बिहार

View All
Published / 2026-01-09 22:07:57
नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग

जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष के सी त्यागी ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखी चिट्ठी 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। नीतीश कुमार ने पिछले साल नवंबर में दसवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर पदभार संभाला है। एक बार फिर सीएम बनने के बाद नीतीश कुमार का नाम सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेताओं में शुमार हो गया है। अब खबर आ रही है कि बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष के सी त्यागी ने नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग कर रहे हैं।

 त्यागी ने ये मांग करते हुए बाकायदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भी लिखा है ।पत्र में त्यागी ने लिखा है कि नीतीश कुमार जैसे पिछले साल चौधरी चरण सिंह और कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न की उपाधि से नवाजा गया था, उसी तरह नीतीश कुमार भी इस उपाधि के पूरी तरह हकदार हैं।  

के सी त्यागी ने कहा कि बिहार और देश के प्रति नीतीश कुमार की सेवाओं को सम्मान देने का इससे अच्छा कदम नहीं हो सकता है। हालांकि ऐसा बहुत कम हुआ है जब किसी जीवित व्यक्ति को भारत रत्न दिया गया हो। त्यागी ने कहा कि करीब आधा दर्जन मामले ऐसे हैं जिसमें जीवित व्यक्ति को भी भारत रत्न दिया गया। इनमें जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, लता मंगेशकर और प्रणब मुखर्जी जैसे लोग शामिल हैं।  

आम तौर पर जनवरी में ही प्रधानमंत्री की तरफ से अलग अलग क्षेत्रों में विशेष योगदान देने के भारत रत्न दिए जाने का ऐलान किया जाता है। पिछले साल भी किसान नेता चौधरी चरण सिंह और महान समाजवादी नेता कर्पूरी ठाकुर की भारत रत्न दिए जाने का ऐलान किया गया था। कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न दिए जाने को तब बिहार चुनाव से जोड़कर देखा गया था क्योंकि ठाकुर अति पिछड़ी जाति से ताल्लुक रखते थे।  

पिछले साल नवंबर में नीतीश कुमार ने दसवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर पदभार संभाला है। सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेताओं में उनका शुमार होता है। पिछले साल हुए बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए ने नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ते हुए 200 से ज्यादा सीटें जीती और प्रचंड जीत हासिल की। करीब 10 महीनों को छोड़कर नीतीश कुमार 2005 से लगातार बिहार के मुख्यमंत्री बने हुए हैं। हालांकि बार बार अपना राजनीतिक पाला बदलने के लिए उनकी आलोचना भी होती है।  

वैसे राजनीतिक गलियारों में के सी त्यागी की चिट्ठी के अलग अलग मायने भी लगाये जा रहे हैं। हाल ही में बांग्लादेश खिलाड़ी को आईपीएल से बाहर निकालने के फैसले पर त्यागी ने पार्टी से अलग लाइन लिया था और इस फैसले पर सवाल उठाया था। इतना ही नहीं, 2024 में फिलिस्तीन के मुद्दे पर भी त्यागी ने भारत सरकार से अलग स्टैंड लिया था जिसपर काफी हो हल्ला भी मचा था। माना जाता है कि इसी विवाद के चलते उन्होंने सितंबर 2024 में पार्टी के एकमात्र राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से इस्तीफा भी देना पड़ा था। ऐसे भारत रत्न की मांग को डैमेज कंट्रोल के तौर पर भी देखा जा सकता है।

Published / 2026-01-08 21:20:27
बिहार : चार सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, हड़कंप

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार के चार बड़े सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया है। पटना, गया, अररिया और किशनगंज सिविल कोर्ट को ई-मेल के जरिए यह धमकी दी गयी है। धमकी की जानकारी मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। 
पटना सिविल कोर्ट को धमकी भरा ई-मेल गुरुवार सुबह कोर्ट प्रशासन के मेलबॉक्स में मिला। ई-मेल में सिविल कोर्ट परिसर को निशाना बनाने की बात लिखी गयी थी। 

सूचना मिलते ही कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। तुरंत सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गयी। डॉग स्क्वॉड की मदद से पूरे कोर्ट परिसर की सघन तलाशी ली जा रही है, ताकि किसी भी संदिग्ध वस्तु का पता लगाया जा सके। पुलिस धमकी भरे ई-मेल के स्रोत का पता लगाने के लिए साइबर सेल की मदद ले रही है। पुलिस ने कहा कि धमकी वाले ई-मेल की जांच की जा रही है। फिलहाल अभी कुछ भी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं की गई है। 

पटना सेंट्रल की पुलिस अधीक्षक दीक्षा ने बताया कि डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुलाकर सर्च आॅपरेशन चलाया जा रहा है और हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि ई-मेल में इस्तेमाल भाषा और तकनीकी संकेतों से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह धमकी किसने भेजी और क्या इसमें किसी तरह के वास्तविक खतरे की संभावना है। 

इसी तरह गया सिविल कोर्ट परिसर को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली है। जिला प्रशासन ने एहतियातन पूरे कोर्ट परिसर को खाली करा लिया है और आसपास के इलाके को पूरी तरह सील कर दिया गया है। सूचना मिलते ही पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई, जिससे कोर्ट परिसर और उसके आसपास का इलाका पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है। बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुलाया गया है और तलाशी की जा रही है। 

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, गया जिला सत्र एवं न्यायाधीश की सरकारी ई-मेल आईडी पर धमकी भरा पत्र प्राप्त हुआ, जिसमें कोर्ट परिसर को निशाना बनाने की बात लिखी गई है। पत्र में दावा किया गया है कि कुछ समूह अपनी मांगों को लेकर यह कदम उठा रहे हैं। हालांकि, इस पत्र की सत्यता और उसमें किये गये दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गयी है। प्रशासन और पुलिस इसे एक गंभीर सुरक्षा अलर्ट मानते हुए हर स्तर पर सतर्कता बरत रही हैं।

धमकी भरे पत्र में कुछ कथित सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों का उल्लेख करते हुए अत्यंत आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया है। पत्र में हिंसक कार्रवाई की आशंका जताई गई है और कोर्ट परिसर को निशाना बनाये जाने की बात कही गयी है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। 

अधिकारियों का कहना है कि कोर्ट परिसर की तलाशी ली जा रही है। हर इमारत, कोर्ट रूम, रिकॉर्ड रूम और सार्वजनिक स्थानों की बारीकी से जांच की जा रही है। किसी भी तरह की अफवाह से बचने की अपील करते हुए प्रशासन ने लोगों से सहयोग की मांग की है। पुलिस ने यह भी कहा है कि जांच के दौरान किसी प्रकार की आपत्तिजनक वस्तु मिलने पर तय प्रोटोकॉल के अनुसार कार्रवाई की जायेगी। 

किशनगंज सिविल कोर्ट को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। धमकी मिलने के बाद सिविल कोर्ट की सुरक्षा बढ़ा दी गयी है। एसडीपीओ गौतम कुमार सहित अन्य वरीय पुलिस पदाधिकारी सिविल कोर्ट पहुंचे हैं और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं। सिविल कोर्ट परिसर में पुलिस की तैनाती कर दी गयी है। 

इसके अलावा अररिया सिविल कोर्ट को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली है। जिला जज की ई-मेल आईडी पर धमका भरा मैसेज मिलने के बाद कोर्ट परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गयी है। ई-मेल में लिखा, बम को कोर्ट बिल्डिंग में रखा गया है। लंच के समय रिमोट कंट्रोल से ब्लास्ट किया जायेगा।

Published / 2025-12-22 18:27:32
सम्राट और ललन संग पीएम मोदी से मिले नीतीश कुमार

नीतीश ने मोदी से की भेंट, साथ में थे सम्राट चौधरी, लल्लन सिंह 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को राजधानी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। राज्य में हाल के चुनाव के बाद 10वीं बार मुख्यमंत्री बने श्री कुमार की दिल्ली की यह पहली यात्रा है। 

प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार प्रधानमंत्री आवास पर हुई इस मुलाकात में श्री कुमार के साथ राज्य के उप मुख्यमंत्री और भाजपा नेता सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ लल्लन सिंह भी थे। 

समझा जाता है कि श्री कुमार ने राज्य के विकास की योजनाओं की प्रगति के संबंध में प्रधानमंत्री को जानकारी दी और केंद्र से सहयोग के लिए आभार जताया। श्री मोदी बिहार में नीतीश के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने पटना गये थे।

Published / 2025-12-22 18:26:26
पीएम मोदी के जीवन पर बनेगी फिल्म मां वंदे

नरेंद्र मोदी की के जीवन पर आधारित फिल्म मा वंदे की शूटिंग शुरू, उन्नी मुकुंदन निभायेंगे मोदी का किरदार 

एबीएन एंटरटेनमेंट डेस्क (मुंबई)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन पर आधारित फिल्म मां वंदे की शूटिंग शुरू हो गयी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन पर आधारित फिल्म मां वंदे की टीम ने शूटिंग के पहले दिन परंपरागत पूजा के साथ शुभ शुरुआत की, जिसके शानदार दृश्य सोशल मीडिया पर साझा किये गये। यह फिल्म पहली बार सितंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर घोषित की गयी थी। 

सिल्वर कास्ट क्रिएशन्स के बैनर तले वीर रेड्डी एम के प्रोडक्शन में बन रही इस फिल्म में मलयालम फिल्म स्टार उन्नी मुकुंदन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका निभा रहे हैं। लेखक निर्देशक क्रांति कुमार सी एच के निर्देशन में बन रही यह फिल्म असली घटनाओं से प्रेरित है और श्री मोदी के जीवन के निजी और राजनीतिक दोनों पहलुओं को सच्चाई, गरिमा और बड़े पैमाने पर पेश करेगी। 

इंटरनेशनल स्तर के प्रोडक्शन, हाई टेक्निकल वैल्यू और जबरदस्त वीएफएक्स के साथ फिल्म बनायी जा रही है और पैन इंडिया भाषाओं के साथ साथ अंग्रेजी में भी रिलीज होगी। उन्नी मुकुंदन ने इंस्टाग्राम पर मुहूर्त का वीडियो पोस्ट किया और लिखा, मां वंदे अब शुरू। एक नया अध्याय शुरू हो रहा है जो उस इंसान की कहानी बतायेगा जिसने एक राष्ट्र की किस्मत गढ़ी। 

निमार्ता वीर रेड्डी एम और लेखक निर्देशक क्रांति कुमार सी एच की इस फिल्म के साथ जुड़ी है एक दमदार टेक्निकल टीम, जिसमें एक्शन डायरेक्टर किंग सोलोमन, प्रोडक्शन डिजाइनर साबू सिरिल, एडिटर श्रीकर प्रसाद, डीओपी के के सेंटिल कुमार और म्यूजिक कंपोजर रवि बस्रूर शामिल हैं। इन सबका काम बाहुबली, सालार और केजीएफ जैसी फिल्मों से जुड़ा रहा है, जो साफ बताता है कि मा वंदे को विषय के अनुरूप भव्य और सिनेमाई स्तर पर शानदार बनाया जा रहा है।

Published / 2025-12-21 18:05:12
बिहार के नकाब विवाद पर झारखंड में सियासी घमासान

झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने दिया नौकरी का आफर 

टीम एबीएन, रांची। बिहार में नियुक्ति पत्र वितरण के दौरान महिला डॉक्टर का नकाब हटाने को लेकर उठे विवाद पर झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने शनिवार को बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद उन्होंने बिहार की उस महिला डॉक्टर को झारखंड आने का न्योता दिया है और 3 लाख रुपये मासिक वेतन, सरकारी फ्लैट, मनचाही पोस्टिंग और पूर्ण सुरक्षा के साथ नौकरी का प्रस्ताव दिया है। 

जामताड़ा में पत्रकारों से बातचीत में इरफान अंसारी ने आरोप लगाया कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिला डॉक्टर का नकाब हटाकर न सिर्फ एक महिला बल्कि पूरे मुस्लिम समुदाय और नकाब की गरिमा को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने कहा, जिस तरह एक डॉक्टर और एक महिला के साथ नकाब खींचकर अभद्रता की गयी। वह केवल एक व्यक्ति का अपमान नहीं है, बल्कि मानव गरिमा, सम्मान और संविधान पर सीधा हमला है। 

मामला उस समय सामने आया जब पटना स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय में आयुष डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र बांटे जा रहे थे। सोमवार को आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान जब एक महिला डॉक्टर नियुक्ति पत्र लेने मंच पर पहुंचीं, तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उनका नकाब देखकर कहा, यह क्या है? और इसके बाद कथित तौर पर उनका नकाब हटा दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद सियासी घमासान शुरू हो गया। 

इरफान अंसारी के इस आफर पर भारतीय जनता पार्टी के पूर्व विधायक भानु प्रताप शाही ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे तुष्टिकरण की राजनीति करार दिया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी वीडियो बयान में पूर्व भवनाथपुर विधायक ने सवाल उठाया कि इरफान अंसारी किस नियुक्ति नीति के तहत बिहार की डॉक्टर को झारखंड में नौकरी देंगे। 

भानु प्रताप शाही ने यह भी पूछा कि झारखंड में नौकरी देने के लिए क्या राज्य के बेटे-बेटियां नहीं हैं। उन्होंने कहा, यह तुष्टिकरण की पराकाष्ठा है। झारखंड झारखंडियों के लिए है। अपना फैसला वापस लीजिए। इस बीच, इस पूरे मामले को लेकर नीतीश कुमार की मुश्किलें भी बढ़ती नजर आ रही हैं। एक सामाजिक कार्यकर्ता ने इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करायी है। 

पुलिस अधिकारी ने शनिवार को बताया कि मोहम्मद मुर्तजा आलम ने कुछ ग्रामीणों के साथ गुरुवार को इटकी थाना में शिकायत दी है। इटकी थाना प्रभारी मनीष कुमार ने पीटीआई को बताया कि यह शिकायत उस वायरल वीडियो के आधार पर दर्ज करायी गयी है, जिसमें कथित तौर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार महिला डॉक्टर का नकाब हटाते नजर आ रहे हैं। मामले की जांच की जा रही है।

Published / 2025-12-20 21:10:40
बिहार की डॉ नूसरत को झारखंड में नौकरी का आफर

हिजाब विवाद पहुंचा झारखंड : 3 लाख सैलरी, सरकारी आवास... हिजाब हटाने पर चर्चा में आईं मुस्लिम महिला डॉक्टर को हेमंत सरकार ने दिया नौकरी का आफर 

टीम एबीएन, रांची। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा मंच पर हिजाब हटाने पर चर्चा में आयीं मुस्लिम महिला डॉक्टर नूसरत परवीन को झारखंड सरकार ने नौकरी का आफर दिया है। झारखंड सरकार में स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर इरफान अंसारी ने उन्हें झारखंड स्वास्थ्य सेवा में 3 लाख रुपये मासिक वेतन, मनचाही पोस्टिंग, सरकारी आवास और पूर्ण सुरक्षा के साथ नौकरी का प्रस्ताव दिया है। 

नियुक्ति मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के स्तर पर करायी जायेगी 

इरफान अंसारी ने कहा कि नियुक्ति मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के स्तर पर करायी जायेगी, ताकि उन्हें सम्मान और सुरक्षा दोनों का भरोसा मिल सके। उन्होंने कहा कि बिहार की महिला चिकित्सक डॉ नूसरत परवीन के साथ हुई अमर्यादित, अमानवीय और दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे देश की अंतरात्मा को झकझोर दिया है। जिस तरह एक डॉक्टर, एक बेटी और एक महिला के साथ अपमान, अभद्रता और हिजाब खींचने जैसी शर्मनाक हरकत की गयी, वह केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं बल्कि मानव गरिमा, इज्जत और संविधान पर सीधा प्रहार है। 

किसी डॉक्टर, बेटी या महिला के सम्मान से समझौता झारखंड में संभव नहीं 

मंत्री ने आगे कहा कि मैं पहले एक डॉक्टर हूं, फिर मंत्री। किसी डॉक्टर, बेटी या महिला के सम्मान से समझौता झारखंड में संभव नहीं है। एक डॉक्टर के साथ हुई यह अमर्यादित घटना हम सभी मेडिकल कर्मियों को गहराई से आहत करती है। हम महसूस कर सकते हैं कि उस बच्ची और उसके परिवार पर क्या बीत रही होगी।

Published / 2025-12-09 22:01:34
बिहार : नये साल में कर्मियों और पेंशनभोगियों का डीए 5% बढ़ा

सीएम नीतीश का न्यू ईयर गिफ्ट: कर्मचारियों और पेंशनर्स के डीए में 5% की बढ़ोतरी 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नए साल के मौके पर राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनधारियों को बड़ी राहत दी है। मंगलवार को हुई बैठक में महंगाई भत्ता बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गयी। इस फैसले से विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मियों के साथ-साथ पेंशनभोगियों को सीधा लाभ मिलेगा। 

छठे वेतनमान वालों को अब मिलेगा 257% महंगाई भत्ता 

कैबिनेट की मंजूरी के बाद राज्य सरकार ने छठे केंद्रीय वेतनमान के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों, पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स के ऊअ में सुधार कर दिया है। अब 1 जुलाई 2025 से इनके महंगाई भत्ते को 252% से बढ़ाकर 257% कर दिया जायेगा। 

पांचवें वेतनमान वाले कर्मचारियों के डीए में भी बढ़ोतरी 

वहीं पांचवें केंद्रीय वेतनमान के दायरे में आने वाले कर्मचारियों और पेंशनधारियों को भी इस फैसले से राहत मिलेगी। सरकार ने इनके महंगाई भत्ते को 466% से बढ़ाकर 474% मंजूर किया है। 

लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलेगा सीधा फायदा 

डीए बढ़ने से राज्यभर के लाखों कर्मचारियों, रिटायर्ड कर्मियों और पारिवारिक पेंशन प्राप्त करने वालों की आय में बढ़ोतरी होगी। सरकार का यह फैसला आर्थिक रूप से सभी के लिए राहतभरा माना जा रहा है।

Published / 2025-11-22 18:04:11
बिहार : दिलीप जायसवाल और अशोक चौधरी ने संभाला कार्यभार

दिलीप जायसवाल और अशोक चौधरी समेत कई मंत्रियों ने संभाला कार्यभार

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा विभागों के बंटवारे के एक दिन बाद, राज्य भाजपा प्रमुख दिलीप जायसवाल और जदयू के अशोक चौधरी समेत कई मंत्रियों ने अपने-अपने विभागों का कार्यभार संभाल लिया। राष्ट्रीय लोक मोर्चा के दीपक प्रकाश, जो न तो एमएलए हैं और न ही विधान परिषद (एमएलसी) के सदस्य हैं, ने भी पंचायती राज विभाग का कार्यभार संभाला। 

जायसवाल ने उद्योग विभाग के मंत्री के तौर पर और चौधरी ने ग्रामीण निर्माण विभाग के मंत्री के तौर पर काम शुरू किया। जायसवाल और चौधरी दोनों राज्य में विधान परिषद के सदस्य हैं। जायसवाल ने कार्यभार संभालने के बाद कहा, उद्योग विभाग अगले दस दिनों में निवेश के लिए एक व्यापक रोडमैप लेकर आएगा। 

एनडीए सरकार का फोकस अगले पांच सालों में बिहार को पूरी तरह से विकसित राज्य बनाना है। युवाओं के लिए, हमारा फोकस राज्य के भीतर ज्यादा से ज्यादा नौकरी के मौके पैदा करना है। 

चौधरी ने कहा कि रूरल रोड्स स्ट्रेंथनिंग एंड मैनेजमेंट प्रोग्राम और मुख्यमंत्री ग्रामीण संपर्क समेत कई स्कीमों के जरिए, राज्य सरकार यह पक्का करने की कोशिश करेगी कि हर गांव तक पक्की सड़कें पहुंचें। उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता यह पक्का करना है कि सभी चल रहे प्रोजेक्ट समय पर पूरे हों। 

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार ने इस साल जुलाई में रूरल वर्क्स डिपार्टमेंट के 21,406.36 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट लॉन्च किए, जिससे राज्य में 11,346 सड़कों और 730 छोटे पुलों के बनने का रास्ता साफ हुआ। दूसरे नये शामिल मंत्रियों के सोमवार को अपने-अपने डिपार्टमेंट का चार्ज संभालने की उम्मीद है।

Page 4 of 63

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।

© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse