टीम एबीएन, पटना। बिहार उद्यमी संघ ने नए उद्यमियों को प्रोत्साहित करने तथा उन्हें जीवन में आने वाली चुनौतियां से निपटने के लिए तैयार रहने हेतु प्रेरित करने के लिए एक विशेष मोटिवेशनल सेशन का आयोजन किया, जिसमें बिहार सरकार, उद्योग विभाग के विशेष सचिव और मोटिवेशनल वक्ता दिलीप कुमार ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए नए रास्तों को अंगीकार करने की आवश्यकता होती है। सफलता के लिए सतत प्रयास और नियमित अभ्यास की आवश्यकता होती है। अच्छी योजना बनाकर हम सफलता रूपी इमारत की अच्छी नींव तैयार कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने वालों के आलोचक हजारों होते हैं। नए प्रयास करने वाले और नवाचारों का उपहास उड़ाने वालों की संख्या अनंत होती है। हमारे मित्र, परिजन और मोहल्ले के लोग भी नया प्रयास करते समय हमारा मजाक उड़ाने से बाज नहीं आते हैं। बाद में सफलता प्राप्त होने पर इन्हीं प्रयासों और विचारों को दृष्टांत के रूप में पेश किया जाता है। लोगों की आलोचना और उपहास की परवाह के बिना जो पूरे जुनून के साथ प्रयास करता रहता है, अंत में सफल होता है। सफलता की कहानी 1 दिन में नहीं लिखी जाती। हजारों दिन के मेहनत से, हिम्मत से और खून-पसीना एक करने से वह प्लॉट तैयार होता है जिसमें सफलता की कहानी होती है। शिखर पर बैठे लोगों को देखकर लोग उदाहरण दिया करते हैं। लेकिन शिखर पर पहुंचने की प्रक्रिया अत्यंत जटिल होती है। उन जटिलताओं को कोई नहीं देखता। लेकिन जो सफल होते हैं वह चुनौतियों को पार करके ही सफल होते हैं। लहरों के डर से जो किनारे में बैठे रह जाते हैं, वह कभी भी नदी पार नहीं कर पाते। जिन्हें फिसलने से डर लगता है, वह पर्वत पर कैसे चढ़ पाएंगे। इसलिए अपने डर पर जीत जरूरी है। जहां से डर समाप्त होता है, जीत की कहानी का लेखन वहीं से प्रारंभ हो जाता है। दिलीप कुमार ने कहा कि संघर्ष और सफलता की यात्रा में तनाव के क्षण भी आते हैं। सकारात्मक सोच और अटूट विश्वास के बल पर हम नकारात्मकता को पराजित कर सकते हैं। मोटिवेशनल सत्र के प्रारंभ में बिहार उद्यमी संघ के महासचिव अभिषेक सिंह ने कहा कि प्रतिस्पर्धा के दौर में समय अनमोल है। समय की पहचान करके जिसने सही फैसला लिया, समय ने उसका साथ दिया। कार्यक्रम में विक्रमशिला ग्रामोद्योग की नैना उपाध्याय, मिथिलेश्वर, अंकित सहित अनेक लोगों ने जीवन में तनाव से निपटने के तरीकों पर प्रश्न पूछे और मुख्य वक्ता के साथ संवाद किया।
टीम एबीएन, पटना। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री सह हम पार्टी सुप्रीमो जीतनराम मांझी रविवार को धनबाद पहुंचे। परिसदन में पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान मांझी ने कहा कि दलित अब पूजा पाठ की तरफ ध्यान दे रहे हैं। लेकिन पूजा पाठ वैसे ब्राह्मण से करवाएं जो ज्ञानी, विद्वान हो, जो श्लोक जानता हो। अभी ऐसे ब्राह्मण पूजा कराते हैं, जो श्लोक जानते तक नहीं हैं। न्यूज पेपर लेकर पहुंच जाते हैं। हनुमान चालीसा पढ़ पूजा सम्पन्न करवा देते हैं। उन्होंने दलितों से अपील करते हुए कहा कि राजा रामचंद्र जी की आरती गाने से बेड़ा पार नहीं होगा। पढ़ोगे लिखोगे समझदार बनोगे बच्चों को पढ़ाओगे तभी बेड़ा पार होगा। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के बताए रास्तों पर चलें। बाबा साहब शिक्षा को महत्वपूर्ण बताये थे, इसलिये शिक्षा के बिना दलित आगे नंही बढ़ सकते। उन्होंने पार्टी को बिहार झारखंड के अलावा कई अन्य राज्यों में बढ़ाने की बात कही और कहा कि लोग हमारी विचारधारा से जुड़ रहे हैं। भले ही हम सत्ता में नहीं आ पाए लेकिन हम लोगों के बीच अपनी सेवा करते रहेंगे। दलित, शोषित और पीड़ितों को सहारा देते रहेंगे। उन्हें शोषण से मुक्त कराने का हर प्रयास करते रहेंगे जो बाबा साहब भीमराव अंबेडकर का सपना था उसे साकार करने का भरसक प्रयास करेंगे। झारखंड में 1932 खतियान आधारित स्थानीय एवं नियोजन नीति पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने ठीक से जवाब नहीं दिया और बताया कि उस विषय पर उन्हें बहुत अधिक जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि संविधान यह अधिकार सभी को देता है कि वह देश में कहीं भी जमीन ले सकता है। कहीं का भी नागरिकता ले सकता है।
टीम एबीएन, पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कल पूर्व सीएम राबड़ी देवी के आवास पर आयोजित इफ्तार में शामिल क्या हुए, मानो पूरे बिहार की राजनीति गरमा गई। लोग तरह-तरह की चर्चाएं करने लगे। कोई इसे महागठबंधन की वापसी के तौर पर देखने लगा, तो किसी ने कहा कि यह भाजपा पर एक दबाव बनाने की कोशिश है। आज सुबह जह वीर कुंवर सिंह की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद सीएम मीडिया से बात कर रहे थे तो उन्होंने तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया। उन्हें इसे आधारहीन करार दिया। नीतीश कुमार इससे एक कदम और आगे बढ़ते हुए आज पटना एयरपोर्ट पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का स्वागत करने के लिए भी पहुंच गए। नीतीश कुमार को करीब से जानने और देखने वाले लोगों के लिए भी हाल के वर्षों यह शायद पहला मौका होगा, जब वह किसी केंद्रीय मंत्री का स्वागत करने के लिए खुद पहुंचे हों। हां, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और नए राज्यपाल का स्वागत करने के लिए कई बार वह पहुंचे हैं, जो कि एक प्रोटोकॉल के तहत सामान्य बात है। ऐसी इफ्तार पार्टियों में बहुत से लोगों को आमंत्रित किया जाता है। इसका राजनीति से क्या संबंध है? हम भी एक इफ्तार पार्टी रखते हैं और सभी को इसमें आमंत्रित करते हैं।
टीम एबीएन, पटना। रमजान का महीना चल रहा है। हर साल की तरह रमजान में सियासी पार्टियां इफ्तार का आयोजन करती हैं। बिहार में प्रमुख विपक्षी दल आरजेडी ने भी इफ्तार पार्टी रखी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज पटना में राबड़ी देवी के आवास पर आयोजित इफ्तार पार्टी में शामिल हुए। इस जानकारी के सामने आने के बाद सियासी पार्टियों ने इसके अलग-अलग मायने निकालने शुरू कर दिए हैं। ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि इफ्तार के बहाने राजनितिक गोलबंदी की कोशिश होगी। दरअसल, बोचहां उपचुनाव में मिली चुनावी-जीत के बाद महागठबंधन नए सियासी जोड़-तोड़ की तैयारियों में जुट गया है। फखऊ ने इफ्तार पार्टी के बहाने सियासी खेमेबंदी शुरू कर दी है। तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी की तरफ से आयोजित इफ्तार में ठऊअ के मुकेश सहनी और चिराग पासवान को भी न्योता दिया गया है। सीएम आवास एक अणे मार्ग के बाद अब सूबे के दूसरे सबसे चर्चित आवास 10 सर्कुलर रोड शुक्रवार को कई सियासी समीकरणों का गवाह बना। दरअसल, पूर्व सीएम राबड़ी देवी का यह आवास काफी साल बाद दावत-ए-इफ्तार से गुलजार हो रहा है। भले ही इस आयोजन को सांप्रदायिक सौहार्द के लिए कहा जा रहा है, लेकिन राजनीति को हर पल जीने वाले इस राज्य में इफ्तार के बहाने कई सियासी समीकरणों के बनने से राज्य के राजनीतिक जानकार इनकार नहीं कर रहे हैं। इधर, डोरंडा कोषागार से अवैध निकासी के मामले में लालू प्रसाद यादव को झारखंड हाई कोर्ट से जमानत मिल गई है। इससे आरजेडी के नेताओं और कार्यकतार्ओं में जोश का संचार हुआ है। इसे काफी अहम माना जा रहा है। बता दें कि 5 सालों के बाद आरजेडी की तरफ से दावत-ए-इफ्तार का आयोजन किया जा रहा है। लालू यादव के जेल जाने के कारण आरजेडी पिछले कुछ सालों से दावत-ए-इफ्तार कार्यक्रम का आयोजन नहीं कर रही थी। वहीं, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 2 दिनों के बिहार दौरे पर आ रहे हैं। अमित शाह वीर कुंवर सिंह के विजयोत्सव कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। इस दौरान सबसे ज्यादा तिरंगा फहराने का रिकॉर्ड भी बनेगा। सबकी नजर बिहार में बदल रहे राजनीतिक घटनाक्रम पर भी है।
टीम एबीएन, रतनी (शकुराबाद)। रघुनाथगंज शकुराबाद में नवनिर्मित सूर्य मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में भाग लेने के लिए आज बिहार सरकार के कला संस्कृति एवं युवा विभाग के मंत्री आलोक रंजन झा रघुनाथगंज मंदिर में आए और वहां उन्होंने पूजा अर्चना की। रघुनाथ मंदिर समिति की ओर से अजय प्रसाद, शंभु प्रसाद, प्रभा देवी और नीलम देवी ने कला एवं संस्कृति मंत्री आलोक रंजन झा को सम्मानित किया। उनके साथ भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष सुरेश कुमार शर्मा भी आये। मौके पर आलोक रंजन झा ने कहा कि मंदिर निर्माण पूरा हो जाने से यह स्थान धाम में परिवर्तित हो गया है। मंदिर में आकर उन्हें दिव्य अनुभूति हो रही है। यहां पर आकर उन्हें भगवान सूर्य का आशीर्वाद प्राप्त हुआ और साथ ही मंदिर में स्थापित सभी देवताओं का आशीर्वाद भी प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि इतने भव्य मंदिर के निर्माण के लिए और इतनी सुंदर मूर्तियों की स्थापना के लिए वह समाज एवं ग्राम के सभी लोगों को बधाई देते हैं। उन्होंने कहा कि इस मंदिर में आने के बाद उन्हें ऐसा लगा जैसे साक्षात भगवान खुद यहां पर विराजमान हुए हैं। यह मंदिर इस क्षेत्र के एक बड़े पर्यटक स्थल के रूप में विकसित होगा, ऐसा मुझे विश्वास है। मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि आप यहां आकर विराजे हैं तो फिर इस क्षेत्र की सुख,शांति और समृद्धि का ख्याल रखें।
टीम एबीएन, पटना। पूरा बिहार इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। लू चलने से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इस बीच राजधानी पटना के स्कूलों को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। सूत्रों की मानें तो पटना में स्कूलों के खुलने और बंद होने का समय बदल दिया गया है। बदली व्यवस्था के तहत जिले में अब सभी स्कूलों में सुबह 7 से पढ़ाई शुरू होगी और 12 बजे तक ही पठन-पाठन का कार्य चलेगा। बताया जा रहा है कि पटना जिला प्रशासन की ओर से शुक्रवार शाम तक इस बाबत आदेश जारी कर दिया जाएगा। भीषण गर्मी और लू के चलते यह फैसला लिया गया है। बता दें कि बढ़ते तापमान के साथ ही सभी जिला कलेक्टरों को सतर्कता बरतने और सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। सूत्रों का कहना है कि नया टाइमटेबल सभी स्कूलों पर लागू होगा। जिले के सभी सरकार और निजी स्कूल अब बदले हुए समय के साथ ओपन होंगे। सभी स्कूलों पर एक ही समय सारणी लागू होगी। बता दें कि बिहार में पिछले कुछ दिनों से तापमान में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। अधिकांश जिलों का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से पार या फिर उसके आसपास पहुंच चुका है। इसके चलते लू जैसे हालात पैदा हो गए हैं। खासकर दोपहर 12 बजे के बाद हालात और भी बिगड़ जाते हैं। इसे देख पटना जिला प्रशासन ने स्कूलों की टाइमिंग में बदलाव करने का बड़ा फैसला लिया है। खास बात यह है कि ताजा आदेश गवर्नमेंट और प्राइवेट स्कूलों पर समान रूप से लागू होगा। भीषण गर्मी को देखते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी आमलोगों को सतर्कता बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा था कि पूरे प्रदेश में भीषण गर्मी पड़ रही है। लू भी चल रहा है, ऐसे में खुद को सुरक्षित रखें और सतर्क रहें। मौसम विभाग ने पहले ही तापमान में वृद्धि होने की संभावना जता दी थी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। बुलेट ट्रेन परियोजना को अमली जामा पहनाने के लिए केंद्र सरकार पुरज़ोर कोशिश कर रही है। देश के कई राज्य़ों को बुलेट ट्रेन से ज़ोड़ने की क़वायद तेज़ कर दी गई है। इसकी कड़ी में बिहार और झारखंड के कई शहरों से भी बुलेट ट्रेन गुजरेगी इसके लिए सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है। बिहार और झारखंड के रास्ते वाराणसी से हावड़ा जानी वाली बुलेट ट्रेन गुज़रेगी। प्रारंभिक सर्वे के मुताबिक दोनो राज्यों के कई शहरों से होते हुए यह ट्रेन गुजरेगी। बिहार-झारखंड होते हुए हावड़ा पहुंचेगी ट्रेन : वाराणसी से हावड़ा के लिए चलाई जाने वाली बुलेट ट्रेन की स्पीड 260 किमी प्रति घंटा होगी। क़रीब 5 घंटे में यह ट्रेन वाराणसी से हावड़ा पहुंच जाएगी। बिहार के सासाराम और गया से होते हुए यह ट्रेन झारखंड से गुजरेगी जिसका रूट कोडरमा, हजारीबाग, गिरीडीह, धनबाद से होते हुए हावड़ा के तरफ़ जाएगा। हाल ही में राज्यसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए कहा रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था कि देश में सात रूट पर बुलेट ट्रेन चलाई जाएगी। इसमें वाराणसी से हावड़ा तक का रूट भी शामिल है। वाराणसी से हावड़ा तक बुलेट ट्रेन की रूट के लिए उच्च स्तरीय बैठक कर चर्चा की गई। इसका डीपीआर तैयार करने लिए रायशुमारी की जा रही है। वहीं जानकार बताते हैं कि बुलेट ट्रेन के परिचालन में लंबा वक्त लगेगा। 2030 तक बुलेट ट्रेन परिचालन शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। ग़ौरतलब है कि वाराणसी को जिस तरह से काशी विश्वनाथ की नगरी की संज्ञा दी जाती है और एक पर्यटन स्थल है। बिहार में गया को भी उसी तरह भगवान बुद्ध और विष्णु की नगरी की संज्ञा दी जाती है। बिहार में इसलिए ही इस प्रोजेक्ट के तहत बुलेट ट्रेन को गया रेलवे स्टेशन चलाने का फ़ैसला लिया गया है। इसी कड़ी में गया रेलवे स्टेशन को वर्ल्ड क्लास स्टेशन बनाने की क़वायद भी तेज़ कर दी है। इसके साथ ही बिहार और झारखंड के सासाराम, गया, कोडरमा, हजारीबाग, गिरिडीह और धनबाद से होते हुए बुलेट ट्रेन हावड़ा पहुंचेगी। गया को वर्ल्ड क्लास स्टेशन बनाने की बात सुनने के बाद स्थानीय लोगों में काफ़ी उत्साह है। उनका कहना है इसी बहाने हम लोगों के क्षेत्रों का भी विकास होगा।
टीम एबीएन, पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सुरक्षा सख्त कर दी गई है। हाल ही में दो बार उनकी सुरक्षा में चूक होने के मामले सामने आए थे। इसे लेकर देशभर में बिहार पुलिस की किरकिरी हुई थी। सुरक्षा की समीक्षा के बाद अब सीएम की सुरक्षा के जिम्मेदार स्पेशल सुरक्षा गार्ड (SSG) में 50 नए जवान तैनात किए गए हैं। नीतीश कुमार पर राज्य के बख्तियारपुर में हमले की कोशिश की गई थी। वहीं, नालंदा में उनकी सभा में पटाखे छोड़े गए थे। इस कारण सीएम की सुरक्षा में बार-बार चूक का मुद्दा उठा था। व्यापक समीक्षा के बाद बड़ा बदलाव किया गया है। नीतीश कुमार की सुरक्षा सख्त कर दी गई है। एसएसजी में नए पुलिस अधिकारी और जवान तैनात किए गए हैं।
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