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Published / 2022-03-06 17:20:32
बेतिया : पंडिताइन किन्नर व सद्दाम हुसैन को मारी गोली

टीम एबीएन, पटना। बेतिया के मुफस्सिल थाना के आरएलएसवाई कॉलेज के समीप रविवार की दोपहर आधा दर्जन अपराधियों ने एक घर पर हमला बोल पंडिताईन किन्नर (35) और एक युवक सद्दाम हुसैन (24) को गोली मार जख्मी कर दिया। घटना के बाद अपराधी किन्नर की बाइक लेकर फरार हो गया। जबकि वहां मौजूद अन्य किन्नरों ने हमलावरों में शामिल एक युवक मृत्युंजय को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया है। एसडीपीओ मुकुल परिमल पांडेय ने बताया कि मुफस्सिल थानाध्यक्ष उग्रनाथ झा ने एक संदिग्ध को घटनास्थल से हिरासत में लिया है। वहां से एक खोखा मिला है। घायल किन्नर व युवक की चिकित्सा जीएमसीएच में हो रही है। दोनों खतरे से बाहर है। घटना को अंजाम देने वाले अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। मुख्य आरोपी चनपटिया के पुरैना पांडेय टोला का गुड्डू अंसारी है। उसका पुराना आपराधिक इतिहास है। जीएमसीएच में भर्ती किन्नर ने पुलिस ने बताया कि वह पहले गुड्डू अंसारी के साथ रहता था। प्रतिदिन होने वाली आमदनी में से कुछ हिस्सा गुड्डू को दे देता था। इधर, कुछ दिनों से उसने अपना संबंध गुड्डू अंसारी से तोड़ लिया। उसके बाद वह मुफस्सिल थाना के खसुआर गांव निवासी सद्दाम हुसैन के साथ रहने लगा था। यह बात गुड्डू को नागवार गुजर रही थी। गुड्डू ने धमकी दी थी कि वह सद्दाम का साथ छोड़ दे। किन्नर ने सद्दाम का साथ नहीं छोड़ा। रविवार की दोपहर वह अपने ग्रुप के अन्य सदस्यों तथा सद्दाम के साथ आरएलएसवाई कॉलेज के समीप घर में थे। इसी बीच किसी ने दरवाजा खटखटाया। दरवाजा खोला तो गुड्डू अंसारी देसी पिस्तौल लेकर खड़ा था। उसे देख किन्नर भागने लगा, तभी गुड्डू ने गोली चला दी। गोली बाएं जांघ में लगी। गुड्डू के साथ मौजूद अन्य हमलावरों ने फायरिंग की तो सद्दाम हुसैन के कमर में छर्रा लग गया। फायरिंग की आवाज सुन लोग दौड़े तो गुड्डू बाइक लेकर फरार हो गया। लोगों ने एक संदिग्ध मृत्युंजय को पकड़ लिया। जिसे मुफस्सिल पुलिस के हवाले कर दिया गया।

Published / 2022-03-05 03:30:51
माओवादी कमांडर मिथिलेश मेहता बिहार के गया से गिरफ्तार

एबीएन सेंट्रल डेस्क। माओवादी कमांडर मिथिलेश मेहता गिरफ्तार हो गया है। बिहार के गया जिला से केंद्रीय एजेंसियों ने उसकी गिरफ्तारी की है। इससे पहले झारखंड छत्तीसगढ़ सीमा पर मौजूद माओवादियों की सबसे सुरक्षित मांद बूढ़ापहाड़ से टॉप माओवादी कमांडर मिथिलेश मेहता उर्फ वनबिहारी फरार हो गया है। मिथलेश मेहता के फरार होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने हाई अलर्ट जारी करते हुए उसकी खोजबीन शुरू कर दी थी। लोहरदगा और लातेहार सीमा पर सुरक्षा बलों के लगातार अभियान के दौरान ही मिथिलेश मेहता बूढ़ापहाड़ से निकलकर भाग गया। टॉप कमांडर सुधाकरण के तेलंगाना में आत्मसमर्पण के बाद माओवादियों ने मिथिलेश मेहता उर्फ वनबिहारी को ही बूढ़ापहाड़ का नया इंचार्ज बनाया था। लेकिन टॉप माओवादी कमांडर मिथिलेश मेहता बूढ़ापहाड़ से फरार हो गया। मिथिलेश मेहता मूल रूप से बिहार के औरंगाबाद के इलाके का रहने वाला है। 2016-17 में झारखंड पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। 2019-20 में जेल से निकलने के बाद एक बार फिर से वह माओवादियों के लिए सक्रिय हो गया था। जनवरी 2021 में माओवादियों ने उसे बूढ़ापहाड़ का इंचार्ज बनाया था। उसके बाद से ही वह बूढ़ापहाड़ के इलाके में रह रहा था। करीब तीन महीने पहले बूढ़ापहाड़ पर वह गंभीर रूप से बीमार हो गया था, उस दौरान सुरक्षाबलों ने एक ग्रामीण डॉक्टर को भी पकड़ा था, जो मिथिलेश मेहता का इलाज करने जा रहा था, उसके पास से ईसीजी मशीन बरामद हुआ था। विमल के आत्मसमर्पण और बहेराटोली में पिकेट बनने से माओवादी खौफ में हैं। बूढ़ापहाड़ के सबसे सुरक्षित ठिकाने में से एक गढ़वा के बहेराटोली में सीआरपीएफ के जवानों को तैनात किया गया है। इसी दौरान बूढ़ापहाड़ का टॉप कमांडर में से एक विमल यादव ने आत्मसमर्पण कर दिया। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार इन दोनों कारणों से माओवादी खौफ में है। विमल यादव बूढ़ापहाड़ के इलाके के लिए माओवादियों की रीढ़ था। एक करोड़ के इनामी माओवादी अरविंद की मौत के बाद विमल यादव ने ही बूढ़ापहाड़ की कमान को संभाल रखा था। मिथिलेश मेहता के बूढ़ापहाड़ का इंचार्ज बनाए जाने के बाद विमल यादव को माओवादियों ने डिमोट कर दिया था। मिथिलेश मेहता ने विमल यादव का हथियार और बैग छीन लिया था, जिसके बाद विमल दस्ता छोड़कर भाग गया और आत्मसमर्पण कर दिया। 2013-14 में बूढ़ापहाड़ को माओवादियों ने यूनिफाइड कमांड बनाया है। इसी इलाके से झारखंड बिहार उत्तरी छत्तीसगढ़ स्पेशल एरिया कमिटी में माओवादियों की गतिविधि का संचालन किया जाता है। बूढ़ापहाड़ माओवादियों के लिए सबसे सुरक्षित ठिकाना अब तक रहा है।

Published / 2022-03-04 17:22:18
31 जिलों में भूजल दूषित होने पर मानवाधिकार आयोग ने बिहार सरकार को भेजा नोटिस

टीम एबीएन, पटना। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने बिहार सरकार को एक नोटिस भेजा है। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि यह नोटिस राज्य के 38 में से 31 जिलों में भूजल के रसायनों से दूषित होने की रिपोर्ट्स पर जारी किया गया है। एनएचआरसी ने एक बयान में कहा कि हमने इस संबंध में एक मीडिया रिपोर्ट का स्वत: संज्ञान लिया गया है। इस रिपोर्ट में बिहार आर्थिक सर्वे रिपोर्ट 2021-22 का हवाला दिया गया है जिसको हाल ही में राज्य विधानसभा में पेश की गई है। आयोग ने कहा है कि अगर इस मीडिया रिपोर्ट में दी गई जानकारी सही है तो यह मानवाधिकारों के उल्लंघन का एक गंभीर मुद्दा है। इसने मुख्य सचिव व सचिव, सार्वजनिक स्वास्थ्य इंजीनियरिंग विभाग और बिहार सरकार को नोटिस भेजा है। इस नोटिस पर छह सप्ताह के अंदर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार राज्य के 38 में से 31 जिलों में भूजल आर्सेनिक, फ्लोराइड और अधिक आयरन से दूषित है। इनसे लोग गंभीर बीमारियों का शिकार हो सकते हैं। 31 जिलों में भूजल प्रदूषण की स्थिति बहुत गंभीर : रिपोर्ट के अनुसार इस दूषित भूजल की वजह से लोग लिवर और किडनी से संबंधित गंभीर बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि राज्य के 31 जिलों में ग्रामीण क्षेत्रों में भूजल प्रदूषण की स्थिति अधिक गंभीर हैं। ऐसे जिलों में पीने योग्य पानी उपलब्ध कराने के लिए उठाए गए सुरक्षा उपाय और "हर घर नल-जल" योजना के तहत मानकों को लागू करने की मांग भी की गई है। बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से भी रैंडम सैंपलिंग पर रिपोर्ट मांगी गई है। तीन मार्च को प्रकाशित हुई इस मीडिया रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 30,272 ग्रामीण वार्ड में भूजल रसायनों से दूषित है। 14 जिलों के 4742 वार्ड गंगा नदी के तट पर बसे हुए हैं और यहां पर भूजल मुख्य रूप से आर्सेनिक से दूषित है।

Published / 2022-03-04 03:18:13
भागलपुर : भीषण ब्लास्ट में सात लोगों की मौत, चार घर जमींदोज

टीम एबीएन, बिहार। भागलपुर के ततारपुर थाना क्षेत्र के काजवली चक स्थित एक घर में अचानक ब्लास्ट होने से पूरा इलाका थर्रा गया। गुरूवार करीब रात 11 बजे को हुए इस ब्लास्ट में सात लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि चार घर पूरी तरह जमींदोज हो गए हैं। अभी भी कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। यह ब्लास्ट इतना जबरदस्त था कि इसकी गूंज करीब पांच किमी तक सुनाई पड़ी। घर के अंदर हुए भीषण विस्फोट से पूरे शहर में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम आनन-फानन में मौके पर पहुंची। वहीं जिले के डीएम, एसएसपी और डीआईजी भी घटनास्थल पर पहुंचे। फिलहाल, प्रशासन द्वारा मलबा हटाने का काम जारी है और मलबे की पूरी सफाई होने पर मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। बताया जा रहा है की परिवार के लोगों को पटाखा बनाने का इतिहास रहा है और यह ब्लास्ट भी पटाखा बनाने के दौरान हुआ। इस ब्लास्ट से दो से तीन घर और प्रभावित होने की सूचना है।

Published / 2022-02-28 18:30:22
बिहार में लालू यादव के लिए न्याय रथ यात्रा निकालेंगे तेज प्रताप

टीम एबीएन, पटना। राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेज प्रताप यादव अपने पिता और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के समर्थन में न्याय रथयात्रा की शुरुआत कर रहे हैं। तेज प्रताप इस न्याय रथयात्रा की शुरुआत पटना से कर रहे हैं और अगले कुछ दिनों में न्याय रथ के जरिए पूरे प्रदेश में घूम-घूमकर जनता को यह बताने की कोशिश की जाएगी कि कैसे उनके पिता लालू प्रसाद को चारा घोटाले में फंसाया गया है। तेज प्रताप ने आरोप लगाया है कि चारा घोटाले में भाजपा ने उनके पिता लालू प्रसाद को फंसाया है और वह अब अपने पिता को जेल से बाहर निकालने के लिए न्याय रथयात्रा की शुरुआत कर रहे हैं। तेज प्रताप का कहना है कि लालू ने हमेशा केंद्र सरकार और राज्य सरकार की गलत नीतियों का विरोध किया है और इसी की वजह से उन्हें चारा घोटाले में फंसा दिया गया और फिलहाल लालू जेल में बंद है। तेज प्रताप ने न्याय रथयात्रा का कार्यक्रम जो तय किया है उसके मुताबिक न्याय रथ को हरी झंडी दिखाकर वे अपने आवास से रवाना करेंगे और यह रथ अगले कुछ दिनों में बिहार के सभी जिलों में भ्रमण करेगा और लालू के खिलाफ कथित अन्याय को लेकर जनता को जागरूक करेगा। बता दें कि, 15 फरवरी को झारखंड में दर्ज चारा घोटाले के पांचवें और अंतिम मामले में रांची की विशेष सीबीआई अदालत ने लालू को दोषी करार दिया और फिर 21 फरवरी को कोर्ट ने उन्हें 5 साल की सजा सुनाई। मामले में लालू पर 60 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। सीबीआई की स्पेशल कोर्ट के जज एसके शशि ने यह फैसला सुनाया। लालू के वकील ने बताया कि आगे बेल के लिए अर्जी दी जाएगी। लेकिन बेल नहीं मिलने तक लालू को जेल में ही रहना पड़ेगा।

Published / 2022-02-28 13:19:31
बिहार : अब शराब पीने वाला नहीं, पिलाने वाला जायेगा जेल...

टीम एबीएन, पटना। बिहार में अब शराब पीने वाले को पकड़े जाने पर जेल नहीं जाना पड़ेगा। नीतीश सरकार ने राज्य में शराबबंदी के बीच बड़ा फैसला लिया है। हालांकि, इसमें कुछ शर्तें रखी गई हैं। अगर कोई व्यक्ति शराब पीते हुए पकड़ा जाता है तो उसे शराब माफिया की जानकारी पुलिस को देनी होगी। अगर जानकारी सही मिलेगी और माफिया की गिरफ्तारी हो जाती है तो शराब पीने वाले को जेल नहीं जाना होगा। उसे छोड़ दिया जायेगा। सोमवार को हुई बैठक में राज्य की जेलों में बढ़ रहे शराबियों की संख्या को देखकर यह फैसला लिया गया है। इसमें बिहार पुलिस और पुलिस और मद्य निषेध विभाग को विशेष अधिकार दिया गया है। उत्पाद विभाग के ज्वाइंट सेक्रेट्री कृष्ण कुमार ने कहा कि जो लोगों को शराब उपलब्ध करा रहे हैं, हमारा फोकस उन पर है। ऐसा करने से शराब माफियाओं की कमर टूट जाएगी, जिसका सीधा फायदा सरकार को मिलेगा। नवंबर, 2021 में राज्य सरकार की ओर से एक आंकड़ा जारी किया था, जिसने सबको चौका दिया था। आंकड़े के अनुसार जनवरी 2021 से अक्टूबर 2021 तक तक विशेष छापेमारी कर प्रदेश के जिलों में 49 हजार 900 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी, जिनमें शराबी और शराब तस्कर शामिल थे। इस दौरान 38 लाख 72 हजार 645 लीटर अवैध शराब को जब्त किया गया था। अदालतों पर भी बढ़ रहा था बोझ : जेलों के साथ ही राज्य की अदालतों में भी शराबबंदी के मामलों का बोझ बढ़ गया था। यह मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा तो सुप्रीम कोर्ट ने जमानत याचिकाओं के लगे अंबार पर चिंता जाहिर की थी। इस मामले में अगली सुनवाई 8 मार्च को होनी है लेकिन इससे पहले ही बिहार सरकार ने यह फैसला ले लिया।

Published / 2022-02-27 17:08:12
यूक्रेन से लौटने वालों की यात्रा का खर्च उठायेगी बिहार सरकार

टीम एबीएन, पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि उनकी सरकार युद्धग्रस्त यूक्रेन से निकालकर भारत लाए जाने वाले राज्य के लोगों की यात्रा का खर्च उठाएगी। इन लोगों के शनिवार को भारत पहुंचने की उम्मीद है। कुमार ने शुक्रवार देर रात को इस संबंध में घोषणा की। उन्होंने यूक्रेन में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए विशेष उड़ानों की व्यवस्था करने पर केंद्र का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें मालूम चला है कि ऐसी प्रत्येक उड़ान दिल्ली और मुंबई पहुंचेगी तथा राज्य सरकार बिहार के लोगों की यात्रा का खर्च वहन करेगी। राज्य के विभिन्न हिस्सों से खबरें आ रही हैं कि माता-पिता यूक्रेन से अपने बच्चों की वापसी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

Published / 2022-02-27 16:44:44
पूर्व सीएम जीतन राम मांझी पटना के मेदांता में भर्ती

टीम एबीएन, पटना। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी की रविवार को अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें तत्काल पटना के मेदांता अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। ऐसी चर्चा है कि जीतन राम मांझी को एमआरआई जांच में माइल्ड ब्रेन स्ट्रोक की आशंका जाहिर की गई थी। हालांकि उनकी स्थिति चिंताजनक नहीं है। वो होश में हैं। हम के प्रवक्ता दानिश रिजवान ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री की हालत में सुधार है, अब चिंता करने की बात नहीं है। उन्होंने माइल्ड ब्रेन स्ट्रोक की बात को खारिज करते हुए कहा कि जीतन राम मांझी का शुगर लेवल कम हो गया है, इस वजह से वो असामान्य महसूस कर रहे थे। इसके बाद उनको फौरन अस्पताल ले जाया गया। मांझी होश में हैं और बातचीत कर रहे हैं। हालांकि, डाक्टरों ने उन्हें आराम करने को कहा है। रिजवान ने कहा कि मांझी के स्वास्थ्य को लेकर कुछ भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि मांझी एक दिन पहले भी मेदांता अस्पताल गए थे और अपना ब्लड शुगर लेवल की जांच करवाई थी। रविवार को वो फुल बाडी चेकअप के लिए फिर से मेदांता अस्पताल गए हैं। वो समय-समय पर अपनी जांच करवाते रहे हैं। यहां तक की कई बार दिल्ली जाकर भी उन्होंने जांच करवाई है। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक जीतन राम मांझी चेहरे पर लकवा का हल्का असर होने की शिकायत लेकर शनिवार की शाम को अस्पताल में भर्ती हुए थे। उन्हें आइसीयू में एडमिट कर जांच और इलाज शुरू किया गया था। जांच रिपोर्ट सामान्य रहने पर रविवार की शाम तक उनको अस्पताल से छुट्टी मिल सकती है।

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