टीम एबीएन, पटना/रांची। बिहार में नई सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रोजगार को लेकर बड़ा ऐलान किया है। दरअसल, तेजस्वी यादव ने वादा किया था कि अगर वह मुख्यमंत्री बनते हैं तो सरकार बनते ही वह 10 लाख लोगों को रोजगार देंगे। प्रदेश का उपमुख्यमंत्री बनने के बाद उनके इस दावे को लेकर लोग सवाल खड़े कर रहे थे। लेकिन अब प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव से आगे बढ़ते हुए राज्य में 10 लाख नहीं बल्कि 20 लाख नौकरी देने का वादा किया है। उन्होंने कहा कि हम इस दिशा में काम करेंगे कि नौजवानों को 20 लाख रोजगार प्रदान करें। गौर करने वाली बात है कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर नीतीश कुमार ने पटना स्थित गांधी मैदान में तिरंगा फहराया। इस दौरान लोगों को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि हम 10 लाख नौकरियों के बाद 10 लाख रोजगार अन्य माध्यमों से मुहैया कराएंगे। नीतीश कुमार ने कहा कि हम प्रदेश में बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार दिए जाएंगे। हमारा कंसेप्ट है कि हम 10 लाख लोगों को रोजगार दें। इसके साथ ही हम प्रदेश के बच्चों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेंगे जिससे कि उन्हें रोजगार मिल सके। सरकारी और गैर सरकारी दोनों ही क्षेत्रों में रोजगार के अवसर को बढ़ाना हमारा लक्ष्य है। हमारा मानना है कि हम इसे 20 लाख तक पहुंचाएंगे। इस दिशा में हम काम करेंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस ऐलान का समर्थन करते हुए तेजस्वी यादव ने इसे ऐतिहासिक ऐलान करार दिया। उन्होंने कहा कि अभिभावक आदरणीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का 76वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पटना के गांधी मैदान से ऐतिहासिक ऐलान, 10 लाख नौकरियों के बाद 10 लाख अतिरिक्त नौकरियां दूसरी अन्य व्यवस्थाओं से भी दी जाएगी। जज़्बा है बिहारी, जुनून है बिहार, उत्तम बिहार का सपना करना है साकार। बता दें कि नीतीश कुमार ने 2020 के विधानसभा चुनाव के दौरान कहा था कि अगर हमारी सरकार बनती है तो हम 10 लाख नौकरियां देंगे। जिसपर सफाई देते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि हमने जो 10 लाख का वादा किया था हम उसे पूरा करेंगे, हम अभी उपमुख्यमंत्री हैं, लेकिन हमने मुख्यमंत्री से इसपर चर्चा की है और वह इसको लेकर गंभीर हैं।
टीम एबीएन, पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज 76वें स्वतंत्रता दिवस पर राज्यवासियों एवं देशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। नीतीश कुमार ने स्वतंत्रता संग्राम में आहूति देने वाले तमाम वीर सपूतों एवं स्वतंत्रता संग्राम के तमाम सेनानियों को नमन करते हुए कहा कि उनकी शहादत और कुर्बानियां अमर है। उनके संघर्ष और कुर्बानी के कारण ही हम सब को आजादी का यह महान तोहफा मिल पाया है। उन्होंने राज्य एवं देशवासियों से अपील की है कि वे आपसी भाईचारा, मेल-जोल, सछ्वाव, सहिष्णुता का वातावरण बनाए रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आजादी को अक्षुण्ण रखने के लिए आज के दिन हम सब यह संकल्प लें कि हम अपनी एकता और अखण्डता को बनाए रखेंगे और देश को प्रगति, समृद्धि एवं विकास की नई ऊंचाई पर पहुंचाएंगे और देश का नाम दुनिया में रोशन करते रहेंगे।
टीम एबीएन, पटना। बिहार में 15 अगस्त के बाद नीतीश मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है। दरअसल, नीतीश कुमार ने एनडीए से नाता तोड़ कर महागठबंधन की सरकार के गठन के लिए राजद के साथ हाथ मिलाने के बाद रिकॉर्ड आठवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उधर, राजद और जदयू के साथ महागठबंधन की बनने के बाद विधानमंडल में भाजपा का नेतृत्व करने वाले नेता के नाम को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। बिहार विधानमंडल में BJP विधायक दल के नेता को लेकर अटकलें तेज : बिहार में राजद और जदयू के साथ महागठबंधन की बनने के बाद विधानमंडल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का नेतृत्व करने वाले नेता के नाम को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। नीतीश कुमार ने 10 अगस्त को महागठबंधन के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली है। तेजस्वी यादव उपमुख्यमंत्री बन गए हैं। बिहार में 16 अगस्त को हो सकता है नीतीश मंत्रिमंडल का विस्तार : जनता दल (यूनाइटेड) नेता नीतीश कुमार ने बुधवार को आठवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। इसके बाद नीतीश कुमार ने बिहार कैबिनेट के विस्तार को लेकर बड़ी जानकारी दी है। नीतीश कुमार ने बताया कि बिहार मंत्रिमंडल का विस्तार 16 अगस्त को किया जायेगा। नीतीश कुमार का सुशील मोदी पर पलटवार : बिहार हार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज कहा कि यदि उनके खिलाफ बोलकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता सुशील कुमार मोदी पार्टी में कुछ बन जाते हैं तो बोलते रहें, इससे उन्हें फर्क नहीं पड़ता। नीतीश विपक्ष के उन नेताओं में हैं, जो कर सकते हैं मोदी का मुकाबला : शत्रुघ्न सिन्हा- तृणमूल कांग्रेस सांसद और जानेमाने अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा ने बुधवार को कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, ममता बनर्जी और कुछ उन नेताओं के साथ अग्रिम पंक्ति में हैं, जो 2024 के लोकसभा चुनाव में "मोदी राज" को खत्म करने के लिए विपक्ष की अगुवाई कर सकते हैं। महागठबंधन के विधायकों की मांग- विधानसभा अध्यक्ष को तत्काल हटाया जाए नीतीश कुमार के रिकॉर्ड आठवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने और तेजस्वी यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और अन्य पार्टियों के साथ मिलकर सरकार बनाने के बीच महागठबंधन के विधायकों ने बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा को तत्काल हटाए जाने की मांग की।
टीम एबीएन, छपरा/पटना। शराबबंदी वाले बिहार में एक बार फिर से जहरीली शराब ने कहर बरपाया है। शराब पीने से पिछले 24 घंटे में 5 लोगों की संदिग्ध मौत होने का मामला सामने आया है। शराब पीने से 2 लोग गंभीर रूप से बीमार पड़ गए हैं, जिनका इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है। स्थानीय पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर उन्हें पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। अगस्त के शुरुआत में भी जिले में जहरीली शराब पीने से दर्जन भर लोगों की मौत हो गई थी। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने उस वक्त सख्त कार्रवाई करने की बात कही थी, लेकिन कुछ दिनों के बाद ही एक बार फिर से शराब पीने से 5 लोगों की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, मृतकों के परिजनों ने शराब पीने की पुष्टि की है। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। शराब पीने से मौत का यह मामला गरखा थाना क्षेत्र के भुआलपुर गांव की बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि सभी लोगों ने गुरुवार को मुचकनपुर के पास अवैध शराब बेचने वाले से दारू खरीदी थी। शराब का सेवन करते ही एक-एक कर सबकी तबीयत बिगड़ गई। पिछले 24 घंटे में जहरीली शराब का सेवन करने वाले 5 लोगों की मौत हो गई। एक ही गांव में 5 लोगों की मौत के बाद स्थानीय प्रशासन हरकत में आया। सभी शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए छपरा सदर अस्पताल लाया गया है। पोस्टमॉर्टम के बाद असली वजह स्पष्ट हो सकेगी।
टीम एबीएन, पटना। बिहार में नीतीश कुमार आज फिर से सीएम के पद की शपथ लेंगे। नीतीश कुमार के साथ तेजस्वी यादव भी डिप्टी सीएम के तौर पर शपथ लेंगे। इस बीच महागठबंधन की सरकार के नए स्वरूप पर जोरों की चर्चा चल रही है। सवाल यही है कि आखिरकार नई सरकार में विभागों का खाका क्या होगा? अनुमान जताया जा रहा है कि भाजपा कोटे का सारा विभाग राजद और कांग्रेस के खाते में जा सकता है। जदयू के पास एक दर्जन विभागों का जिम्मा पहले की भांति रह सकता है जिसमें एक मंत्री जीतन राम मांझी के हम के भी शामिल होंगे। यह तय माना जा रहा है कि विधानसभा अध्यक्ष का पद फिर से जदयू के खाते में चला जायेगा। मौजूदा समय में विधानसभा उपाध्यक्ष का पद जदयू के महेश्वर हजारी के पास है, ऐसे में संभावना इस बात की है कि उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल करने के बाद कुछ दिनों के बाद विधानसभा उपाध्यक्ष का पद राजद के कोटे में चला जायेगा। राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा है कि राजद और कांग्रेस के विधायकों की संख्या एक साथ जोड़ दी जाए तब राजद को 17 मंत्री पद मिल सकता है जबकि कांग्रेस को तीन पद पर संतोष करना पड़ेगा। पहले भी जब महागठबंधन की सरकार बिहार में थी तब भी लगभग इसी फार्मूले के तहत मंत्रिमंडल का गठन किया गया था। सामान्य प्रशासन और पुलिस विभाग को लेकर मंगलवार को सबसे ज्यादा चर्चा होती रही। पूरे दिन यह बात सामने आई कि राजद गृह विभाग चाह रहा है, जबकि गृह विभाग मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास है। ऐसे में इस पर अंतिम सहमति कैसे बनी है, इस बात का खुलासा नहीं हो पाया है। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि बड़े काम वाले महकमें राजद को मिल सकते हैं, जैसे पथ निर्माण विभाग मुख्य रूप से इसमें शामिल है। मौजूदा समय में यह भाजपा के पास था। महागठबंधन की सरकार के समय भी उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पथ निर्माण विभाग का कामकाज देख रहे थे। भाजपा के पास जिन विभागों का जिम्मा था वह राजद और कांग्रेस को मिल सकता है। इसमें स्वास्थ्य, पथ निर्माण विभाग, भवन निर्माण, पशु एवं मत्स्य संसाधन, कृषि, वित्त, श्रम संसाधन, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, सूचना प्रौद्योगिकी, नगर विकास उद्योग विभाग, पंचायती राज विभाग, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन, पर्यटन विभाग, कला संस्कृति एवं भूतत्व, आपदा प्रबंधन, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण, राजस्व एवं भूमि सुधार और गन्ना उद्योग विभाग शामिल हैं। जदयू के पास जिन विभागों के रहने की संभावना जताई जा रही है। उन विभागों में शिक्षा, योजना एवं विकास, ऊर्जा, परिवहन, ग्रामीण विकास, समाज कल्याण, सूचना एवं जनसंपर्क, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन, ग्रामीण कार्य और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग शामिल हैं।
त्वरित टिप्पणी (एबीएन न्यूज 24 डॉट कॉम के लिए बासुकीनाथ पाण्डेय)। सचमुच बिहार बिहार में बहार है। राज्य की राजनीति कब- किधर पलट जायेगी, ये अनुमान लगाना मुश्किल होता है। खासकर पिछले कुछ वर्षों की तो बात ही अलग है। बिहार की राजनीति के मुख्य धुरी नीतिश कुमार ने एक बार फिर पलटवार कर दिया है। भाजपा से तनातनी के बीच उन्होंने राजद के महागठबंधन के साथ जाने का निर्णय ले लिया है। सात बार बिहार के मुख्यमंत्री पद पर रहे नीतिश ने एक बार फिर राजनीतिक चतुराई दिखाते हुए भाजपा को ही ‘आॅपरेशन सत्ता’ में परास्त कर दिया है। महाराष्टÑ और कर्नाटक सहित अन्य राज्यों में जिस प्रकार भारतीय जनता पार्टी क्षेत्रीय दलों को तोड़ रही थी, वही फार्मूला बिहार में भी चर्चा में था। लेकिन यहां तो उलटा हो गया। बिहार में भाजपा पूरी ताकत से नीतिश कुमार को नकार रही थी। विधानसभा चुनाव हो या लोक सभा की बात तल्खी बढ़ती गयी। विधानसभा चुनाव में चिराग फैक्टर ने इस बात को हवा दी कि लोजपा को भाजपा ने ही नीतिश को कमजोर करने के लिये बढ़ावा दिया। वहीं लोकसभा चुनाव के बाद मात्र एक मंत्री पद देकर भी भाजपा ने एक गहरी चाल चल दी। जिस आजादी के लिये नीतिश कुमार ने राजद का साथ छोड़ दिया था, वह कठिनाई फिर से भाजपा की ओर से सामने आ रही थी। पूरे देश में क्षेत्रीय दलों को समाप्त करने की बात पटना में कहकर भाजपा ने जले पर नमक छिड़क दिया। वैसे भी जिन स्थितियों में नीतिश कुमार राजद से अलग हुए थे, वह स्पष्ट नहीं था। लेकिन खनिज विभाग में भ्रष्टाचार की चर्चा हुई थी। अब यह विषय नीतिश के अभिमान से छोटा पड़ गया। अगर वे और अधिक दिनों तक भाजपा के साथ रहते, तो निश्चिय ही उनका कुनबा समाप्त हो सकता था। साथ ही जदयू में भाजपा ने तोड़-फोड़ के प्रयास शुरू किये थे, जिसकी सूचना सार्वजनिक होने की बात भी कही जा रही है। लेकिन 200 सीटों पर चुनाव लड़ने की जेपी नड्डा की घोषणा और अमित शाह की क्षेत्रीय पार्टियों को समाप्त करने की बात ने नीतिश को पलटवार करने के लिये मजबूर कर दिया और अब बिहार में सशक्त महागठवंधन की सरकार बनने जा रही है। (एडिटर एबीएनन्यूज24 डॉट कॉम)
टीम एबीएन, पटना। बिहार में भाजपा और जदयू का गठबंधन टूट गया है। सीएम नीतीश शाम चार बजे राज्यपाल फागू चौहान से मुलाकात करेंगे। वहीं इससे पहले जेडीयू की आज हुई बैठक में पार्टी के सभी विधायकों और सांसदों ने सीएम नीतीश कुमार के फैसले का समर्थन किया और कहा कि वे उनके साथ हैं। उन्होंने कहा कि वे हमेशा उनके साथ रहेंगे, जो कुछ भी वह तय करेंगे। बिहार की राजनीति में बड़े उलटफेर की खबर आ रही है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बिहार में भाजपा और जेडीयू का गठबंधन टूट गया है। हालांकि अभी आधिकारिक एलान अभी बाकी है। वहीं नीतीश कुमार चार बजे राज्यपाल फागू चौहान से मुलाकात करेंगे। वहीं जेडीयू की आज हुई बैठक में पार्टी के सभी विधायकों और सांसदों ने सीएम नीतीश कुमार के फैसले का समर्थन किया और कहा कि वे उनके साथ हैं। उन्होंने कहा कि वे हमेशा उनके साथ रहेंगे, जो कुछ भी वह तय करेंगे। सूत्रों के हवाले से खबर ये भी आ रही है कि भारतीय जनता पार्टी के 16 मंत्री इस्तीफा नहीं देंगे। वे सीएम नीतीश के फैसले का इंतजार करेंगे। वहीं भाजपा- जदयू के बीच विवाद पर बिहार सरकार में मंत्री और भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि मुझे इस बारे में कोई सूचना नहीं मिली है। मैं पटना जा रहा हूं... हम दिन रात मेहनत करके उद्योग पर पटरी पर लाया है, मुझे पूरी उम्मीद है कि उद्योग पटरी पर रहेगी। मैं 3 बजे की फ्लाइट से पटना रवाना हो रहा हूं। बिहार की सियासत में घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है। अब मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल से मिलने का वक्त मांग लिया है। बताया जा रहा है कि नीतीश के साथ तेजस्वी भी राज्यपाल से मुलाकात करने जाएंगे। सूत्रों के हवाले से खबर ये भी है कि राज्यपाल से मुलाकात के बाद सीएम नीतीश इस्तीफा भी सौंप सकते हैं।
टीम एबीएन, पटना। बिहार में नीतीश कुमार के पाला बदल कर महागठबंधन की तरफ जाने की चर्चा तेज है। कहा जा रहा है नीतीश कुमार एनडीए का साथ छोड़कर महागठबंधन के साथ जा रहे हैं। इस बीच मंगलवार को बिहार में बड़ा सियासी हलचल होने वाला है। बिहार में जदयू राजद के साथ कांग्रेस और हम ने भी अपने विधायकों को पटना में बैठक के लिए बुलाया है। बिहार में इन चारों दलों की बैठक के बाद आसानी से समझा जा सकता हौ कि यहां सबकुछ सामान्य नहीं है। राजनीतिक दलों की इन बैठकों का एजेंडा क्या है यह अभी भले ही सामने नहीं आ रहा है। लेकिन इसकी वजह क्या है सभी लोग समझ रहे हैं इस बीच बिहार बीजेपी के नेता भी दिल्ली रवाना हो रहे हैं। सोमवार को रविशंकर प्रसाद, मंत्री शाहनवाज हुसैन, मंत्री नितिन नवीन, सतीश चंद्र दुबे समेत कई नेता दिल्ली रवाना हुए हैं। बिहार में हो रही राजनीतिक गतिविधि पर सभी दल खुलकर कुछ नहीं बोल रहे हैं। भाजपा कह रही एनडीए में आॅल इज वेल है बोल रही है। इधर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह यह भी कह रहे हैं कि उनकी पार्टी के खिलाफ बड़ी साजिश हो रही है। चिराग मॉडल- दो की तैयारी थी। इधर जेडीयू नेता और नीतीश सरकार में शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बिहार में एनडीए में सब ठीक है। कोई उलट-फेर से नहीं हो रहा है। जदयू विधायकों सांसदों की पटना में बैठक पर उन्होंने कहा कि यह सामान्य राजनीतिक गतिविधि है। वहीं राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने कहा है कि हम हर युद्ध के लिए तैयार है। इसके साथ ही उन्होंने जदयू के साथ मिलकर सरकार बनाने की बात से भी इकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को राजद के साथ गठंबधन करने के बजाए जनता के पास जानी चाहिए। वहीं राजद विधायकों और विधानपरिुषद सदस्यों की बैठक पर उन्होंने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया। पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी "हम" ने भी अपने विधायक दल की बैठक बुलाई है। हम ने स्पष्ट कर दिया है, वे नीतीश कुमार के साथ हैं। जीतन राम मांझी ने भी एनडीए में टूट की संभावना से इनकार किया है। इधर जदयू बैठक बुलाने को लेकर कहा है कि आरसीपी सिंह प्रकरण के बाद पार्टी में जो स्थिति बनी है। उसपर विधायकों की राय जानने के लिए मुख्यमंत्री ने विधायकों की बैठक बुलाई है।
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