड़ता था जिसमें लोगों को काफी दिक्कत आ रही थी।
एबीएन डेस्क। कोरोना संक्रमण के बीच ब्लैक फंगस विकराल रूप धारण करता जा रहा है। देश के बड़े हिस्सों में यह तेजी से पैर पसार रहा है। रोजाना सैकड़ों लोग इसके शिकार हो रहे हैं। कई राज्यों ने इसे महामारी घोषित कर रखा है। अब मध्यप्रदेश सरकार ने भी इसे महामारी घोषित किया है। अब सरकार इस बीमारी के मरीज़ों और मृतकों का इलाज का कोरोना की तरह ही रिकॉर्ड रखेगी। बता दें कि मध्यप्रदेश में यह इंफेक्शन तेजी से फैल रहा है। राज्य में अभी तक 10 लोगों की मौत हो चुकी। वहीं कई मरीज अब भी इस बीमारी से जंग लड़ रहे हैं। ब्लैक फंगस से सबसे ज्यादा वह मरीज हैं, जो हाल ही में कोरोना से ठीक होकर घर लौटे हैं. लेकिन फिर से उन्हें अस्पताल जाना पड़ रहा है। महाराष्ट्र में ब्लैक फंगस से सबसे ज्यादा मौत : देशभर में ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों को देखते हुए पिछले दिनों केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों को पत्र लिखकर इसे महामारी घोषित करने की मांग की थी, जिसके बाद राजस्थान हरियाणा, उत्तर प्रदेश सरकार ने इसे महामारी घोषित की। इन राज्यों में ब्लैक फंगस के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। कोविड से ठीक हुए मरीज फिर से इस बीमारी को लेकर अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं। इस खतरनाक इंफेक्शन से देश में अब तक 100 से अधिक मरीजों की मौत हो चुकी है। महाराष्ट्र और राजस्थान में ब्लैक फंगस के सबसे ज्यादा केस सामने आ रहे हैं। जिसमें महाराष्ट्र में सबसे अधिक 90 लोगों ने दम तोड़ा। वहीं हरियाणा में14 की जान गई। हालांकि म्यूकोरमाइकोसिस यानी ब्लैक फंगस की दवा बाजार में उपलब्ध हो गई है। फार्मा कंपनी एमएसएन ने ब्लैक फंगस की दवा पॉसाकोनाजोल को बाजार में उतारा है। दवा आने से मरीजों को राहत मिलेगी। हालांकि दवा मार्केट में सभी जगह उपलब्ध नहीं है, लेकिन कंपनी जल्द ही देशभर में सप्लाई बढ़ाने की बात कह रही है। ।
गढ़चिरौली। छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बार्डर से लगे गढ़चिरौली जिले में शुक्रवार सुबह पुलिस और नक्सलियों के बीच शुक्रवार को जमकर फायरिंग हुई है। पुलिस की सी-60 यूनिट कमांडो ने गढ़चिरौली के एटापल्ली के जंगली इलाके में 13 नक्सलियों को मार गिराया। मारे गये नक्सलियों में 7 महिलाएं भी शामिल हैं। सभी के शव जवानों ने बरामद कर लिये हैं। इस हमले में 4-5 नक्सलियों के घायल होने की भी खबर है। मुठभेड़ स्थल से भारी संख्या में हथियार भी मिले हैं। मुठभेड़ में मरे नक्सलियों की पहचान नहीं हो सकी है। इस संबंध में गढ़चिरौली के डीआइजी संदीप पाटिल ने पत्रकरों को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुबह गढ़चिरौली जिले के एटापल्ली के जंगली क्षेत्र से 13 नक्सलियों के शव बरामद किये गये हैं। महाराष्ट्र पुलिस की सी-60 इकाई और नक्सलियों के बीच फायरिंग जारी है। उन्होंने बताया कि आॅपरेशन महाराष्ट्र पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता है और संभावना है कि मुठभेड़ में और नक्सलियों का सफाया हुआ है। डीआइजी ने बताया कि जिस समय पुलिस ने कार्रवाई की, उस वक्त नक्सली एक बैठक के लिए एकत्र हुए थे। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस के दल और सी-60 कमांडो ने जंगल में खोज अभियान शुरू किया। उन्होंने बताया कि नक्सलियों ने पुलिस दल को देखा और गोलीबारी शुरू कर दी। सी-60 कमांडो ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें 13 नक्सली मारे गये हैं। कई नक्सली भागने में सफल रहे। मुठभेड़ के बाद जवानों ने सर्चिंग शुरू की तो शवों के अलावा खून के निशान भी मिले हैं। ऐसे में संभावना है कि मुठभेड़ में 4 से 5 नक्सली गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं, इसलिए मृतकों का आंकड़ा बढ़ भी सकता है। जवानों ने मौके से एके -47,राइफल, 303 राइफल, करबाइन, 12 बोर की राइफल और बड़ी मात्रा में विस्फोटक, तार का बंडल और अन्य सामान बरामद किया है। बढ़ती नक्सली गतिविधियों इस पर प्रतिबंध लगाने के लिए तत्कालीन एसपी केपी रघुवंशी ने 1 दिसंबर 1990 को सी-60 की स्थापना की। उस वक्त इस फोर्स में सिर्फ 60 विशेष कमांडो की भर्ती हुई थी, जिससे इसे यह नाम मिला। नक्सली गतिविधियों को रोकने के लिए गढ़चिरौली जिले को दो भागों में बांटा गया। पहला उत्तर विभाग, दूसरा दक्षिण विभाग। ??????इन कमांडो को विशेष ट्रेनिंग दी जाती है। इन्हें दिन-रात किसी भी समय कार्रवाई करने के लिए ट्रेंड किया जाता है। इनकी ट्रेनिंग हैदराबाद, मनेसर, कांकेर, हजारीबाग में होती है। नक्सल विरोधी अभियान के अलावा ये जवान नक्सलियों के परिवार, नाते-रिश्तेदारों से मिलकर उन्हें सरकार की योजनाओं के बारे में बताकर समाज की मुख्यधारा में जोड़ने का काम भी करते हैं। नक्सली इलाकों में ये प्रशासनिक समस्याओं की जानकारी भी जुटाते हैं।
एबीएन डेस्क। कोरोना वायरस के चलते देश में हालात काफी खराब हो रहे हैं। कहीं ऑक्सीजन नहीं मिल रही तो कहीं बेड्स और दवाएं नहीं हैं। कोरोना संकट के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन आज वैक्सीनेशन को लेकर जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, बिहार, झारखंड, ओडिशा और तेलंगाना के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ एक बैठक करेंगे। मिली जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य मंत्री कोरोना पर भी राज्यों से चर्चा करेंगे। कोरोना का कहर देश में इस कद्र है कि यह महामारी दिनों-दिन बेकाबू होती जा रही है। कोरोना वायरस के चलते देश में हालात काफी खराब हो रहे हैं। कहीं ऑक्सीजन नहीं मिल रही तो कहीं बेड्स और दवाएं नहीं हैं। कोरोना संकट के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन आज वैक्सीनेशन को लेकर जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, बिहार, झारखंड, ओडिशा और तेलंगाना के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ एक बैठक करेंगे। मिली जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य मंत्री कोरोना पर भी राज्यों से चर्चा करेंगे। कोरोना का कहर देश में इस कद्र है कि यह महामारी दिनों-दिन बेकाबू होती जा रही है।
एबीएन डेस्क। देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर की तबाही जारी है। इस बीच, महामारी की तीसरी लहर को लेकर चेतावनी जारी की गई है, जिसमें सबसे अधिक बच्चों के संक्रमित होने की आशंका जताई गई है। इसे देखते हुए बड़ा कदम उठाया गया है। एक विशेषज्ञ समिति ने मंगलवार को 2 से 18 आयुवर्ग के लिए भारत बायोटेक के कोविड वैक्सीन के दूसरे/तीसरे चरण के लिए परीक्षण की सिफारिश की थी, जिसे भारत सरकार ने मंजूरी दे दी है। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। कोरोना वैक्सीन से जुड़ी सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी (एसईसी) ने मंगलवार को सिफारिश की थी कि भारत बायाटेक की कोवैक्सीन के दूससे और तीसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल को मंजूरी देनी चाहिए, जोकि 2 से 18 साल तक के बच्चों पर किया जाएगा।उन्होंने बताया कि यह परीक्षण दिल्ली व पटना के एम्स और नागपुर स्थित मेडिट्रिना चिकित्सा विज्ञान संस्थान समेत विभिन्न स्थानों पर किया जाएगा। कंपनी ने मांगी थी अनुमति : बता दें कि केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की कोविड-19 विषय विशेषज्ञ समिति ने मंगलवार को भारत बायोटेक द्वारा किए गए उस आवेदन पर विचार-विमर्श किया, जिसमें उसके कोवैक्सीन टीके की दो साल से 18 साल के बच्चों में सुरक्षा और रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने समेत अन्य चीजों का आकलन करने के लिए परीक्षण के दूसरे/तीसरे चरण की अनुमति देने का अनुरोध किया गया था। एक सूत्र ने कहा कि कंपनी के आवेदन पर विस्तृत विचार-विमर्श के बाद समिति ने प्रस्तावित दूसरे/तीसरे चरण के परीक्षण की अनुमति दिए जाने की सिफारिश की थी। बता दें कि भारत में अभी तक जिन दो कोविड वैक्सीन का इस्तेमाल किया जा रहा है। दोनों का 18 साल से अधिक उम्र वाले लोगों को पर ही इनका क्लीनिकल ट्रायल किया गया है। भारत में सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड, भारत बायोटेक की कोवैक्सीन को लोगों को लगाई जा रही हैं। ऐसे में तीसरी लहर की चेतावनी से पहले बच्चों पर ट्रायल को मंजूरी देना बड़ा फैसला माना जा रहा है।
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