एबीएन सेंट्रल डेस्क। श्रीनगर मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर चल रहे जनसंपर्क अभियान के दौरान आज श्रीनगर के निशात क्षेत्र में मोहम्मद शफी ट्राम्बू जी के आवास पर जाकर उनके परिवारजनों एवं स्थानीय नागरिकों से आत्मीय संवाद किया। इस दौरान क्षेत्र के विकास, जनकल्याण एवं स्थानीय मुद्दों पर चर्चा हुई तथा लोगों के सुझावों और अपेक्षाओं को सुना।
इस अवसर पर जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड की अध्यक्ष एवं राज्य मंत्री डॉ. सैयद दरख्शां अंद्राबी जी, भाजपा जम्मू-कश्मीर के उपाध्यक्ष श्री राकेश महाजन जी सहित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा जनता से निरंतर संवाद स्थापित कर उनकी आकांक्षाओं के अनुरूप विकास को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क (नयी दिल्ली)। इंटरनेशनल फेडरेशन आॅफ जर्नलिस्ट्स (आईएफजे) से संबद्ध नेशनल यूनियन आॅफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) [एनयूजे (आई)] द्वारा स्थापित एनयूजे स्कूल आॅफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन के अध्यक्ष पद पर वरिष्ठ पत्रकार अनिल पांडेय को नियुक्त किया गया है। वहीं, जनसत्ता के संवाददाता प्रियरंजन को महासचिव चुना गया है।
यह घोषणा आगरा स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के जयप्रकाश नारायण सभागार में आयोजित एनयूजे स्कूल आॅफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन की आमसभा में की गयी, जहां पदाधिकारियों एवं गवर्निंग काउंसिल का गठन किया गया। एनयूजे (आई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रास बिहारी ने आमसभा को संबोधित करते हुए स्कूल के नए संविधान की जानकारी दी तथा नवगठित पदाधिकारियों की घोषणा की।
उन्होंने बताया कि गवर्निंग काउंसिल में भीष्म सिंह (जमशेदपुर) एवं अनीता चौधरी (दिल्ली) को उपाध्यक्ष, आलोक मोहन नायक को कोषाध्यक्ष तथा गौरव ललित (दिल्ली), विपुल कुमार (हरियाणा), भंवर सिंह (राजस्थान) और राहुल वर्मा (उत्तराखंड) को सचिव नियुक्त किया गया है। बैठक में यह भी जानकारी दी गयी कि एनयूजे स्कूल आॅफ कम्युनिकेशन का नया संविधान औपचारिक रूप से अंगीकृत कर लिया गया है। यह निर्णय 13 सितंबर 2025 को आयोजित कार्यकारी बैठक में लिया गया था।
नये संविधान के निर्माण में हरिद्वार में आयोजित एनयूजे (आई) अधिवेशन के दौरान गठित समिति की महत्वपूर्ण भूमिका रही। समिति में अनिल पांडेय, दधिबल यादव, मनोज वर्मा, राकेश थपलियाल और अमलेश राजू सहित अन्य सदस्य शामिल थे, जबकि एनयूजे (आई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पदेन सदस्य के रूप में समिति से जुड़े थे।
नये संविधान के अनुसार संस्था में एक अध्यक्ष, दो उपाध्यक्ष, एक महासचिव, एक कोषाध्यक्ष, चार संयुक्त/ सह सचिव तथा 11 सदस्यीय कार्यकारिणी का प्रावधान किया गया है। गवर्निंग काउंसिल के अन्य सदस्यों में रास बिहारी, प्रदीप तिवारी, राकेश थपलियाल, उषा पहवा, दधिबल यादव, प्रतिभा शुक्ल, सचिन बुधौलिया, डॉ. उमेश पाठक, डॉ. ऋतु दुबे, प्रमोद गोस्वामी (उत्तर प्रदेश) तथा राकेश कुमार सिंह (बिहार) शामिल हैं।
गौरतलब है कि एनयूजे स्कूल आॅफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन की स्थापना पत्रकारों को आधुनिक तकनीक, डिजिटल मीडिया और मीडिया जगत में हो रहे निरंतर परिवर्तनों की जानकारी एवं प्रशिक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से की गयी थी। संस्था देशभर में समय-समय पर कार्यशालाओं, प्रशिक्षण शिविरों और मीडिया उन्नयन कार्यक्रमों का आयोजन करती रही है। इसी क्रम में शीघ्र ही दिल्ली में एक विशेष कार्यशाला आयोजित की जायेगी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सोने की बिक्री की खबरों को बुधवार को खारिज करते हुए कहा कि भौतिक स्वर्ण भंडार में कोई बदलाव नहीं हुआ है और यह 880.52 टन पर स्थिर बना हुआ है।
आरबीआई ने उन खबरों के बाद यह स्पष्टीकरण जारी किया है जिनमें दावा किया गया था कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के प्रभाव से विदेशी मुद्रा भंडार की रक्षा के लिए केंद्रीय बैंक ने लगभग 12 अरब डॉलर मूल्य का सोना बेच दिया है।
केंद्रीय बैंक ने बयान में कहा, आरबीआई जोर देकर कहता है कि ये खबरें सही नहीं हैं। उसने आम जनता को सलाह दी कि ऐसे मामलों में समय-समय पर आरबीआई द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। इस बीच, पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) ने भी इन खबरों पर तथ्य आधारित जांच (फैक्ट-चेक) रिपोर्ट जारी की।
आरबीआई के अनुसार, भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी सितंबर 2025 के अंत में 13.92 प्रतिशत से बढ़कर 31 मार्च 2026 को 16.70 प्रतिशत और 22 मई 2026 तक 16.85 प्रतिशत हो गयी है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। दिल्ली के मालवीय नगर के हौजरानी स्थित लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में भीषण आग लग गई। इस आग की वजह से अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है और 37 घायल हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मालवीय नगर अग्निकांड में हुई जनहानि पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा, स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा हुआ है। इस हृदयविदारक त्रासदी में जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।
ईश्वर शोक संतप्त परिवारों को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मैं सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।
टीम एबीएन, रांची। नीट पेपर लीक मामले को लेकर विरोध-प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है। मंगलवार को प्रदेश यूथ कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर राजधानी रांची में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश यूथ कांग्रेस अध्यक्ष गौरव सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और कार्यकर्ता लोकभवन के समक्ष एकत्र हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता पार्टी के झंडे और बैनर लेकर लोकभवन की ओर बढ़े। इस दौरान उन्होंने पुलिस द्वारा लगाये गये बैरिकेड्स को पार करने का प्रयास किया, जिससे मौके पर कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गयी।
प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। हालांकि, पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया।
यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप था कि पिछले कई वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने की घटनाओं ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिये हैं।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लगातार हो रही अनियमितताओं से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है और छात्रों का भरोसा परीक्षा व्यवस्था से उठता जा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।
करीब एक घंटे तक चले इस प्रदर्शन के कारण आसपास के क्षेत्र में यातायात प्रभावित रहा। बाद में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के समझाने पर प्रदर्शनकारी शांत हुए और वापस लौट गये। इस दौरान यूथ कांग्रेस की ओर से अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन लोकभवन के प्रतिनिधियों को सौंपा गया।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एक्स पर लिखा- ईद-उज-जुहा के अवसर पर मैं सभी देशवासियों, विशेषकर मुस्लिम भाइयों और बहनों को हार्दिक शुभकामनाएं देती हूं।
यह त्योहार समर्पण, त्याग और बलिदान का प्रतीक है। यह पर्व हमें मानवता, विशेषकर वंचित वर्गों, की सेवा करने की प्रेरणा देता है। आइये, इस अवसर पर हम समाज में प्रेम और समरसता का संचार करने के लिए अधिक प्रतिबद्धता से आगे बढ़ें।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू ने आज नयी दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने खड़गे से मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त किया। मुलाकात के दौरान झारखंड की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों, संगठन की मजबूती तथा कार्यकर्ताओं को और अधिक सशक्त बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से सकारात्मक चर्चा हुई।
बताया गया कि यह मुलाकात संगठनात्मक दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण रही, जिसमें आगामी राजनीतिक रणनीतियों के साथ-साथ जमीनी स्तर पर कांग्रेस पार्टी को और अधिक मजबूत करने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया। धीरज प्रसाद साहू ने झारखंड में कांग्रेस की स्थिति, कार्यकर्ताओं की भूमिका तथा राज्य में बदलते राजनीतिक समीकरणों को लेकर अपनी बात राष्ट्रीय अध्यक्ष के समक्ष रखी।
सूत्रों के अनुसार, चर्चा के दौरान पार्टी संगठन को बूथ स्तर तक सशक्त करने, युवाओं एवं आम कार्यकर्ताओं की भागीदारी बढ़ाने तथा जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से जनता के बीच ले जाने पर विशेष बल दिया गया। साथ ही, कांग्रेस की विचारधारा को आम लोगों तक पहुंचाने और पार्टी के प्रति विश्वास को और मजबूत करने को लेकर भी रणनीतिक पहलुओं पर मंथन हुआ।
पूर्व सांसद धीरज प्रसाद साहू ने राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके अनुभव, दूरदर्शिता एवं संगठनात्मक क्षमता से कांग्रेस पार्टी को निरंतर नयी ऊर्जा और दिशा मिल रही है। उन्होंने कहा कि खड़गे जैसे अनुभवी नेतृत्व का मार्गदर्शन पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणास्रोत है और उनके नेतृत्व में संगठन देशभर में मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है।
इस मुलाकात को झारखंड कांग्रेस के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि राज्य में आगामी राजनीतिक गतिविधियों और संगठनात्मक विस्तार को लेकर पार्टी लगातार सक्रिय नजर आ रही है। ऐसे समय में वरिष्ठ नेताओं एवं केंद्रीय नेतृत्व के बीच संवाद को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
धीरज प्रसाद साहू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देती रही है और संगठन को मजबूत करने के लिए कार्यकर्ताओं की भूमिका सबसे अहम होती है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि कार्यकर्ताओं को और अधिक सशक्त एवं सक्रिय बनाकर पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत किया जायेगा।
वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी संगठन को मजबूत बनाने और कार्यकर्ताओं के मनोबल को ऊंचा रखने पर बल दिया। उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को जनता के बीच लगातार सक्रिय रहने तथा संगठनात्मक एकजुटता बनाये रखने की सलाह दी।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस प्रकार की बैठकें संगठन को नई दिशा देने के साथ-साथ राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी की रणनीति तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। दिल्ली में हुई यह शिष्टाचार भेंट भी आने वाले समय में झारखंड कांग्रेस की गतिविधियों और संगठनात्मक मजबूती के लिहाज से अहम मानी जा रही है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार (25 मई) को कहा कि पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) कम करने से लगभग 1 लाख करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होगा। उन्होंने लोगों में विश्वास जगाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया और कहा कि भारत भय फैलाने का जोखिम नहीं उठा सकता।
निर्मला सीतारमण की ये टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब फ्यूल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी हुई है, जो 10 दिनों में चौथी बढ़ोतरी है। सोमवार को पेट्रोल की कीमत में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 2.71 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हुई, जिससे परिवारों के बजट और परिवहन लागत पर और दबाव बढ़ गया है।
भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (एसआईडीबीआई) की 37वीं वर्षगांठ के अवसर पर बोलते हुए सीतारमण ने पीएम मोदी की अपील के बाद नकारात्मक बातों से फैल रहे निराशावादी माहौल की आलोचना की। उन्होंने कहा कि देश भय फैलाने का जोखिम नहीं उठा सकता और शब्दों और कार्यों दोनों के जरिए नागरिकों में विश्वास जगाने की आवश्यकता है।
मिडिल ईस्ट संकट को तीन महीने होने वाले हैं। इसी को लेकर वित्त मंत्री सीतारमण ने फ्यूल (ईंधन), फर्टिलाइजर (उर्वरक) और फॉरेक्स (विदेशी मुद्रा) इन तीन एफ पर फोकस करने की अपील की। इस बात पर जोर दिया कि वैश्विक अनिश्चितता के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है। वित्त मंत्री ने बढ़ते वैश्विक दबावों की ओर भी इशारा करते हुए कहा कि उर्वरक की कीमतें अकल्पनीय स्तर पर पहुंच गई हैं, जबकि सोने की ऊंची कीमतें बाहरी मोर्चे पर कुछ चुनौतियां पैदा कर रही हैं।
उन्होंने आगे कहा कि कुछ लोग इस स्थिति को इस तरह पेश कर रहे हैं जैसे सब कुछ बिखर रहा हो, जबकि उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसा नहीं है। हमें यह समझना चाहिए कि चुनौतियां बाहरी कारणों से अधिक हैं। भारत की घरेलू आर्थिक स्थिति आज भी सकारात्मक और मजबूत बनी हुई है।
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