टीम एबीएन, पटना। बिहार में जेडीयू और बीजेपी के बीच जुबानी जंग जारी है। इसी कड़ी में शनिवार को जेडीयू ने एक बार फिर जोरदार ढंग से बिहार में जातीय जनगणना कराने की मांग उठाई है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह और वरिष्ठ नेता उपेंद्र कुशवाहा ने एक सुर में कहा कि हम कभी भी नेतृत्व से समझौता नहीं करेंगे। हम सब के नेता नीतीश कुमार हैं और आगे भी रहेंगे। नीतीश कुमार किसी की कृपा पर नहीं बल्कि जनता के आशीर्वाद से मुख्यमंत्री बने हैं। बता दें कि शुक्रवार को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल ने कहा था कि 2020 के विधानसभा चुनाव के वक्त ही यह तय हो गया था कि हमारे एनडीए गठबंधन में नीतीश कुमार हमारे मुख्यमंत्री रहेंगे। 2025 तक नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री रहेंगे। उन्होंने कहा कि आज कोई व्यक्ति 2025 के बाद की बात कर रहा है, जो कि अभी गठबंधन किन-किन दलों का और कैसे हम आगे की रूपरेखा बनाएंगे यह तय नहीं है। संजय जायसवाल ने कहा कि उपेन्द्र कुशवाहा आज तक एक दल में पांच साल नहीं रहे हैं, इसलिए पहले वह वादा करें कि 2025 के बाद भी वह जदयू में ही, एनडीए में ही रहेंगे तथा नीतीश जी को ही नेता मानेंगे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। हाल ही में संपन्न हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में से चार- यूपी, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में प्रचंड जीत हासिल करने वाली भारतीय जनता पार्टी को एक महीने बाद ही बिहार से भी बड़ी खुशखबरी मिली है। बिहार में गुरुवार को 24 सीटों के लिए हुए विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) चुनाव के नतीजे घोषित किए गए, जिसमें भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए ने 24 में से 13 सीटों पर जीत हासिल की। हालांकि इस चुनाव में नीतीश कुमार की जेडीयू को झटका लगा है और आरजेडी ने उससे ज्यादा सीटों पर जीत दर्ज की है। चुनाव आयोग ने गुरुवार को बिहार विधान परिषद की 24 सीटों पर हुए चुनाव के नतीजों का ऐलान किया। इन 24 सीटों में से 13 सीटों पर एनडीए ने जीत दर्ज की, जबकि 6 सीटों पर राष्ट्रीय जनता दल के प्रत्याशी जीते। एनडीए के खाते में गई एमएलसी की 13 सीटों में से 7 सीटें भाजपा, 5 सीटें जेडीयू और एक सीट पशुपति कुमार पारस के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी को मिली है। हालांकि एमएलसी के इस चुनाव में आरजेडी ने जेडीयू से एक सीट ज्यादा हासिल करते हुए नीतीश कुमार झटका दिया है। चुनाव आयोग की तरफ से जारी नतीजों के मुताबिक, एमएलसी की चार सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है। वहीं, हाल ही में पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में हारी कांग्रेस का प्रदर्शन इस चुनाव में भी खराब रहा और उसे महज एक सीट पर ही जीत मिली। एमएलसी चुनाव के लिए एनडीए में हुए सीटों के बंटवारे के तहत भाजपा को 12, जेडीयू को 11 और राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी को चुनाव लड़ने के लिए 1 सीट दी गई थी। बिहार चुनाव में जातियों का फैक्टर सबसे ज्यादा हावी रहता है, जो इस एमएलसी चुनाव में भी साफ दिखाई दिया। चुनाव आयोग के नतीजों के मुताबिक, बिहार एमएलसी चुनाव में भूमिहार और राजपूत जातियों के उम्मीदवारों ने सबसे ज्यादा सीटें हासिल की हैं। कुल 24 सीटों के लिए हुए चुनाव में 6 सीटों पर राजपूत और 6 सीटों पर भूमिहार जाति के उम्मीदवार जीते हैं। एमएलसी की जिन सीटों पर राजपूत जाति के उम्मीदवारों को जीत मिली है, उनमें औरंगाबाद, रोहतास, भागलपुर, पूर्वी चंपारण, सहरसा और मुजफ्फरपुर शामिल है। वहीं, भूमिहार जाति के उम्मीदवारों में पटना सीट से आरजेडी के कार्तिकेय कुमार, गोपालगंज से भाजपा के राजीव कुमार और बेगुसराय सीट से कांग्रेस के राजीव कुमार जीते हैं। इनके अलावा वैशाली, नवादा, नालंदा, मधुबनी और गया सीटों पर यादव जाति के उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है। चुनाव आयोग से मिली जानकारी के मुताबिक, 6 सीटों पर वैश्य समुदाय के उम्मीदवारों को जीत मिली है। वहीं, 24 सीटों के लिए हुए एमएलसी चुनाव में मुस्लिम या दलित समुदाय के एक भी उम्मीदवार को जीत नहीं मिली है। इस चुनाव में कांग्रेस को हालांकि एक ही सीट पर जीत मिली है, लेकिन पार्टी के लिए एक बड़ी बात यह है कि उसके उम्मीदवार ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के गढ़ बेगुसराय में जीत हासिल की है।
टीम एबीएन, पटना। बिहार सरकार ने मिथिला की प्रसिद्ध रोहू मछली को जियोग्राफिकल इंडिकेशन (जीआई) टैग दिलाने की कवायद तेज कर दी है। एक अधिकारी ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार ने इस संबंध में केंद्र सरकार से संपर्क करने का फैसला किया है। राज्य मत्स्य पालन विभाग के निदेशक निशात अहमद ने कहा कि राज्य सरकार ने मिथिला क्षेत्र की रोहू मछली पर अध्ययन करने व एक रिपोर्ट तैयार करने के लिए दो विशेषज्ञों को काम पर लगाया है। अहमद ने कहा, मिथिला क्षेत्र में खास तौर पर दरभंगा और मधुबनी में पाई जाने वाली रोहू मछली को अपने स्वाद के लिए जाना जाता है। हमने इस मछली पर अध्ययन करने के लिए और एक रिपोर्ट तैयार करने के लिए नियुक्त किया है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद हम केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय से संपर्क करेंगे और इसे जीआई टैग प्रदान करने का अनुरोध करेंगे। मिथिला क्षेत्र में बिहार व झारखंड के हिस्से और नेपाल के पूर्वी तराई के जिले आते हैं। निशात अहमद ने आगे कहा कि हमें इस बात की पूरी उम्मीद है कि इस क्षेत्र की रोहू मछली को निश्चित तौर पर जीआई टैग मिल जाएगा। इससे इस क्षेत्र में रोहू मछली पालन के काम में लगे लोगों को लाभ होगा, उन्हें वैश्विक बाजार और एक नई पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि इसका उनकी आय पर सीधा असर देखने को मिलेगा। बता दें कि एक जीआई टैग किसी उत्पाद की पहचान किसी विशेष क्षेत्र से उत्पन्न होने वाले उत्पाद के रूप में करता है। बिहार के इन उत्पादों को मिल चुका है जीआई टैग : ज्योग्राफिकल इंडिकेशन रजिस्ट्री ने हाल ही में एक याचिका को स्वीकार किया है जिसमें बिहार मखाना का नाम बदलकर मिथिला मखाना करने का प्रस्ताव रखा गया है। अभी तक बिहार के कतरनी चावल, जरदारू आम, शाही लीची और मगही पान को जीआई टैग मिल चुका है।
टीम एबीएन, पटना। बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने शराबबन्दी को लेकर एक बार फिर से अजीबोगरीब बयान दिया है। बुधवार को विधानसभा में लाया गया शराबबंदी संशोधन विधेयक पारित हो गया जिसमें पहली बार शराब पीने पर किसी को पकड़े जाने पर जुर्माना देकर छोड़ा जा सकता है। विधान सभा में शराबबन्दी पर लाये गए संशोधन विधेयक पर जहां खूब हंगामा हुआ तो वहीं विधान परिषद के भीतर शराबबन्दी पर चर्चा के दौरान सीएम नीतीश कुमार खड़े हुए और बड़ी बात कह डाली। नीतीश कुमार ने कहा कि जो लोग शराब का सेवन करते हैं और बापू की भावनाओं को नहीं मानते, उनको मैं हिंदुस्तानी मानता ही नहीं हूं। नीतीश कुमार ने कहा कि ऐसा करने वाले व्यक्ति महाअयोग्य और महापापी भी हैं। शराब का सेवन कहीं से अच्छा नहीं है, जो लोग यह तर्क देते हैं कि शराबबन्दी होने से राजस्व का नुकसान हो रहा है वो गलत है। सीएम ने कहा कि पहले जब बिहार में शराब की बिक्री होती थी तो 5 हजार करोड़ रु राजस्व आता था पर शराबबंदी होने के बाद लोगों को बहुत फायदा पंहुचा है। सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि अब लोग जो पैसा शराब पीने में ख़र्च करते थे वो अब सब्जी खरीदने में खर्च करते हैं। नीतीश कुमार ने विधान परिषद में कहा कि शराबबन्दी के बाद सब्जी की बिक्री बढ़ गई है अब लोग सब्जी घर लेकर आते हैं, स्वस्थ्य हैं। नीतीश कुमार द्वारा शराब पीने वाले और बापू की विचारधारा को नहीं मानने वाले को हिंदुस्तानी नहीं मानने और महापापी कहे जाने पर राजद नेता शिवानंद तिवारी ने तंज कसा है।
टीम एबीएन, पटना। बिहार के मोतिहारी से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां श्री कृष्ण नगर स्थित एक घर में दो बम धमाका हुआ। घटना की सूचना के बाद एसपी डॉ कुमार आशीष और सदर डीएसपी अरुण कुमार गुप्ता ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। पुलिस ने घर से 5 जिंदा बम सहित दो कारतूस बरामद किए हैं। वहीं, घर में किराए पर रहने वाला एक युवक फरार है। गनीमत ये रही कि इस बम धमाके में कोई हताहत नहीं हुआ। बताया जाता है कि नगर थाना क्षेत्र के अगरवा श्रीकृष्ण नगर मोहल्ले में ये बम विस्फोट हुआ है। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत फैल गई है। बम विस्फोट की जानकारी मिलने पर एसपी डॉ कुमार आशीष और सदर डीएसपी अरुण कुमार गुप्ता के साथ बड़ी संख्या पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस घटना की जांच में जुट गई है। घटनास्थल से पुलिस ने पांच जिंदा बम और दो कारतूस भी बरामद किया। विस्फोट के बाद मकान में किराए रहने वाला युवक बैलून फुटने की बात कहते हुए वहां से फरार हो गया। जानाकरी के मुताबिक जिस घर में ये धमाका हुआ है, वो वसंत सिंह नाम के व्यक्ति का नवनिर्मित मकान है। जिसके फर्स्ट फ्लोर पर एक परिवार रहता है और दूसरे फ्लोर पर आरोपी युवक किराया पर रहता था। दोपहर बाद छत पर बहुत तेज आवाज होने पर मोहल्ले वालों को सिलेंडर ब्लास्ट की आशंका हुई। लोग दौड़कर आए, तो युवक बैलून फूटने की बात कहकर घर से निकला और भाग खड़ा हुआ। लेकिन मोहल्ले वालों को शक होने लगा और तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो विस्फोट होने की बात सामने आई। वहीं, फरार युवक की पहचान चकिया के रहने वाले विकास यादव के रुप में हुई है। घटनास्थल से जोमैटो कम्पनी का एक कैरी बैग भी मिला है। पुलिस जोमैटो से भी संपर्क करने का प्रयास कर रही है। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने युवक के कमरे की तलाशी ली, तो कमरे से पांच जिंदा सुतली बम मिला। इसके अलावा दो कारतूस भी बरामद हुए। कमरा की तलाशी में एक पुर्जे पर युवक का नाम लिखा मिला। जिससे उसकी पहचान हुई। पुलिस ने बरामद बम को पानी भरे बाल्टी में रखा। घटनास्थल पर पहुंचे एसपी डॉ कुमार आशीष ने बताया कि दो विस्फोट होने की सूचना मिली है। युवक की पहचान भी हो गई है। जल्द ही घटना का उद्भेदन कर दिया जाएगा।
टीम एबीएन, पटना। बिहार की राजधानी पटना में बेखौफ अपराधियों ने एक और बड़ी घटना को अंजाम दिया है। सोमवार को देर रात करीब साढ़े नौ बजे दानापुर नगर परिषद के उपाध्यक्ष सह जदयू के प्रदेश सचिव दीपक कुमार मेहता की गोली मारकर हत्या कर दी गयी। यह घटना दानापुर थानांतर्गत नासरीगंज मिथिला कॉलोनी मोड़ के समीप स्थित दीपक के घर के मेन गेट पर हुई। इस वारदात के बाद स्थानीय लोगों ने जमकर बवाल काटा। नासरीगंज पुलिस चौकी में तोड़फोड़ भी की गयी। आक्रोशित लोगों ने दानापुर-गांधी मैदान मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। इस घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस को भी आक्रोशित लोगों ने खदेड़ दिया। स्थिति बिगड़ते देख इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गयी। दीपक कुमार मेहता की हत्या के चलते देर रात इलाके में तनाव की स्थिति बनी रही। पुलिस सभी एंगल से इस मामले की जांच में जुट गयी है। पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि यह घटना जमीन संबंधी विवाद, चुनावी रंजिश या अन्य किसी कारण से घटी है। हत्या की इस वारदात के बाद पुलिस सीसीटीवी कैमरे के फुटेज को खंगाल रही है। बताया जाता है कि रात करीब साढ़े नौ बजे दीपक खाना खाकर अपने आवास के कैंपस में टहल रहे थे। तभी एक हाईवा से बालू आया। इसके लिए उन्होंने गेट खुलवया। हाईवा के अंदर जाने के दौरान ही दो बाइकों पर सवार चार-पांच अपराधी आ धमके। दीपक जब तक कुछ समझ पाते, एक अपराधी ने उन पर कई राउंड फायरिंग कर दी। गोली दीपक के सिर और सीने में लगी जिससे वे वहीं पर गिर पड़े।
टीम एबीएन, पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर बख्तियारपुर में हमला हुआ है। एक शख्स ने उनके ऊपर मुक्का चलाया। हालांकि सीएम को चोट नहीं लगी। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। बताया जा रहा है कि युवक मानसिक रूप से विक्षिप्त है। सीएम अपने निजी कार्यक्रम के तहत निजी कार्यक्रम के तहत बख्तियारपुर गए थे। जब बख्तियारपुर बाजार से होकर गुजर रहा था, तभी सड़क किनारे खड़े लोगों की भीड़ को देखकर सीएम ने अपनी गाड़ी रुकवा दी। इसके बाद वे नीचे उतर कर उन लोगों से मिलने लगे। इसी दौरान एक शख्स ने उन्हें मुक्का मारने की कोशिश की। सीएम को मारा मुक्का : बताया जा रहा है कि रविवार को सीएम नीतीश कुमार का काफिला बख्तियारपुर बाजार से होकर गुजर रहा था, तभी सड़क किनारे खड़े लोगों की भीड़ को उनके लिए नारे लगाता देखकर उन्होंने अपनी गाड़ी रुकवा दी और वो नीचे उतरकर लोगों से मिलने लगे। इसी दौरान युवक जबरदस्ती मुख्यमंत्री के पास जाने की कोशिश कर रहा था। उसने सीएम पर मुक्का चला दिया। हालांकि सीएम की सुरक्षा में तैनात जवानों ने फौरन उस शख्स को पकड़ लिया। सीएम नीतीश कुमार पर हमले की घटना के बाद हड़कंप मच गया। मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात जवानों ने फौरन उस सिरफिरे शख्स को पकड़ लिया। सुरक्षाकर्मियों ने आरोपी युवक को स्थानीय पुलिस को सौंप दिया है। बताया जा रहा है कि आरोपी युवक मानसिक रूप से विक्षिप्त है। बताते चलें कि सीएम इन दिनों जन संवाद यात्रा पर हैं और बाढ़ संसदीय क्षेत्र के कार्यकर्ताओं से रूबरू हो रहे हैं। शनिवार को धनरूआ के ससौना गांव में पहुंचे। जहां पर हजारों की संख्या में कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। उन्होंने उनकी समस्याओं को सुना इस दौरान कई महिलाओं ने शराबबंदी पर सवाल उठाए। महिलाओं ने उन्हें बताया कि स्थानीय थाना पदाधिकारी उनकी बात नहीं सुनते हैं। गांव-गांव में शराब की बिक्री हो रही है। जनसंवाद यात्रा के दौरान कई लोगों ने जमीन से संबंधित वाद विवाद के निपटारे में आ रही समस्या के बारे में बताया। कई लोगों ने पैक्स में धांधली के बारे में बताया। वहीं, कई लोगों ने धनरूआ के साई खेल मैदान में स्टेडियम, केंद्रीय विद्यालय और शहादत नगर में शहीद के नाम पर सड़क बनाने के अलावा कई सड़कों को पीडब्ल्यूडी से बनाने की मांग की है।
टीम एबीएन, पटना। सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। बिहार सरकार आने वाले समय में पुलिस विभाग के अंतर्गत एक लाख भर्तियां करेगी। इस बात की सूचना बिहार के पुलिस महानिदेशक एसके सिंघल ने बिहार चैंबर आॅफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दी। उन्होंने कहा कि पुलिस महकमे में भी गलत लोग मौजूद है। आगामी समय में प्रशासनिक तंत्र में सुधार करने के लिए बड़ें स्तर पर भर्तियां की जाएगी। ट्रैफिक समस्या के लिए आइजी रैंक का सृजन : राज्य में ट्रैफिक की समस्या से निपटने के लिए पुलिस विभाग में आईजी रैंक का सृजन किया गया है। बताया गया है कि विभाग में आधुनिकिकरण का कार्य जारी है। जल्द ही परिवर्तन और सुधार देखने को मिलेगा। राज्य में अगले तीन महीने में इमरजेंसी रिस्पॉन्ड सपोर्ट सिस्टम का संचालन शुरू हो जाएगा। इसके अलावा 112 (इमरजेंसी रिस्पॉन्ड) नंबर को शुरू किया जाएगा और 400 आधुनिक तकनीक वाले वाहन भी लिए जाएंगे। राज्य के सभी पुलिस थाने को सीसीटीवी से लैस किया जाएगा। नितिश कुमार भी कर चुके चर्चा : बिहार के सीएम नितिश कुमार ने भी बीते माह पुलिस सप्ताह समापन कार्यक्रम के दौरान इतनी बड़ी संख्या में भर्ती के संकेत दिए थे। उन्होंने कहा था कि राज्य में प्रति एक लाख की आबादी पर 170 पुलिसकर्मियों की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए सीएम नितिश कुमार ने चयन प्रक्रिया में तेजी लाने के भी निर्देश जारी किए थे।
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