एबीएन डेस्क। प्रधानमंत्री 13 अक्टूबर को पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान का अनावरण करेंगे। इसके तहत 2025 तक सभी बुनियादी ढांचा कनेक्टिविटी परियोजनाओं की योजना बनाने के लिए केंद्र सरकार के 16 विभागों को एक साथ लाया जाएगा। सूचना मंत्रालय के तहत भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुप्रयोग और भू-सूचना विज्ञान संस्थान ने पूरे देश के जीआईएस मैपिंग की 200 परतों के साथ मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी के लिए राष्ट्रीय मास्टर प्लान तैयार किया है। राज्य सरकारों से भी सभी बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी परियोजनाओं की योजना के लिए भागीदार के रूप में मंच से जुड़ने के लिए संपर्क किया जा रहा है. इस योजना में 2020-21 तक निर्मित सभी परियोजनाओं का विवरण है। इसके अलावा वर्ष 2025 तक की कल्पना की गई 16 विभागों की सभी केंद्रीय परियोजनाओं को शामिल किया गया है। पीएम ने इस साल अपने स्वतंत्रता दिवस भाषण में गति शक्ति योजना की घोषणा की थी। इसमें रेलवे, सड़क और राजमार्ग, पेट्रोलियम और गैस, बिजली, दूरसंचार, नौवहन, विमानन और औद्योगिक पार्क बनाने वाले उपयोगकर्ता विभागों सहित सोलह केंद्र सरकार के विभागों को शामिल किया गया है। इस योजना के माध्यम से देश के युवाओं को रोज़गार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना का कुल बजट 100 लाख करोड़ निर्धारित किया गया है। केंद्र सरकार योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए केंद्र के सभी 16 विभागों के शीर्ष नौकरशाहों का नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप गठित कर रही है। एक सूत्र ने बताया, ‘देश के सर्वोत्तम हित में देश के संसाधनों का बेहतर उपयोग करने का विचार है। राज्य सरकारों की भी मंच तक पहुंच होगी और हम राज्यों को भागीदार के रूप में शामिल कर रहे हैं। पीएम ये सुनिश्चित करने के लिए बहुत उत्सुक हैं कि इस परियोजना का फायदा आम आदमी को हो। सभी राज्यों को 13 अक्टूबर को इस योजना के लॉन्च कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कहा गया है। पीएम के समारोह के बाद, केंद्रीय और राज्य के नौकरशाह पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान पर एक और दिन के लिए एक राष्ट्रीय सम्मेलन में निजी हितधारकों और विभिन्न विषयों पर डोमेन विशेषज्ञों के साथ बातचीत करेंगे। सरकार द्वारा तैयार किए गए डिजिटल टूल में प्लॉट स्तर तक पूरे देश की 3डी डिजिटल मैपिंग है और ये प्रोजेक्ट प्लानिंग के साथ-साथ निर्णय लेने के लिए एक विश्लेषणात्मक उपकरण के लिए महत्वपूर्ण होगा। एक सूत्र ने कहा बेहतर डेटा बेहतर निर्णय लेता है। 16 विभागों और राज्यों में से प्रत्येक को पता होगा कि किसी विशिष्ट क्षेत्र में कौन सी परियोजनाओं की योजना बनाई जा रही है।
एबीएन डेस्क। देश के कई राज्यों में विद्युत उत्पादक संयंत्रों में कोयले की कमी के चलते बिजली का संकट बढ़ता जा रहा है। झारखंड में आपूर्ति में कमी के कारण 285 मेगावाट से लेकर 430 मेगावाट तक की लोड शेडिंग करनी पड़ी। इसके चलते दिन में गांवों में आठ से दस घंटे तक की बिजली कटौती हुई। वहीं, बिहार में पांच गुना अधिक कीमत पर भी विद्युत कंपनियां पूरी बिजली नहीं दे पा रही है। ऊर्जा विकास निगम के मुताबिक राज्यों को डिमांड के मुकाबले काफी कम बिजली सेंट्रल पूल से मिल रही है। नेशनल पावर एक्सचेंज में भी बिजली की किल्लत है। पूरे भारत में लगभग 10 हजार मेगावाट बिजली की कमी बताई जा रही है। इसकी वजह से नेशनल पावर एक्सचेंज में बिजली की प्रति यूनिट दर में चौतरफा वृद्धि हो गई है। सामान्य तौर पर पांच रुपये प्रति यूनिट मिलती है लेकिन आज यह बिजली दर प्रति यूनिट 20 रुपये हो गई है। बिजली संकट की बड़ी वजह विद्युत उत्पादक संयंत्रों को कोयले की घोर किल्लत है। झारखंड के बिजली उत्पादक संयंत्रों के पास भी सीमित कोयले का भंडार है। राज्य सरकार ने बढ़ी दर पर नेशनल पावर एक्सचेंज से बिजली खरीदने की पहल की है, लेकिन इसकी उपलब्धता नहीं है। त्योहार के कारण आने वाले दिनों में यह संकट और और भी ज्यादा बढ़ सकता है। झारखंड में मांग के मुकाबले कम बिजली उपलब्ध : आज झारखंड में बिजली की मांग लगभग 2200 मेगावाट की है। लेकिन राज्य के विद्युत उत्पादक संयंत्रों से अधिकतम 500 मेगावाट तक की ही बिजली उपलब्ध हो रही है। बाकी की डिमांड सेंट्रल पूल के जरिये उपलब्ध कराई जाने वाली बिजली से होती है। इसमें डीवीसी और एनटीपीसी की इकाइयों के जरिये बिजली आती है। इसका एक बड़ा हिस्सा रेलवे को भी जाता है।
एबीएन डेस्क। नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने बाॅलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान के बड़े बेटे आर्यन खान को ग्स लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था। 7 अक्टूबर यानी गुरुवार को कोर्ट ने एक बार फिर ड्रग्स केस में गिरफ्तार किए गए आर्यन सहित सभी 8 आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया लेकिन कोर्ट का फैसला शाम 7 बजे के आने के बाद आरोपियों को जेल नहीं भेजा गया है। दरअसल शाम 7 बजे के बाद जेल बंद हो जाती है, इसलिए सभी को गुरुवार की रात तक के लिए एनसीबी ऑफिस में रखा गया है। वहीं अब 8 अक्टूबर को कोर्ट में इस केस की सुनवाई हो रही है। जहां आर्यन खान के वकील जमानत याचिका के लिए लड़ रहे हैं। इसी बीच खबर आ रही है कि एनसीबी आर्यन को लेकर सीधा आर्थर जेल पहुंच गई है। रिपोर्ट के मुताबिक नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने जमानत की सुनवाई पूरी होने तक इंतजार नहीं करने का फैसला किया । इस घटना की शुरुआत 2 अक्टूबर यानी शुक्रवार को हुई थी. मुंबई पुलिस के नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के पास ये सूचना थी कि एक पार्टी में कुछ लोग ड्रग्स की सप्लाई और ड्रग्स का सेवन कर सकते हैं। इसकी जांच करने के लिए एनसीबी के करीब 22 अधिकारी पार्टी में पहुंच गए, लेकिन जब पार्टी शुरू हुई तो इनमें से 8 लोगों को शक के आधार पर हिरासत में लिया गया और बाकी सबको जाने दिया गया। इन 8 लोगों में शाहरुख खान के बेटा आर्यन खान भी शामिल थे हालांकि ऐसा कहा जा रहा है कि किंग खान के लाडले के पास ड्रग्स बरामद नहीं हुआ है।
एबीएन डेस्क। भारत ने चार्टर्ड विमान से आने वाले विदेशी पर्यटकों को 15 अक्टूबर से पर्यटक वीजा जारी करने का निर्णय किया है और नियमित विमान से आने वाले पर्यटकों को 15 नवंबर से पर्यटक वीजा जारी किया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को यह घोषणा की। कोरोना वायरस महामारी के कारण मार्च 2019 से ही अंतरराष्ट्रीय वीजा एवं यात्रा पर प्रतिबंध लगा हुआ था और महामारी की स्थिति को देखते हुए इसमें ढील दी जा रही है। गृह मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि विभिन्न सूचनाओं पर गौर करने के बाद मंत्रालय ने चार्टर्ड विमान से भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों को 15 अक्टूबर 2021 से नया पर्यटक वीजा जारी करने का निर्णय किया है। इसमें बताया गया कि चार्टर्ड विमान के अलावा अन्य विमानों से भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों को 15 नवंबर 2021 से पर्यटन वीजा जारी किया जाएगा। बयान में कहा गया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा समय-समय पर जारी किए गए कोविड-19 से जुड़े प्रोटोकॉल एवं नियमों को विदेशी पर्यटकों, उन्हें भारत लाने वाले संवाहकों और अन्य संबंधित पक्षों को पालन करना होगा। कोविड-19 महामारी के कारण पिछले वर्ष विदेशियों के लिए हर तरह के वीजा पर रोक लगा दी गई थी। केंद्र सरकार ने अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर कई अन्य तरह के प्रतिबंध भी लगा दिए थे ताकि कोविड-19 महामारी को फैलने से रोका जा सके। कोविड-19 की स्थिति को देखते हुए विदेशी नागरिकों को बाद में भारत में प्रवेश के लिए पर्यटन वीजा के अलावा अन्य वीजा की अनुमति दे दी गई।
एबीएन डेस्क। तेल कंपनियां हर महीने एलपीजी सिलिंडर के दामों की समीक्षा करती हैं। हर राज्य में टैक्स अलग-अलग होता है और इसके हिसाब से एलपीजी के दामों में अंतर होता है। देश की ऑइल मार्केटिंग कंपनियों ने 14.2 किलोग्राम वाले एलपीजी रसोई गैस सिलिंडर की कीमतों में 15 रुपये का इजाफा कर दिया है। वहीं 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलिंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ। दो महीनों से कम समय में चौथी हुआ महंगा :यह दो महीनों से कम समय में लगातार चौथी वृद्धि है। गैर सब्सिडी वाला सिलिंडर एक सितंबर को 25 रुपये महंगा हुआ था। सब्सिडी वाले एलपीजी की कीमत में नवीनतम वृद्धि से एक जनवरी से अब तक प्रति सिलिंडर 205 रुपये महंगा हो गया है। इतना हुआ 14.2 किलो वाले सिलिंडर का दाम : दिल्ली और मुंबई में 14.2 किलोग्राम वाला गैर-सब्सिडी एलपीजी सिलिंडर 884.5 रुपये से बढ़कर 899.50 रुपये का हो गया है। पटना में अब एलपीजी सिलिंडर के लिए 1000 में से केवल दो रुपये कम चुकाने पड़ेंगे। कोलकाता में 926 रुपये और चेन्नई में 14.2 किलो वाला एलपीजी सिलिंडर 915.50 रुपये में मिलेगा। एक अक्तूबर को बढ़े थे 19 किलो वाले कामर्शियल के दाम : इससे पहले एक अक्तूबर को दिल्ली में 19 किलो वाले कामर्शियल LPG सिलिंडर की कीमत 1693 रुपये से बढ़कर 1736.50 रुपये हो गई थी। कोलकाता में इसका दाम 1805.5 रुपये, मुंबई में 1685 रुपये और चेन्नई में 1867.5 रुपये का हो गया था। मालूम हो कि उससे पहले सितंबर में यह 75 रुपये महंगा हुआ था। सरकार देती है गैस सिलिंडर पर सब्सिडी मौजूदा समय में सरकार कुछ ग्राहकों को एक वर्ष में 14.2 किलोग्राम के 12 सिलिंडरों पर सब्सिडी प्रदान करती है। अगर ग्राहक इससे ज्यादा सिलिंडर लेना चाहते है, तो वे उन्हें बाजार मूल्य पर खरीदते हैं। गैस सिलिंडर की कीमत हर महीने बदलती है। इसकी कीमत औसत अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क और विदेशी विनिमय दरों में बदलाव जैसे कारक निर्धारित करते हैं।
एबीएन डेस्क। पश्चिम बंगाल की हाईप्रोफाइल सीट भवानीपुर से राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारी मतों से जीत हासिल की है। ममता बनर्जी ने प्रतिद्वंदी भाजपा की प्रियंका टिबरेवाल को 58,832 मतों से हरा दिया है। वहीं प्रियंका टिबरेवाल ने अपनी हार स्वीकार कर ली है। वहीं इस जीत पर ममता बनर्जी ने कहा कि मैंने निर्वाचन क्षेत्र के हर वार्ड में जीत दर्ज की है। उन्होंने कहा कि यहां लगभग 46 फीसदी लोग गैर-बंगाली हैं। उन सभी ने मुझे वोट दिया है। पश्चिम बंगाल के लोग भबनीपुर देख रहे हैं, जिसने मुझे प्रेरित किया है। भारी मतों से जीतीं ममता : पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खुद जीत की घोषणा करते हुए कहा कि मैंने भवानीपुर विधानसभा उपचुनाव 58,832 मतों के अंतर से जीता है और निर्वाचन क्षेत्र के हर वार्ड में जीत दर्ज की है।उन्होंने कहा कि यहां लगभग 46 फीसदी लोग गैर-बंगाली हैं। उन सभी ने मुझे वोट दिया है। पश्चिम बंगाल के लोग भबनीपुर देख रहे हैं, जिसने मुझे प्रेरित किया है। हमारी पार्टी के खिलाफ हुआ था षडयंत्र: ममता उन्होंने कहा कि जब बंगाल का चुनाव शुरू हुआ था तब से हमारी पार्टी के खिलाफ बहुत षडयंत्र हुआ था। केंद्र सरकार ने षड़यंत्र करके हमलोगों को हटाने का बंदोबस्त किया था, लेकिन मैं जनता की आभारी हूं कि जनता ने हमें जिताया। मैंने खुद चुनाव लड़ा था लेकिन अभी वो मामला न्यायालय में है।
एबीएन डेस्क। लेह में विश्व का सबसे बड़ा खादी राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया है। लद्दाख के उपराज्यपाल आरके माथुर ने इसका उद्घाटन किया। मौके पर सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे भी मौजूद थे। बता दें कि 225 फीट लंबे और 150 फीट चौड़े खादी के इस राष्ट्रीय ध्वज का वजन एक हजार किलो है। जिसे सेना के 57 इंजीनियर रेजीमेंट ने तैयार किया है। इंजीनियर रेजिमेंट के 150 जवान 2000 फीट की ऊंचाई पर ले गये। इसे फहराने के लिए इंजीनियर रेजिमेंट के 150 जवान अपने कंधे पर तिरंगा उठाकर जमीन से 2000 फीट की ऊंचाई पर ले गये। जवानों को चोटी पर पहुंचने में दो घंटे लगे। इसका वीडियो सामने आया है। आज ही पहली बार लद्दाख से सटी सीमा पर भारत ने के9-वज्र तोपें तैनात की हैं। यह सेल्फ-प्रोपेल्ड हॉवित्जर तोप 50 किलोमीटर दूर तक लक्ष्य पर निशाना साधने में सक्षम है। चीन के साथ 1 साल से ज्यादा समय से बने गतिरोध के चलते इसे सीमा पर तैनात किया गया है। बॉर्डर पर के9 वज्र को ऊंचाई वाले इलाकों में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसका सफल परीक्षण भी हो चुका है। इसे आर्मी की सभी रेजीमेंट में शामिल किया जायेगा, जिससे सेना की ताकत बढ़ेगी।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि विपरीत विचारधाराओं के बावजूद आपसी विश्वास लोकतंत्र की बहुत बड़ी ताकत है। राजस्थान के बांसवाड़ा, सिरोही, हनुमानगढ़ और दौसा जिलों में चार नए चिकित्सा महाविद्यालयों की आधारशिला और पेट्रोरसायन प्रौद्योगिकी संस्थान के उद्घाटन के अवसर पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से राज्य के विकास के लिए विभिन्न परियोजनाओं की मांग के जवाब में प्रधानमंत्री ने यह बात कही। साथ ही मोदी ने उनपर विश्वास जताने के लिए मुख्यमंत्री का शुक्रिया भी किया। मोदी ने कहा, अभी जब मैं राजस्थान के मुख्यमंत्री जी को सुन रहा था। तो उन्होंने एक लंबी सूची कामों की बता दी। मैं राजस्थान के मुख्यमंत्री जी का धन्यवाद करता हूं कि उनका मुझपर इतना भरोसा है। लोकतंत्र में यही बहुत बड़ी ताकत है। प्रधानमंत्री ने कहा कि गहलोत की राजनीतिक विचारधारा और पार्टी अलग है लेकिन इसके बावजूद उन्हे मुझपर भरोसा है और उसी के कारण आज उन्होनें दिल खोलकर के बहुत सी बातें रखी हैं। उन्होंने कहा, ये दोस्ती, ये विश्वास, ये भरोसा.. ये लोकतंत्र की बहुत बड़ी ताकत है। इससे पहले अपने संबोधन में गहलोत ने प्रधानमंत्री के समक्ष राज्य के विकास से जुड़ी कई परियोजनाओं की शुरुआत करने की मांग की। उन्होंने बताया कि राजस्थान ऐसा राज्य बनेगा, जहां 33 जिलों में 30 चिकित्सा महाविद्यालय बनने जा रहे हैं। इनमें से 15 अस्पतालों का संचालन शुरू हो गया है जबकि 15 चिकित्सा महाविद्यालय 2023 तक आरंभ हो जाएंगे। इनमें से चार चिकित्सा महाविद्यालयों का शिलान्यास प्रधानमंत्री मोदी ने बृहस्पतिवार को किया। गहलोत ने प्रधानमंत्री मोदी से राज्य के अति पिछड़े तीन जिलों जालोर, प्रतापगढ़ एवं राजसमंद में भी चिकित्सा महाविद्यालय मंजूर करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इससे राजस्थान के हर जिले में चिकित्सा महाविद्यालय खुलने का इतिहास बनेगा। उन्होंने केंद्र व राज्य के संयुक्त उपक्रम वाली दवा निर्माता कंपनी आरडीपीएल को भी पुनर्जीवित करने की मांग की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को स्वच्छ भारत मिशन-शहरी और कायाकल्प एवं शहरी सुधार के लिए अटल मिशन के दूसरे चरण की शुरुआत करेंगे। PMO ने एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के अनुरूप स्वच्छ भारत मिशन और अटल मिशन को सभी शहरों को कचरा मुक्त करने और जल संरक्षण के लक्ष्य् को हासिल करने के लिए तैयार किया गया है। इस अवसर पर आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी और राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के शहरी विकास मंत्री भी मौजूद रहेंगे। PMO ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन और अटल मिशन भारत में तेजी से शहरीकरण की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से समाधान करने की दिशा में एक कदम आगे बढ़ने का संकेत देने के साथ-साथ सतत विकास लक्ष्य 2030 की उपलब्धि में योगदान करने में भी मददगार होंगे। स्वच्छ भारत मिशन सभी शहरों को कचरा मुक्त बनाने और अटल मिशन के अंतर्गत आने वाले शहरों के अलावा अन्य सभी शहरों में धूसर और काले पानी के प्रबंधन को सुनिश्चित करने, सभी शहरी स्थानीय निकायों को शौच से मुक्त और एक लाख से कम जनसंख्या वाले को शौच से मुक्त करने की परिकल्पना करता है, जिससे शहरी क्षेत्रों में सुरक्षित स्वच्छता के लक्ष्य् को पूरा किया जा सके। पीएमओ ने कहा कि अटल मिशन के दूसरे चरण का लक्ष्य लगभग 2.64 करोड़ सीवर कनेक्शन प्रदान करके लगभग 2.68 करोड़ नल कनेक्शन और 500 अमृत शहरों में सीवरेज और सेप्टेज का शत-प्रतिशत कवरेज करते हुए लगभग 4,700 शहरी स्थानीय निकायों में सभी घरों में पेयजल की आपूर्ति का शत-प्रतिशत कवरेज प्रदान करना है। पीएमओ के मुताबिक इससे शहरी क्षेत्रों में 10.5 करोड़ से अधिक लोगों को लाभ होगा।
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