एबीएन डेस्क। भारत के साथ कोविड-19 टीकाकरण प्रमाणपत्रों को परस्पर मान्यता देने पर अब तक 110 देश सहमति जता चुके हैं। आधिकारिक सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। केंद्र सरकार बाकी देशों के संपर्क में है ताकि दुनिया के सबसे बड़े कोविड-19 टीकाकरण कार्यक्रम के लाभार्थियों को मान्यता दी जा सके, जिससे शिक्षा, व्यवसाय और पर्यटन उद्देश्यों के लिए यात्रा आसान हो सके। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि फिलहाल 110 देश टीकाकरण प्रमाणपत्रों की पारस्परिक मान्यता पर सहमत हुए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार कुछ ऐसे देश हैं जिनका भारत के साथ राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त या डब्ल्यूएचओ द्वारा मान्यता प्राप्त टीकों से कराए गए टीकाकरण के प्रमाणपत्रों को पारस्परिक मान्यता देने को लेकर समझौता है। इसी तरह, ऐसे देश भी हैं जिनका फिलहाल भारत के साथ ऐसा कोई समझौता नहीं है, लेकिन वे उन भारतीय नागरिकों को छूट देते हैं, जो राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त या डब्ल्यूएचओ द्वारा मान्यता प्राप्त टीकों से टीकाकरण करा चुके हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत ने इस वर्ष 100 से अधिक देशों को कोविड-19 रोधी टीकों की 6.5 करोड़ खुराक का निर्यात किया और आने वाले दिनों में वह अपनी क्षमता में वृद्धि करने के बाद और भी खुराक निर्यात करेगा। दवा क्षेत्र के प्रथम वैश्विक नवाचार शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने दावा किया कि भारतीय स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र ने जो वैश्विक भरोसा हासिल किया है उसकी वजह से आज देश को दुनिया की फार्मेसी कहा जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की दृष्टि नवोन्मेष के लिए एक ऐसा माहौल विकसित करने पर है जिससे देश, दवाओं की खोज और चिकित्सकीय उपकरणों के क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व करे। उन्होंने कहा, हमारी नीतियां सभी हितधारकों के साथ व्यापक परामर्श के आधार पर बन रही हैं।प्रधानमंत्री ने भारत को नयी ऊंचाइयों पर ले जाने की क्षमता वाले वैज्ञानिकों और प्रौद्योगिकी की व्यापक उपलब्धता का हवाला देते हुए कहा कि खोज करने और भारत में निर्माण करने की क्षमता का और भी उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, आज करीब 13 अरब डॉलर के व्यापार अधिशेष तथा 30 लाख लोगों को रोजगार देने वाला फार्मा क्षेत्र देश की आर्थिक वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। देश के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में वर्ष 2014 से 12 अरब डॉलर से अधिक विदेशी निवेश आया है। क्षेत्र की क्षमता इससे कहीं अधिक है। उन्होंने इस क्षेत्र में निवेश करने वालों से भारत में निवेश करने का आग्रह भी किया। इस सम्मेलन का उद्देश्य भारत के दवा उद्योग में नवाचार के उत्कृष्ट परिवेश या माहौल को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्राथमिकताओं पर चर्चा करना और रणनीति बनाने के लिए सरकार एवं उद्योग जगत के प्रमुख भारतीय व अंतरराष्ट्रीय हितधारकों, शिक्षाविदों, निवेशकों और शोधकर्ताओं को एक मंच पर लाना है। इस दो दिवसीय शिखर सम्मेलन के दौरान 12 सत्र होंगे और 40 से भी अधिक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय वक्ता नियामकीय माहौल, नवाचार का वित्त पोषण या धनराशि की व्यवस्था करने, उद्योग-अकादमिक सहयोग और नवाचार संबंधी बुनियादी ढांचागत सुविधाओं सहित कई विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे। इस शिखर सम्मेलन में देश-विदेश के फार्मा या दवा उद्योगों के प्रमुख सदस्य, अधिकारी, निवेशक और मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, जॉन हॉपकिन्स इंस्टीट्यूट, आईआईएम अहमदाबाद एवं अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के शोधकर्ता भाग लेंगे। केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 20 नवंबर को स्वच्छ सर्वेक्षण-2021 के विजेताओं को सम्मानित करेंगे। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के तहत भारत को कचरा-मुक्त बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण की तर्ज पर कचरामुक्त शहरों की श्रेणी के तहत प्रमाणित शहरों को इस समारोह में भी पुरस्कृत किया जाएगा। बयान में कहा गया है कि शनिवार को स्वच्छ अमृत महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है और इसमें मंत्रालय की पहल सफाईमित्र सुरक्षा चैलेंज के तहत बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले शहरों को मान्यता देते हुए सफाई कर्मचारियों के योगदान को सराहा जाएगा। मंत्रालय के अनुसार, इस बार के स्वच्छ सर्वेक्षण में 4320 शहरों-नगरों को शामिल किया गया है जो दुनिया का सबसे बड़ा स्वच्छता सर्वेक्षण है। साल 2016 में इस कदम की शुरुआत पर सिर्फ 73 प्रमुख शहरों को सर्वेक्षण में शामिल किया गया था। उसने कहा, इस साल के सर्वेक्षण की सफलता इस बार नागरिकों से मिले फीडबैक की संख्या के आधार पर आंकी जाती है। इस बार पांच करोड़ से अधिक फीडबैक आए। यह संख्या पिछले साल 1.87 करोड़ थी। मंत्रालय ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 के बारे में कहा कि जमीनी स्तर पर राज्यों एवं शहरों के प्रदर्शन में काफी सुधार हुआ है। उसने कहा कि मिसाल के तौर पर छह राज्यों और छह केंद्रशासित प्रदेशों ने जमीनी स्तर पर अपने प्रदर्शन में पांच से 25 प्रतिशत तक सुधार किया है।
एबीएन डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को यानी आज सिडनी संवाद में भारत के प्रौद्योगिकी विकास और क्रांति विषय पर मुख्य संबोधन देंगे। सिडनी संवाद 17 से 19 नवंबर तक आयोजित किया जा रहा है। यह ऑस्ट्रेलियाई सामरिक नीति संस्थान की एक पहल है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री 18 नवंबर को भारतीय समयानुसार सुबह लगभग नौ बजे सिडनी संवाद में मुख्य भाषण देंगे। जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन से पहले ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन उद्घाटन भाषण देंगे। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन का भी होगा संबोधन प्रधानमंत्री देश के प्रौद्योगिकी विकास और क्रांति थीम पर अपने विचार व्यक्त करेंगे। उनके संबोधन से पहले ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन उद्घाटन भाषण देंगे। मोदी ने ट्वीट किया, बृहस्पतिवार सुबह करीब नौ बजे सिडनी संवाद को संबोधित करूंगा। यह मंच प्रौद्योगिकी के नए मार्ग और धरती की भलाई के लिए कैसे उनका लाभ उठाया जा सकता है, इस पर केंद्रित है। दरअसल, सिडनी संवाद का मुख्य उद्देश्य राजनेताओं, उद्योग क्षेत्र की हस्तियों समेत सरकारी प्रमुखों द्वारा व्यापक चर्चा औक नए विचार पेश करना है। साथ ही यह संवाद महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों से उत्पन्न अवसरों व चुनौतियों की सामान्य समझ विकसित करने की दिशा में काम करने के लिए सभी को एक मंच पर लेकर आएगा। वहीं, इस कार्यक्रम में ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन समेत जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे का भी संबोधन होगा।
एबीएन डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि आने वाले वर्षों में देश को नयी ऊंचाइयों पर ले जाना है तथा असाधारण लक्ष्यों का हासिल करना है और यह संकल्प सबके प्रयास से ही पूरा होगा। प्रधानमंत्री ने 82वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि भारत की संघीय व्यवस्था में जब सबका प्रयास की बात करते हैं तो सभी राज्यों की भूमिका उसका बड़ा आधार होती है। उन्होंने कहा, हमें आने वाले वर्षों में देश को नई ऊंचाइयों पर लेकर जाना है व असाधारण लक्ष्य हासिल करने हैं। ये संकल्प सबके प्रयास से ही पूरे होंगे। उन्होंने कोविड महामारी के खिलाफ भारत की लड़ाई में राज्यों की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि सबके प्रयास के बगैर इस लड़ाई के खिलाफ जीत हासिल करना मुश्किल था। उन्होंने कहा कि आज भारत कोविड-19 रोधी टीकों की 110 करोड़ खुराक अपने देशवासियों को दे चुका है। जो कभी असंभव लगता था, वह आज संभव हो रहा है। इसलिए हमारे सामने भविष्य के जो सपने हैं, संकल्प हैं, वह भी पूरे होंगे। यह, देश और राज्यों के एकजुट प्रयासों से ही पूरे होने वाले हैं। उन्होंने कहा कि यह समय अपनी सफलताओं को आगे बढ़ाने का है, और जो रह गया है उसे पूरा करने का है। उन्होंने कहा, एक नई सोच और नई दृष्टि के साथ हमें भविष्य के लिए नई नीतियां और नियम भी बनाने हैं। सदन की परम्पराएं और व्यवस्थाएं स्वभाव से भारतीय हों, हमारी नीतियां, हमारे कानूनों में भारतीयता के भाव को, एक भारत, श्रेष्ठ भारत के संकल्प को मजबूत करने वाली हों, तथा सबसे महत्वपूर्ण बात , सदन में हमारा खुद का भी आचार-व्यवहार भारतीय मूल्यों के हिसाब से हो। अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन के 82वें संस्करण का आयोजन 17-18 नवम्बर, 2021 को शिमला में किया जा रहा है। प्रथम सम्मेलन का आयोजन भी शिमला में 1921 में किया गया था। इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी उपस्थित थे। इस सम्मेलन में राज्यों की विधानसभाओं के सभापति, पीठासीन अधिकारी शामिल हुए और इसमें लोकतांत्रिक संस्थाओं के कामकाज को पारदर्शी एवं मजबूत बनाने के बारे में चर्चा की जानी है।
रांची। झारखंड में एक ड्रग्स के रैकेट का खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस मामले में एक महिला मॉडल को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि मॉडल ड्रग्स के कारोबार में लिप्त है और वह कई लोगों को इसमें शामिल कर चुकी है। झारखंड पुलिस ने मॉडल के साथ एक शख्स को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि ज्योति नाम की मॉडल रांची में ड्रग्स का कारोबार करती थी। वह युवाओं को निशाना बनाती थी। पहले यह ड्रग्स लेने वाले युवाओं को प्यार के जाल में फंसाती थी, फिर उन्हीं से ड्रग्स का धंधा भी कराती थी। सरगना मौके से फरार : पुलिस ने बताया कि सुखदेव नगर थाना क्षेत्र में ड्रग्स का कारोबार होने की सूचना थी। इसके चलते पुलिस ने कार्रवाई की थी, जिसमें मॉडल समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है, वहीं गिरोह का सरगना मौके पर फरार हो गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार की गई मॉडल का नाम ज्योति भारद्वाज बताया जा रहा है। वह पिछले ढाई वर्ष से दिल्ली में रह रही थी, लेकिन फिलहाल रांची आई हुई थी। पुलिस ने मॉडल को विद्यानगर से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके पास से 28 ग्राम ब्राउन शुगर भी बरामद की है।
नयी दिल्ली। सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने पत्रकारों और मीडिया क्षेत्र से जुड़े लोगों को राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर शुभकामनाएं देते हुए आह्वान किया है कि पत्रकार भ्रामक खबरों और झूठी सूचनाओं से पैदा होने वाले खतरों को रोकने के लिए हर संभव प्रयास करें। उन्होंने मंगलवार को राष्ट्रीय प्रेस दिवस के मौके पर एक संदेश जारी करते हुए कहा कि सरकार ने अपनी ओर से पत्र सूचना कार्यालय में समाचारों की सच्चाई परखने से संबंधित एक विभाग की स्थापना की है जिसने काफी लोकप्रियता हासिल की है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय प्रेस दिवस भारत के नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाने में मीडिया और प्रेस की भूमिका को प्रतिबिंबित करने का दिन है। श्री ठाकुर ने कहा कि मीडिया एक प्रहरी है और यह एक जीवंत लोकतंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने नागरिक केंद्रित संचार पर ध्यान दिया है। चाहे टीवी समाचार, रेडियो, सोशल मीडिया या आॅनलाइन डिजिटल मीडिया हो, सरकार आम जनता की आम भाषा में सूचनाएं प्रदान कर रही है। सूचना प्रसारण मंत्री ने मीडिया समुदाय से अपील करते हुए कहा, हम भारत की स्वतंत्रता के 75वें वर्ष को चिह्नित कर अगले 25 वर्षों की ओर देख रहे हैं। उन्होंने हम प्रत्येक भारतीय के सपनों को साकार करने में भागीदार के रूप में मिलकर काम करने की अपील की।
हावड़ा। हावड़ा से पुरी, मुंबई और चेन्नई जानेवाले यात्रियों के लिए खुशखबरी है। रेल मंत्रालय ने पूरे देश में आठ हाइ स्पीड ट्रेन चलाने का फैसला लिया है। इनमें तीन ट्रेनें हावड़ा से खुलेंगी। बताया जा रहा है कि हाइस्पीड ट्रेनों की अधिकतम गति 160 किमी प्रति घंटे होगी। इनके लिए अलग से रेक और पटरी तैयार होगी और सिग्नलिंग व्यवस्था भी अलग होगी। मंत्रालय की ओर से संबंधित जोन को दो महीने में रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है।जानकारी के अनुसार, हावड़ा स्टेशन से पुरी, मुंबई और चेन्नई के लिए ये तीनों ट्रेनें खुलेंगी। हावड़ा से पुरी की दूरी 502 किमी है। यह दूरी तय करने में शताब्दी एक्सप्रेस को साढ़े सात घंटे का समय लगता है। हाइ स्पीड ट्रेन यह दूरी लगभग चार घंटे में तय कर लेगी। वहीं, हावड़ा से मुंबई की दूरी 1,965 किमी है। अभी हावड़ा से मुंबई के लिए खुलनेवाली दुरंतो एक्सप्रेस 26 घंटे का समय लेती है। हाइ स्पीड ट्रेन महज 14 घंटे में यात्रियों को मुंबई पहुंचा देगी। ठीक इसी तरह, हावड़ा से चेन्नई की दूरी 1,652 किमी है। चेन्नई मेल व अन्य ट्रेनें करीब 28 घंटे में यह दूरी तय करती है। हाइ स्पीड ट्रेन 13 घंटे में यात्रियों को चेन्नई पहुंचा देगी। पांच हाइ स्पीड ट्रेनें दिल्ली-चेन्नई, मुबंई-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, बेंगलुरु-हैदराबाद और चेन्नई-हैदराबाद के बीच चलेंगी। हावड़ा से रांची पांच घंटे में पहुंचायेगी वंदे भारत एक्सप्रेस : पूर्व रेलवे की ओर से वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू करने की भी योजना बनायी गयी है। यह हावड़ा से रांची के बीच की दूरी महज पांच घंटे में तय कर लेगी। उम्मीद जतायी जा रही है कि अगले वर्ष के मध्य तक हावड़ा-रांची के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस की शुरुआत हो जायेगी। यह ट्रेन हावड़ा से सुबह और रांची से शाम को खुलेगी। हावड़ा से रांची के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस का ठहराव दुर्गापुर, आसनसोल, धनबाद, चंद्रपुरा, बोकारो और मुरी स्टेशनों पर होगा। ट्रेनों के लिए अलग से सिग्नलिंग व्यवस्था : रेल मंत्रालय ने हाइ स्पीड ट्रेनें चलाने का फैसला लिया है। इन्हें चलाने से पहले काफी तैयारी करने की जरूरत है। पटरियों को तैयार करना होगा। इन ट्रेनों के लिए अलग से सिग्नलिंग व्यवस्था की जायेगी। ट्रेन चालकों को प्रशिक्षत किया जायेगा। हाइ स्पीड ट्रेनों का किराया कितना होगा, इस पर विचार-विमर्श जारी है। साथ ही नये कोच भी तैयार किये जायेंगे।(वरिष्ठ अधिकारी, दक्षिण पूर्व रेलवे)।
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