एबीएन सेंट्रल डेस्क। कानपुर से भागलपुर तक चलने वाली बाबा धाम स्पेशल ट्रेन कल शनिवार देर रात सिल्ली-बोकारो रेलखंड पर हादसे का शिकार हो गयी। ट्रेन संख्या 08895 श्रावणी मेला स्पेशल की इंजन से तीसरी बोगी अचानक पटरी से नीचे उतर गयी। ट्रेन में यात्री सवार थे। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी यात्री के घायल या हताहत होने की सूचना नहीं है। रेलवे के अनुसार ट्रेन श्रावणी मेला से यात्रियों को लेकर मधुपुर की ओर जा रही थी। रात करीब 2:30 बजे पोल संख्या 354/ एसए 4 के पास इंजन से तीसरी बोगी, कोच नंबर एसईसी 64776, बेपटरी हो गयी। घटना के बाद यात्रियों को तेज झटका महसूस हुआ और कुछ देर के लिए ट्रेन में अफरा-तफरी की स्थिति बनी। हालांकि रेलवे ने तत्काल स्थिति को नियंत्रित कर लिया।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। लाल किला के प्राचीर में 80 स्वतंत्रता दिवस समारोह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बंडी के ऊपर वाले जेब में तिरंगे के निशान के ऊपर सवाल खड़े किए जा रहे हैं और ट्रोल किया जा रहा है। जबकि वास्तविकता राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा के लंबवत स्थिति एवं चौड़ाई स्थिति के अनुसार 100% सही है। तिरंगा को जब चौड़ाई में रखा जाएगा तो केसरिया रंग ऊपर रहेगा और हरा रंग नीचे रहेगा। तिरंगा को जब खड़ा रखा जाएगा तो पहले हरा रंग आयेगा और अंत में केसरिया रंग आयेगा...। तिरंगा के पोजीशन के ऊपर ट्रोल करने वालों की समझ बचकानी हरकत के सिवा और कुछ नहीं है।
जनता के पैसे का दुरुपयोग, संसद की गरिमा का उल्लंघन : सुखदेव भगत एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। लोकसभा के सांसद सुखदेव भगत ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। सांसद ने कहा कि संसद का ये 19 दिन का छोटा सत्र था। लेकिन इस पूरे सत्र में प्रधानमंत्री जी गायब, गृहमंत्री जी गायब रहे। उन्होंने कहा, सरकार पूरी प्रक्रिया में पलायनवादी सोच रखी हुई थी। कल आए भी तो राष्ट्रगीत के लिए एक मिनट के लिए। ये जनता के पैसे का दुरुपयोग है और संसद की गरिमा के प्रतिकूल है। ये संसदीय परंपरा का उल्लंघन है। सांसद ने सवाल उठाया, पूरे सत्र में प्रधानमंत्री नदारद, होम मिनिस्ट्री नदारद। ये क्या आदर्श स्थापित करना चाहते हैं? सांसद ने कहा कि मैं कहना चाहता हूं कि ये सरकार वाकई डरी हुई सरकार, डरपोक सरकार या भगोड़ी सरकार है। अगर हम इसे ऐसे कहें तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। उन्होंने कहा कि सरकार के पास पूर्ण बहुमत है, जनता ने चुनकर भेजा है, समय भी बचा हुआ है। फिर भी महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार सदन में जवाब देने से बच रही है।
केंद्र सरकार हर मुद्दे को गांधी परिवार से जोड़कर असल सवालों से बच रही एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। लोहरदगा लोकसभा के माननीय सांसद श्री सुखदेव भगत ने आज कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी जी ने इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी पर कोई टिप्पणी नहीं की है। श्री भगत ने स्पष्ट करते हुए कहाकि राहुल गांधी ने मेलोनी के लिए नहीं कहा। प्रधानमंत्री जी जिस प्रकार विदेशों में जाते हैं और जिस प्रकार उनके जेस्चर होते हैं, उनके बारे में हमारे राहुल गांधी जी ने कहा है। सांसद ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार किसी भी मुद्दे पर जवाब देने के बजाय उसे राहुल गांधी और गांधी परिवार से जोड़ देती है। श्री भगत ने कहा कि देश की जनता महंगाई, बेरोजगारी, विदेश नीति और संसद में जवाबदेही जैसे असल मुद्दों पर जवाब चाहती है। लेकिन सरकार इन मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए बयानबाजी कर रही है।
त्रिवेणी दास एबीएन सेंट्रल डेस्क। जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी देश के निर्वाचित तीन बार से लगातार यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए तू-तड़ाक का भाषा का प्रयोग करते रहे हैं.. नरेंद्र मोदी रात को नहीं सोता है तो सहज ही देश के राजनीतिक वातावरण का अंदाज लगाया जा सकता है। 56 इंच का छोटा बंदर जल्दी आओ संसद के अंदर दिल्ली के पूर्व कांग्रेसी मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के सुपुत्र कांग्रेस से पूर्व लोकसभा सदस्य संजीत दीक्षित (संदीप दीक्षित) ने संसद क्षेत्र में बंदर-छाप प्रदर्शन के दौरान कहा कि मेलोनी समझ के तो नहीं पकड़ा जबकि जॉर्जिया मेलोनी इटली के सम्मानित प्रधानमंत्री हैं, और राहुल गांधी दीक्षित को प्रसन्नता से पोटरा लेते हैं। 56 इंच के बंदर का टेडी मंकी ले कर प्रदर्शन करने वाले कांग्रेसी नेता पवन खेड़ा ने आज तक लोकसभा का कभी चुनाव नहीं लड़ा है अलबत्ता पिछले दरवाजे से राज्यसभा के सदस्य हैं। अपने आका को खुश करने के लिए कोई इतने निचले स्तर तक जा सकता हैं लोकतंत्र की परिभाषा में इसकी कल्पना भी नहीं की जाती है। कांग्रेस के नेता राहुल गांधी का ऐसा प्रभाव है कि जहां जिस राज्य में जाते हैं कांग्रेस का भट्ठा बैठा देते हैं। बिहार बंगाल महाराष्ट्र जैसे अनेक राज्यों के चुनाव से तो यही सिद्ध होता रहा है। उनका अगला टारगेट उत्तर प्रदेश है जहां वह अखिलेश यादव के समाजवादी पार्टी का भट्ठा बैठा के हीं रहेंगे। जवाहरलाल नेहरू, दादी इंदिरा गांधी, पिताजी राजीव गांधी जैसे प्रधानमंत्रियों के बारिश/युवराज कैसे बर्दाश्त करें कि कोई चाय बेचने वाला देश का प्रधानमंत्री चुने जाते रहे हैं। जनता ने ही मोदीजी को लोकप्रिय नेता बनाया है राहुल गांधी को जनता से ही सवाल पूछना चाहिए.. क्योंकि यह देश के जनता की जागीर है किसी खास की नहीं...।
संसद से गृहमंत्री की अनुपस्थिति पर सांसद सुखदेव भगत का तीखा हमला एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। संसद के जारी सत्र में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की सदन में अनुपस्थिति को लेकर कांग्रेस के लोहरदगा सांसद सुखदेव भगत ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने गृहमंत्री की गैरमौजूदगी पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतांत्रिक जवाबदेही से बचने की कोशिश करार दिया। सांसद सुखदेव भगत ने अपने बयान में कहा कि यह होम मिनिस्टर का वर्क फ्रॉम होम चल रहा है। ऐसा लगता है कि वे घर से ही जवाब देना चाहते हैं। आखिर संसद आने के लिए क्या अब ऐसे-ऐसे पत्र लिखने पड़ेंगे? वे किसे बेवकूफ बना रहे हैं? उन्होंने कहा कि संसद का सत्र अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है और 19 दिनों के सत्र में 17वें दिन गृहमंत्री का पत्र लिखना कई सवाल खड़े करता है। भगत ने कहा कि जब सत्र समाप्त होने वाला है, तब इस तरह का पत्र सामने आना महज तकनीकी बातों के जरिए असली मुद्दे से ध्यान भटकाने जैसा है। देश की जनता सब देख रही है और सब जान रही है, यह कहते हुए भगत ने कहा कि सरकार तकनीकी तर्कों के पीछे छिपकर जनता को गुमराह नहीं कर सकती। संसद देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था है और यहां सरकार को विपक्ष तथा जनता के सवालों का सीधे सामना करना चाहिए। गृहमंत्री पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि वे सदन में आने से डर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह तो चोर की दाढ़ी में तिनका वाली बात है। जो गलती करते हैं, वे डरते रहते हैं। ऐसा लगता है कि गृहमंत्री सदन का सामना करने से बच रहे हैं। भगत ने आगे कहा कि इस पूरे सत्र में वे एक भगोड़े की तरह सदन से गायब रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब देश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर संसद में चर्चा हो रही है, तब सरकार के सबसे महत्वपूर्ण मंत्रियों में से एक की सदन में मौजूदगी और जवाबदेही क्यों सुनिश्चित नहीं की जा रही है। लोहरदगा सांसद ने कहा कि संसद केवल सत्ता पक्ष का मंच नहीं, बल्कि देश की जनता के सवालों का जवाब देने की सर्वोच्च लोकतांत्रिक जगह है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि गृहमंत्री सदन में उपस्थित होकर विपक्ष के सवालों का जवाब दें और देश के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करें। सुखदेव भगत के इस बयान से संसद के भीतर और बाहर सियासी बयानबाजी तेज होने के संकेत हैं। उन्होंने साफ कहा कि जनता अब हर बात को देख और समझ रही है तथा लोकतंत्र में जवाबदेही से बचने की कोई गुंजाइश नहीं है।
महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर प्रधानमंत्री और गृहमंत्री दोनों ही सदन से गायब, यह लोकतांत्रिक व्यवस्था और संसदीय जवाबदेही की अवहेलना है एबीएन सेंट्रल डेस्क (नयी दिल्ली/लोहरदगा)। संसद के जारी सत्र के दौरान महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर सरकार की कथित चुप्पी और प्रधानमंत्री की सदन में अनुपस्थिति के विरोध में गुरुवार को इंडिया गठबंधन के सांसदों ने संसद परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में लोहरदगा लोकसभा के सांसद सुखदेव भगत भी शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसदों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसी क्रम में 56 इंच का छोटा बंदर, जल्दी आओ सदन के अंदर जैसे नारे भी लगाये गये। विपक्षी सांसदों ने आरोप लगाया कि संसद के महत्वपूर्ण सत्र के दौरान प्रधानमंत्री सदन में उपस्थित होकर देश के ज्वलंत मुद्दों पर जवाब देने से बच रहे हैं। प्रदर्शन में शामिल सांसद सुखदेव भगत ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार जनता और संसद के प्रति जवाबदेह नहीं रह गई है।महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर प्रधानमंत्री और गृहमंत्री दोनों ही सदन से गायब हैं। यह लोकतांत्रिक व्यवस्था और संसदीय जवाबदेही की अवहेलना है। उन्होंने कहा कि देश की जनता अपने सवालों के जवाब चाहती है, लेकिन सरकार जवाब देने के बजाय मुद्दों से बचने का प्रयास कर रही है। लोग सवाल पूछ रहे हैं और सरकार जवाब देने के बजाय भाग रही है। सांसद भगत ने कहा इंडिया गठबंधन तब तक चुप नहीं बैठेगा, जब तक सरकार सदन में आकर जनता के सवालों का जवाब नहीं देती। सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि झारखंड, आदिवासी समाज, किसानों, युवाओं और आम जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को संसद में मजबूती से उठाना विपक्ष की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े सवालों पर सरकार को संसद में जवाब देना ही होगा। उन्होंने कहा कि संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है और यहां सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित होना जरूरी है। इंडिया गठबंधन जनहित के मुद्दों को लेकर संसद से सड़क तक संघर्ष जारी रखेगा और सरकार को जवाबदेह बनाने के लिए आवाज बुलंद करता रहेगा।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मिले पूर्व सांसद धीरज प्रसाद साहू, जेपीएससी-जेएससी अभ्यर्थियों के आंदोलन और झारखंड की राजनीति पर हुई अहम चर्चा राष्ट्रीय अध्यक्ष को झारखंड आने का दिया निमंत्रण, अभ्यर्थियों की न्याय की लड़ाई में कांग्रेस के साथ होने का दिलाया भरोसा एबीएन सेंट्रल डेस्क। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू ने नई दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच झारखंड की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों, संगठनात्मक मजबूती, राज्य में चल रहे जेपीएससी-जेएससी अभ्यर्थियों के आंदोलन तथा कांग्रेस की आगामी रणनीति को लेकर विस्तृत और सकारात्मक चर्चा हुई। मुलाकात के दौरान पूर्व सांसद धीरज प्रसाद साहू ने झारखंड में जेपीएससी-जेएससी अभ्यर्थियों द्वारा किये जा रहे आंदोलन और उनकी विभिन्न मांगों से राष्ट्रीय अध्यक्ष को विस्तारपूर्वक अवगत कराया। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में युवा लंबे समय से नियुक्ति प्रक्रिया, परीक्षा प्रणाली और अन्य समस्याओं को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे में उनकी जायज मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना आवश्यक है। धीरज प्रसाद साहू ने राष्ट्रीय अध्यक्ष को बताया कि झारखंड के युवा अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं और उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद है। उन्होंने आग्रह किया कि कांग्रेस पार्टी युवाओं की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर भी मजबूती के साथ उठाए, ताकि अभ्यर्थियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान हो सके। बैठक के दौरान संगठन को लेकर भी दोनों नेताओं के बीच सार्थक एवं सकारात्मक चर्चा हुई। प्रदेश में कांग्रेस संगठन को और अधिक मजबूत बनाने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय भूमिका देने तथा आगामी राजनीतिक गतिविधियों को लेकर कई महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही झारखंड की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों और भविष्य की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इस अवसर पर पूर्व सांसद धीरज प्रसाद साहू ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को झारखंड में आयोजित होने वाली एक आमसभा में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया। उन्होंने कहा कि झारखंड के कांग्रेस कार्यकर्ता एवं आम जनता राष्ट्रीय अध्यक्ष का स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं और उनका आगमन संगठन को नयी ऊर्जा प्रदान करेगा। मुलाकात के बाद पूर्व सांसद धीरज प्रसाद साहू ने कहा कि कांग्रेस हमेशा युवाओं, छात्रों और अभ्यर्थियों के हितों की लड़ाई लड़ती रही है। उन्होंने कहा, अभ्यर्थियों के अधिकारों और न्याय की इस लड़ाई में कांग्रेस पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़ी है। हमने राष्ट्रीय अध्यक्ष को झारखंड की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया है। साथ ही उन्हें आमसभा में शामिल होने का निमंत्रण दिया, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार कर लिया है। उनके झारखंड आगमन से कार्यकर्ताओं और युवाओं का मनोबल और मजबूत होगा। धीरज प्रसाद साहू ने कहा कि झारखंड के विकास, संगठन की मजबूती और युवाओं के भविष्य को लेकर कांग्रेस गंभीर है। पार्टी लगातार जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देते हुए जनता की आवाज बुलंद कर रही है और आगे भी करती रहेगी। वहीं कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस मुलाकात को आत्मीय और सार्थक बताया। उन्होंने कहा, धीरज जी से आत्मीयता के साथ मुलाकात हुई। उन्होंने झारखंड की राजनीतिक स्थिति, संगठन और जेपीएससी-जेएससी अभ्यर्थियों से जुड़े मुद्दों की विस्तृत जानकारी दी। कांग्रेस पार्टी झारखंड के अभ्यर्थियों के साथ मजबूती से खड़ी है और उनके न्यायपूर्ण अधिकारों की लड़ाई में हर संभव सहयोग करेगी। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आगे कहा कि धीरज प्रसाद साहू ने उन्हें झारखंड आने का आमंत्रण दिया है, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा, मैं जल्द ही झारखंड आऊंगा और वहां के कार्यकर्ताओं एवं जनता के बीच उपस्थित होकर संगठन को और मजबूत करने का कार्य करूंगा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मुलाकात झारखंड कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। एक ओर जहां पार्टी संगठन को मजबूत करने की दिशा में रणनीति तैयार कर रही है, वहीं दूसरी ओर जेपीएससी-जेएससी अभ्यर्थियों के आंदोलन जैसे जनसरोकार के मुद्दों पर भी कांग्रेस सक्रियता दिखा रही है। ऐसे में राष्ट्रीय अध्यक्ष का प्रस्तावित झारखंड दौरा राजनीतिक दृष्टि से भी काफी अहम माना जा रहा है। इस मुलाकात ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि कांग्रेस नेतृत्व झारखंड के राजनीतिक घटनाक्रम, संगठनात्मक गतिविधियों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से नजर बनाये हुए है। आगामी दिनों में राष्ट्रीय अध्यक्ष के झारखंड दौरे और आमसभा को लेकर प्रदेश कांग्रेस कार्यकतार्ओं में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।
लोहरदगा सांसद सुखदेव भगत ने गृह मंत्री की अनुपस्थिति पर उठाये एबीएन सेंट्रल डेस्क। आज संसद परिसर में इंडिया गठबंधन के सांसदों ने केंद्र सरकार की नीतियों और गृह मंत्री की अनुपस्थिति के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।इस प्रदर्शन में लोहरदगा लोकसभा के माननीय सांसद सुखदेव भगत भी शामिल हुए। सांसदों ने हाथों में तख्तियां लेकर लापता गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ नारे लगाये। प्रदर्शन के दौरान सांसद सुखदेव भगत ने कहा- गृहमंत्री कई दिनों से लापता हैं। संसद सत्र चल रहा है लेकिन वो सदन में जवाब देने से भाग रहे हैं। पार्टी कार्यक्रम जरूरी है, लेकिन देश की जनता के सवाल जरूरी नहीं हैं क्या? श्री भगत ने कहा कि सिर्फ गृहमंत्री ही नहीं, बल्कि सरकार बाकी मुद्दों पर भी चुप्पी साधे हुए है। महंगाई और बेरोजगारी से आम जनता त्रस्त है लेकिन सरकार के पास कोई जवाब नहीं। राज्यों के अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है। महत्वपूर्ण बिल बिना चर्चा पास कराए जा रहे हैं। सांसद ने कहा, राहुल गांधी ने साफ कहा है- शांतिपूर्ण आंदोलन पर लाठीचार्ज बर्दाश्त नहीं होगा। लेकिन सरकार विपक्ष की आवाज दबाना चाहती है। इंडिया गठबंधन के सांसदों ने मांग की कि सरकार तुरंत सदन में आये, जवाब दे और जनता के मुद्दों पर चर्चा कराये।
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