एबीएन सेंट्रल डेस्क। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार को आम बजट 2026-27 पेश करने के बाद देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लगभग 30 कॉलेज के विद्यार्थियों के साथ संवाद करेंगी। सीतारमण एक फरवरी को अपना रिकॉर्ड नौवां बजट पेश करने जा रही हैं, जिसमें दो अंतरिम बजट भी शामिल हैं।
वित्त मंत्रालय के बयान के अनुसार, इस पहल के तहत छात्र-छात्राओं को लोकसभा दीर्घा से केंद्रीय बजट पेश किए जाने की प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से देखने का अवसर मिलेगा। इससे वे वर्ष की इस सबसे महत्वपूर्ण संसदीय कार्यवाही के साक्षी बन सकेंगे। बयान के अनुसार, ये छात्र भारत के विभिन्न राज्यों से आए हैं और वाणिज्य, अर्थशास्त्र, चिकित्सा शिक्षा तथा व्यावसायिक पाठ्यक्रमों जैसे विभिन्न शैक्षणिक विषयों से जुड़े हैं।
ये छात्र कर्तव्य भवन-1 स्थित वित्त मंत्रालय भी जाएंगे और वहां के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत करेंगे। इसका उद्देश्य उन्हें मंत्रालय के कामकाज, नीतियों के निर्धारण की प्रक्रिया और राष्ट्र निर्माण में संस्थानों की भूमिका के बारे में व्यावहारिक समझ प्रदान करना है। शाम को वित्त मंत्री सीतारमण छात्र-छात्राओं के साथ एक मुक्त चर्चा करेंगी।
इस दौरान बजट की मुख्य प्राथमिकताओं, भारत के भविष्य के दृष्टिकोण और युवाओं पर इसके प्रभावों पर चर्चा होगी। छात्र भी इस संवाद के दौरान अपने विचार, आकांक्षाएं और राष्ट्र के प्रति अपना दृष्टिकोण साझा करेंगे। मंत्रालय के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों के बीच वित्त, अर्थशास्त्र, शासन और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
साथ ही, यह भारत की वित्तीय और संसदीय कार्यवाहियों में युवाओं की रचनात्मक भागीदारी को प्रोत्साहित करता है। बयान में यह भी कहा गया है कि बजट तैयार करने की प्रक्रिया के दौरान विभिन्न मंचों के माध्यम से युवाओं सहित आम नागरिकों से सुझाव मांगे गए थे, जिनकी झलक आगामी केंद्रीय बजट 2026-27 में दिखाई देगी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। आगामी आम बजट में किसी खास राजकोषीय घाटे के आंकड़े को लक्षित करने के बजाय ऋण-जीडीपी अनुपात को कम करने पर जोर दिया जाएगा, जो इस समय लगभग 56 प्रतिशत है।
ऐसा इसलिए है क्योंकि देश एफआरबीएम कानून में दिए गए राजकोषीय सुदृढ़ीकरण के मार्ग के लगभग अंत तक पहुंच गया है। भारत जैसी बढ़ती और विकासशील अर्थव्यवस्था के लिए 3-4 प्रतिशत का राजकोषीय घाटा सहज और उचित माना जाता है, जिसका उद्देश्य वित्तीय स्थिरता के साथ आर्थिक विस्तार को संतुलित करना है।
संशोधित राजकोषीय दायित्व और बजट प्रबंधन (एफआरबीएम) अधिनियम के तहत, 2025-26 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य जीडीपी के 4.5 प्रतिशत से नीचे रखा गया था। इसलिए, केंद्र सरकार ने ऋण-जीडीपी अनुपात को एक नया मानक घोषित किया है। अगले छह साल का मसौदा एक फरवरी, 2025 को जारी एफआरबीएम वक्तव्य में घोषित किया गया था।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जुलाई, 2024 के अपने बजट भाषण में कहा था, मेरे द्वारा 2021 में घोषित राजकोषीय सुदृढ़ीकरण के मार्ग ने हमारी अर्थव्यवस्था की बहुत अच्छी सेवा की है, और हमारा लक्ष्य अगले वर्ष घाटे को 4.5 प्रतिशत से नीचे लाना है।
सरकार इस पथ पर बने रहने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा था कि 2026-27 के बाद से हमारा प्रयास प्रत्येक वर्ष राजकोषीय घाटे को इस तरह रखने का होगा कि केंद्र सरकार का ऋण, जीडीपी के प्रतिशत के रूप में घटते क्रम पर रहे।
यह कठोर वार्षिक राजकोषीय लक्ष्यों के बजाय अधिक पारदर्शी और परिचालन रूप से लचीले राजकोषीय मानकों की ओर बदलाव को प्रोत्साहित करता है। इसे राजकोषीय प्रदर्शन के अधिक विश्वसनीय माप के रूप में भी मान्यता दी गई है, क्योंकि यह पिछले और वर्तमान वित्तीय निर्णयों के मिले जुले प्रभावों को दर्शाता है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, बेतूल। बुधवार को जिला बैतूल के ग्राम उड़दन स्थित सतलोक आश्रम में पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब जी के निर्वाण दिवस के उपलक्ष्य में संत रामपाल जी महाराज जी के पावन सान्निध्य में चल रहे महाविशाल समागम का दूसरा दिन था, जिसमें लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं ने आकर पापनाशक भंडारा ग्रहण किया।
आश्रम के सेवादारों ने बताया कि आज से 508 वर्ष पूर्व पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब जी नकली पण्डो द्वारा समाज में फैलाये पाखंड (कि काशी में मरने से स्वर्ग मिलता है और मगहर में मरने वाला नरक जायेगा या गधा बनेगा) को खत्म करने के लिए मगहर से लाखों हिंदू-मुस्लिम लोगों के सामने सशरीर सतलोक गए थे जिसकी याद में ये तीन दिवसीय महा विशाल समागम संत रामपाल जी महाराज जी के पावन सानिध्य में मनाया जा रहा है जिसमे पूरे मानव समाज को आने का खुला निमंत्रण दिया गया है।
इस महाविशाल भंडारे में शुद्ध देशी घी से बने लड्डू, सब्जी, पूड़ी, दाल,चावल, हलवा का भंडारा दिया जा रहा है साथ ही आदरणीय संत गरीबदास जी महाराज जी द्वारा लिखित अमर ग्रन्थ साहिब की अमरवाणी का अखंड पाठ चल रहा है। कार्यक्रम के दूसरे दिन संत रामपाल जी महाराज के समाज सुधार कार्यों के अंतर्गत मात्र 17 मिनिट में गुरुवाणी द्वारा 35 जोड़ों का दहेज मुक्त विवाह भी संपन्न कराया गया और जिला चिकित्सालय बैतूल से आए स्टाफ की मौजूदगी में अनुयायियों द्वारा 273 यूनिट रक्तदान भी किया गया।
साथ ही 3585 लोगो के देहदान के संकल्प फार्म भरे गए। बिना दान दहेज,बिना फिजूलखर्ची के साथ हुए इस विवाह में किसी प्रकार का आडंबर देखने को नहीं मिला,विवाह के सभी जोड़े सादे सिंपल कपड़ो में बैठे रहे व अपने गुरुदेव जी की अमरवाणी को सुनकर सादगीपूर्ण तरीके से विवाह के पवित्र बंधन में बंध गए। समागम में आने वाले श्रद्धालुओं के बैठने के लिए 300़900, 90़900 व 60़900 के विशाल पांडाल,भंडारे के लिए 350़200 के पांडाल की व्यवस्था है।
समागम में आने वाले श्रद्धालुओं में लिए जूता घर, पार्किंग, मोबाइल चार्जिंग, शौचालय आदि की पर्याप्त सुविधा के साथ सृष्टि रचना की आध्यात्मिक प्रदर्शनी व नि:शुल्क नामदीक्षा, नि:शुल्क नेत्र व दंत चिकित्सा के साथ अन्य बीमारियों के उपचार की व्यवस्था भी की गई है। फोरलेन से आश्रम तक की दूरी में बने रोड पर लगी पदर्शनी इतनी सुंदर व मोहक लग रही है कि लोग रुककर आश्रम का भ्रमण करने आ रहे है।
आश्रम का रात्रि दृश्य भी देखते ही बनता है, समागम के लिए आश्रम को इस प्रकार से सजाया गया है जैसे दीवाली का त्यौहार हो। समागम के दूसरे दिन खबर लिखे जाने तक 2750 लोगों ने संत रामपाल जी महाराज जी से नि:शुल्क नामदीक्षा ग्रहण कर अपने जीवन को सफल बनाया। कार्यक्रम में आये प्रशासन के अधिकारी व जनप्रतिनिधियों ने कहा कि इतनी अधिक तादाद में श्रद्धालुओं के आने के बाद भी यातायात सुविधा में किसी प्रकार की अव्यवस्था व संगत में भगदड़ देखने को नही मिली।
यह भी कहा कि कही भी इतने विशाल कार्यक्रम की व्यवस्था के लिए भारी संख्या में पुलिस के जवान व मिलिट्री बुलानी होती है लेकिन संत रामपाल जी महाराज के कार्यक्रम में सारी व्यवस्था उनके सेवादार भक्त ही कर लेते हैं। अपने गुरुदेव जी के आदेशानुसार आने वाली सर्व संगत शांतिपूर्वक आकर अमर वाणी को श्रवण कर भंडारा प्रसादी लेकर वापस अपने घर जाती रही। 29 जनवरी को इस महासमागम का अंतिम दिन है। जिसके लिए सर्व समाज के लोगों को आने का आत्मीय आमंत्रण दिया गया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। नॉर्थ ब्लॉक में यूनियन बजट 2026-27 की तैयारियां अब अंतिम दौर में पहुंच चुकी हैं। इस मौके पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने परंपरागत हलवा सेरेमनी के जरिए बजट टीम के समर्पण और कड़ी मेहनत का सम्मान किया।
यह रस्म बजट प्रक्रिया में बेहद अहम मानी जाती है, क्योंकि इसके साथ ही लॉक-इन पीरियड की औपचारिक शुरूआत हो जाती है। इसके तहत बजट से जुड़े सभी अधिकारी अगले कुछ दिनों तक पूरी तरह गोपनीय माहौल में नॉर्थ ब्लॉक में ही रहकर काम करेंगे और बाहरी दुनिया से उनका संपर्क सीमित रहेगा।
इस बार का बजट डिजिटल इंडिया की दिशा में एक और मजबूत कदम साबित होने की उम्मीद है। 1 फरवरी 2026 को संसद में पेश किया जाने वाला यह बजट यूनियन बजट मोबाइल ऐप के माध्यम से आम लोगों तक तुरंत पहुंचेगा, जहां इसे हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में देखा जा सकेगा।
कुल मिलाकर, यह बजट सिर्फ आंकड़ों और नीतियों का दस्तावेज नहीं होगा, बल्कि सरकारी कामकाज में गोपनीयता, अनुशासन और तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल का भी प्रतीक बनेगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। चालू वित्त वर्ष 2025-26 में 11 जनवरी तक भारत सरकार ने डायरेक्ट टैक्स से 18.38 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का शुद्ध कलेक्शन किया है। यह पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 8.82 फीसदी की बढ़ोतरी दर्शाता है। आयकर विभाग ने सोमवार को यह जानकारी दी।
इस कलेक्शन में कॉर्पोरेट टैक्स और पर्सनल इनकम टैक्स दोनों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ट ट्रंप के टैरिफ के बीच यह बड़ी उपलब्धि है। इसके अलावा 1 फरवरी को पेश होने वाले आम बजट से पहले यह आंकड़ा काफी अहम है। यह सरकार के लिए वित्तीय रूप से काफी गुंजाइश छोड़ेगा।
आयकर विभाग के अनुसार, 1 अप्रैल, 2025 से 11 जनवरी, 2026 तक कॉर्पोरेट टैक्स से 8.63 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का कलेक्शन हुआ। वहीं, व्यक्तिगत करदाताओं और हिंदू अविभाजित परिवारों जैसे गैर-कॉर्पोरेट स्रोतों से 9.30 लाख करोड़ रुपये का कलेक्शन किया गया। इसके अतिरिक्त, सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) से इस अवधि में 44,867 करोड़ रुपये प्राप्त हुए।
यह भी उल्लेखनीय है कि इस दौरान टैक्स रिफंड में 17 फीसदी की कमी आयी है, जो पिछले साल की तुलना में घटकर 3.12 लाख करोड़ रुपये रह गया है। कुल मिलाकर, सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह 11 जनवरी तक 4.14 फीसदी बढ़कर लगभग 21.50 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए प्रत्यक्ष कर संग्रह का लक्ष्य 25.20 लाख करोड़ रुपये तय किया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 12.7 फीसदी ज्यादा है। सरकार का अनुमान है कि वह एसटीटी से 78,000 करोड़ रुपये जुटायेगी। यह आंकड़े देश की आर्थिक गतिविधियों और टैक्स अनुपालन में सुधार का संकेत देते हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। कोलकाता के नजीराबाद इलाके में एक ड्राई फूड गोदाम में लगी भीषण आग ने बड़ा हादसा कर दिया। इस दर्दनाक घटना में अब तक सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। गोदाम के अंदर से दो शव बरामद किए गए हैं और परिजनों का दावा है कि आग लगने के बाद से करीब 20 लोग लापता हैं, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है।
पुलिस और दमकल विभाग के अनुसार, यह हादसा सोमवार तड़के करीब तीन बजे हुआ। आग की सूचना मिलते ही दमकल की करीब 15 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया गया। आग पर आंशिक रूप से काबू पाने के बाद फायर फाइटर्स गैस कटर की मदद से बिल्डिंग के अंदर दाखिल हुए।
आनंदपुर थाना क्षेत्र के नजीराबाद स्थित इस गोदाम में मुख्य रूप से सूखा पैकेट वाला खाना और सॉफ्ट ड्रिंक्स की बोतलें रखी गई थीं। दमकल विभाग का कहना है कि आग इतनी तेजी से फैली कि पास के दो अन्य गोदाम भी इसकी चपेट में आ गए। देखते ही देखते लगभग पूरा इलाका जलकर खाक हो गया।
दमकल कर्मियों को आग बुझाने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। गोदाम एक संकरी गली में स्थित था, जिससे फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को अंदर ले जाने और पानी की सप्लाई पहुंचाने में दिक्कत आई। लंबी पाइपों की कमी के कारण आग पर काबू पाने में देरी हुई। कुछ हिस्सों में अब भी आग सुलग रही है और उसे बुझाने का प्रयास जारी है।
घटना की जानकारी मिलने पर राज्य के ऊर्जा मंत्री अरूप बिस्वास मौके पर पहुंचे और मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने बचाव अभियान की समीक्षा की और लापता लोगों के परिवारों से भी बातचीत की।
मंत्री ने कहा कि पुलिस और फायर सर्विस मिलकर काम कर रही है और आग काफी हद तक काबू में आ चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि यह राजनीति करने का समय नहीं है, बल्कि राहत और बचाव कार्यों को पूरा करने का समय है।
टीम एबीएन, रांची। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में शहीद हुए भारतीय सेना के जवानों के पार्थिव शरीर शुक्रवार देर रात रांची लाए गये। एयरपोर्ट पर श्रद्धांजलि के दौरान माहौल बेहद भावुक हो गया। शुक्रवार देर रात जैसे ही शहीद जवानों के पार्थिव शरीर रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पहुंचे, वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गयीं। सेना, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और अंतिम सलामी दी।
मौके पर राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने शहीद जवानों के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित किये। उनके साथ सेना के वरिष्ठ अधिकारी, जिला प्रशासन और पुलिस के वरीय पदाधिकारी भी मौजूद रहे। वित्त मंत्री ने कहा कि देश की रक्षा में शहीद जवानों का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। राज्य सरकार शहीदों के परिवारों के साथ है और उन्हें हर संभव मदद दी जायेगी।
गौरतलब है कि 22 जनवरी को जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में सेना का एक वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गया था। इस हादसे में 10 जवान शहीद हो गये थे, जबकि 11 जवान गंभीर रूप से घायल हो गये थे। सभी जवान आपरेशनल ड्यूटी पर तैनाती स्थल की ओर जा रहे थे।
इस हादसे में शहीद जवानों में रांची के तिरिल निवासी अजय लकड़ा और पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के झालदा थाना क्षेत्र के पुंडा गांव निवासी 24 वर्षीय प्रद्युम्न लोहारा भी शामिल हैं। खराब मौसम के कारण विमान सेवा में देरी हुई, जिससे पार्थिव शरीर देर रात रांची पहुंच सके।
प्रशासन के अनुसार, शनिवार सुबह शहीद प्रद्युम्न लोहारा के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव झालदा, पुरुलिया ले जाया जायेगा। वहीं, शहीद अजय लकड़ा का अंतिम संस्कार रांची में पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया जायेगा। इस दौरान रांची एयरपोर्ट परिसर भारत माता की जय और शहीद अमर रहें के नारों से गूंज उठा। पूरे राज्य में वीर जवानों के बलिदान पर गर्व और गहरे शोक का माहौल देखा गया।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। गुजरात तट के पास समुद्र की सतह से बुलबुले उठने और पानी के उबाल मारने जैसी रहस्यमयी घटना से हड़कंप मच गया है। मछुआरों ने घटना का वीडियो बनाया है जो वायरल हो रहा है। इसमें समुद्र की लहरों में असामान्य हलचल साफ देखी जा सकती है। इसको लेकर प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है।
अंदेशा है कि यह समुद्र तल से गैस रिसाव या किसी भूगर्भीय गतिविधि का संकेत हो सकता है। सरकार ने जांच के लिए विशेष टीमें तैनात की हैं। सुरक्षा के लिहाज से मछुआरों को उस इलाके से दूर रहने और जहाजों को रास्ता बदलने की सलाह दी गयी है।
रिपोर्ट के मुताबिक, अरब सागर में पानी की हलचल और बुलबुले उठने की खबरों ने प्रशासन और मछुआरों की चिंता बढ़ा दी है। पालघर जिले के एक अधिकारी ने बताया कि मछुआरों के वीडियो में समुद्र के एक बड़े हिस्से में पानी उबलता हुआ और बुलबुले निकलता दिखाई दे रहा है। नजारा ऐसा लग रहा है जैसे पानी उबल रहा हो। समुद्र में इस तरह की असामान्य हलचल से पूरे इलाके में दहशत और आशंका का माहौल है।
पालघर जिला आपदा प्रबंधन सेल के प्रमुख विवेकानंद कदम ने जानकारी दी कि यह जगह जहाजों के रास्ते और मछली पकड़ने के प्रमुख इलाकों के बहुत पास है। उन्होंने आशंका जताई है कि यह हलचल समुद्र के नीचे से गैस रिसाव, किसी भूगर्भीय गतिविधि या वहां बिछी पाइपलाइनों में खराबी के कारण हो सकती है। घटना बेहद असामान्य है। ऐसे में इस पर समुद्री और औद्योगिक एजेंसियों को तुरंत ध्यान देने की जरूरत है।
पालघर जिला आपदा प्रबंधन सेल के प्रमुख विवेकानंद कदम ने बताया कि प्रशासन समुद्री विभागों के साथ मिलकर इस बात की जांच कर रहा है कि यह हलचल किसी प्राकृतिक बदलाव के कारण है या किसी औद्योगिक हादसे की वजह से यह घटना देखी जा रही है। अधिकारी ने जानकारी दी कि सावधानी के तौर पर उस इलाके से गुजरने वाले सभी जहाजों और मछुआरों को बेहद सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
इंडियन नेशनल सेंटर फॉर ओशन इंफॉर्मेशन सर्विसेज की एक टीम को मौके पर तैनात किया गया है। जांच में ध्यान दिया जा रहा है कि क्या यह समुद्र के नीचे से होने वाला प्राकृतिक मीथेन गैस का रिसाव है या फिर मुंबई हाई क्षेत्र में तेल और गैस पाइपलाइन फटने जैसी कोई मानवीय चूक। आशंका जताई जा रही है कि यह भूकंपीय क्षेत्र में प्राकृतिक गैस के रिसाव के कारण भी हो सकता है। हालांकि जांच के बाद ही स्थिति साफ होगी।
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