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जरूरतमंद परिवार को संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम से मिली राशन सामग्री
Published / 2026-08-31 21:19:17
जरूरतमंद परिवार को संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम से मिली राशन सामग्री

एबीएन सेंट्रल डेस्क (अशोकनगर, मध्य प्रदेश)। गरीबी और अभाव के बीच जीवन गुजार रहे एक जरूरतमंद परिवार के लिए संत रामपाल जी महाराज द्वारा संचालित अन्नपूर्णा मुहिम उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आयी है। आसपास के लोगों से परिवार को अन्नपूर्णा मुहिम की जानकारी मिली, जिसके बाद मुहिम के तहत अशोकनगर जिले की शाडोरा तहसील के ग्राम चिरौली में आर्थिक रूप से बेहद कमजोर और बेसहारा परिवार को राशन सामग्री सहित आवश्यक घरेलू सामान उपलब्ध कराया गया। परिवार में कुल दो सदस्य हैं। परिवार की मुखिया रामेति दासी (53 वर्ष), पत्नी स्वर्गीय कल्याण सिंह, पिछले 12 वर्षों से विधवा हैं। उनकी आंख का आॅपरेशन हो चुका है और वर्तमान में उन्हें आगे इलाज की आवश्यकता है। उनका पुत्र अनिल दास (36 वर्ष) दिव्यांग हैं और लकवे की बीमारी से पीड़ित हैं। बीमारी के कारण उन्हें चलने-फिरने, बोलने तथा बिस्तर से उठने में भी काफी कठिनाई होती है। उनका भी उपचार आवश्यक बताया गया है। परिवार की कुल मासिक आय लगभग 2,100 रुपये है। इसमें रामेति दासी को लाड़ली बहना योजना के तहत 1,500 रुपये तथा अनिल दास को पेंशन के रूप में 600 रुपये प्राप्त होते हैं। परिवार के पास खेती की जमीन, पशु, बैंक में बचत अथवा आय का कोई अन्य साधन नहीं है। अन्नपूर्णा मुहिम के तहत परिवार को आवश्यक राशन सामग्री प्रदान की गयी। इसमें 15 किलो आटा, 2.5 किलो चावल, 2 किलो चीनी, 2.5 किलो आलू, 2.5 किलो प्याज, विभिन्न प्रकार की दालें, काले चने, दूध पाउडर, अचार, सरसों तेल, साबुन, नमक, चाय पत्ती और मसाले शामिल थे। इसके अलावा मां और बेटे दोनों के लिए 2-2 जोड़ी कपड़े, गैस सिलेंडर, चारपाई, व कुर्सी भी उपलब्ध करायी गयी। सहायता मिलने से परिवार को दैनिक जरूरतों के लिए राहत मिली है।

आर्थिक संकट से जूझ रहे परिवारों का सहारा बनी संत रामपाल जी महाराज जी की अन्नपूर्णा मुहिम
Published / 2026-08-31 21:18:25
आर्थिक संकट से जूझ रहे परिवारों का सहारा बनी संत रामपाल जी महाराज जी की अन्नपूर्णा मुहिम

ग्वालियर में दो जरूरतमंद परिवारों तक पहुंची मदद एबीएन सेंट्रल डेस्क (ग्वालियर)। आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे परिवारों के लिए समय पर मिलने वाली सहायता किसी संजीवनी से कम नहीं होती। इसी सेवा भावना के साथ संत रामपाल जी महाराज जी के मार्गदर्शन में संचालित अन्नपूर्णा मुहिम के अंतर्गत ग्वालियर जिले की डबरा तहसील के दो जरूरतमंद परिवारों को 31 अगस्त 2026 को नि:शुल्क राशन एवं आवश्यक सामग्री उपलब्ध करायी गयी। इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की दैनिक जरूरतों को पूरा करने में सहयोग प्रदान करना है, ताकि वे कठिन परिस्थितियों में भी जीवनयापन कर सकें। डबरा तहसील के जंगीपुरा निवासी 32 वर्षीय प्रीती कुशवाह के परिवार की स्थिति लंबे समय से संघर्षपूर्ण बनी हुई है। उनके पति का 8 वर्ष पूर्व निधन हो चुका है। परिवार में उनकी तीन बेटियां हैं—16 वर्षीय पूर्वी, जो कक्षा 9वीं में अध्ययनरत है, भूमि कक्षा 8वीं और टिंकल कक्षा 6वीं में सरकारी विद्यालय में पढ़ रही हैं। परिवार की मासिक आय लगभग 3000 रुपये है, जिसमें 1500 रुपये लाड़ली बहना योजना से तथा करीब 1500 रुपये सिलाई कार्य से प्राप्त होते हैं। सीमित आय और स्थायी रोजगार के अभाव के कारण यह परिवार छोटे से कच्चे मकान में जीवन व्यतीत कर रहा है। इसी तरह ग्राम खड़बई, पोस्ट महाराजपुर निवासी 50 वर्षीय मीना जी भी आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रही हैं। उनके पति का 10 वर्ष पहले निधन हो चुका है। स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के बावजूद वह परिवार की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। उनके साथ 18 वर्षीय बेटी सम्मी वर्मा रहती हैं, जिन्हें आर्थिक परिस्थितियों के कारण अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी। परिवार की कुल मासिक आय लगभग 2100 रुपये है, जिसमें 600 रुपये वृद्धावस्था पेंशन और करीब 1500 रुपये माला बनाने के कार्य से प्राप्त होते हैं। परिवार के पास न तो खेती की जमीन है और न ही कोई अन्य स्थायी आय का साधन। 30़15 फीट के जर्जर मकान में यह परिवार अपना जीवन गुजार रहा है। दोनों परिवारों को अन्नपूर्णा मुहिम की जानकारी आसपास के लोगों के माध्यम से मिली। सूचना मिलने के बाद अन्नपूर्णा मुहिम के सेवादारों ने परिवारों की आर्थिक एवं पारिवारिक परिस्थितियों का निरीक्षण किया और जरूरत को देखते हुए उन्हें राशन सहित दैनिक उपयोग की आवश्यक सामग्री उपलब्ध करायी। संत रामपाल जी महाराज जी की अन्नपूर्णा मुहीम के माध्यम से समाज के कमजोर वर्गों को सहयोग देकर उनके जीवन में राहत और उम्मीद की नयी किरण पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को धीरज प्रसाद साहू ने किया नमन
Published / 2026-08-31 14:02:51
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को धीरज प्रसाद साहू ने किया नमन

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को धीरज प्रसाद साहू ने किया नमनकहा- आज राजनीति में जो भी हैं, उनमें उनका योगदानएबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न स्व. प्रणब मुखर्जी की पुण्यतिथि पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सह पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए भावुक शब्दों में याद किया। उन्होंने कहा कि प्रणब मुखर्जी भारतीय राजनीति के ऐसे व्यक्तित्व थे, जिनका योगदान देश की राजनीति में लंबे समय तक याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज राजनीति में जो भी लोग सक्रिय हैं, उनमें से बहुतों को आगे बढ़ने और राजनीति को समझने में प्रणब मुखर्जी जैसे वरिष्ठ नेताओं का मार्गदर्शन और योगदान मिला है। धीरज प्रसाद साहू ने कहा कि प्रणब मुखर्जी केवल एक कुशल राजनेता ही नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र और संसदीय परंपराओं के गहरे जानकार थे। राजनीति में उनका अनुभव और उनकी समझ असाधारण थी। उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं और हर पद की गरिमा को बनाए रखा। देश के वित्त मंत्री, रक्षा मंत्री, विदेश मंत्री सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए उन्होंने देश की नीतियों और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।पूर्व राज्यसभा सांसद ने प्रणब मुखर्जी के साथ अपने व्यक्तिगत अनुभवों को याद करते हुए कहा कि उनके राष्ट्रपति बनने के बाद भी उनके व्यवहार में किसी तरह का अहंकार या दूरी नहीं आई थी।उन्होंने कहा, जब प्रणब दा राष्ट्रपति थे, तब उनसे मिलने के लिए समय लेने की जरूरत नहीं पड़ती थी। बेहिचक उनसे मिलने जाना होता था। उनका व्यवहार हमेशा आत्मीय और सहज रहा। उन्होंने कहा कि प्रणब मुखर्जी की सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि वह पार्टी और विचारधारा की सीमाओं से ऊपर उठकर लोगों से संबंध बनाते थे। राजनीतिक मतभेद होने के बावजूद उनके व्यक्तित्व में सभी के प्रति सम्मान और अपनापन था। यही कारण था कि अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेता भी उनका सम्मान करते थे और उनसे मार्गदर्शन लेते थे।धीरज प्रसाद साहू ने कहा कि प्रणब मुखर्जी का जीवन संघर्ष, अनुभव और समर्पण का उदाहरण है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत जमीनी स्तर से की और धीरे-धीरे देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रणब मुखर्जी की राजनीतिक समझ इतनी गहरी थी कि जटिल से जटिल परिस्थितियों में भी वह संतुलित और व्यावहारिक समाधान निकालने की क्षमता रखते थे।उन्होंने कहा कि प्रणब मुखर्जी से मिलने वाले हर व्यक्ति को कुछ न कुछ सीखने को मिलता था। उनका अध्ययन व्यापक था और देश-दुनिया के राजनीतिक, सामाजिक तथा आर्थिक विषयों पर उनकी पकड़ मजबूत थी। संसद की कार्यवाही और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति उनका सम्मान अनुकरणीय था।धीरज प्रसाद साहू ने कहा कि प्रणब मुखर्जी का निधन भारतीय राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति थी। उनके जाने के बाद देश ने एक अनुभवी राजनेता, कुशल प्रशासक और मार्गदर्शक को खो दिया। हालांकि उनका व्यक्तित्व और उनके विचार आज भी देश की राजनीतिक पीढ़ियों को प्रेरणा देते हैं।उन्होंने कहा कि प्रणब दा से उनके व्यक्तिगत संबंध हमेशा उनके लिए विशेष रहे। उनके सहज व्यवहार और आत्मीयता को याद करते हुए साहू ने कहा कि इतने बड़े पद पर पहुंचने के बावजूद प्रणब मुखर्जी आम लोगों और अपने पुराने साथियों से उसी आत्मीयता के साथ मिलते थे, जिसके लिए वे अपने राजनीतिक जीवन में जाने जाते थे।अंत में धीरज प्रसाद साहू ने स्व. प्रणब मुखर्जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि देश उनके योगदान को कभी नहीं भूल सकता। उनकी राजनीतिक सूझबूझ, लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता और सरल व्यक्तित्व आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत बना रहेगा।

डबरा में भूख और बेबसी से लड़ रहे परिवार को मिला संबल
Published / 2026-08-30 18:53:45
डबरा में भूख और बेबसी से लड़ रहे परिवार को मिला संबल

संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम ने संवारी जिंदगी एबीएन सेंट्रल डेस्क (ग्वालियर)। संकट की घड़ी में जरूरतमंदों की सहायता के लिए संत रामपाल जी महाराज जी के पवन मार्गदर्शन में चलायी जा रही अन्नपूर्णा मुहीम के तहत ग्वालियर जिले की डबरा तहसील में एक असहाय परिवार को मदद पहुंचायी गयी। बीते दिन मंगलवार 11 अगस्त 2026 को इस मुहिम के अंतर्गत परिवार को आवश्यक खाद्य एवं राशन सामग्री उपलब्ध करायी गयी।  डबरा निवासी पवन शाक्य अपने परिवार के साथ आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे थे। परिवार में उनकी पत्नी लाली शाक्य और चार बेटियां रिया, सृष्टि, हिमांशी व अनमोल शामिल हैं। करीब दो वर्ष पहले हुए एक दुर्घटना के बाद पवन शाक्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं, जिसके कारण परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गयी। परिवार की आय का मुख्य साधन फूलों की माला बनाना है, जिससे करीब 800 रुपये प्रतिमाह की आमदनी होती है। इसके अलावा परिवार को लाड़ली बहना योजना से मिलने वाली सहायता राशि पर भी निर्भर रहना पड़ता है। सीमित आय में छह सदस्यों के परिवार का पालन-पोषण करना काफी कठिन हो रहा था। जब संत रामपाल जी महाराज जी की अन्नपूर्णा मुहिम की टीम ने जमीनी सर्वे के दौरान इस परिवार की अत्यंत दयनीय स्थिति देखी और पूरी जानकारी संत रामपाल जी महाराज जी के समक्ष रखी, तो उन्होंने बिना किसी देरी के तत्काल मदद के आदेश जारी कर दिये। आदेश मिलते ही टीम डबरा पहुंची और पवन जी के परिवार तक आवश्यक खाद्य एवं राशन सामग्री पहुंचायी गयी। संत जी के आश्वासन के अनुसार, अब इस परिवार को आजीवन खाद्य सामग्री एवं बुनियादी जरूरतों का सहयोग प्रदान किया जायेगा। संत रामपाल जी महाराज की यह पावन मुहिम आज देश-दुनिया में बिना किसी भेदभाव के असहायों का सहारा बन रही है।

अन्नपूर्णा मुहिम बनी विधवा परिवार का सहारा
Published / 2026-08-30 18:52:46
अन्नपूर्णा मुहिम बनी विधवा परिवार का सहारा

ग्वालियर के डबरा में जरूरतमंद परिवार को पहुंचाई खाद्य सामग्री एबीएन सेंट्रल डेस्क (ग्वालियर, मध्य प्रदेश)। आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे जरूरतमंद परिवारों की सहायता के लिए चलायी जा रही अन्नपूर्णा मुहिम के तहत ग्वालियर जिले के डबरा क्षेत्र में एक असहाय परिवार तक सहायता पहुंचायी गयी। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज की प्रेरणा से संचालित इस मुहिम के अंतर्गत परिवार को राशन एवं आवश्यक खाद्य सामग्री उपलब्ध करायी गयी। डबरा तहसील के वार्ड क्रमांक 11 स्थित संजीवनी गार्डन के पीछे दीदार कॉलोनी में किराये के मकान में रहने वाला यह परिवार लंबे समय से आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। परिवार की मुखिया नफीसा बानो (55 वर्ष) अपने पति के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। परिवार में उनकी 24 वर्षीय बेटी सेजल शर्मा, 19 वर्षीय बेटी सोनिया शर्मा और 8 वर्षीय बेटा राजू शर्मा शामिल हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। घर की आय का मुख्य साधन बेटी सोनिया शर्मा द्वारा किया जाने वाला झाडू-पोछा का कार्य है, जिससे करीब 2,500 रुपये प्रतिमाह आय होती है। इसके अलावा लाडली बहना योजना से मिलने वाली करीब 1,500 रुपये की सहायता राशि से परिवार का गुजारा चल रहा है। परिवार के पास न तो स्वयं का मकान है और न ही कोई स्थायी आय का साधन उपलब्ध है। परिवार के छोटे सदस्य राजू शर्मा की एक आंख में चोट लगने के कारण उसकी आंख प्रभावित हो गई है, जिससे उसे देखने में परेशानी होती है। परिवार ने उसके उपचार की आवश्यकता भी बतायी है। बताया गया कि अन्नपूर्णा मुहिम के माध्यम से इस क्षेत्र में पहले एक परिवार को सहायता प्राप्त हुई थी। इसी से जानकारी लेकर इस परिवार की बेटी ने संत रामपाल जी महाराज जी के आश्रम में संपर्क किया। आर्थिक कठिनाइयों को देखते हुए परिवार ने राशन सहायता के लिए संपर्क किया। जानकारी मिलने के बाद अन्नपूर्णा मुहिम के सेवादारों ने परिवार की स्थिति का जायजा लिया और संत जी के आदेश से आवश्यक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराया। अन्नपूर्णा मुहिम के माध्यम से जरूरतमंद, असहाय और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों तक भोजन एवं जरूरी सामग्री पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। इस पहल से कई परिवारों को कठिन परिस्थितियों में राहत मिल रही है। संत रामपाल जी महाराज जी का उद्देश्य गरीबी और लाचारी को खत्म कर भारत को फिर से सोने की चिड़िया बनाना है।

चार नाबालिग लड़कियां मुक्त, दो ट्रैफिकर भी गिरफ्तार
Published / 2026-08-28 18:36:08
चार नाबालिग लड़कियां मुक्त, दो ट्रैफिकर भी गिरफ्तार

​​​भारत-नेपाल सीमा पर ट्रैफिकिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाईचार नाबालिग लड़कियां मुक्त, दो ट्रैफिकर भी गिरफ्तारएबीएन सेंट्रल डेस्क। पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले में भारत-नेपाल की पानीटंकी सीमा पर छह लड़कियों को ट्रैफिकिंग गिरोह के चंगुल से मुक्त कराया गया, जिनमें 14 से 17 साल की उम्र की चार नाबालिग लड़कियां भी शामिल थीं। इन्हें नेपाल के एक डांस बार में काम कराने के लिए ले जाया जा रहा था। बाल अधिकारों की सुरक्षा के लिए काम कर रहे नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) की सहयोगी संस्था कोसी लोक मंच और एसएसबी की बीआईटी पानीटंकी टीम ने साझा और त्वरित कार्रवाई करते हुए न सिर्फ इन नाबालिगों को सुरक्षित बचाया, बल्कि बाल दुर्व्यापारियों को भी गिरफ्तार कर लिया।लड़कियों के हाव भाव को देखते हुए एसएसबी के जवानों ने कोसी लोक मंच के साथ मिलकर तुरंत हस्तक्षेप किया और उन्हें सीमा पार करने से पहले ही रोक लिया। पूछताछ के दौरान लड़कियों ने बताया कि वे सभी त्रिपुरा की रहने वाली हैं और उन्हें अच्छे पैसों का लालच देकर डांस बार में काम कराने के लिए ले जाया जा रहा था। हालांकि, उन्हें यह ठीक-ठीक नहीं पता था कि आखिर उन्हें कहां और किसके पास ले जाया जा रहा है, वहां किस तरह का काम करना होगा, या नेपाल में कितने दिनों तक रुकना पड़ेगा। इसके अलावा, उनके पास इस यात्रा से जुड़ा कोई वैध दस्तावेज भी नहीं था।जांच के दौरान यह भी पता चला कि मुक्त कराई गई लड़कियों में से एक नाबालिग और एक बालिग के परिवार वालों ने पहले ही त्रिपुरा में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा रखी थी। पूछताछ और प्रारंभिक जांच के बाद एसएसबी  ने सभी छह लड़कियों और दोनों ट्रैफिकर्स को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए कोसी लोक मंच के हवाले कर दिया। इसके बाद कोसी लोक मंच खरीबाड़ी पुलिस थाने पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई, ताकि जरूरी जांच और कानूनी कार्रवाई शुरू हो सके।जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के राष्ट्रीय सचिव ऋषि कांत ने कहा, भारत-नेपाल सीमा पर हाल के दिनों में एक चिंताजनक पैटर्न उभरकर सामने आया है, जिसमें नौकरी या डांस बार में काम दिलाने का झांसा देकर नाबालिग लड़कियों की ट्रैफिकिंग की जा रही है। लड़कियों को अपने गंतव्य और काम की प्रकृति के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी न होना इस मामले को और भी गंभीर बना देता है। ऐसी में एसएसबी का समय रहते हस्तक्षेप करना बेहद अहम है, ताकि नाबालिग लड़कियों को ट्रैफिकिंग के जाल में फंसने से बचाया जा सके।अधिक जानकारी के लिए संपर्क करेंजितेंद्र परमार 8595950825

लोहरदगा सांसद से मिले चैंबर्स प्रेसिडेंट
Published / 2026-08-25 21:32:06
लोहरदगा सांसद से मिले चैंबर्स प्रेसिडेंट

सांसद सुखदेव भगत से चैंबर्स प्रेसिडेंट ने की शिष्टाचार भेंट, विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा टीम एबीएन, रांची। झारखंड इंडियन चैंबर्स आॅफ कॉमर्स फॉर एससी, एसटी एंड वूमेन एंटरप्रेन्योर्स, नई दिल्ली के नेशनल प्रेसिडेंट सुबीर पॉलने झारखंड के लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र के सांसद सुखदेव भगत जीसे शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों के बीच अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं महिला उद्यमियों के आर्थिक सशक्तिकरण, रोजगार सृजन तथा उद्यमिता को बढ़ावा देने से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। शिष्टाचार भेंट के दौरान सुबीर पॉल ने बताया कि देश के विकास में एससी, एसटी एवं महिला उद्यमियों की भागीदारी को और मजबूत करना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में प्रतिभा और उद्यमिता की अपार संभावनाएं मौजूद हैं, लेकिन उचित मार्गदर्शन, वित्तीय सहयोग, बाजार से जुड़ाव, तकनीकी प्रशिक्षण और सरकारी योजनाओं की जानकारी के अभाव में अनेक प्रतिभाएं आगे नहीं बढ़ पातीं।उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्थानीय स्तर पर युवाओं एवं महिलाओं को स्वरोजगार तथा उद्यमिता से जोड़कर न केवल रोजगार के अवसर बढ़ाये जा सकते हैं, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक एवं सामाजिक विकास को भी गति दी जा सकती है। विशेष रूप से झारखंड जैसे आदिवासी बहुल राज्य में स्थानीय संस्थानों, पारंपरिक कौशल, लघु एवं कुटीर उद्योगों तथा महिला स्व-सहायता समूहों को बाजार से जोड़ने की दिशा में व्यापक संभावनाएं हैं। इस अवसर पर सांसद सुखदेव भगत ने उद्यमिता के माध्यम से समाज के वंचित एवं पिछड़े वर्गों को मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ने के प्रयासों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि जनजातीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं और महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए संस्थागत सहयोग और प्रभावी पहल आवश्यक है। बैठक में संभावित रूप से उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम, कौशल विकास, प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण, सरकारी योजनाओं तक पहुंच, वित्तीय संस्थानों से बेहतर समन्वय तथा स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया। सुबीर पॉल ने कहा कि उनका संगठन देशभर में एससी, एसटी एवं महिला उद्यमियों को एक मजबूत मंच उपलब्ध कराने तथा उन्हें व्यापार, उद्योग, प्रशिक्षण, नेटवर्किंग और बाजार के अवसरों से जोड़ने के उद्देश्य से कार्य कर रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनप्रतिनिधियों, उद्योग संगठनों, प्रशासन और स्थानीय उद्यमियों के बीच बेहतर समन्वय से झारखंड के गुमला सहित अन्य क्षेत्रों में उद्यमिता आधारित विकास को नई गति दी जा सकती है। भेंट के दौरान क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास, युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों तथा महिला एवं आदिवासी उद्यमिता को प्रोत्साहित करने की दिशा में भविष्य में सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।

कलियुगी पुत्र : मोबाइल फोन की जिद में परिवार के तीन लोगों की मौत
Published / 2026-08-23 19:34:58
कलियुगी पुत्र : मोबाइल फोन की जिद में परिवार के तीन लोगों की मौत

कलियुगी पुत्र : मोबाइल फोन की जिद में परिवार के तीन लोगों की मौतएबीएन सेंट्रल डेस्क। मुंबई -महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में मोबाइल फोन की मांग को लेकर एक दर्दनाक घटना सामने आई. 18 वर्षीय युवक पहाड़ी से कूदने की धमकी देने लगा। उसे बचाने पहुंचे पिता भी नीचे गिर गए। घटना से सदमे में मां ने भी जान दे दी। बताया जाता है कि गरीब आर्थिक स्थिति के कारण पिता द्वारा नया फोन न दिला पाने पर 19 वर्षीय बेटा पहाड़ी पर कूदने की धमकी देते हुए चढ़ गया था। जिसे बचाने की कोशिश में तीनों की जान चली गई।घटना आईफोन की मांगकुणाल नाम का 19 वर्षीय युवक नया आईफोन खरीदना चाहता था, लेकिन घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण माता-पिता असमर्थ थे।पहाड़ी पर हाई-वोल्टेज ड्रामानाराज होकर बेटा खबडया डोंगर की पहाड़ी पर जा पहुंचा और कूदने की धमकी देने लगा। पुलिस, फायर ब्रिगेड और ग्रामीण करीब 3 घंटे तक उसे समझाते रहे।पिता और बेटे की मौतदोपहर करीब 1 बजे जब पिता मुरलीधर उसे खींचने या बचाने के आगे बढ़े, तब बेटे ने छलांग लगा दी और संतुलन बिगड़ने से पिता भी नीचे गहरी खाई में गिर गए।मां की भी जान गईअपने पति और बेटे को खाई में गिरता देख सदमे में आई मां संगीता ने भी पहाड़ी से नीचे छलांग लगा दी, जिससे तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।

पीएम के जन्मदिन से एक महीने तक चलेगा सेवा संकल्प अभियान
Published / 2026-08-22 20:35:37
पीएम के जन्मदिन से एक महीने तक चलेगा सेवा संकल्प अभियान

पीएम मोदी के जन्मदिन से शुरू होगा सेवा संकल्प अभियान, एक महीने तक चलेंगे कार्यक्रम एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में भाजपा देश भर में एक महीने का सेवा संकल्प अभियान शुरू करेगी। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह अभियान हर साल 17 सितंबर को प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर मनाये जाने वाले सेवा पखवाड़ा का विस्तार होगा। श्री तावड़े ने कहा, हर साल भारतीय जनता पार्टी 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर देश भर में सेवा पखवाड़ा मनाती है। मोदी जी का व्यक्तित्व ऐसा है कि वे हर पल सेवा में लगे रहते हैं। स्वाभाविक रूप से पिछले कुछ वर्षों से भाजपा सेवा पखवाड़ा मना रही है। विनोद तावड़े ने बताया कि 7 अक्टूबर 2021 को नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। इस साल 7 अक्टूबर को उस ऐतिहासिक अवसर के 25 साल पूरे हो जायेंगे। इसी को ध्यान में रखते हुए भाजपा ने सेवा पखवाड़ा के साथ साथ एक महीने का सेवा संकल्प अभियान चलाने का फैसला किया है। सेवा सेतु अभियान में क्या होगा पार्टी इस दौरान सेवा सेतु अभियान भी चलायेगी। इसके तहत उन लोगों की मदद की जाएगी जो दस्तावेजों की कमी या अन्य समस्याओं के कारण सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। तावड़े ने बताया कि ब्लाक स्तर पर 15 दिनों तक संबंधित विभागों के अधिकारी जरूरी कागजों के साथ मौजूद रहेंगे। विनोद तावड़े ने कहा, अगर किसी का नाम आयुष्मान योजना में छूट गया है, तो वह वहां आकर फार्म भर सकता है। अगर पीएम किसान सम्मान निधि में कोई दिक्कत है, तो उसे इन दिनों में ठीक कराया जा सकता है। सेवा सेतु अभियान के जरिए सभी को सरकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास होगा। युवाओं के लिए क्या विशेष भाजपा इस दौरान नेशनल इनोवेशन चैलेंज भी आयोजित करेगी। इसका मकसद युवाओं को स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए शोध और नवाचार के लिए प्रोत्साहित करना है। ब्लाक, जिला और राज्य स्तर पर युवाओं के लिए प्रतियोगिताएं आयोजित की जायेंगी। बड़े राज्यों में ऐसे कार्यक्रम प्रमुखता से होंगे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का होगा सम्मान अभियान के तहत आंगनवाड़ी सम्मान और मातृ संवाद कार्यक्रम भी होगा। देश भर के 14 लाख से ज्यादा केंद्रों पर जाकर भाजपा कार्यकर्ता आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सम्मानित करेंगे। तावड़े ने कहा कि सरकारी योजनाओं को जमीन पर आखिरी बच्चे तक पहुंचाने में इन कार्यकर्ताओं की बड़ी भूमिका होती है।

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