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Published / 2021-10-29 17:16:19
राजनाथ सिंह ने की पीएम की तारीफ, कहा- 24 कैरेट का सोना हैं मोदी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को 24 कैरेट का सोना बताते हुए शुक्रवार को कहा कि सरकार के प्रमुख के तौर पर उनके पिछले दो दशकों के राजनीतिक सफर को प्रबंधन स्कूलों में प्रभावी नेतृत्व और कुशल शासन पर एक केस स्टडी के तौर पर पढ़ाया जाना चाहिए। मोदी की राजनीतिक यात्रा के पिछले दो दशकों के बारे में सिंह ने कहा, एक सच्चे नेतृत्व की पहचान उसके इरादे और सत्यनिष्ठा से होती है और दोनों ही मामलों में, प्रधानमंत्री मोदी 24 कैरेट सोने के हैं। बीस साल तक सरकार का प्रमुख रहने के बाद भी उन पर भ्रष्टाचार का एक भी दाग नहीं है। लोकतंत्र प्रदान करना : नरेन्द्र मोदी के दो दशकों की सरकार के प्रमुख के रूप में समीक्षा पर राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन सत्र में सिंह ने कहा कि मोदी केवल एक व्यक्ति नहीं हैं। उन्होंने कहा, अगर हम पिछले दो दशकों की उनकी राजनीतिक यात्रा को देखें, तो हम पाएंगे कि उनके सामने नई चुनौतियां आती रहीं। लेकिन जिस तरह से उन्होंने उन चुनौतियों का सामना किया, उन्हें प्रबंधन स्कूलों में प्रभावी नेतृत्व और कुशल शासन पर एक केस स्टडी के रूप में पढ़ाया जाना चाहिए। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मोदी के कार्यकाल के बारे में बात करते हुए, सिंह ने कहा कि वह गुजरात को समग्र विकास के रास्ते पर ले गये और उन्होंने समाज के हर वर्ग की प्रगति के लिए काम किया। रक्षा मंत्री ने कहा कि मोदी ने सबका साथ, सबका विकास का मंत्र दिया और फिर प्रधानमंत्री के रूप में इसमें सबका विश्वास, सबका प्रयास जोड़ा। सिंह ने कहा, ये नारा सबका साथ, सबका विकास देते हुए नरेन्द्र भाई मोदी ने गुजरात में पंथ निरपेक्षता की एक नई इबारत लिख दी। उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मोदी द्वारा शुरू किए गए विभिन्न सुधारों और योजनाओं का भी हवाला दिया। विकास के प्रति मोदी की प्रतिबद्धता पर चर्चा करते हुए सिंह ने कहा कि लंबे समय से इस देश में उद्योग और व्यापार को बढ़ावा देने से बचा गया है। सिंह ने कहा, यह माना जाता था कि यदि आप व्यापार और उद्योग के साथ खड़े हैं तो आपकी सामाजिक प्रतिबद्धता कमजोर है। इस भ्रांति को मोदी ने कड़ी चुनौती दी। उन्होंने राष्ट्र निर्माण में उद्योग और उद्यमियों को पहचाना और उनका सम्मान किया। मोदी के साथ अपने लंबे जुड़ाव का विवरण साझा करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व प्रमुख ने कहा कि मोदी की अद्भुत निर्णय लेने की क्षमता और उनकी कल्पना शक्ति ने उन्हें सबसे अधिक प्रभावित किया। मोदी 2001 से 2014 में प्रधानमंत्री के रूप में अपना निर्वाचन होने तक गुजरात के मुख्यमंत्री पद पर रहे थे।

Published / 2021-10-28 19:35:53
29 से 31 अक्टूबर तक रोम के दौरे पर रहेंगे पीएम मोदी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार से पांच दिनी विदेश यात्रा पर जा रहे हैं। वे 29 से 31 अक्तूबर तक रोम में रहेंगे। इस दौरान वे इटली में आयोजित जी 20 शिखर बैठक में भाग लेंगे। इटली के पीएम के न्योते पर वह रोम जा रहे हैं। 1 नवंबर को पीएम ब्रिटेन के ग्लासगो शहर में कोप 26 बैठक में भारत का पक्ष रखेंगे। विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने गुरुवार को बताया कि यह आठवीं जी 20 बैठक है, जिसमें पीएम शामिल होंगे। पिछले साल संगठन की शिखर बैठक कोरोना महामारी के कारण वर्चुअल हुई थी। उसकी मेजबानी सऊदी अरब ने की थी। इससे पहले जून 2019 में जापान के ओसाका में हुई जी-20 बैठक में पीएम मोदी ने व्यक्तिगत तौर पर भाग लिया था। इटली की मेजबानी में होने वाली इस साल की बैठक का विषय जनता, पृथ्वी और समृद्धि (पीपल, प्लेनेट, प्रास्पैरिटी) है। यह विषय यूएन के टिकाऊ विकास के एजेंडा 2030 पर आधारित है। इटली बैठक का फोकस कोरोना महामारी से अर्थव्यवस्थाओं को उबारना, वैश्विक स्वास्थ्य सुशासन, जलवायु परिवर्तन, टिकाउ विकास और खाद्य सुरक्षा। श्रृंगला ने कहा कि भारत इटली द्वारा चुने गए प्राथमिकता क्षेत्रों का पूरी तरह समर्थन करता है। हम इनमें से प्रत्येक विषय पर इटली के साथ हैं और इसी के आधार पर बैठक में विचार विमर्श होगा। विदेश सचिव ने कहा कि जी-20 शिखर बैठक विचार विमर्श का एक महत्वपूर्ण मंच है। इसमें नए नीतिगत मसलों, जिनका नागरिकों के जीवन पर असर होता है, पर विचार किया जाता है। ये मसले वैश्विक वित्तीय स्थिरता, टिकाऊ वित्त, स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा आदि हैं। प्रधानमंत्री मोदी रोम बैठक में वैश्विक चुनौतियों पर भारत का रुख सामने रख सकते हैं। वे अफगानिस्तान की स्थिति पर समग्र रूप से वैश्विक दृष्टिकोण की पैरवी करने के साथ ही जलवायु परिवर्तन और कोरोना महामारी के खिलाफ एकजुटता की भी बात कर सकते हैं। श्रृंगला ने कहा कि हम अफगानिस्तान को मानवीय मदद उपलब्ध कराने के पक्ष में हैं। यदि मौजूदा परिस्थितियां जारी रहीं तो हम इसके लिए तैयार हैं। उनसे पूछा गया था कि क्या भारत अफगानिस्तान को खाद्यान्न भेजेगा? विदेश सचिव ने बताया कि जी-20 देशों के बीच महामारी से उबरकर पुन: खड़े होने को लेकर सर्वसम्मति है। इसमें मुख्य फोकस रोजगार सृजन और कौशल विकास है। यह समग्र विचार विमर्श का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। विदेश सचिव ने कहा कि एक-दूसरे की वैक्सीन व वैक्सीन दस्तावेजों को मान्यता देकर इंटरनेशनल ट्रैवल फिर शुरू करने का हमारा प्रस्ताव है। जी 20 में शामिल उभरती अर्थव्यवस्था वाले देशों को इसे मजबूत समर्थन है। पीएम मोदी एक नवंबर को ब्रिटेन के ग्लासगो में जलवायु परिवर्तन पर आयोजित 26वें सम्मेलन (कोप 26) की बैठक में भाग लेंगे। श्रृंगला ने बताया कि कोप 26 में भारत पेरिस समझौते की गाइडलाइंस को अमल में लाने, जलवायु वित्त जुटाने, जलवायु संरक्षण करने वाली प्रौद्योगिकी अपनाने और वैश्विक तापमान में बढ़ोतरी को सीमित करने पर जोर देगा।

Published / 2021-10-26 16:31:57
भारत में मिला कोविड का नया स्ट्रेन, तीसरी लहर का खतरा बढ़ा

एबीएन डेस्क। कर्नाटक में सात लोग नए AY 4.2 कोविड-19 संस्करण से संक्रमित पाए गए हैं। यह नया वेरिएंट ब्रिटेन, रूस और चीन में तबाही मचा रहा है। चूंकि ताजा मामलों में कमी के बाद राज्य में कोविड प्रतिबंधों में ढील दी गई है, अधिकारी अब नए संस्करण के प्रसार को रोकने के लिए कार्य योजना बनाने में जुट गए हैं। अधिकारियों द्वारा जुलाई में एकत्र किए गए स्वाब के नमूनों ने जीनोमिक अनुक्रमण के माध्यम से AY 4.2 स्ट्रेन पॉजिटिव पाया गया है। पाए गए सात मामलों में से तीन बेंगलुरु के हैं और चार अन्य राज्य के विभिन्न जिलों के हैं। अधिकारियों ने कोई जोखिम न लेते हुए संक्रमित व्यक्तियों की तलाश शुरू कर दी है। एक टीम उनके प्राथमिक और माध्यमिक संपर्कों में कोविड परीक्षण करने के लिए उनके घरों का दौरा करेगी। कहा जाता है कि नया स्ट्रेन अत्यधिक पारगम्य है लेकिन घातक है। विशेषज्ञों की राय है कि भारतीयों की तुलना में रूस, ब्रिटेन और चीन में लोगों की जलवायु और प्रतिरोधक क्षमता अलग है। लेकिन 130 करोड़ आबादी वाला भारत संक्रमण को फैलने नहीं दे सकता क्योंकि यह विनाशकारी प्रभाव पैदा कर सकता है। इस बीच राज्य के सात जिलों ने लक्षित आबादी के 50 प्रतिशत को कोविड टीके की दूसरी खुराक लगाई है। बेंगलुरु शहरी में 68 प्रतिशत लोगों को दूसरी खुराक दी गई है। इसके बाद रामनगर (54%), कोलार (51%) और उडुपी, कोडागु और चिक्काबल्लापुर (50%) हैं। विशेषज्ञों ने कहा है कि टीकाकरण नए वेरिएंट के खिलाफ सबसे प्रभावी निवारक है और जिन लोगों को केवल एक खुराक मिली है, वे वायरस की चपेट में आ सकते हैं। टीकाकरण के साथ-साथ सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखना और मास्क पहनना समय की मांग है। अगर लोग इसकी उपेक्षा करते हैं तो वे खतरे में पड़ जाएंगे। कर्नाटक सरकार ने कोविड प्रतिबंधों के अधिकांश कड़े नियमों में ढील दी है और राज्य में जनजीवन फिर से सामान्य हो गया है। साथ ही मॉल, थिएटर और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भारी भीड़ देखी जा रही है। मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा कि वह पहले ही राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के साथ नए कोविड स्ट्रेन के बारे में चर्चा कर चुके हैं। कर्नाटक के शिक्षा मंत्री बीसी नागेश ने कहा है कि कोविड-19 के नए संस्करण और पुराने में कोई अंतर नहीं है और घबराने की जरूरत नहीं है। राज्य ने सोमवार से प्राथमिक विद्यालय के बच्चों के लिए कक्षाएं फिर से शुरू की गई हैं। स्वास्थ्य विभाग आयुक्त रणदीप ने कहा कि बेंगलुरू में प्रसार दर में कमी आई है. यदि यहां नये स्ट्रेन के अधिक मामले मिलते हैं तो विभाग अलगाव, परीक्षण और नियंत्रण के लिए त्वरित कार्रवाई करेगा। संक्रमण की दर में भी कमी आई है लेकिन हमें हमेशा की तरह नियमों का पालन करना चाहिए।

Published / 2021-10-25 09:44:32
उत्तर प्रदेश में 9 मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन, पीएम बोले- उत्तर भारत का मेडिकल हब बनेगा पूर्वांचल

उत्तर प्रदेश। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिद्धार्थनगर में उत्तर प्रदेश के 9 मेडिकल कॉलेजों के उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंचे। उन्होंने आत्म निर्भर स्वस्थ भारत योजना की भी शुरुआत की। मेडिकल कॉलेजों के उद्घाटन के बाद पीएम ने कहा कि स्वस्थ भारत आज योजनाओं का लोकार्पण स्वस्थ और निरोग भारत की दिशा में बड़ा कदम है। पीएम मोदी ने कहा कि पूर्वांचल की छवि को पिछली सरकारों ने पहले बर्बाद किया। उन्होंने कहा कि दिमागी बुखार के कारण इस क्षेत्र को बदनाम किया गया। अब वही क्षेत्र नई उम्मीदों का संचार करेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि यूपी के लोग यह नहीं भूल सकते कि योगी जी ने सीएम न होने के बावजूद बतौर सांसद यूपी की खराब चिकित्सा प्रणाली के बारे में कैसे प्रकाश डाला था। उन्होंने कहा कि क्या पहले कभी ऐसा हुआ है कि 9 कॉलेजों का उद्घाटन हुआ। इसका कारण राजनीतिक प्राथमिकताएं हैं। पिछली सरकारें केवल अपने परिवार के लॉकर भर रही थीं और अपने लिए कमाई कर रही थीं, लेकिन हमारी प्राथमिकता गरीबों का पैसा बचाना और उन्हें सुविधाएं मुहैया कराना है।सिद्धार्थनगर में पीएम मोदी ने कहा कि इन 9 नए मेडिकल कॉलेजों को खोलने से 2500 से अधिक नए बेड जुड़ेंगे। 5000 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि पहले सरकार ने पूर्वांचल के लोगों को बीमारियों से पीड़ित होने के लिए छोड़ दिया था, लेकिन अब यह उत्तर भारत का मेडिकल हब बन जाएगा। सिद्धार्थनगर के कार्यक्रम के बाद पीएम वाराणसी जाएंगे। प्रधानमंत्री वाराणसी के दौरे के दौरान भी यूपी को कई विकास योजनाओं की सौगात देंगे। प्रधानमंत्री वाराणसी के मेहदीगंज में जनसभा कर आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। यह देश भर में स्वास्थ्य ढांचा मजबूत करने वाली एक देशव्यापी व सबसे बड़ी योजना है। प्रधानमंत्री अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में गौदोलिया से दशाश्वमेध घाट तक खूबसूरत गुलाबी पत्थरों से बने गलियारे का शुभारंभ भी करेंगे। सड़क के दोनों तररफ की प्राचीन इमारतों को उनके मूल स्वरुप के साथ खूबसूरत बनाया गया है। वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पर अमलेश शुक्ला व कन्हैया दुबे के टीम के द्वारा संगीत के कार्यक्रम का आयोजन किया गया है, जहां वह अपने गीतों के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत कर रहे हैं और अपना हर्ष व्यक्त कर रहे हैं। बता दें कि मोदी सरकार ने स्वस्थ भारत के लिये चार-स्तरीय रणनीति बनाई है। जिसमें स्वच्छ भारत अभियान, योग, गर्भवती महिलाओं बच्चों की समय पर देखभाल एवं उपचार जैसे उपायों सहित बीमारी की रोकथाम और स्वास्थ्य कल्याण को बढ़ावा देना है। इस योजना की घोषणा केंद्रीय बजट 2021-22 में की गई थी। इस योजना का उद्देश्य देश के सुदूर हिस्सों में प्राथमिक, माध्यमिक और तृतीयक देखभाल स्वास्थ्य प्रणालियों की क्षमता विकसित करना है। देश में ही अनुसंधान, परीक्षण और उपचार के लिये एक आधुनिक व्यवस्थित तंत्र विकसित करना है। यह योजना केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित है और इसके लिये करीब 64,180 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया गया है, जिसकी अवधि 5 वर्ष है।

Published / 2021-10-25 06:04:04
चेतावनी : डब्ल्यूएचओ चीफ बोले- महामारी अभी गई नहीं, यह तब ही खत्म होगी जब दुनिया चाहेगी

एबीएन डेस्क। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के प्रमुख ड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने कोरोना महामारी को लेकर एक बार फिर से चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है इसलिए सभी लोगों को अभी भी सावधान रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस संकट से निपटने के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य उपकरणों को प्रभावी ढंग से उपयोग करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि महामारी तब ही समाप्त होगी जब दुनिया इसे समाप्त करना चाहेगी। यह हमारे हाथ में है। हमारे पास वे सभी उपकरण हैं जिनकी हमें आवश्यकता है। लेकिन दुनिया ने उन उपकरणों का अच्छी तरह से उपयोग नहीं किया है। समाचार एजेंसी एएनआाई के मुताबिक, उन्होंने बर्लिन में वर्ल्ड हेल्थ समिट को संबोधित करते हुए यह बात कही। G-20 देशों से वैक्सीनेशन की रफ्तार तेज करने की अपील: डब्ल्यूएचओ प्रमुख : डब्ल्यूएचओ के प्रमुख ने G-20 देशों से भी आग्रह किया कि वे अपनी 40 फीसदी आबादी को कोवैक्स तंत्र और अफ्रीकी वैक्सीन अधिग्रहण ट्रस्ट (AVAT) में सक्रिय रूप से शामिल करें। प्रमुख ने दुनियाभर के देशों से वैक्सीनेशन की रफ्तार तेज करने की अपील की। WHO की वेबसाइट के अनुसार, Covax और ACT का उद्देश्य दुनिया के हर देश के लिए विकास, उत्पादन और कोविड-19 के परीक्षण, उपचार और टीकों तक समान पहुंच में तेजी लाना है। डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने बूस्टर खुराक को लेकर भी जताई थी नाराजगी : बता दें कि इससे पहले डब्ल्यूएचओ के प्रमुख टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने कोरोना वायरस टीकों की बड़ी आपूर्ति वाले अमीर देशों से वर्ष 2021 के अंत तक बूस्टर खुराकें देने से परहेज करने की अपील की थी। इसके साथ ही घेबरेयेसस ने कुछ दवा कंपनियों के एक प्रमुख संघ की ओर से कोरोना वैक्सीन को लेकर की गई टिप्पणियों पर हैरानी भी जताई थी। डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने कहा था कि वह दवा निर्माताओं के एक प्रमुख संघ की टिप्पणियों पर हैरान हैं, जिन्होंने कहा है कि वैक्सीन की आपूर्ति इतनी अधिक है कि उन देशों में बूस्टर डोज और वैक्सीनेशन दोनों की अनुमति दी जा सकती है।

Published / 2021-10-25 05:33:09
सिद्धार्थनगर में पीएम मोदी ने प्रदेश के नौ मेडिकल कॉलेजों का उद्घाटन कर आर्ट गैलरी का निरीक्षण किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सिद्धार्थनगर और वाराणसी दौरे पर हैं। पीएम मोदी सिद्धार्थनगर पहुंच गए हैं। पीएम मोदी ने यहां माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज सहित प्रदेश के नौ मेडिकल कॉलेजों का उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने आर्ट गैलरी का निरीक्षण किया। कुछ देर में पीएम मोगी जनसभा को संबोधित करेंगे। फिर यहां से वाराणसी के लिए रवाना होंगे। करीब डेढ़ घंटे के वाराणसी दौरे में पीएम मोदी वाराणसी की पांच हजार 190 करोड़ रुपये की 28 विकास परियोजनाएं जनता को समर्पित करेंगे। इस दौरान देश की स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए 65 हजार करोड़ रुपये की प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना का भी शुभारंभ करेंगे। प्रदेश के नौ मेडिकल कॉलेजों का उद्घाटन : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज समेत प्रदेश के नौ मेडिकल कॉलेजों का उद्घाटन कर दिया है। पीएम मोदी ने आर्ट गैलरी का निरीक्षण किया है। पांच हजार 190 करोड़ रुपये की 28 विकास परियोजनाएं जनता को समर्पित करेंगे पीएम : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करीब डेढ़ घंटे के वाराणसी दौरे में पांच हजार 190 करोड़ रुपये की 28 विकास परियोजनाएं जनता को समर्पित करेंगे। इस दौरान देश की स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए 65 हजार करोड़ रुपये की प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना का भी शुभारंभ करेंगे। पीएम सिद्धार्थनगर से हेलीकाप्टर से सीधे वाराणसी के मेहंदीगंज स्थित जनसभा स्थल पर पहुंचेंगे।

Published / 2021-10-23 14:55:32
100 करोड़ डोज का लक्ष्य पूरा होने के बाद भारत के सात कोविड वैक्सीन निर्माताओं से मिले पीएम मोदी

एबीएन डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को सात भारतीय कोविड -19 वैक्सीन निर्माताओं से मुलाकात की। देश में कोरोना वायरस रोधी टीके की 100 करोड़ खुराक देने का ऐतिहासिक लक्ष्य हासिल करने के मद्देनजर यह मुलाकात हुई। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि सात वैक्सीन निर्माताओं- सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया, भारत बायोटेक, डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज, जायडस कैडिला, बायोलॉजिकल ई, जेनोवा बायोफार्मा और पैनासिया बायोटेक के प्रतिनिधियों ने पीएम मोदी के साथ बैठक में भाग लिया। बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया और केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार भी मौजूद थीं। एक आधिकारिक सूत्र ने बताया कि प्रधानमंत्री ने इस दौरान भारत की सभी पात्र आबादी का जल्द से जल्द टीकाकरण करने और सभी के लिए टीका मंत्र के तहत अन्य देशों की मदद करने पर बल दिया। स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक भारत में अब तक टीके की 101.30 करोड़ खुराक दी जा चुकी हैं।

Published / 2021-10-22 15:23:54
3-टियर इकोनॉमी क्लास वाली अउ ट्रेन जल्द लॉन्च करने की तैयारी, किराया होगा इतना कम

एबीएन डेस्क। भारतीय रेलवे आम रेल यात्रियों को जल्द ही कम किराए में बेहतरीन एयर कंडीशन यात्रा की सुविधा मुहैया करवाने की तैयारी में जुटा है। रेलवे ऐसी ट्रेन लॉन्च करना चाह रहा है, जिसके सारे कोच एसी-3 टियर इकोनॉमी क्लास के होंगे यानी सामान्य एसी-3 टियर कोच के मुकाबले इनका किराया कम होगा। लेकिन, किराए कम होने के बावजूद इसमें कई सुविधाएं विमानों की तरह मिलेंगी और बेहतरीन डिजाइनिंग की वजह से ये ट्रेन सामान्य ट्रेनों के मुकाबले ज्यादा स्पीड में भी चल पाएंगी यानी यात्रा में लगने वाला समय भी कम होगा। 3-टियर इकोनॉमी क्लास एसी ट्रेन जल्द शुरू करने की तैयारी भारतीय रेलवे हमसफर एक्सप्रेस की तर्ज पर तैयार सिर्फ 3-टियर इकोनॉमी क्लास एसी कोच वाली ट्रेन को जल्द लॉन्च करने के लिए तैयार है। इस ट्रेन की शुरूआत का मकसद आम रेल यात्रियों को सस्ते किराए में एसी कोच में यात्रा की उपलब्ध करवाना है। इकोनॉमी क्लास एसी 3-टियर कोच का किराया सामान्य 3-टियर एसी कोच के मुकाबले काफी कम होगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में इन इकोनॉमी क्लास वाले 3-टियर एसी कोच का मुआयना किया है और कहा है कि पूरी तरह से इन्हीं कोचों वाली ट्रेनों को चलाने की कोशिश होनी चाहिए। 180 किलोमीटर की रफ्तार के लिए मददगार भारतीय रेलवे ने इकोनॉमी एसी-3 कोच का पहला अनावरण इसी साल फरवरी में किया था। रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला ने इसके प्रोटोटाइप का निर्माण किया था, जिसकी स्पीड 180 किलोमीटर प्रति घंटे तक जांची गई थी। रेलवे ने इस साल ऐसे 800 कोच निर्माण का लक्ष्य तय किया गया है। सितंबर से इन कोचों को कई ट्रेनों में लगाने की शुरूआत भी हो चुकी है, लेकिन हम सिर्फ इन्हीं कोचों वाली ट्रेनों की शुरूआत की बात कर रहे हैं। पूर्व रेल मंत्री पीयूष गोयल ने 31 मई के एक ट्वीट में इस वित्त वर्ष में 248 ऐसे कोच के निर्माण की उम्मीद जताई थी। हवाई जहाज की तरह मिलेंगी कई सुविधाएं इकोनॉमी एसी-3 कोच में 83 बर्थ होंगे, जो कि सामान्य एसी-3 कोच के मुकाबले 11 ज्यादा हैं। इंडियन रेलवे के मुताबिक यह कोच दुनिया में इस श्रेणी में सबसे सस्ती यात्रा का रास्ता साफ करता है। इन कोच में कई बेहतरीन पैसेंजर-फ्रेंडली सुविधाएं उपलब्ध हैं। मसलन, इसमें हवाई जहाज की तरह यात्रियों के लिए निजी तौर पर एसी की हवा के लिए वेंट लगाए गए हैं, मॉड्यूलर बायो-टॉयलेट हैं, हर कोच में एक दिव्यांग-फ्रेंडली टॉयलेट भी दिया गया है, मिडिल और अपर बर्थ पर जाने के लिए बेहतरीन सीढ़ियां हैं, साथ ही हर यात्री के लिए अपनी रीडिंग लाइट और चार्जिंग प्वाइंट उपलब्ध करवाए गए हैं। बर्थ फायर-प्रूफ हैं और स्नैक टेबल को फोल्ड भी किया जा सकता है।

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