एबीएन डेस्क। उत्तराखंड में आए दिन कोई न कोई हादसे की घटना सामने आती रहती है जिसमें जान-माल की हानी हो चुकी है। वहीं इन दिनों ऋषिकेश में हो रही भारी बारिश के कारण नदियां उफान पर है। इसी बीच देहरादून-ऋषिकेश मार्ग पर रानीपोखरी पुल टूट गया जिस कारण कई गाड़ियां नीचे नदी में जा गिरी। जानकारी के अनुसार, राज्य में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच देहरादून-ऋषिकेश मार्ग पर बना रानीपोखरी पुल अचानक ही टूट गया जिसके कारण दो लोडर और एक कार नदी में जा गिरी। पता चला है कि वाहनों में सवार लोग घायल हो गए हैं जिनको इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। वहीं इस घटना का पता चलते ही पुलिस व राहत दल मौके पर पहुंचे। पुल टूटने के कारण आने-जाने का संपर्क बाधित हो गया है। बता दें कि इस घटना का एक वीडियो भी वायरल हुआ है जिसमें दिख रहा है कि पुल धीरे-धीरे करके टूट रहा है। यदि पुल एक दम तेज झटके से टूट कर गिर जाता तो काफी जान-माल का नुक्सान हो सकता था।
नयी दिल्ली। भारतीय वायुसेना का मिग-21 विमान (MiG-21 Air Force) बाड़मेर जिले से 35 किलोमीटर दूर मातासर गांव में क्रैश हो गया। हादसा शाम 5:00 बजे हुआ। वायु सेना का मिग-21 विमान क्रैश होने से ठीक पहले पायलट सुरक्षित निकलने में कामयाब रहा। जानकारी के अनुसार क्रैश विमान का पायलट सुरक्षित है। मिग-21 विमान क्रैश की घटना के बाद उत्तरलाई से वायु सेना के अधिकारियों सहित कई अन्य जगहों से भी रेस्क्यू हेलीकॉप्टर से मौके पर पहुंच रहे हैं। प्लेन क्रैश के बाद मौके पर आग लग गई। गांव वालों ने आग बुझाने के लिए आनन-फानन में पानी डाले। आग बुझाने के लिए टैंकरों को भी बुलाया गया। सैन्य प्रवक्ता अमिताभ शर्मा ने बताया कि भारतीय वायुसेना का मिग-21 बुधवार शाम राजस्थान के बाड़मेर जिले में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। उन्होंने बताया कि हादसे के बाद पायलट ने खुद को सुरक्षित तरीके से विमान से इजेक्ट कर लिया। प्रवक्ता के अनुसार यह विमान प्रशिक्षण उड़ान पर था। बाड़मेर के पुलिस अधीक्षक आनंद शर्मा के अनुसार विमान भूरटिया गांव के पास गिरा। उन्होंने कहा कि विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से किसी के हताहत होने की खबर नहीं है और पुलिस मौके पर पहुंच चुकी है।
एबीएन डेस्क। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने फैसला किया है कि अब अफगानिस्तान के नागरिक सिर्फ ई-वीजा पर ही भारत आ सकेंगे। केंद्र सरकार का कहना है कि यह फैसला अफगानिस्तान में लगातार बदल रही सुरक्षा स्थिति के मद्देनजर लिया जा रहा है। बता दें कि सरकार ने पिछले हफ्ते ही अफगान नागरिकों के लिए खासतौर पर ई-इमरजेंसी वीजा जारी करने का ऐलान किया था। अब इस वीजा को मौजूदा आवेदन प्रक्रिया में शामिल कर लिया गया है। केंद्र सरकार ने कहा है कि इस फैसले के साथ ही अफगान नागरिकों को पहले जारी किए गए सभी वीजा अब अवैध हो गए हैं। हालांकि, यह व्यवस्था सिर्फ देश के बाहर मौजूद नागरिकों के लिए है। यानी पहले अफगान नागरिकों को जारी किए गए स्टूडेंट वीजा, टूरिस्ट वीजा, बिजनेस वीजा, आदि अब अवैध हो गए हैं। बता दें कि अफगानिस्तान के काबुल में तालिबान के कब्जे के दो दिन बाद ही भारत ने इस ई-इमरजेंसी वीजा का ऐलान किया था। अधिकारियों ने बताया था कि अफगानिस्तान में भारत के मिशनों के बंद होने के कारण वीजा के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है और नई दिल्ली में अर्जियों की जांच की जाएगी। शुरुआत में ये वीजा छह महीने की अवधि के लिए दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि अर्जियों पर कार्रवाई करते और अफगान नागरिकों को वीजा देते हुए सुरक्षा मुद्दों पर गौर किया जाएगा। इस वीजा के लिए सभी धर्मों के अफगान नागरिक आवेदन दे सकते हैं।
आधार कार्ड धारकों को नहीं मिलेगा दो सुविधाओं का लाभ एबीएन डेस्क। आधार कार्ड प्रत्येक भारतीय नागरिक के लिए एक अहम दस्तावेज है। यह केवल एक दस्तावेज ही नहीं है, बल्कि पहचान पत्र है। किसी भी वित्तीय लेनदेन और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आधार बेहद जरूरी है। आधार में न सिर्फ आपके पते की जानकारी होती है, बल्कि इसमें व्यक्ति की बायोमेट्रिक जानकारी भी होती है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) आधार से जुड़ी सेवाएं देखने वाली अथॉरिटी है। मालूम हो कि यूआईडीएआई ने आधार से जुड़ी दो खास सुविधाओं को अनिश्चित समय तक के लिए बंद किया हुआ है। 1. एड्रेस वैलिडेशन लेटर : यूआईडीएआई ने एड्रेस वैलिडेशन लेटर के जरिए आधार अपडेट कराने की सुविधा को अगले आदेश तक के लिए बंद कर दिया है। यूआईडीएआई की वेबसाइट से एड्रेस वैलिडेशन लेटर से जुड़ा विकल्प हट गया है। इसलिए आप अपडेशन के लिए किसी अन्य तरीके का इस्तेमाल कर सकते हैं। आप अन्य वैलिड एड्रेस प्रूफ की इस सूची- (https://uidai.gov.in/images/commdoc/valid_documents_list.pdf) में से किसी भी एक एड्रेस प्रूफ के जरिए अपना एड्रेस अपडेट करा सकते हैं। इसका सीधा असर किराए पर रहने वाले लोगों पर पड़ेगा क्योंकि किराएदार या अन्य आधार कार्ड होल्डर्स इसके जरिए अपना एड्रेस आसानी से अपडेट करा पाते थे। इसके अलावा जिन लोगों के पास एड्रेस में संशोधन के लिए कोई दस्तावेज नहीं है उनको भी परेशानी हो सकती है। 2. रीप्रिंट की सुविधा : अब आधार कार्ड रीप्रिंट का फॉर्मेट भी बदल गया है। यूआईडीएआई अब पॉलिविनाइल क्लोराइड (PVC) आधार कार्ड जारी करता है। यह पुराने स्टाइल वाले लंबा-चौड़ा आधार कार्ड के मुकाबले बेहद आकर्षक है और एटीएम कार्ड जितना छोटा है। ऐसे में पानी से खराब होने या टूटने का डर नहीं रहेगा। इसलिए इसे आप आसानी से अपनी जेब में रख सकते हैं। पीवीसी कार्ड पर आधार को प्रिंट करवाने और घर तक मंगवाने के लिए आपको महज 50 रुपये का शुल्क देना होग।
पटना। बिहार में कोरोना संक्रमण की रफ्तार थमने के बाद अब सीएम नीतीश कुमार ने बड़ा फैसला लिया है। सीएम ने अनलॉक-6 को लेकर क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक बुधवार को की है। नीतीश कुमार के नेतृत्व में हुई बैठक में संक्रमण की स्थिति में सुधार को देखते हुए नई गाइडलाइन जारी कर दी गई है। सभी दुकानें, प्रतिष्ठान, शापिंग माल, पार्क, उद्यान एवं धार्मिक स्थल सामान्य रूप से खुल सकेंगे। जिला प्रशासन की अनुमति से सभी प्रकार के सामाजिक, राजनीतिक, मनोरंजन, खेल-कूद, सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजन अपेक्षित सावधानियों के साथ कर सकते हैं।सीएम नीतीश ने ट्वीट करते हुए कहा कि सभी विश्वविद्यालय, कॉलेज, तकनीकी शिक्षण संस्थान तथा विद्यालय (पहली से बारहवीं कक्षा तक) के साथ -साथ कोंचिग संस्थान भी सामान्य रूप से खुलेंगे। राज्य के विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, विद्यालयों द्वारा परीक्षा आयोजित की जा सकेंगी। 50% क्षमता के साथ सिनेमा हॉल, क्लब, जिम, स्वीमिंग पूल, रेस्टोरेंट एवं खाने की दुकान खुल सकेगें।
नयी दिल्ली। भारत में एक दिन में कोविड-19 के 37,593 नए मामले दर्ज किए गये हैं, जिसके बाद देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 3,25,12,366 हो गयी। वहीं, उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 3,22,327 है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बुधवार सुबह आठ बजे जारी किए गए अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, संक्रमण से 648 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 4,35,758 हो गयी है। देश में अभी 3,22,327 लोगों का कोरोना वायरस संक्रमण का इलाज चल रहा है, जो कुल मामलों का 0.99 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में कुल 2,776 की बढ़ोतरी दर्ज की गयी। मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 97.67 प्रतिशत है।
एबीएन डेस्क। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजास्टर मैनेजमेंट की ओर से कोरोना को लेकर रिपोर्ट जारी की गई है। इसके मुताबिक तीसरी लहर जल्द ही अपना असर दिखा सकती है। प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजी गई इस रिपोर्ट में अक्तूबर में कोरोना के फिर से पीक पर होने की आशंका जाहिर की गई है और इसको लेकर केंद्र को चेताया भी गया है। हर दिन सामने आ सकते हैं पांच लाख केस : नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजास्टर मैनेजमेंट की ओर से जो रिपेार्ट प्रधानमंत्री कार्यालय पर भेजी गई है, उसके मुताबिक सितंबर अंत तक तीसरी लहर अपना असर दिखाना शुरू कर देगी। वहीं अक्तूबर में देश में हर दिन पांच लाख से भी ज्यादा मामले सामने आ सकते हैं। इस कारण करीब दो महीने तक देश को कोरोना के कारण फिर से परेशानी झेलनी पड़ सकती है। बच्चों पर हो सकता है ज्यादा असर : रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि तीसरी लहर का असर बच्चों पर ज्यादा देखने को मिल सकता है। केरल, बंगलूरू, असम में इसकी बानगी भी देखने को मिल रही है। यहां पिछले दो से तीन सप्ताह से बच्चों के संक्रमित होने की दर ज्यादा है। इस समय केरल में संक्रमण दर बढ़कर 17 प्रतिशत तक पहुंच गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि केरल में ओणम के बाद कोरोना संक्रमण और भी ज्यादा बढ़ सकता है। वहीं डेल्टा प्लस वैरिएंट के भी मामले देश में बढ़ते जा रहे हैं। महाराष्ट्र में पिछले दिनों ही इससे कई मौतें हो चुकी हैं। आईआईटी कानपुर ने किया था तीसरी लहर से इंकार : वहीं दूसरी तरफ आईआईटी कानपुर ने कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका को न के बराबर बताया है। वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने अपने गणितीय ‘मॉडल सूत्र’ के आधार पर नई स्टडी जारी की है। उनका दावा है कि अक्तूबर तक उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में केसों की संख्या इकाई अंक तक पहुंच जाएगी। उनका कहना है कि वैक्सीनेशन ने इसका खतरा और कम कर दिया है। इससे संक्रमण लगातार कम होगा। उन्होंने बताया कि यूपी, बिहार, दिल्ली जैसे राज्य लगभग संक्रमण मुक्त होने की ओर हैं। हालांकि, देश में एक्टिव केस अक्तूबर माह तक भी 15 हजार के करीब रहेंगे क्योंकि तमिलनाडु, तेलंगाना, केरल समेत पूर्वोत्तर राज्यों में संक्रमण रहेगा।
एबीएन डेस्क। काबुल पर एक सप्ताह पहले तालिबान के कब्जे के बाद अफगानिस्तान की राजधानी में खराब होती सुरक्षा स्थिति के बीच भारतीय वायुसेना के एक सैन्य परिवहन विमान ने काबुल से 107 भारतीयों समेत 168 लोगों को रविवार को वहां से निकाला। स संबंध में जानकारी रखने वाले अधिकारियों ने बताया कि भारतीय वायु सेना के एक सैन्य परिवहन विमान में 8 अन्य भारतीयों और दो नेपाली नागरिकों को शनिवार को काबुल से ताजिकिस्तान की राजधानी दुशाम्बे ले जाया गया और यह समूह रविवार तड़के वहां से एअर इंडिया के एक विशेष विमान से दिल्ली पहुंचा। स बीच, अमेरिका और नाटो के विमान के जरिए पिछले कुछ दिन में काबुल से दोहा ले जाए गए 135 लोगों का एक समूह भी भारत पहुंचा. ऐसा बताया जा रहा है कि काबुल से दोहा लाए गए भारतीय अफगानिस्तान स्थित कई विदेशी कंपनियों के कर्मी हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट किया, भारतीयों की निकासी जारी है। भारत के 107 नागरिकों समेत 168 यात्री भारतीय वायुसेना के विशेष विमान से काबुल से दिल्ली लाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि विमान में कई बड़े सिख नेता भी हैं।
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